Thursday, May 19, 2022
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क्रिप्टो-करेंसी क्या है, क्रिप्टो करेंसी की सारी जानकारी 

एक जमाने में लोग अपनी जरूरतों को पूरी करने के लिए पैसो की नही बल्कि चीजों का इस्तेमाल करते थे। आज भी गांव एरिया में जाकर आप देख सकते हो कि लोग पैसे नहीं बल्कि गेंहू धान इत्यादि अनाजो को बदलकर जरूरत का सामान खरीदते हैं। बहुत जगह यहबप्रथा आज भी चलती आ रही है। लेकिन धीरे-धीरे लोग अनाज की जगह पैसे रखने लगे क्योंकि पैसे को इधर से उधर ले जाना आसान होता था। आप इतिहास के पन्नों को पलट कर भी देख लीजिए, पुराने जमाने में लोग अनाज का इस्तेमाल करते थे पैसों की रूप में और खरीदारी करने अगर मंडी जाते तो भी साथ में अनाज लेकर जाते थे। 

क्रिप्टो-करेंसी क्या है, क्रिप्टो करेंसी की सारी जानकारी 

खैर अब तो हर किसी के पास पैसे रहते हैं। लोग पैसे देकर कुछ भी खरीद सकते हैं। जैसे जैसे समय आगे बढ़ा बहुत सारी नई तकनीक, बहुत सारी नई सुविधाओं के आविष्कार होते गयें। 21वी सदी एक ऐसा समय है, जब सबसे ज्यादा बदलाव हुए। लोगों की जिंदगियों को आसान बनाने के लिए जितना अधिक संभव हुआ उतने बदलाव इस युग में किए गए। ऐसा ही एक खास बदलाव है आभासी मुद्रा यानी Virtual Currencyका प्रचलन। लेकिन ध्यान रखना जरूरी है कि आभासी मुद्रा की लाइन में रिस्क बहुत है और हाल ही में आर्थिक केंद्रीय मंत्रालय ने भी यह आदेश जारी किया है कि लोग बिटकॉइन और बाकी क्रिप्टो करेंसी मुद्राओ में Invast से बचें। आज के पोस्ट में हम क्रिप्टो-करेंसी और इसके सारे पहलुओं को समझेंगे।
क्रिप्टो-करेंसी क्या है

क्रिप्टो करेंसी के बारे में सरल भाषा में कहें तो यह क्रिप्टोग्राफी प्रोग्राम पर आधारित वर्चुअल करेंसी या ऑनलाइन मुद्रा है, जो पियर टू पियर Cash System है।जैसा कि हमने कहा यह ऑनलाइन मुद्रा है, इसको हम डिजिटल वॉलेट में ही रख सकते हैं और वहीं से इस मुद्रा को इस्तेमाल कर सकते हैं। इस मुद्रा को रखने के लिए हमें बैंक के किसी अन्य वित्तीय संस्थान की जरूरत नहीं पड़ती है। क्रिप्टो-करेंसी दो तरह के होते हैं। फिएट क्रिप्टोक्रिप्टो-करेंसी और नॉन फिएट क्रिप्टो-करेंसी।

फिएट और नॉन फिएट क्रिप्टो-करेंसी क्या है

आप इतना समझिए कि नॉन फिएट क्रिप्टो-करेंसी निजी क्रिप्टो-करेंसी है जैसे कि बिटकॉइन। वही फिएट क्रिप्टो-करेंसी एक डिजिटल मुद्रा है, जिसे केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किया जाता है। अगर भविष्य में भी रिजर्व बैंक कोई आभासी मुद्रा जारी करती है तो उसको फिएट क्रिप्टो करेंसी कहा जायेगा। 

बिटकॉइन और क्रिप्टो-करेंसी में कंफ्यूजन 

क्रिप्टो-करेंसी क्या है, क्रिप्टो करेंसी की सारी जानकारी 

कुछ लोगों को लगता है कि क्रिप्टो-करेंसी सिर्फ बिटकॉइन ही है। काफी लोग क्रिप्टो-करेंसी और बिटकॉइन को एक ही समझते हैं। लेकिन यहा पर थोड़ी सी समझने की जरूरत है। आप लोग बस इतना समझ ले कि सभी क्रिप्टो-करेंसी बिटकॉइन नहीं है लेकिन सभी बिटकॉइन क्रिप्टो-करेंसी है। बिटकॉइन के अलावा भी बहुत सारे क्रिप्टो-करेंसी है जैसे कि एथेरेम(Ethereum), रिप्पल(Ripple) इत्यादि।

क्रिप्टो करेंसी के लाभ या सुविधाएं

◆ यह मुद्रा ने निजता बनाए रखने में मददगार है। क्रिप्टो-करेंसी के द्वारा लेनदेन के दौरान छद्म नाम एवं पहचान बताएं जाते हैं। जो लोग अपनी निजता को लेकर काफी ज्यादा संवेदनशील है, उनके लिए लेन-देन का यह विकल्प काफी संतोषजनक और सुलझा हुआ है।

◆ क्रिप्टो-करेंसी मे लेनदेन की लागत बहुत ही कम है, जो इसकी लोकप्रियता का एक मुख्य कारण है। घरेलू हो या अंतरराष्ट्रीय दोनो प्रकार की लेनदेन में लागत समान ही लगती हैै।

◆ क्रिप्टो करेंसी के जड़िये लेनदेन में किसी भी थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ती है, जिसके कारण पैसे और समय दोनों की काफी बचत हो जाती है।

◆ इस माध्यम में प्रवेश जनक बाधाएं न के ही बराबर है। अगर हम लोग बैंक द्वारा लेनदेन करते हैं तो अकाउंट खोलने से लेकर पैसों की लेनदेन करने तक हर कदम पर नए-नए प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ती है, जो कभी कभी काफी irritating हो जाता है। लेकिन क्रिप्टो-करेंसी में प्रमाण पत्रों का कोई झंझट ही नहीं है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेनदेन के मामलों में भी काफी औपचारिकता से गुजरना पड़ता है। लेकिन क्रिप्टो-करेंसी के माध्यम से लेनदेन करने पर यह सब काम आसानी से हो जाता है।

◆ बैंकों के माध्यम से लेनदेन करने पर, सरकार के पास यह अधिकार होता है कि वह हमारे बैंक खाते को फ्रीज या जब्द कर सकती है। लेकिन क्रिप्टो-करेंसी के मामले में सरकार ऐसा नहीं कर सकती। यह पद्धति पूरी तरह से सरकारी नियंत्रण से बाहर है।
क्रिप्टो-करेंसी के नुकसान और समस्या

◆ यह एक असुरक्षित लेन-देन व्यवस्था है इसकी पूरी प्रक्रिया और लाइन होने के कारण इसकी सुरक्षा पर सवाल उठते हैं इसके हैक होने का खतरा बना रहता है।

◆ इस व्यवस्था के साथ देश की सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी जुड़ी हुई है। यह मुख्य वित्तीय सिस्टम और बैंकिंग प्रणाली से पूरी तरह बाहर रहकर काम करती है, जिससे इसके स्रोत और सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। जानकारी के लिए बता दें, इस डिजिटल मुद्रा को फ्रॉड, हवाला मनी और आतंकी गतिविधियों को पोषित करने वाली मुद्रा के रूप में संबोधित किया जाता आ रहा है।

◆  क्रिप्टो-करेंसी का एक और नेगेटिव पॉइंट इसके नियंत्रण को प्रबंधन के साथ जुड़ा हुआ है। भारत देश जैसे कई देशों ने अभी तक इसको मुद्रा के रूप में स्वीकृति नहीं दी है। जिससे इसका प्रबंधन और नियंत्रण एक बड़ी समस्या बनी हुई है।

◆ क्रिप्टो-करेंसी के लेनदेन के साथ पर्यावरण संबंधी चिंताएं भी जुड़ी हुई है। गौरतलब है कि एक बिटकॉइन के लेन-देन में 237 किलोवाट बिजली खपत होती है, जिससे प्रति घंटा लगभग 92 किलो कार्बन का उत्सर्जन होता है।

लेकिन फिर भी क्रिप्टो-करेंसी की जनप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसके सरल लेनदेन पद्धति के कारण लोग लेन-देन के इस माध्यम को ज्यादा पसंद करते हैं। सरकार भी इन पर नियंत्रण करने में सफल नहीं हो पा रही हैं। विश्व के केंद्रीय बैंकों को यह आभास होने लगा है कि आभासी मुद्रा पर नियंत्रण लगाने का प्रयास निरर्थक है। इसी कारण देश और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वित्तीय संस्थानों ने खुद का क्रिप्टो-करेंसी जारी करने की दिशा में कदम बढ़ाया है और विचार कर रही हैं।

Bitcoin क्या है: जानिए बिटकॉइन के बारे में सबकुछ।

Bitcoin एक virtual currency है जैसे कि बाकी करेंसीज Rupee, Dollar इत्यादि। बाकी Currencies तरह बिटकॉइन एक Digital currency है। बिटकॉइन को डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है। यह एक open-source है, जिसे कोई भी यूज कर सकता है। virtual currency का मतलब होता है कि यह पैसे तो है और इसका यूज भी हम हर जगह कर सकते हैं। लेकिन इसे हम ना तो छू सकते हैं और ना ही देख सकते हैं। जी हां दोस्तों! फिर आप यह कह सकते हैं कि यह एक तरह का पॉइंट्स होता है, जो हमें मिलता है और जिसे हम बाद में अपने देश की मुद्रा के हिसाब से कन्वर्ट कर सकते हैं।

आप लोग यह जरूर सोच रहे होंगे कि यह कैसी मुद्रा है। जो कि ना हम छू सकते हैं और ना ही देख सकते हैं। तो हम इसे कैसे हमेशा अपने पास रखेंगे और कैसे इसका यूज करेंगे। तो आपको हम बता दे कि यह एक वर्चुअल करेंसी है, जिसे आप बाद में अपने बैंक अकाउंट में भेज करके अपने देश का करेंसी बना सकते हैं। यानी कि आपके देश में जो करेंसी चलती है आप उस देश के करेंसी के हिसाब से उसे बना सकते हैं। अब तो आप लोग समझ गए होंगे कि बिटकॉइन क्या है।

Bitcoin क्या है: जानिए बिटकॉइन के बारे में सबकुछ।

1 बिटकॉइन की कीमत आप जानकर हैरान रह जाएंगे। इंडिया में एक बिटकॉइन की आज की कीमत लगभग Rs 7,86,750.53 रुपए हैं। लेकिन इसमें एक बात यह है कि बिटकॉइन की कीमत घटती और बढ़ती रहती है। क्योंकि इसे कंट्रोल करने के लिए कोई अथॉरिटी नहीं है। और इसीलिए इसकी वैल्यू इसके डिमांड के हिसाब से चेंज होती रहती है। अगर आप वर्तमान में एक बिटकॉइन की कीमत जानना चाहते हैं। तो आप गूगल पर 1 Bitcoin to inr लिखकर सर्च करें वर्तमान में बिटकॉइन की जो कीमत है वह आपको पता चल जाएगा।

बिटकॉइन को ट्रांजेक्शन में इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे तेज और कुशल माध्यम माना जाता है। आजकल बहुत से लोग बिटकॉइन को अपना रहे हैं। जैसे कि Online developers, entrepreneurs, non-profit organisations इत्यादि। आज की डेट में बिटकॉइन का इस्तेमाल पूरी दुनिया में ग्लोबल पेमेंट के लिए किया जा रहा है।

बिटकॉइन का यूज आप कहां कर सकते हैं –

  • * बिटकॉइन को आप ऑनलाइन शॉपिंग के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • * दुनिया में आप किसी को भी पैसे भेजने या किसी से पैसे रिसीव करने के लिए बिटकॉइन का यूज़ कर सकते हैं।
  • * आप किसी को पेमेंट भेजने के लिए बिटकॉइन का उपयोग कर सकते हैं।
  • * बिटकॉइन का प्रयोग आप पैसे कमाने के लिए कर सकते हैं।
  • * साथ ही आप बिटकॉइन को खरीद और बेच भी सकते हैं।

आशा करती हूं अभीतक आपको बिटकॉइन के बारेे में सारी जानकारी मिल गयी होगी। और आप लोग यह समझ चुके होंगे कि बिटकॉइन क्या है और इसका इस्तेमाल कहांं कहां किया जा सकता है। मैने बहुत ही सरल भाषा में आप लोगोंं को बिटकॉइन के बारे में समझाया है, जो आशाा करती हु आपको पसंद आया होगा।

Kidney Stone का इलाज:  जानिए गुर्दे में पथड़ी क्यों होता है, इसके उपचार कौन कौन से है।

एक जमाना था जब, बीमारियां काफी कम थी। इतने बीमारियों के नाम भी लोगों को पता नहीं थे और बीमारी होती भी थी तो लोग देसी इलाज करके ही उन्हें ठीक कर लेते थे। दरअसल पहले का खानपान अलग था, खानपान में कोई मिलावट नहीं थी। लोग प्रकृति से जुड़ी चीजों का सेवन करते थे और स्वस्थ रहते थे। लेकिन आज की लाइफ स्टाइल और खानपान दोनों एकदम बदल गया है। लोग 24 घंटे Busy रहने लगे हैं, खाने-पीने का कोई सही समय नहीं है आज। साथ ही साथ खानपान में भी मिलावट आ गई है। इसी कारण नई नई बीमारियां आए दिन लोगों को जकड़ रही हैं। ऐसी ही एक बीमारी है गुर्दे में पथरी। Research से यह पता चला है कि हर 100 में से 15 लोगों को गुर्दे में पथरी है। इसीसे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह बीमारी कितनी गंभीर रूप लेती जा रही है दिन प्रतिदिन। लेकिन सवाल यह है कि ये बीमारी लगती कैसे हैं। चलिए पहले इसी बारे में जानते हैं।

किडनी में पथड़ी का कारण

दोस्तों! आज की लाइफ स्टाइल को देखते हुए ऐसा कोई निश्चित कारण नहीं बता सकते, जिसके कारण किडनी में पथरी होती है। बहुत से ऐसे वजह है जिससे पथरी होने का खतरा बढ़ जाता है। कुछ वजह सामने आई है तो कुछ वजह अभी तक अनजान है। लेकिन  सबसे ज्यादा जिस वजह से गुर्दे में पथरी होती है, वह यह कि किडनी के फिल्टर मेकेनिज्म  खराबी आ जाती है। जब उसमें खराबी आ जाती है तो यूरिन में कुछ रसायन अधिक हो जाते है। जो जमा होकर गुर्दे में पथरी का रूप ले लेते है। किडनी में पथरी होने के कुछ कारण इस प्रकार है।

Kidney Stone का इलाज:  जानिए गुर्दे में पथड़ी क्यों होता है, इसके उपचार कौन कौन से है।

प्रोटीन, नमक और ग्लूकोजयुक्त पदार्थ का अधिक मात्रा में सेवन

हम सभी को पता है कि प्रोटीन और ग्लूकोज हमारी सेहत के लिए जरूरी है। लेकिन अगर इसकी मात्रा अधिक हो जाए तो बीमारी लगते देर नहीं लगती। प्रोटीन, ग्लूकोज और नमक के ज्यादा सेवन से गुर्दे में पथरी होने का खतरा रहता है।
थाइरॉएड से ग्रस्त होने पर

थाइरॉएड की दिक्कत  होने से भी पथरी होने का खतरा रहता है। इसीलिए थाइरॉएड से ग्रस्त रोगी को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए, साथ ही उन्हें बीच-बीच में जांच कराते रहना की कही उनके गुर्दे में भी पथरी तो नहीं हो गयी।
वजन अधिक होना 

कम या ज्यादा वजन हमारे शरीर के लिए घातक होता है। जिन लोगों का वजन ज्यादा है, उन्हें बाकी बिना बीमारियों के साथ किडनी स्टोन होने का भी खतरा रहता है। इसी कारण वजन को नियंत्रित रखना बहुत जरूरी होता है।
बाईपास सर्जरी का होना 

जिन लोगों ने हालही में अपना बाईपास सर्जरी करवाया है, उनको भी किडनी में पत्थर होने का खतरा रहता है। ज्यादातर यह बाईपास सर्जरी के साइड इफेक्ट के कारण होते हैं।
पानी कम पीना 

कुछ लोग को पानी कम पीने की आदत होती है। वह लोग ज्यादा पानी नहीं पी पाते। लेकिन ऐसा करना सही नहीं। पानी कम पीने से हमारे शरीर में बहुत सी बीमारी लगने का खतरा रहता है। पानी कम पीने से हमारा शरीर पूरी तरह से साफ नहीं हो पाता और हमारे गुर्दे में पथरी बनने की संभावना रहती है।

गुर्दे में पथरी कितने प्रकार के होते हैं

कैल्शियम स्टोंस (Calcium stones) — अधिकांश लोगों को कैल्शियम स्टोंस होते हैं। यह आमतौर पर कैलशियम ऑक्सलेट के रूप में होती है। ऑक्सलेट एक प्राकृतिक रूप से पाया जानेवाला पदार्थ है जो भोज्य पदार्थों में मिलने के साथ-साथ लीवर में भी इसका निर्माण होता है। बात करें भोज्य पदार्थों की तो कुछ फल-सब्जियां,अनाज, चॉकलेट इत्यादि में ऑक्सलेट पाए जाते हैं।

स्रावित स्टोंस(Secreted stones) — यह स्टोंस आमतौर पर संंक्रमण के कारण होते हैं। अगर यह स्टोन हो जाए तो ये काफी जल्दी बड़े हो सकते हैं।

यूरिक एसिड स्टोंस(Uric acid stones)– यह पथरी महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा होती हैं। यह उन लोगों को खासतौर पर होती है जो, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ या पानी का सेवन नहीं करते और जिनके मूत्र में एसिड की मात्रा अधिक होती है। 

सिस्टीन स्टोंस(Cysteine stones)– यह काफी कम लोगो मे होता है। यह स्टोन खासतौर पर उन लोगों के शरीर में होती है, जिनको कोई अनुवांशिकी विकार है। इस स्थिति में सिस्टीन एसिड, किडनी से लीक होकर मूत्र में आ जाता है।

Kidney stone का इलाज 

किडनी स्टोन के इलाज के लिए बहुत से विकल्प मौजूद है जैसे कि –

Homeopathy Treatment — काफी लोग जो खास करके ज्यादा खर्च करने के लिए सक्षम नहीं है या फिर ऑपरेशन से डरते हैं या फिर ज्यादा अंग्रेजी दवाइयों का सेवन नहीं कर सकते उनके लिए होम्योपैथिक बेस्ट उपाय है। अगर शुरुआती दिनों में ही बीमारी का पता लग जाए होम्योपैथिक ट्रीटमेंट बहुत कारगर साबित होता है और जल्दी ही पथरी को खत्म कर देता है।

अंग्रेजी दवाइयों का सेवन — अंग्रेजी दवाइयां किडनी स्टोन को बढ़ने नहीं देती और बाकी दिक्कतें भी नहीं आने देती। जिससे हम किडनी स्टोन को निकालने का पर्याप्त इलाज ढूंढ सकते हैं। 

थेरेपी — थेरेपी भी बहुत कारगर इलाज है किडनी स्टोन को बाहर निकालने के लिए लेकिन ज्यादातर लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं है या साइड इफेक्ट के डर से लोग थेरेपी लेने से कतराते हैं। लेकिन इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है और यह 100% सच है।

ऑपरेशन — जब कोई विकल्प नहीं बचता तो हमारे पास आखिरी विकल्प ऑपरेशन ही बच जाता है। लेकिन अगर आप लोगों के पत्थर का साइज ज्यादा बड़ा नहीं है और आपको ज्यादा दिक्कत नहीं है तो आप पहले बाकी इलाज को ट्राई करें, तभी ऑपरेशन के बारे में सोचे। क्योंकि ऑपरेशन में खर्चा भी आपको 50 हजार से 1 लाख के करीब पर जाएगा और आपके शरीर को भी कष्ट होगा। इसीलिए बाकी दूसरा कोई विकल्प ना बचने पर ही ऑपरेशन के बारे में सोचें आप लोग।

देसी इलाज या घरेलू नुस्खा भी ट्राई किया जा सकता है — अगर आपके किडनी में स्टोन है तो देसी इलाज इलाज अपना सकते हैं। बार-बार पानी पीना और पेशाब करना एक महत्वपूर्ण इलाज है, इससे किडनी की पथरी अपने आप निकल जाती है। बहुत सारे ऐसे घरेलू नुस्खे हैं, जो गुर्दे की पथरी निकालने में कारगर साबित हुए हैं। नींबू का रस, सेव का सिरका इत्यादि का सेवन करना काफी फायदेमंद होता है इस बीमारी मे। कुछ अन्य देसी और घरेलू उपाय है —

अनार जूस — अगर आपके गुर्दे में पथरी की समस्या हो गई है तो आपको रोज सुबह एक गिलास अनार का जूस पीना चाहिए। अनार के जूस के सेवन से पथरी में होने वाले दर्द से आपको काफी राहत मिलेगी और पथरी का साइज बड़ा नहीं होगा। साथ ही आप पथरी को निकालने के लिए जिन दवाइयों का सेवन कर रहे हैं उन दवाइयों का असर भी झटपट होगा और आपको पथरी की समस्या से निजात मिल जाएगा

इलाइची — एक चम्मच इलायची, दो चम्मच मिश्री और थोड़े से खरबूज के बीज की गिरी ले। उनको आधा कप पानी में अच्छी तरह उवाले और सुबह शाम उस पानी को पी लें। ऐसा करने से आप की पथरी के निकलने में काफी मदद मिलेगी और दर्द से भी आप को राहत मिलेगी। साथ ही पथरी के बाकी लक्षणों से भी आपको निजात मिलेगी।

राजमे का पानी — आप थोड़े से राजमे को भिगो लें। उसके बाद उसको पानी में अच्छी तरह उबाले। फिर राजमें को निकाल ले और जो पानी बच जाए उसको दिन भर में थोड़ा-थोड़ा करके कई बार पिए। पथरी के रोगियों के लिए यह पानी किसी दवाई से कम नहीं है।

प्याज का रस —  दो प्याज ले और उनको छोटे-छोटे टुकड़ों में काट ले। अब उस प्याज के टुकड़ों को थोड़ा सा पानी में डालकर धीमी आंच पर थोड़ी देर के लिए पकाए। पकने के बाद गैस बंद कर दे और उस प्याज को अच्छी तरह से पीसकर प्याज का रस निकाल ले। अब उस रस को पी जाए। ऐसा आप एक-दो दिन के अंतराल पर करें ।आपको काफी फायदा होगा।

मकई(Corn) — पथरी के रोगियों के लिए मकई का सेवन भी काफी फायदेमंद होता है। मकई खाने से पेशाब ज्यादा लगता है और पथरी छोटे-छोटे कणों के रूप में बाहर निकल आते हैं। आप कुछ दिन तक मकई खाकर देखे आपको किडनी के पथरी से अवश्य निजात मिलेगा।

व्हीट ग्रास — सिर्फ किडनी की पथरी ही नहीं किडनी कि किसी भी प्रकार के रोग के लिए व्हीटग्रास काफी फायदेमंद है। आप व्हीटग्रास को थोड़ा सा पानी में उबालें और फिर उस पानी को पिए। ऐसा करने से आपकी पथरी तो निकलेगी ही साथ ही आपके किडनी के बाकी बीमारियों से भी आप को राहत मिल जाएगी। आपकी किडनी स्वस्थ रहेगी।

खजुर — खजूर में फाइबर की अच्छे मात्रा होती है जो किडनी में पथरी होने के खतरे को कम कर सकता है। अगर आपकी किडनी में पथरी नहीं भी है तो भी आप इसका सेवन करें। इससे आपकी किडनी स्वस्थ रहेगी और पथरी होने के चांसेस कम रहेंगे। आप रातभर थोड़े से खजूर को भिगोकर रख दे। सुबह उठकर खजूर को चबा चबा कर खाए बचा हुआ पानी भी पी ले। आपको काफी फायदा होगा। अगर आपकी किडनी में पथरी हो भी गयी है, फिर भी आप इसका सेवन करें। किडनी की पथरी धीरे-धीरे बाहर निकलेगी और दर्द से भी आप को राहत मिलेगी।

आशा है आपको यह जानकारी अच्छी लगी।

एक अच्छा राइटर कैसे बने — जानिए लेखक बनने के लिए जरूरी टिप्स।


हैल्लो दोस्तो, आज का हमारा टॉपिक है “लेखक कैसे बने और “बेस्ट राइटर बनने के टिप्स”। हर किसिके लाइफ में कोई ना कोई उद्देश्य जरूर होता है जो की जरूरी भी है। किसी उद्देश्य के बिना, किसी Passion के बिना लाइफ अधूरी अधूरी सी लगती है। जिसमें जी कर कोई मजा नहीं आता। कोई डॉक्टर बनना चाहता है, तो कोई इंजीनियर, कोई बिजनेसमैन बनना चाहता है तो कोई लॉयर। लेकिन कुछ लोगो का Passion सबसे हटकर होता हैं। वह लोग कुछ खास और अलग करना चाहते हैं। ऐसी ही एक हॉबी हैं राइटिंग। कुछ लोगो को लिखने का बहुत शौक होता हैं। वो अपने मन की हर बात कागज पर लिख डालते हैं। ऐसा करते करते एक दिन उनके मन में प्रोफेशनल राइटर बनने की चाह पैदा हो जाती है और वो प्रोफेशनल राइटर बनने की तैयारी में लग जाते हैं।

तो जो लोग रियल में एक राइटर बनना चाहते हैं उनके लिए हम कुछ ऐसे टिप्स लेकर आए हैं, जिसे पढ़ने के बाद उनका माइंड काफी डेवलप हो जाएगा। एक अच्छा राइटर बनने के लिए क्या क्या क्वालिटी होना चाहिए यह आज के हमारे इस लेख को पढ़ने के बाद आप लोगो को समझ में आ जाएगा। तो चलिए जान लेते हैं की एक अच्छा राइटर बनने के लिए हमारे अंदर किस किस क्वालिटी का होना जरूरी है।

भाषा पर ध्यान दे 

आप अगर कुछ लिख रहे हैं और आप चाहते है की ज्यादा से ज्यादा लोग आपके उस लेख को पढ़े तो आप अपने भाषा पर थोड़ा ध्यान दीजिए। अगर आप अपने लेख में सरल और सिंपल भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो लोगो को आपका लेख आसानी से समझ में आएगा और आपका लेख हर कोई पढ़ेगा। धीरे-धीरे आपके लेख के साथ ज्यादा से ज्यादा लोग जूड़ जाएंगे और एक बार आपके लेख के साथ ज्यादा से ज्यादा लोग जुड़ने लगे फिर आपका लेख और आप दोनो को फेमस होने से कोई नहीं रोक सकता।

कुछ रोमांचक लिखे 

हम कोई भी किताब जब पढ़ते हैं, तो यह देखकर पढ़ते हैं की उस किताब में कुछ रोमांचक है या नहीं। अगर आप भी अपने लेख के साथ ज्यादा से ज्यादा लोगो को जोड़ना चाहते हैं तो कोशिश करें की जितना हो सके आप कुछ रोमांचक लिखे। आप कहानी, कविता जो भी लिखे बस ध्यान रखे की बीच बीच में कुछ रोमांचक लिखा हो ताकि लोगो को आपकी बुक पढ़ने में इंटरेस्ट बढ़े और वे लोग आपकी बुक को पढ़े।

दिल से लिखे 

जब कोई बात हम दिलसे बोलते हैं तो सीधे जाकर वो सुननेवाले के दिल को छूता है उसी तरह जब हम कुछ दिल से लिखते हैं तो वो भी सीधे जाकर पढ़ने वाले के दिल को छूता हैं। अगर आप चाहते हैं की आप जो भी लिखे वो सबके दिल को जाकर छुए तो आप जो भी लिखे वो पूरे दिल से और ईमानदारी से लिखे।

एक अच्छा राइटर कैसे बने — जानिए लेखक बनने के लिए जरूरी टिप्स।

नयी नयी बातो को सामने लाए 

हम सब लोग नयी नयी बाते जानना चाहते हैं। जिस बुक या ब्लॉग को पढ़ने से हमें नयी नयी बातो की जानकारी मिलती है उस बुक के प्रति हमारी चाह दिन प्रतिदिन बढ़ती जाती है। आप भी अगर अपने लेख के प्रति लोगो की चाहत को बढ़ाना चाहते हैं तो कुछ ऐसा लिखे जो बिल्कुल नया हो और सीखने लायक हो। धीरे धीरे आपके लेख के प्रति लोगो की चाहत बढ़ने लगेगी और आप भी धीरे-धीरे फेमस होने लगेंगे।

अपने काम को समय दे 

आप अगर लिखने में शौकीन हैं तो आप अपने राइटिंग को जितना possible हो उतना समय दे। अगर आप थोड़े से समय में ज़्यादा लिखने की कोशिश करेंगे तो कुछ भी नहीं लिख पाएंगे और अगर लिख भी लिया तो आपकी राइटिंग में वो बात नहीं होगी। क्योंकि राइटिंग एक ऐसा काम है जो शांति से ही हो सकती है, हरबरी में नहीं। इसलिए आप अपने इस काम के लिए समय निकाले और मन को शांत करके लिखना स्टार्ट करे। अगर लिखते लिखते बीच में आपका मन लिखने को ना करे तो उसी वक़्त लिखना बंद कर दें। फिर जब आप अपना माइंड फ्रेश कर ले और आपको लिखने का मन करे तभी आप फिरसे लिखना स्टार्ट करें।

राइटिंग कैरियर की शुरुआत कैसे करें —

जब हमारी हॉबी, हमारा कैरियर बन जाए तो उससे अच्छी बात कुछ हो ही नहीं सकती। अगर लिखना आपकी हॉबी है तो आपको राइटिंग में अपना करियर जरूर तलाशना चाहिए। राइटिंग में करियर बनाने के बहुत सारे विकल्प मौजूद है। आजकल क्योंकि जमाना डिजिटल हो गया है,सब कुछ ऑनलाइन ही होने लगा है यहां तक की पढ़ाई लिखाई भी ऑनलाइन होने लगी है। किसी को कोई भी खास जानकारी चाहिए हो तो, कोई खास  बुक पढ़नी हो तो लोग लाइब्रेरी जाने के बजाय ऑनलाइन सर्च करते है और बुक पढ़ने के बजाय लैपटॉप में ही पीडीएफ डाउनलोड करके पढ़ लेते है। इसी तरह लोग जानकारी के लिए ब्लॉग या वेबसाइट पर जाते हैं। ऐसे में ऑनलाइन, आप लोगों के लिए बहुत बड़े बड़े स्कोप है। आप लोग ऑनलाइन माध्यम से ही  राइटिंग में अपना करियर बना सकते हैं। ऑनलाइन राइटिंग करने के लिए आप लोगो के पास बहुत सारे विकल्प मौजूद है। जैसे कि –

अपना वेबसाइट बनाकर 

आप लोग अपना वेबसाइट बनाकर, उस पर राइटिंग कर सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपने वेबसाइट पर लाकर अच्छी कमाई कर सकते हैं। कुछ फेमस राइटर्स ऐसे भी हैं जो महीने में सात से आठ लाख तक की कमाई करते हैं। लेकिन आपकी राइटिंग में दम होना चाहिए तभी आप कमाई कर पाएंगे।

दूसरा तरीका है फेसबुक 
 

आजकल Facebook account लगभग हर किसी की पास होता है। ऐसे में आप लोग अपनी स्टोरीज, कविताएं, शायरी फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट कर सकते हैं। जब लोग उनको पड़ेंगे और अगर उनको आपकी राइटिंग पसंद आएगी तो वह आपकी पोस्ट को लाइक करेंगे। इस तरह जितने ज्यादा लाइक्स आपके पोस्ट को मिलेंगे आप उतना ज्यादा फेमस होंगे। ईस तरह बाद में आप ऐडसेंस अप्लाई करके फेसबुक के माध्यम से भी अर्निंग कर सकते हैं। और भगवान ने चाहा तो अगर किसी बड़ी हस्ती की नजर आपके पेज पर पड़ गई तो समझ लीजिए आपकी किस्मत खुल गई।

यूट्यूब के माध्यम से

अगर आप अच्छे कंटेंट लिखने की क्षमता रखते हैं तो आप उनका उन बातों को शब्दों में पिरो कर वीडियो बना सकते हैं। आजकल बहुत से लोग जानकारी के लिए youtube पर जाते हैं। जब लोगों को आपके बोलने का तरीका पसंद आएगा तो ज्यादा से ज्यादा विजिटर आपको मिलेंगे और ज्यादा से ज्यादा कमाई आपकी होगी।इनके अलावा और भी बहुत सारे विकल्प मौजूद है ऑनलाइन आजकल बहुत सारे राइटिंग कंपटीशन होते रहते हैं। आप उन Compititions में भी हिस्सा ले सकते हैं। अगर आप जीते तो आपको ना सिर्फ पैसा मिलेगा साथ ही आपको शोहरत भी हासिल होगी। 

अपनी किताब छपवाकर 

ऑनलाइन तरीकों के अलावा अगर आप चाहे तो पुराना परंपरागत तरीके को भी अपना सकते हैं। अगर आपके पास कविताओं का एक भंडार है या फिर आपके दिमाग में एक बड़ी सी कहानी है तो आप उसको लिख कर पब्लिश करा सकते हैं। वैसे तो इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आपकी किताब पब्लिश होने के बाद आप एक सफल लेखक बन जाएंगे, लेकिन कहते हैं ना सफलता आपके सिर्फ एक बुक पर ही निर्भर करती है। कुछ लोग पहला बुक लिखकर ही सक्सेसफुल राइटर बन जाते हैं तो कुछ लोग 10, 15, 20 किताब लिखने के बाद भी फेमस और सफल नहीं हो पाते। इसका कारण है क्वॉलिटी। अगर आप क्वॉलिटी राइटिंग करेंगे तो आप जरूर सफल होंगे।

राइटर की नौकरी 

इन तरीकों के अलावा आप ‘As a writer’ किसी कंपनी में नौकरी भी कर सकते हैं। आजकल बहुत सारे ऐसी कंपनी है जो राइटर्स को हायर करती है। आप लोग उन कंपनीस में फुल टाइम या पार्ट टाइम जॉब कर सकते हैं। अगर आप ऑफिस में जाकर नहीं बल्कि घर से ही काम करना चाहते तो भी यहां पर आपके लिए मौके है। ज्यादातर वेबसाइट के ओनर्स, जिनकी कमाई अच्छी खासी है उनके पास ज्यादा आर्टिकल लिखने का टाइम नहीं होता। तो वह लोग कुछ राइटर्स को हायर कर लेते हैं। आपको बस सोशल मीडिया वगैरा के माध्यम से ऐसे क्लाइंट की तलाश करनी है और फिर उनके वहां जॉब की अर्जी डालनी है। अगर आपकी लिखावट उन्हें पसंद आ गयी तो आप घर बैठे ही रोज हजारों की कमाई कर सकते हैं।

इसके अलावा आप freelance पर अकाउंट बनाकर भी ‘As a writer’  घर बैठे ही पैसे कमा सकते हैं। इनके अलावा भी और बहुत सारे विकल्प मौजूद है, राइटर्स के लिए। बस आपके पास हौसला होना चाहिए और विकल्प को तलाशने का धैर्य होना चाहिए और सबसे जरूरी बात आपकी राइटिंग में वह बात होनी चाहिए जो किसी की सोच को बदल सके, किसी को सोचने पर मजबूर कर सकें।

उम्मीद है आज के इस लेख को पढ़कर आप लोगो को फायदा हुआ। राइटिंग ही जिन लोगो का सपना है, उनके लिए इस लेख को पढ़ना बहुत जरूरी है क्योंकि जरा सी गलती और लापरवाही हमारे सपने को तोड़ सकती है। इसलिए जब हम कोई सपना देखते हैं तो हमें उस सपने को लेकर काफी जिम्मेदार होना चाहिए और हमें हर बार यह कोशिश करनी चाहिए की हमसे कोई भी गलती ना हो जिसके कारण हमें बाद में पछताना परे। इसलिए आप लोग आज के इस लेख को ध्यान से पढ़िए और फॉलो करिए। मुझे पूरी उम्मीद है कि आप एक दिन एक बड़े राइटर जरूर बनेंगे।

बेटी दिवस 2020: इस बेटी दिवस अपनी बेटी को अनमोल होने का एहसास दिलाये।

ऐसे तो बहुत से दिवस मनाए जाते हैं। Father’s Day, Mother’s Day और भी बहुत सारे त्योहार। ऐसे ही एक दिन बेटी दिवस के रुप में मनाया जाता है। लेकिन आपको बता दें, इस दिवस की कोई खास तारीख नहीं होती है। इसको हर साल, सितंबर के हर चौथे रविवार को मनाया जाता है। चाहे वह कोई भी डेट क्यों न हो। जो रविवार सितंबर महीने में चौथा होता है उसी डेट को बेटी दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस तीन बेटियों को समर्पित होता है। इस दिन को अलग-अलग देशों में अलग अलग दिन पर मनाया जाता है। लेकिन भारत में खासकर सितंबर के चौथे रविवार को बेटी दिवस के रूप में मनाते हैं। इस साल 2020 में, चौथा रविवार 27 सितंबर को पड़ा है। इसीलिए आज यानी 27 सितंबर के दिन बेटी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। आइये जानते हैं, बेटी दिवस क्यों मनाया जाता है।

बेटी दिवस 2020: इस बेटी दिवस अपनी बेटी को अनमोल होने का एहसास दिलाये।

बेटी दिवस क्यों मनाया जाता है

दरअसल में बेटियों को प्यार जताने के लिए बेटी दिवस का दिन मनाया जाता है। इसके अलावा भी भारत में बेटी दिवस मनाने का एक खास वजह है। दुनिया में ऐसे बहुत से जगह होते है जहाँ के लोग बेटियो को पढ़ने नहीं देते हैं। उन्हें जन्म देने से पहले ही मार देते हैं। साथ ही बहुत से जगहों पर घरेलू हिंसा का भी शिकार बेटियां ही बनती है और दहेज से लेकर हर एक दुष्कर्म का भी शिकार बेटियों को बनाया जाता है। ऐसे में इन सब से बेटियों को बचाने व छूटकारा दिलाने के लिए हर एक भारतीय को जागरूक करना इस दिवस का मुख्य उद्देश्य होता है। इस दिवस पर उन्हें यह समझाया जाता है कि बेटियां किसी पर बोझ नहीं होती है, बल्कि वह भी आपके आंगन का एक अहम हिस्सा होती हैं।

बेटी दिवस कैसे मनाया जाता है

बेटी दिवस के अवसर पर उन्हें खुश करने के लिए उनको उपहार, गिफ्ट दिया जाता है। उन्हें बाहर खाना खिलाने और फिल्म दिखाने ले जा सकते हैं। उनकी इच्छाओ को पूरा कर सकते हैं और सबसे जरूरी और अहम उन्हें यह महसूस करा सकते हैं कि आपकी बेटियां आपके लिए बोझ नहीं है बल्कि वे बहुत स्पेशल है ।

उन्हें आप ऐसा फील करा सकते हैं कि बेटीया आपके ऊपर बोझ नहीं है बल्कि आपके घर की लक्ष्मी है। यह दिन बेटियों के लिए होता है, उन्हें प्यार जताने के लिए होता है जिसे राष्ट्रीय बेटी दिवस के रूप में मनाया जाता है। पहले के समय में लोग बेटियों पर जो जुल्म करते थे, उस बात से हर कोई वाकिप है लेकिन आज के समय में ऐसा बिल्कुल नहीं है और कुछ जगह है भी तो उसे मिटाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। आजकल लोग बेटियों को भी उतना मान देते हैं जितना मान वह अपने बेटों देते हैं। ओर जब-जब बेटियों को मौका मिला है उन्होंने अपना, अपने परिवार का और इस देश का हर कदम पर नाम रोशन किया है और कर रही है। बेटियों ने यह साबित करके दिखा दिया है कि वह किसी से कम नहीं है। बेटी भी वह सब कर सकती है जो कि बेटे कर सकते हैं ।

आशा करते हैं, बेटी दिवस के ऊपर यह लेख आपको पसंद आया और इस Daughter Day आप भी अपनी बेटी को खुश करने का हर संभव प्रयास करेंगे और उसे स्पेशल होने का एहसास जरूर दिलाएंगे। आर्टिकल को पूरा पढ़ने के लिए आप लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद। इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, लाइक करें और कमेंट करें। हमें आपके Comments का इंतजार रहेगा।

एक Journalist होने का सम्मान पाएं: जानिए, पत्रकारिता में करियर कैसे बनायें।

पत्रकारिता में करियर विकल्प की बात करें तो वर्तमान के समय में जर्नलिज्म यानी कि पत्रकारिता के क्षेत्र में आप चाहे तो बहुत अच्छा करियर बन सकता है। आज के समय में हर दिन नए-नए टीवी चैनल और न्यूज़पेपर लांच हो रहे हैं। और इनके owners बड़े-बड़े शहर में अपने जर्नलिस्ट नियुक्त करते हैं। इन सब में आप आसानी से नौकरी पा सकते हैं। साथ ही आप पत्र – पत्रिकाओं में भी जर्नलिस्ट के तौर पर अपनी सेवा दे सकते हैं। इस समय के दौड़ में तो ज्यादातर ऑनलाइन मीडिया का ही बोलबाला है। इसे डिजिटल मीडिया या न्यूज़ मीडिया कहा जाता है और इसके अंतर्गत न्यूज़ पोर्टल, न्यूज़ वेबसाइट etc आते हैं। आजकल देखा जाए तो आए दिन न्यूज पोर्टल लॉन्च होते रहते है और इन न्यूज पोर्टल्स में आप आसानी से नौकरी ले सकते हैं।

इतनी तेजी से, इतना ज्यादा संख्या में न्यूज़ पोर्टल्स बनने के पीछे कारण यही है कि इस मीडिया के माध्यम में खर्च बहुत कम होता है। कोई भी चाहे तो 10 हज़ार की लागत में न्यूज़ पोर्टल डिजाइन करके इसे शुरू कर सकता है।

एक Journalist होने का सम्मान पाएं: जानिए, पत्रकारिता में करियर कैसे बनायें।

इन सब में आप नौकरी तलाश कर सकते हैं। इन सभी के अलावा आप सरकारी न्यूज़ चैनल मीडिया हाउस में भी नौकरी कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट मीडिया या ऑनलाइन मीडिया इन सभी में जर्नलिस्ट की बहुत डिमांड रहती है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में न्यूज़ चैनल्स आते हैं, प्रिंट मीडिया में न्यूज़पेपर, पत्र, पत्रिकाएं आते हैं और ऑनलाइन मीडिया में न्यूज़ पोर्टल  और वेबसाइट इत्यादि आते हैं। अगर आप में एक अच्छे जर्नलिस्ट का टैलेंट आ जाता है तो आपको किसी अच्छे खासे चैनल में नौकरी मिल जाएगी। 

आईए अब जानते हैं जर्नलिस्ट बनने के कोर्स के बारे में

जर्नलिस्ट या पत्रकार बनने के लिए आप डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, पीजी डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बैचलर इन मास कम्युनिकेशन, मास्टर इन मास कम्युनिकेशन, डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिग्री इत्यादि कोर्स कर सकते हैं।

डिप्लोमा कोर्स

Diploma course के अन्दर डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, डिप्लोमा इन जर्नलिज्म, डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, डिप्लोमा इन ब्राउन फास्ट, डिप्लोमा इन वेब मीडिया या ऑनलाइन मीडिया, डिप्लोमा इन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिप्लोमा इन प्रिंट मीडिया इत्यादि कोर्स आते हैं। आप अपने इच्छानुसार, इन मे से बेस्ट कोर्स को कर सकते हो और जॉर्नलिस्ट बनने के अपने सपने को साकार कर सकते हैं।

डिग्री कोर्स

डिग्री कोर्स में बैचलर इन मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म, बैचलर इन मास कम्युनिकेशन, बैचलर इन जर्नलिज्म, बैचलर इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म इत्यादि कोर्सेज को किया जा सकता है, जॉर्नलिस्ट बनने के लिए।

PG डिप्लोमा कोर्स

PG डिप्लोमा इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, PG डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, PG डिप्लोमा इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म, PG डिप्लोमा इन जर्नलिज्म।

मास्टर डिग्री कोर्स

मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन,  मास्टर्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, एमएससी मास कम्युनिकेशन इत्यादि। अब जानते है, जॉर्नलिस्ट का कोर्स करने के लिए हमारे पास क्या क्या योग्यताए होनी चाहिए।

जर्नलिस्ट कोर्स के लिए योग्यता

जर्नलिस्ट का कोर्स करने के लिए आपको किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास होना पड़ेगा। इसके बाद आप जर्नलिस्ट में  डिप्लोमा या डिग्री कोर्स कर सकते हैं।

पत्रकारिता में मास्टर डिग्री लेने के लिए आपसे जर्नलिज्म में बैचलर डिग्री मांगी जाती है। लेकिन कुछ कॉलेजों में BA या BSc के बाद मास्टर डिग्री कोर्स कर सकते हैं।  

किसी अच्छे कॉलेज में दाखिला ले

अगर आप पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना भविष्य उज्जवल बनाना चाहते हैं, अपना करियर बनाना चाहते हैं। तो आपको किसी जाने-माने कॉलेज से इसका कोर्स करना चाहिए। क्योंकि आजकल के समय में ऐसे बहुत से कॉलेजेस हैं, जहां जर्नलिज्म कोर्स कराए तो जाते हैं लेकिन उन कॉलेजों में ना तो इनकी अच्छी फैसिलिटी होती है और ना ही वह स्टूडेंट को सारे चीजों की प्रैक्टिकली जानकारी दे पाते हैं। इस तरह से आपका ही नुकसान होगा क्योंकि किसी भी चीज को करने में जो सबसे जरूरी होता है, वह होता है टैलेंट। जिस फील्ड में आप जाना चाहते हैं उस फील्ड की पूरी जानकारी होनी बहुत जरूरी है। अगर आपके पास जानकारी ही नहीं होगी तो आप उसमें कुछ भी अच्छा नहीं कर पाएंगे। इसीलिए किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले आप वहां की फैसिलिटी और केंपस प्लेसमेंट की सारी जानकारी जरूर हासिल कर लें।

जर्नलिस्ट बनने के लिए कुछ खास क्वालिटी, जो आपमें होनी चाहिए –

* भाषा पर आपकी अच्छी पकड़ होनी चाहिए।

* आपकी लिखावट भी अच्छी होनी चाहिए।

* टाइपिंग, कंप्यूटर नॉलेज आपके पास होना चाहिए।

* किसी भी न्यूज़ को जल्दी से समझने की क्षमता आपके अंदर होनी चाहिए।

* न्यूज़ को विश्लेषण करने की क्षमता भी होनी चाहिए।

* आपको निडर होना पड़ेगा।

* साथ ही आपको साहसी और ईमानदार होना पड़ेगा।

* विषम परिस्थितियों में भी काम करने की क्षमता।

* न्यूज़ रिपोर्ट, न्यूज़ राइटिंग, न्यूज़ एडिटिंग,फोटोग्राफी की कला।

* समय का पाबंद होना पड़ेगा।

* करेंट मुद्दों की सारी जानकारी।

* न्यूज़ को शार्ट बनाने की योग्यता।

आप चाहे तो किसी गवर्नमेंट कॉलेज या यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन का कोर्स कर सकते हैं। बहुत से न्यूज़ चैनल के भी मीडिया कॉलेज होते हैं। आप चाहे तो वहां से भी इस कोर्स को कर सकते हैं। नीचे हम आपको कुछ कॉलेज के नाम बता रहे हैं, जहां से आप यह कोर्स कर सकते हैं।

★दिल्ली यूनिवर्सिटी

★अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी 

★इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी 

★इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन, दिल्ली ★भारतीय विद्या भवन, दिल्ली

★गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़

★माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल

★गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी, बिलासपुर छत्तीसगढ़

★व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल, मुंबई

★सिंबोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, पुणे

★चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी

★मनोरमा स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन, केरल

★हैदराबाद यूनिवर्सिटी
फीस कितनी लगती है

अगर फीस की बात करें तो प्राइवेट कॉलेज में अगर आप पढ़ने जाते हैं, तो आपको 50 हजार से लेकर लगभग एक लाख तक फीस प्रतिवर्ष लग सकता है। अगर आप ज्यादा फीस देने में  सक्षम ना हो तो आप सरकारी कॉलेज से जर्नलिज्म का कोर्स कर सकते हैं। सरकारी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में इसकी फीस बहुत कम होगी। सरकारी कॉलेज में, 10 हजार से लेकर 30 हजार रुपए प्रति वर्ष लग सकता है।

जर्नलिज्म कोर्स में एडमिशन कैसे ले

सरकारी कॉलेजों में एडमिशन, एंट्रेंस टेस्ट के माध्यम से होता है। लेकिन कुछ सरकारी कॉलेजों में मेरिट के आधार पर ही एडमिशन मिल जाती है। वही प्राइवेट कॉलेजों में डायरेक्ट भी एडमिशन हो जाता है।

कोर्स करने के बाद जरूरत पड़ती है नौकरी ढूंढने की।

जर्नलिस्ट का कोर्स करने के बाद आपको किसी अच्छे मीडिया हाउस में इंटर्नशिप करनी चाहिए। अगर आप इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जाना चाहते हैं तो आप किसी न्यूज़ चैनल में इंटर्नशिप कर सकते हैं। अगर आप प्रिंट मीडिया में नौकरी करना चाहते हैं तो आप किसी अच्छे न्यूज़पेपर में इंटर्नशिप कर सकते हैं। अगर आप वेब मीडिया में काम करना चाहते हैं तो आपको किसी न्यूज़ पोर्टल में इंटर्नशिप करना चाहिए। लोग अक्सर यही गलती कर बैठते हैं उनको जाना कही और रहता है और इंटर्नशिप कही और कर बैठते हैं।

जर्नलिस्ट के काम

किसी भी पत्रकार का काम बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। किसी भी रिपोर्टर को बाढ़, तूफान, टेरेरिस्ट अटैक इत्यादि सब की रिपोर्टिंग करनी होती है, साथ ही सरकार के काम-काज पर भी नजर रखनी होती है। किसी भी पत्रकार का मुख्य कार्य होता है न्यूज़ तलाशना और उन्हें इकट्ठा करना। इस काम को करने के लिए उन्हें फील्ड में जाना पड़ता है। फिर उस न्यूज़ को कंप्यूटर पर लिखना होता है। उसके बाद ही वह न्यूज़ समाचार, टेलीविजन, रेडियो, न्यूज़ पोर्टल इत्यादि के माध्यम से लोगों के पास पहुंचती है। न्यूज़ में कैमरामैन, एडिटर, फोटोग्राफर सब का योगदान होता है।

हर एक परिस्थिति में एक रिपोर्टर को बिना डरे, फील्ड में उतरना होता है। जान की परवाह किए बिना न्यूज़ हासिल करना होता है। चाहे वह कोई भी जगह हो उस जगह पर  जर्नलिस्ट को पहुंचना होता है। और न्यूज़ हासिल करनी होती है। ऐसे में अगर आपके अंदर पत्रकारिता का जुनून है तो ही आप इस फील्ड में कदम रखें। नहीं तो आप अपना पैसा और टाइम बर्बाद ना करें। पत्रकारिता करना आसान बात नहीं होता है। क्योंकि यहां पर आपकी जान जोखिम में रहती है। आपको बड़े बड़े क्रिमिनल, बेईमान, भ्रष्टाचारी नेता, डाकू के खिलाफ भी समय आने पर लिखना होता है। भयंकर से भयंकर परिस्थिति में भी आपको काम करना पड़ सकता है। इसीलिए अगर आप मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से पत्रकारिता के लिए तैयार हैं। तो ही आप इस फील्ड में कदम रखें। अगर आपके पास कोई न्यूज़ है तो आप पैसे लेकर इसे कभी भी मत दबाइए हमेशा मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करते रहिए। समाज में भ्रष्टाचार को उजागर करने में जर्नलिस्ट का बड़ा हाथ होता है। इसीलिए अपने कर्तव्य के प्रति ईमानदार रहिए आपको अवश्य सफलता मिलेगी। आशा है आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी और अगर आप एग्जाम लिस्ट बनने का सपना रखते हैं तो अब आपको इस बारे में सारी जानकारी मिल गई होगी और आपका सारा डाउट क्लियर हो गया होगा अगर आपका कोई सवाल है सुझाव है तो कमेंट करके जरूर बताएं

जानिए वकील बनने का सही Process: अपने नाम के आगे Advocate कैसे जोड़े।

आज के दौर में हर कोई करियर के लिए भागता है और चाहता है कि वह लाइफ में कुछ अच्छा और बड़ा करके अपना नाम रोशन करें। बहुत से लोग ऐसे हैं जो लॉयर बनने का सपना रखते हैं लेकिन समझ नहीं पाते हैं कि लॉयर कैसे बने। आज हम आपको इसी बारे में बताएंगे। आज के इस पोस्ट हम आपको वकील बनने के बारे में सारी जानकारी देंगे।

ऐसे कितने ही लोग हर साल वकालत की पढ़ाई पूरी करते हैं। लेकिन उनमें से कुछ ही वकील बन पाते हैं और बेहतर एडवोकेट कहलाते हैं। इसीलिए इस बारे में पूरी जानकारी होना बहुत जरूरी है।

दोस्तों, LLB का फुल फॉर्म होता है “Lagum Baccalaureus” जो लेटिन भाषा का शब्द है। अपने भाषा में इसको बैचलर ऑफ लॉ (Bachelor of Laws) बोलते हैं। यह एक बैचलर डिग्री होता है, जो हम 12वीं पास करने के बाद कर सकते हैं। इसमें कानून के बारे में पढ़ाया जाता है। अगर आपको लगता है कि पुलिस ने जिस अपराधी को पकड़ा है वह अपराधी नहीं है तो आप उसके तरफ से लड़कर उसे बचा सकते हैं। उसे ही वकील कहते हैं, किसी भी देश के वकील को अपने देश के कानून के बारे में सब कुछ पता होना चाहिए। वेसे भी अगर किसी को कानूनी किसी चीज की जानकारी चाहिए होती है, तो हम वकील को ही बुलाते हैं। यानी कि जब आप LLB की पढ़ाई पूरी कर लेते हैं तो आप एक वकील बन जाते हैं। यानी कि आपको कानून के बारे में सब कुछ पता होता है। उसके बाद आप अपनी मेहनत से कोर्ट में जज भी बन सकते हैं।

★ वकील बनने के लिए कोर्स

वकील का कोर्स दो तरह का होता है। एक 5 साल का होता है और दूसरा 3 साल का होता है। अगर आप 12वीं कक्षा पास करने के बाद सीधे Law की पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपको 5 साल का कोर्स पढ़ना पड़ेगा। और अगर आप 3 साल का कोर्स करते हैं तो आपको पहले ग्रेजुएशन पूरा करना होगा। फिर आपको 3 साल का LLB का कोर्स पूरा करना होगा।

जानिए वकील बनने का सही Process: अपने नाम के आगे Advocate कैसे जोड़े।

★ वकील बनने के लिए योग्यता

* अगर आप वकालत की पढ़ाई करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको किसी भी स्ट्रीम(Arts /science) से 12वीं पास करना पड़ेगा।

* अगर आप 12वीं के बाद वकालत की पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपको 5 साल का कोर्स करना पड़ेगा। 12वीं में आप हो कम से कम 50% मार्क लाने होंगे।

* अगर आप 3 साल के वकालत का कोर्स करना चाहते हैं तो आपके पास किसी भी स्ट्रीम Arts /science से ग्रेजुएशन का डिग्री होना पड़ेगा। ग्रेजुएशन में आपको कम से कम 50% मार्क्स लाने होंगे।

★ लॉ की पढ़ाई करने के लिए 12वीं के बाद (CLAT) एंट्रेंस एग्जाम

12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आपको वकील बनने की पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके लिए आपको एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है। ऑल इंडिया लेवल पर भारत में CLAT एग्जाम बहुत पॉपुलर है। जिसका पूरा नाम होता है (कॉमन लॉ ऐडमिशन टेस्ट)। इस एग्जाम को देने के बाद आपको लॉ कॉलेज में एडमिशन लेना पड़ता है, जो पूरे 5 साल का कोर्स होता है। CLAT एग्जाम में एक कॉमन टेस्ट लिया जाता है,जिसमें आपसे इंग्लिश, रीजनिंग, मैथ, जनरल नॉलेज के बारे में पूछा जाता है।

★ पढ़ाई पूरी करने के बाद

जब आप लॉ की पढ़ाई खत्म कर लेंगे। उसके बाद आपको इंटर्नशिप करनी होगी। इंटर्नशिप के दौरान आपको कोर्ट-कचहरी के बारे में सब कुछ सिखाया जाता है। जैसे कि कोर्ट की hearing कैसे होती है, दो वकील कैसे बहस करते हैं, इन सब जानकारी के लिए आपको इंटर्नशिप करनी होती है।

जब आप इंटर्नशिप कर लेते हैं। उसके बाद आप किसी भी स्टेट बार काउंसिल (State bar council) में जाकर अपने आप को Enroll करना होता है। Enroll करने के बाद आपको ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (All India bar Examination) से गुजरना होगा। यह एग्जाम बार काउंसिल ऑफ इंडिया (bar council of India) के द्वारा कंडक्ट कराया जाता है। जब इसे पास कर लेते हैं, तो आपको एक प्रैक्टिस का सर्टिफिकेट मिलता है और इसके बाद आपकी LLB कोर्स यानी कि वकील बनने की पढ़ाई पूरी हो जाती है। ऐसा करने के बाद आपको अपनी प्रैक्टिस को जारी रखना पड़ती है।

★ लॉयर बनने के लिए कुछ जरूरी गुण जो आप में होने चाहिए

* याददाश्त शक्ति! आपकी याददाश्त शक्ति थोड़ी तेज होनी पड़ेगी।

* आसपास हो रहे घटनाओं के बारे में थोड़ा-बहुत जानकारी रखना पड़ेगा।

* हर एक बात को ध्यान से सक्रिय होकर सुनने की कला।

* समय प्रबंधन।

* इंग्लिश में मजबूत पकड़।

* हमेशा सही फैसला लेने की क्षमता।

* तार्किक और विश्लेषणात्मक व्यक्तित्व।

* बहुत सोचने की क्षमता, लेखन की कला।

* दूसरों के साथ बातचीत करने का तरीका और अपना पक्ष रखने का तरीका।

* तत्काल सोच।

अगर आपके अंदर यह सब क्वॉलिटी नहीं है या थोड़ी बहुत है तो, आप समय के अनुसार इन सब पर ध्यान देकर इन सारे क्वालिटी को अपने अंदर डेवलॅप कर सकते हैं।

★ एलएलबी के पढ़ाई के दौरान आप को  इन विषयों की शिक्षा दी जाती है।

* Human Rights law

* Environnemental law

* Banking Law

* business law

* International Trade

* company law

* family law

* criminal law

* constitutional law

* intellectual property law

* information technology Law

* Law of taxation

* insurance law

* Administrative law

* Humanitarian and Refugee law

* labour and industrial law

* law Relating to women and children

★ भारत के कुछ Top law colleges

* नेशनल लॉ स्कूल आफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बैंगलोर 

* नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली 

* नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल 

* NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद 

* WB नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जुडिशल साइंस, कोलकाता 

* फैकल्टी ऑफ लॉ यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली

* सिंबोसिस लॉ स्कूल, पुणे 

* नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर 

* गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर

* राजीव गांधी नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ  

* अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ 

* जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल, सोनीपत 

* नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस्ड लीगल स्टडीज, कोच्चि

* बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी

आशा है आपको वकील बनने केे प्रोसेस के बारे में स्टेप बाय स्टेप पता चल गया होगा। साथ ही आपने यह भी डिसाइड कर लिया होगा कि आपको Law कैसे और किस कॉलेज में करनी है। अगर यह पोस्ट आपको पसंद आई तो इसको एक लाइक जरुर करें।

कोरोना मरीजों के लिए बहुत कारगर हैं ये मशीनें, जानिए कैसे बचाई जा सकती है कोरोना मरीजों की जान

कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या से अस्पतालों में बेड की समस्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में ऑक्सीजन थेरेपी होम आइसोलेट मरीजों के लिए काफी कारगर साबित हो सकती है। इस सुविधा के बाद से अस्पतालों में बेड की समस्या भी दूर होगी। साथ ही होम आइसोलेट में अगर मरीजों को सांस लेने में परेशानी होगी तो उनका तत्काल इलाज भी घर पर ही शुरू हो सकेगा। आईएमए ऑक्सीजन थेरेपी की सुविधा के लिए प्रयासरत भी है, जिससे की मरीजों की जान बचाई जा सके।

होम आइसोलेशन की सुविधा जब से शुरू हुई है, तब से प्रशासन को काफी हद तक राहत मिली है। डॉक्टरों का मानना है कि अगर लेवल-टू और थ्री के मरीजों की स्क्रीनिंग सही तरीके से घर पर हो जाए, तो करीब 20 प्रतिशत बेड और खाली हो जाएंगे। लेकिन इसके लिए ऑक्सीजन थेरेपी की सुविधा शुरू करनी होगी।

आईएमए के अध्यक्ष डॉ. एसी कौशिक ने बताया कि होम ऑक्सीजन थेरेपी से अस्पतालों में कम बेड से भी काम चलाया जा सकता है। इसके लिए मेडिकल छात्रों और नर्सिंग छात्रों को प्रशिक्षित करने की जरूरत है। बताया कि इस सुविधा के लिए प्रयासरत हैं। इससे काफी हद तक मरीजों को राहत मिलेगी और ऑक्सीजन लेवल कम होने से मरीजों की जान नहीं जाएगी।

ऑक्सीजन थेरेपी के लिए इन मशीनों की होगी जरूरत

होम आइसोलेट मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए की जाने वाली प्रक्रिया को ऑक्सीजन थेरेपी कहते हैं। इसके लिए ऑक्सीमीटर मशीन और ऑक्सीजन कंसट्रेट मशीन की जरूरत होगी। यह मशीन बिजली और बैटरी दोनों से चलते हैं। इन मशीनों से ऑक्सीजन का लेवल शरीर में नापा जा सकता है। जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन दिया भी जा सकता है।

इस स्थिति में जा सकती है मरीज की जान

बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि जिन मरीजों को पहले से कोई बीमारी है। जैसे शुगर, बीपी या फिर ह्रदय रोग से संबंधित, तो ऐसे मरीजों पर कोरोना का असर सबसे ज्यादा है। ऐसी स्थिति में फेफड़ों का काम करना कम हो जाता है और धमनी रक्त में ऑक्सीजन का दबाव भी कम हो जाता है। इसकी वजह से शरीर के दूसरे हिस्से में जाने वाले रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और मरीजों की जान भी चली जाती है। ऐसी स्थिति में मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। आनन-फानन में परिजन अस्पताल ले जाने की कोशिश करते हैं, लेकिन तब तक केस बिगड़ जाता है।

उन्होंने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सजीन नापने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर सहारा है। यह मशीनें बाजार में उपलब्ध भी हैं। आइसोलेट मरीज इसे जरूर रखें।

90 से कम हो तो तत्काल डॉक्टर के पास ले जाएं

डॉ अश्वनी मिश्रा ने बताया कि उम्रदराज लोगों में ऑक्सीजन की जरूरत ज्यादा होती है। सामान्य तौर पर पल्स ऑक्सीमीटर यदि ऑक्सीजन लेबल 95 से 100 तक दिखाए तो घबराने की जरूरत नहीं है। यह 95 से 80 तक है तो हाइपोक्योसोमिया या ब्लड टिश्यू में ऑक्सीजन की कमी है। ऐसे में ऑक्सीजन देना जरूरी है। कोरोना के मरीजों में 90 से कम होते ही डॉक्टर के पास तत्काल जाएं।

डॉक्टरों एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) द्वारा कोरोना मरीजों हेतु सुझाये गए उपरोक्त सभी जरूरी उपकरण और ऑक्सीजन सिलिंडर कम्पलीट सेट के साथ श्री बालाजी ट्रेडर्स, गांधी गली, गोलघर, गोरखपुर में उचित दाम पर उपलब्ध हैं।

बता दें कि श्री बालाजी ट्रेडर्स, पूर्वांचल के सबसे बड़े मेडिकल गैस निर्माता और सप्लायर हैं। जिनकी मेडिकल गैस की फैक्ट्री मयूर गैसेस प्रा0लि0 संतकबीरनगर में स्थित है।

श्री बालाजी ट्रेडर्स गोलघर, गोरखपुर में सभी प्रकार के ऑक्सीजन गैस सिलिंडर, किराए पर या बिक्री हेतु उपलब्ध हैं। यहां से पूर्वांचल के लगभग सभी अस्पतालों एवं एम्बुलेंस हेतु मेडिकल गैस की निरतंर सप्लाई की जाती है। यहाँ पर मरीजों के निजी इस्तेमाल हेतु ऑक्सीजन गैस स्टैण्डर्ड या पोर्टेबल साइज में भी उपलब्ध है।

मालूम हो कि कोरोना महामारी के इस संक्रमण के दौर में भी श्री बालाजी ट्रेडर्स गोरखपुर का मैनेजमेंट एवं स्टाफ कोरोना वारियर्स की तरह अपनी जान की परवाह किये बिना विगत 4 माह से पूर्वांचल के सभी अस्पतालों, एम्बुलेंस व मरीजों को ऑक्सीजन गैस की लगातार आपूर्ति कर रहा है।

श्री बालाजी ट्रेडर्स, गोलघर, गोरखपुर पर आपको कोरोना महामारी से बचाव हेतु निम्न सभी उपकरण उपलब्ध हैं-

1. सभी प्रकार के मेडिकल गैस सिलिंडर, स्टैण्डर्ड व पोर्टेबल साइज में कम्पलीट सेट (FA Valve+Regulator+Spanner+Oxygen Mask (adult+child)

2. ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर (Rent या Sell)

3. पल्स ऑक्सिमीटर

4. टेम्परेचर स्कैनर

5. नैनो मिस्ट स्प्रे

6. आटोमेटिक सेनिटाइजर डिस्पेंसर

7. सभी प्रकार के प्रोटेक्शन मास्क

8. बीपी मॉनिटर

9. शुगर टेस्टिंग किट

10. फेस शील्ड

11. पीपीई किट

12.सेनिटाइजर

ये जरूर पढ़ें- घर पर ऑक्सीजन सिलिंडर कैसे इस्तेमाल करें?

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गर्भ संस्कार क्या है। पूरी जानकारी।

गर्भ संस्कार। दोस्तों! क्या इससे पहले आप लोगों ने कभी गर्भ संस्कार शब्द सुना है या इसके बारे में जानते हैं? अगर हां, फिर तो बहुत अच्छी बात है लेकिन अगर नहीं तो आज आपको गर्भ संस्कार के बारे में सब कुछ इस आर्टिकल के माध्यम से पता चलने वाला  है। गर्भ संस्कार क्या है। पूरी जानकारी।

दुनिया में आज भी ऐसे बहुत लोग हैं जिनको गर्भ संस्कार के बारे में पता होना तो दूर यह शब्द भी कभी उन लोगों ने सुना नहीं होगा। लेकिन एक हिंदू होने के नाते हम लोगों को शास्त्र ज्ञान का पूरा Knowledge ना सही, लेकिन थोड़ा बहुत ज्ञान तो होना ही चाहिए।

दोस्तों गर्भ संस्कार शब्द भी हमारे शास्त्रों के साथ ही जुड़ा हुआ है हमें आशा है कि आप भी गर्भ संस्कार के बारे में जानने को इच्छुक हैं और इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ेंगे। आज के इस पोस्ट में हम ना सिर्फ गर्भ संस्कार क्या है, यह बताएंगे बल्कि गर्भ संस्कार का महत्व क्या है एक बच्चे के जीवन में यह भी आप लोगों को सरलता के साथ समझाएंगे। उसी के साथ हम यह भी बताएंगे की गर्भ संस्कार के लिए जरूरी बातें कौन सी है। अब ज्यादा समय ना गवांते हुए चलिए गर्भ संस्कार के बारे में जानते हैं। आर्टिकल शुरू करने से पहले हम आप सभी से यह कहेंगे कि गर्भ संस्कार के बारे में पूरा ज्ञान लाभ करने के लिए आप लोग इस लेख को ध्यानपूर्वक पढ़िए।

गर्भ संस्कार क्या है। पूरी जानकारी।

गर्भ संस्कार क्या है :

दोस्तों, हम सभी को पता है कि हर मा- बाप अपने बच्चों को एक अच्छे इंसान बनते देखना चाहते हैं। और एक बच्चा आगे चलकर कैसा इंसान बनेगा यह बात पूरी तरह से निर्भर करता है इस बात पर कि बच्चे को कैसे संस्कार दिए जाए। लेकिन हम सभी को सिर्फ इतना ही पता है कि बच्चे को बचपन से ही संस्कार दिए जाते हैं क्या लेकिन क्या हम इस बात से अवगत है कि बच्चे को माता के गर्भ ने आने से पूर्व से ही संस्कार दिए जाते हैं। जी हां, दोस्तों! सुनने में थोड़ा अजीब लगता है लेकिन यह बात पूरी तरह से सच है कि बच्चे को गर्भ से ही संस्कार दिए जाते हैं और उसी को गर्भ संस्कार कहा जाता है। 

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे शास्त्रों में भी सोलह संस्कार का वर्णन किया गया है। और उन्हीं में से एक गर्भ संस्कार भी है।एक शिशु आगे चलकर अपने जीवन में कैसा आदमी बनेगा, समाज मे कैसा उदाहरण प्रस्तुत करेगा, इसके लिए काफी हद तक गर्भ संस्कार की भी जिम्मेदारी होती है। हम सभी जानते हैं कि एक बच्चे को संस्कार देने के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार माता होती है।  जब एक बच्चा मा के गर्भ में रहता है तब उसकी मा कैसा आचरण करती है, कैसी विचारधारा अवलंबन करती है, क्या सोचती है, कैसा खान-पान अपनाती है, किस तरह के सोच मन में लाती है यह सभी बातें गर्भ में पल रहे बच्चे की मानसिकता निर्माण के लिए जिम्मेदार होते हैं। 

गर्भ संस्कार क्या है। पूरी जानकारी।
गर्भ संस्कार क्या है। पूरी जानकारी।

गर्भ संस्कार की शुरुआत कब से करनी चाहिए :

आपको बता दें कि गर्भ संस्कार गर्भधारण के 3 महीने पहले से ही शुरू हो जाती है। जब कोई दंपत्ति संतान प्राप्ति के लिए मन बना रहा हो, तभी से उनको अपने मनोदशा, विचार ,खानपान इत्यादि में सावधानी लानी चाहिए। जब बच्चा गर्भ में आ जाता है तो शुरू के 3 महीने तक माता का खानपान और मनोदशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि बच्चे का विकास पूरी तरह से हो सके। और प्रसव के 6 महीने पहले से माता को ऐसी चीजों में मन लगाना चाहिए जो धार्मिक हो, अच्छा हो, नैतिक हो, सभ्य हो। इस समय माता को कोई गलत विचार मन में नहीं लाना चाहिए क्योंकि जिस तरह से मा सोचती है, करती है बच्चा अपना चरित्र उसी तरह से Build कर लेता है और आगे चलकर उसका असर बच्चे पर देखने को मिलता है। कुल मिलाकर कहे तो गर्भ में आने से 3 महीने पूर्व से लेकर प्रसव तक हम अपने विचार आचरण द्वारा बच्चे को जिस दिशा में ढालते हैं, जो संस्कार उसको देते हैं। उसी को गर्भ संस्कार कहा जाता है।

गर्भ संस्कार क्या है। पूरी जानकारी।
What is pregnancy? complete information.

एक गर्भवती मां के लिए ध्यान रखने लायक कुछ खास बातें 

खानपान का रखें ध्यान :

जब कोई औरत गर्भवती होती है तो उसको सबसे ज्यादा ध्यान अपने खान-पान का रखना होता है। क्योंकि खानपान सही तरह से ना होना बच्चे की शारीरिक विकास में रुकावट पैदा कर सकता है। जिससे आगे चलकर बच्चे को आजीवन परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए होने वाली मा को अपने खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।

कोई भी तनाव मन में ना आने दे :

जब कोई औरत गर्भवती हो तो उसको तनाव में भी मुस्कुराने की आदत डाल लेनी चाहिए। और कुछ ना सही फिर भी अपने बच्चे के लिए उसको अपने मन से तनाव को जितना हो सके दूर रहना चाहिए। क्योंकि गर्भवती मा के तनाव का असर बच्चे पर काफी बुरा पड़ता है जिसका अंदाजा उस समय तो नहीं होता लेकिन बच्चे के पैदा होने के बाद बच्चे का स्वास्थ्य अच्छी तरह से एहसास दिला देता है।

बच्चे से बात करते रहे समय समय पर :

क्या आपको पता है कि जब गर्भ में बच्चा 6 महीने का हो जाता है तब वह बाहर की आवाज सुनने और समझने लगता है। इसीलिए मा का फर्ज है कि वह अपने बच्चे से बात करें और उसे अच्छी-अच्छी बातें कहें। इससे उसके दिमाग का विकास तेजी से होगा और जिस तरह की बातें उस time पर मा अपने बच्चे से करेगी, बच्चे की मानसिकता उसी तरह से बनति जाएगी।

पूजा पाठ करें :

इस समय पर गर्भवती औरत के लिए पूजा पाठ करना उसके और उसके बच्चे दोनों के लिए काफी सकारात्मक साबित होगा। क्योंकि हम सभी को पता है कि पूजा पाठ करने से हमारे अंदर आध्यात्मिक भावना की उन्नति होती है और नकारात्मक सोच हम से कोसों दूर चली जाती है। इसीलिए ऐसे  समय पर पूजा पाठ करने से मां और बच्चे दोनों के विचार और शारीरिक स्वास्थ्य पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा ।

ग्रंथो का अध्ययन करें, जीवनी पढ़े :

गर्भधारण के समय नारी को समय निकालकर ग्रंथों को अध्ययन करना चाहिए, महान पुरुषों की जीवनी पढ़नी चाहिए। ऐसा करने से बच्चा ना सिर्फ स्वस्थ और तंदुरुस्त रहेगा बल्कि उसका दिमाग भी अपने आपको इसी तरह से ढालने की कोशिश करेगा। हमने आपको पहले ही बताया कि गर्भ में आने के 3 महीने बाद से ही बच्चा बाहरी आवाज सुनने और समझने लगता है। तो इस तरह से जीवनी और ग्रंथों का पढ़ना बच्चे के दिमाग के विकास में काफी सकारात्मक परिणाम लाएगा।

दोस्तों यह तो हो गई गर्भ संस्कार के लिए एक मा की भूमिका लेकिन जब बच्चा माता-पिता दोनों का है, तो पिता का भी तो कुछ फर्ज बनता है अपने बच्चे के प्रति। तो आइए अब जानते हैं कि गर्भ संस्कार में एक पिता की क्या भूमिका होनी चाहिए।

गर्भ संस्कार में एक पिता की जिम्मेदारी

अपने बच्चे की माता का रखें पूरा ध्यान 

जब एक औरत मा बनने वाली होती है या बनती है तो हजारों परेशानी उसके इर्द-गिर्द घूमती रहती है। उसको काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, एक जीव को इस दुनिया में लाने के लिए। ऐसे में अगर अपने जीवन साथी का साथ मिल जाए, तो यह मुश्किल वक्त भी आसानी से गुजर जाते हैं। और अगर गर्भवती होने के समय औरत खुश रहे तो बच्चा भी healthy पैदा होता है यह हम सभी को पता है। 

ऐसे में एक पति का फर्ज है कि वह अपनी पत्नी का पूरा ध्यान रखें। ध्यान रखने से मतलब सिर्फ उसकी जरूरतों को पूरा कर देना ही नहीं है, उसके मानसिक अवस्था का भी पूरा ध्यान रखने की कोशिश करें। अपने आचरण और व्यवहार से अपनी पत्नी को पूरी तरह से खुश रख, अपनी पत्नी को कहीं घुमाने ले जाए, अच्छी बातें करें, प्यार दें,  उसको हर पल अपने साथ होने का एहसास दिलाये। तभी बच्चा दुनिया में खुशी खुशी आ पाएगा।

बच्चे को अपने होने का भी एहसास दे

 जब बच्चा गर्भ में होता है तो उसके अंदर भी एक छोटा सा प्राण होता है, जो हर बात को समझ सकता है। ऐसे में होने वाले माता के गर्भ पर हाथ रखना, अपने बच्चे से बातें करना, उस बच्चे को अपने पिता के साथ होने का एहसास दिलाता है। इससे बच्चे पे काफी अच्छा असर पड़ता है। समय-समय पर अपने बच्चे से बात करें, उसकी धड़कनों को सुनें और उसको अपने होने का एहसास दिलाये। आपका यह छोटा सा कदम आपके बच्चे के विकास के लिए काफी मददगार साबित होगा।

आज हमने क्या सीखा

उम्मीद करते हैं, इस पोस्ट को पढ़कर आप लोगों को गर्भ संस्कार के बारे में पूरी जानकारी मिल गई होगी। साथ ही यह आर्टिकल (गर्भ संस्कार क्या है। पूरी जानकारी।) एक होने वाली मा को काफी help करेगा यह समझने के लिए की गर्भवती होने के बाद उनको किस तरह की सावधानियां अपनानी चाहिए ताकि बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित रह सके।

 अंत में बस यही कहेंगे कि अगर आप लोगों को यह आर्टिकल पसंद आया और वाकई में इस आर्टिकल से आप लोगों को कुछ सीखने को मिला तो इसको लाइक जरूर करें और अपने दोस्तों के साथ ज्यादा से ज्यादा शेयर भी कर दें। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके बारे में जानकारी मिल सके। अगर फिर भी इस टॉपिक (गर्भ संस्कार क्या है। पूरी जानकारी।) को लेकर आपके मन में कोई सवाल है या कुछ सुझाव आप हमको देना चाहते हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में हमसे जरूर जुड़े।

author : Madhuwati ray

भारत की परंपरा और सोने का महत्व

भारत अपनी विभिन्न  रीति रिवाज़ ,सांस्कृतिक परम्पराओ के लिए लोकप्रिय है। भारत अपनी सांस्कृतिक परम्पराओ के लिए पूरे विश्व भर में जाना जाता है। इस देश में लोग विभिन्न प्रकार की  भाषाएं बोलते है और सबकी अपनी विशेष परंपरा है। यह परम्पराएं पीढ़ीओं से चली आ रही है। भारत को पहले सोने की चिड़िया कहा जाता था। भारतीय इतिहास में सोने का गहरा महत्व है जो दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लोगो को अपनी ओर आकर्षित करता है। सोने की भारतीय परम्पराओ ,रीति रिवाज़ो में अपनी अलग ही पहचान है। भारत में हज़ारो शादियों से  सोने के आभूषणों का आदान प्रदान होता आ रहा  है। आप  अपने पसंद और समार्थ्य के अनुसार 22 ,24  और 18  कैरट का सोना खरीद सकते है।

भारत की परंपरा और सोने का महत्व
sona sab ko akarshit karta hai.

पिछले कुछ वर्षो में भारत में लोगो के दिलो में सोने की चाहत बढ़ रही है। भारत के खाते में दुनिया भर में सोने की सबसे अधिक खपत है। सांस्कृतिक रूप से सोना एक महत्वपूर्ण धातु है जिसके बैगर भारतीयों की परम्पराएं अधूरी है। सोने जैसे धातु ने भारतीयों के दिलों और घरो में एक महत्वपूर्ण स्थान पाया है। भारतीय आबादी का एक बहुत बड़ा हिस्सा संसाधनों पर जीवित है लेकिन इन सबके बावजूद वो सोना खरीदने के हर संभव तरीके ढूँढ़ते है। सोना इनके ज़िन्दगी और भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग है। दिल्ली से चेन्नई और अहमदाबाद से कोलकाता तक सोने की मांग हमेशा दिखती है। देशवासियों में सोने को लेकर दीवानगी हमेशा देखी जाती है। सोने की कीमत ज़्यादा हो या कम इसके खरीदार हमेशा मौजूद है।

सोने को खरीदने और जिसके पास जितना अधिक सोना वह समाज में अंहकार के साथ जीता है। सोने का उनके पास होना जैसे उनके रुतबे का उनके पास होना। भारतीय शादी तो जैसे सोने के बिना अधूरी और फीकी है। शादी में दुल्हन हमेशा सोने के आभूषणों से लदी हुयी पायी जाती है। अक्षय तृतीया और धनतेरस में सोना खरीदना भारतीयों की ख़ास परंपरा है। धनतेरस में सोना खरीदने के लिए लोगो की  लम्बी कतारे देखी जा सकती है।

सांस्कृतिक मान्यताओं के अनुसार सोना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सास अपने बहु को गृह प्रवेश के वक़्त सोना उसके नए जीवन की शुरुआत के लिए देती है। सोना परम्पराओ के अनुसार शुभ वस्तु है जो हर रस्मो रिवाज़ो को पावन बना देती है। महिलाओं को सोना से बेहतर कोई उपहार नहीं लगता है। महिलाएं हर महीने थोड़े पैसे बचाती है ताकि वह सोना खरीद सके। सोने की कीमत पीढयों दर चली आ रही है।

सोने की मांग हमेशा से देश में थी और हमेशा रहेगी। भारत में हर धर्म के लोग चाहे हिन्दू , सिख ,ईसाई सभी के लिए सोना प्रमुख सम्पत्ति है। सम्पन्न धनवान  लोग मंदिरो में अपने सुखद जीवन के आगमन की प्राथना के लिए सोने का दान देते है। विभिन्न धार्मिक अवसरों पर लोगो के लिए सोना खरीदना आम बात है। सोना हर भारतीय घर का हिस्सा है जिससे लोग जुड़े रहते है। यह देश के हर घर पर पारिवारिक विरासत के रूप में माना जाता है। पारिवारिक विरासत को जीवित रखने हेतु सोने के आभूषण पढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे है।

ज़्यादातर घरो में शादियों में दुल्हन की माँ दुल्हन को गहने पहनाकर विदा करती है। सोना परम्पराओं का एक अत्यंत भावुक हिस्सा है। सोने को उपहार में देना भारतीय रीति रिवाज़ो के अनुसार शुभ माना जाता है। सोना ना केवल महत्वपूर्ण धन  का स्रोत है बल्कि सोना भारतीयों के लिए भाग्यशाली होता है ऐसी मान्यता है। शादियों के दौरान अक्सर रिश्तेदार उपहार में दुल्हन को सोना देते है। दुल्हन भारी मात्रा में सोना अपने नए घरो में लाती है जिसे परम्पराओ के अनुसार शुभ माना जाता है।

भारत की परंपरा और सोने का महत्व
kya app jante hai …ek dulhan wida hote waqt 1 kg tak sona phene rahte hai.

सोने का एक उपहार शायद देश में उपहार देने का एक सर्वोच्च रूप है। शहरों में जन्मदिन और बच्चे के जन्म होने पर परिवार अक्सर सोने के उपहार देते है। भारत में सोने से बड़ा कोई स्टेटस सिंबल नहीं है। राजनेता ,व्यवसायी ,अभिनेता ,बड़े अधिकारी सभी को अपना सोना दिखाना बेहद पसंद है। सोना एक प्रतिष्ठित होने का चिह्न है और भारत में युगों से चला आ रहा एक समाजिक स्थिति का प्रतीक है।

सोना के दिन प्रतिदिन बढ़ती हुयी दरों के बावजूद लोग सोना खरीदने की क्षमता रखते है। सोने को भारतीय परंपरा के अनुसार एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। ज़्यादातर भारतीय लोग इसी भावना को पीढ़ियों से मानते हुए चले आ रहे है।भारतीय लोग सोने को अपनी सम्पति समझते है जो उनके बुरे वक़्त में काम आता है। सोने का निवेश करना हर एक भारतीय की चाह होती है।

सोना लोगो को दिखाना बेहद अच्छा लगता है। हर बड़े छोटे अवसर पर महिलाएं खासकर  सोने के गहने दिखाए बिना रह नहीं सकती है।  सोने का दक्षिण भारत में अपना महत्व होता है। 2017 को एक रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण भारत में दुल्हन अपने विवाह में जो  गहने पहनती है उनका वजन सामान्यत 320  ग्राम होता है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में दुल्हन लगभग 300 ग्राम सोना पहनती है। भारत सोने के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाज़ारो में से एक है। भारतीय परम्पराओं के अनुसार नागरिक सोने के सिक्के और सोने के आभूषण खरीदना बेहद पसंद करते है। सोना भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

भारत में अधिकांश अनुष्ठान को सोने से जोड़कर देखा जाता है। इसमें सबसे प्रमुख है शादी। दुनिया भर की कई संस्कृतियों का मानना है कि सोना सूरज का प्रतिनिधत्व करता है।  सोने को शुभ और पवित्र माना जाता है। सोना शादियों से जुड़े संस्कारों और अनुष्ठानो का एक अभिन्न हिस्सा है। नयी यात्रा की शुरुआत के लिए और सम्पति के रूप में सोने को देखा जाता है। सोने की मान्यता पीढ़ियों से चली आ रही है और भविष्य में भी सोने के दबदबे से कोई इंकार नहीं कर सकता है।

शादी के समय परिवार वाले गहने के दुकानों पर  सोना खरीदने के लिए कतारे लगा देते है। एक अलग ही दृश्य जैसे देखने को मिलता है। लोग अलग अलग तरीके के नक्काशी वाले आभूषण पहनना पसंद करते है। चाहे कोई अमीर हो या मध्यमवर्गीय परिवार सोना खरीदने में किसी को परेशानी नहीं होती है। सोने से जड़ी हुयी दुल्हन को लक्ष्मी के रूप में देखा जाता है। सोना एक लम्बे वक़्त का निवेश बन जाता है जो रिटायरमेंट के बाद और बुरे समय में बेहद काम आता है।

निष्कर्ष

लोग भविष्य में बच्चे की शादी के लिए बहुत पहले से किश्तों में सोने के आभूषणों की खरीदारी कर लेते है। सोने की कीमत दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है।  इसलिए लोग भविष्य के बारे में सोचकर पहले से ही सोने की खरीदारी करना पसंद करते है। सोने की बढ़ती कीमत की वैल्यू बच्चे की शादी के वक़्त आपको मुनाफे में रखेगी। सोने के यूनिवर्सल वैल्यू को हम सब जानते है और उसे झुटलाया नहीं जा सकता है। सोने के दिन प्रतिदिन बढ़ते हुए दरों के बावजूद लोगो के दिलो में इसकी विशेष जगह है।

लड़को में पाई जानेवाली लड़कियों जैसी 10 आदतें।

Hello दोस्तों! इस blog पर आपका एक बार फिर से बहुत बहुत स्वागत है। आज का हमारा Title थोड़ा सा अलग है. our topic today is लड़को में पाई जानेवाली लड़कियों जैसी 10 आदतें। हम जानते हैं  काफी सारे लोग अक्सर इस बात को लेकर confused रहते हैं, जिसका एक perfect और सही जवाब शायद ही किसी को मिल पाया हो। हम सभी जानते हैं और बुजुर्गों के मुंह से हमेशा ही सुनते आए हैं कि औरत और मर्द एक सिक्के के दो पहलू होते हैं, एक वाहन के दो पहिए होते हैं। जब तक यह दोनों पहिए सही तरह से काम ना करें तब तक जिंदगी की गाड़ी ठीक से आगे नहीं बढ़ सकती।

लड़को में पाई जानेवाली लड़कियों जैसी 10 आदतें।
लड़को में पाई जानेवाली लड़कियों जैसी 10 आदतें।

लेकिन interesting बात तो यह है कि औरत और मर्द दोनों सारा जीवन एक साथ गुजारते हैं, एक के बिना दूसरे का कोई अस्तित्व नहीं है, हर किसी को एक मोड़ पर जाकर अपने जीवन साथी की जरूरत तो पड़ती ही है लेकिन इतना सब कुछ होने के बावजूद भी औरत और मर्द के चरित्र और व्यवहार एक जैसा नहीं है। दोनों के काम करने के अलग-अलग अपने तरीके हैं, अपने हाव-भाव है। और शायद इस विपरीत चरित्र ही वजह है दोनों के बीच आकर्षण का। लेकिन आज का हमारा टॉपिक यह नहीं है। मतलब की हम आज थोड़ा हटकर सोचने वाले हैं। 

आपका confussion ज्यादा ना बढ़ाते हुए आपको बता देते हैं कि आज हम इस टॉपिक पर बात करेंगे कि ऐसी कौन सी 10 आदतें है, जो मर्द और औरत दोनों के बीच similar है या एक जैसा है।लड़को में पाई जानेवाली लड़कियों जैसी 10 आदतें। तो है ना यह Interesting टॉपिक। अब बिना समय गवाएं चलिए जानते हैं कि वह 10 आदतें कौन-कौन सी है।

लड़को में पाई जानेवाली लड़कियों जैसी 10 आदतें।

मर्द और औरत दोनो में पाई जाने वाली 10 आदतें :

झगड़ा करना

वह दिन गए दोस्तों, जब सिर्फ औरतें ही झगड़ालू कहलाती थी और झगड़ा करने में पीएचडी हासिल की हुई थी। आजकल झगड़ालू होने का तमका सिर्फ औरतों को ही नहीं मर्द को भी दिया जा रहा है। वक्त के साथ औरत और मर्द के बीच का फासला इतना कम हो गया है कि औरतें, मर्द की आदतें अपनाने लगी है और  मर्द औरतों की। आज कल तो जितना जल्दी औरतें क्रोधित नहीं होती उतना जल्दी लड़के हो जाते हैं। और बिना किसी की परवाह किए किसी के साथ भी लड़ पड़ते हैं। अरे यह तो कुछ भी नहीं, अब तो यहां तक देखने को मिल जाता है कि लड़के इस बात पर भी ध्यान नही देते की सामने औरत खड़ी है या मर्द । बस अपना हक मिलना चाहिए और किसी के सामने झुकना नहीं है।

आंसू बहाना

हम सभी को पता है कि रोने के मामले में औरतें काफी मास्टर है और छोटी-छोटी बात पर भी आंसू बहा देना जैसे औरतो की फितरत है। लेकिन वो Diologue पुराना हो चुका है कि “मर्द को दर्द नहीं होता”। दरअसल लड़के पहले भी रोते थे लेकिन पहले छुप छुप कर रोते थे। क्योंकि किसी के सामने रोने से उनके Ego को ठेस पहुंचती थी। क्योंकि पहले औरत और मर्द के बीच काफी फासला था मर्द का रुतबा ही अलग हुआ करता था। और रोना उनके शान के खिलाफ था। लेकिन अब लड़के भी किसी बात को इतना Mind नहीं करते। इसकी वजह शायद यह भी है कि वक्त के साथ लड़के औरतों को अपने बराबर समझने लगे हैं। जो करने की इजाजत उनको पहले का जमाना नहीं देता था। खैर जो भी हो लेकिन बात यह है कि और लड़कियों की तरह लड़के भी छोटी-छोटी बातों को बर्दाश्त नहीं कर पाते और रो पड़ते हैं।

लंबे बाल और कान की बाली 

आप लोगों Notice किया होगा कि आजकल काफी लड़के अपने बालों को लंबा करते हैं। यहां तक कि फिल्मी हीरो लोग भी अपने बालों को थोड़ा लंबा करके पीछे जुड़ा बांध लेते हैं। ठीक इसी तरह कानों में भी काफी लड़के बालियां पहनने लगे हैं। खासकर अपने दाहिने कान में एक बाली पहन लेते हैं। अब उनके ऐसा करने के पीछे logic क्या है यह तो हमें भी नहीं पता। लेकिन जिस तेजी से लड़के बाल बढ़ाना और कान की बालियां पहनने का रिवाज अपना रहे हैं, वह दिन दूर नहीं जब इस काम मे वह औरतों को भी पीछे छोड़ देंगे। वैसे भी आजकल काफी  कम लड़किया ही बालियां पहनना  और लंबे बाल रखना पसंद करती है।

पूजा पाठ करना 

पहले के जमाने में पूजा पाठ करने में सिर्फ औरतें ही आगे रहती थी और मर्द के नाम पर सिर्फ कुछ चुनिंदा ब्राम्हण पंडित ही पूजा-पाठ में मन लगाते थे। लेकिन अब ऐसा समय आ गया एक औरतों के मुकाबले मर्द ही ज्यादा पूजा-पाठ और ध्यान करते हैं। इसका कारण शायद struggling life style और depression भी है। इसी वजह से कोई और रास्ता ना पाकर आजकल लड़कियों के साथ लड़के भी पूजा में बहुत ज्यादा ध्यान लगाने लगे हैं।

खाना पकाना 

लड़कों का खाना पकाने के शौक से तो हम सभी वाकिफ हैं ।आजकल टीवी में भी ऐसे बहुत से shows आते हैं, जहां लड़के काफी उत्सुकता से भाग लेते हैं। और अलग-अलग तरह के dishes बनाकर competition में जी जान लगा देते हैं। सिर्फ competition में ही नहीं, घर पे भी आजकल लड़के खाना बनाने के काफी शौकीन हो गए हैं। इसके पीछे के कारण की बात करें तो हम यही कहेंगे कि आजकल successfull होने की race में हम घर पर कम ही रहते हैं।हमें अपनी जिंदगी का ज्यादातर समय अकेले किसी hostel या rent वाले रूम में रहना पड़ता है। इसी मजबूरी के वजह से लड़के खाना पकाना सीख गए हैं। धीरे-धीरे खाना पकाने की आदत उनका शौक बन गया है।

गाने सुनना

नए पुराने गाने सुनना किसे पसंद नहीं होता। यह भी एक ऐसी आदत है जो लड़के और लड़कियां दोनों में ही मौजूद है। लड़कियां तो शुरु से ही टीवी देखने और गाने सुनने में famous रह चुकी है, लेकिन लड़के भी इस race में कम नहीं है। पूरा दिन earphone लगाकर मोबाइल से गाने सुनना तक तो ठीक है, लेकिन आजकल तो घर पर फ्री टाइम में serials भी देखना शुरू कर दिए हैं। जिस काम पर एक वक्त तक सिर्फ औरतों का ही copyright था।

सुंदर दिखना

सुंदर दिखना कौन नहीं चाहता। खासकर अगर लड़कियों की बात करें तो यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि सुंदर दिखने के लिए लड़की कुछ भी कर सकती है। घंटों पार्लर में बैठकर हजारों रुपए खर्च करने से लेकर सुंदर दिखने की शर्त पर काफी लड़किया अपना शारीरिक नुकसान भी कर देती है। लेकिन फिर भी महंगे महंगे chemical वाले cosmetic और oil का इस्तेमाल करना नहीं छोड़ती। उसी तरह लड़के भी बताते और जताते भले ही ना हो लेकिन लेकिन अंदर ही अंदर dashing और handsome दिखने के लिए हर वह चीज करते हैं जो उनके बस में हो। हमने तो यहां तक भी देखा है कि सुंदर और गोरा दिखने के लिए लड़के, लड़कियों के क्रीम भी use करते हैं और तो और वह लोग लड़कियों के oil और body lotion use करने से भी बाज नहीं आते हैं।

खट्टा खाने के शौकीन

जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसको खट्टा खाने का बड़ा जी करता है। फिर उसका पति उसके लिए बाजार से खटाई लेकर आते हैं। ऐसी story आपने बहुत बार सुनी होगी और यह भी जानते होंगे कि लड़कियां खट्टा खाने की कितनी दीवानी होती है। लेकिन शायद आप लोगों को यह पता ना हो कि लड़के भी खट्टा खाने की उतने ही दीवाने होते हैं । यार लड़कियों की तरह वह भी बहुत ज्यादा खट्टा खाते हैं। अगर आप लोगों को यकीन ना हो तो आप अपने आसपास के किसी Male Friend या Family Member से इस बात की तहकीकात कर सकते हैं। लेकिन यह सौ फीसदी सच है कि लड़के भी खटाई खाने के शौकीन होतें हैं।

 jealous होना

अपने पति या बॉयफ्रेंड के साथ किसी और लड़की को देखने मात्र से ही जल भूनकर राख हो जाना तो औरतों की फितरत में ही है। लेकिन जिस बात के लिए औरतें इतने दिनों से बदनाम है,  क्या आपको पता है कि वह आदत लड़कों में भी है। अपनी गर्लफ्रेंड या पत्नी के साथ किसी और लड़के को बात करते हुए भी देखना लड़के बिल्कुल पसंद नहीं करते। उनको यह बात बिल्कुल भी गवारा नहीं कि उनकी बीवी या गर्लफ्रेंड के साथ कोई हंस कर बात करें या ग जरा पास बैठे हैं या भी मजाक में भी उनका हाथ तक पकड़े। खुद लड़के भले ही बाहर कुछ भी करें लेकिन अपनी बीवी को या गर्लफ्रेंड को हमेशा सब से बचा कर रखना चाहते हैं और जरा सी भी किसी और लड़के के साथ कदेखते ही जल कर काले कोयले हो जाते हैं।

सबकी फिक्र करना

सारी आदतों में यह सबसे sweet आदत है जो लड़कियों की तरह लड़कों में भी होते हैं। बेटी अपने परिवार के हर सदस्य की फिक्र करती है, बहु अपने पूरे परिवार को एक धागे में पिरो कर रखती है, मां पूरे फैमिली का ख्याल खुद से ज्यादा रहती है, यह सब diologue तो हम सब ने सुने हैं ।लेकिन ये किसी ने नहीं सुना की लड़के अपने फैमिली की फिक्र करते हैं। लड़कों का image तो बस घूमना फिरना सैर-सपाटे में ही सिमट कर रह गया है। लेकिन वह भले ही दिखाते नहीं, जताते नहीं फिर भी अपने परिवार के हर सदस्य की छोटी-मोटी जरूरतों का ख्याल रखते हैं। अगर पुरा ना भी कर पाय फिर भी कोशिश जरूर करते हैं, बिना जताए।

दोस्तों तो यह थे लड़को में पाई जानेवाली लड़कियों जैसी 10 आदतें। लड़कों में पाए जाने वाले वो 10 आदतें, जो लड़कियों की तरह है। काफी कम लोगों को इन आदतों के बारे में पता है। वैसे तो यह topic कुछ ज्यादा खास नहीं है लेकिन किसी लड़के को अपने जीवनसाथी या दोस्त के रूप में चुनने से पहले उसको समझना बहुत ज्यादा जरूरी है।और किसी लड़के को समझने के लिए उसके बारे में जानना बहुत जरूरी है। इसी बात पे चलिए हम लड़को के 5 खास बातें भी आपको बताते हैं।

Boys की 5 खास बातें :

1.  Maximum लड़के लड़कियों की तुलना में बहुत ज्यादा  मासूम होते हैं। वो किसी भी माहौल को आसानी से अपना लेते हैं। यू कह लो कि नखरा उनके अंदर नही होता।
2. अगर percentage के हिसाब से देखा जाए तो लड़कियों के मुकाबले लड़के काफी कम शक्की होते हैं। वह आसानी से किसी पर trust कर लेते है।
3. लड़कियों की तुलना में लड़के ज्यादा खर्चीले होते हैं। आप लोगों ने notice किया होगा कि कोई सामान खरीदने पर लड़कियों की तुलना में  लड़के बहुत कम मोलभाव  करते हैं।
4. लड़कियों के मुकाबले लड़के काफी दानवीर type के होते हैं। अगर किसी को कुछ देना पड़े, किसी के लिए कुछ करना पड़े तो हो सकता है कि लड़की एक बार के लिए सोचे। लेकिन लड़के किसी को कुछ देने से पहले बिल्कुल भी नहीं सोचते। हम यह नहीं कह रहे कि सब लड़के ऐसे होते हैं लेकिन maximum लड़के ऐसे ही होते हैं।
5. काफी कम लड़के ही ऐसे होते हैं जो जिद्दी होते हैं। लेकिन ज्यादातर लड़के जिद्दी नहीं होते। जबकि आप लोगों को पता ही होगा कि लड़कियां अपने जिद्दी और नकचढ़ी स्वभाव के लिए ही लड़को को जीतने नही देती घर में ऊंचे औंधे पे रहती है।

हमें उम्मीद है कि यह आर्टिकल आपको काफी मदद करेगा एक लड़के को समझने के लिए उसके प्रति कोई नकारात्मक राय कायम करने से पहले उसकी गहराई को जानने के लिए। अगर आप को यह आर्टिकल अच्छा लगा तो अपनी फैमिली के सभी ladies के साथ और अपनी सभी girls दोस्तों के साथ जरूर से जरूर शेयर करें ताकि उनके दिमाग का ताला भी थोड़ा खुल जाए और लड़कों का और ज्यादा कचूमर ना बने। अगर आपके मन में कोई भी सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर पूछें। धन्यवाद।

Author : Jhumawati ray

लॉकडाउन का बच्चो पर असर

आज हम कवर करने जा रहे हैं, लॉकडाउन का बच्चो पर असर। लॉकडाउन के कारण बच्चे घर पर रह रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप टीवी और मोबाइल फोन के साथ बहुत समय व्यतीत हो रहा है। बहुत सारे बच्चे चुपचाप टीवी और मोबाइल फोन के आदी हो रहे हैं। बच्चों के साथ कोई समस्या नहीं है। हम माता-पिता को ध्यान रखना होगा और स्थिति को सुधारने के लिए समाधान तलाशना होगा।

लॉकडाउन का बच्चो पर असर
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आज की डेट में अगर कोई ब्रेकिंग न्यूज़ है तो वह है कोरोना वायरस। आज हर न्यूज़ चैनल पर बस एक ही न्यूज़ है, हर जुबान पर बस एक ही बात है, हर दिल में बस एक ही खौफ है और वह है कोरोना वायरस का डर। इस डर न लोगों के दिल में इस तरह से जगह बना लिया है कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी से काफी प्रभावित हो रही है इसकी वजह से। सिर्फ इतना ही नहीं दोस्तों, इस वायरस ने काफी जाने भी ले चुकी है और अभी भी ले रही है। लेकिन इस वायरस के लिए कोई न कोई उपाय तो निकालना ही था।


तो यह वायरस लोगों की जिंदगी को ज्यादा नुकसान ना पहुंचा सके, इस बात को ध्यान में रखते हुए लगभग हर एक देश के सरकार ने एक फैसला लिया और वह फैसला है लॉक डाउन का। मार्च महीने से ही हर एक देश में lockdown लागू कर दिया गया है। बात करें भारत की तो भारत में भी मार्च से ही लॉकडाउन जारी कर दिया गया। लेकिन इस lockdown ने कोरोना वायरस के प्रभाव को हालांकि बहुत कम किया लेकिन लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर इसके नकारात्मक प्रभाव भी कम नहीं थे। आज के इस लेख में हम लोग उसी प्रभाव के बारे में बात करने वाले है। खासकर बच्चों की जिंदगी को किस तरह से lockdown ने प्रभावित किया उस बारे में हम आज बात करने वाले हैं।


लॉकडाउन का बच्चो पर असर

पढ़ाई पर असर


 Lockdown के प्रभाव में अगर बच्चों की बात करें तो लॉक डाउन का जितना प्रभाव बड़ो पर पड़ा है उतना ही ज्यादा प्रभाव बच्चों पर भी पड़ा है। सबसे ज्यादा बच्चों की पढ़ाई इस lockdown से प्रभावित हुई है। जैसा कि हम सभी को पता है कि lockdown के वजह से सारे स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए थे। इस वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पाए और उनकी पढ़ाई को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा। सिर्फ इतना ही नहीं कुछ जगह तो lockdown के वजह से प्राइवेट ट्यूशन टीचर ने भी ट्यूशन लेना बंद कर दी है। क्योंकि उनके दिल में खौफ था की कहीं उनको भी कोरोना न पकड़ ले। कुल मिलाकर बच्चे घर पर ही पढ़ाई करने पर मजबूर हो गए और कुछ बच्चे अगर अपने पढ़ाई को मेंटेन करने में सफल भी रहे फिर भी काफी अनुपात में बच्चों की पढ़ाई को भारी नुकसान उठाना पड़ा।


खेलकूद पर प्रभाव


सिर्फ पढ़ाई ही नहीं इस lockdown ने बच्चों के खेल कूद पर भी काफी असर डाला है। जब यह लागू नहीं हुआ था तब बच्चे खेलकूद के साथ भी काफी जुड़े हुए थे और इन खेलकूद से उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों ही अच्छे रहते थे। लेकिन लॉकडाउन के वजह से वह बाहर जाकर खेल नहीं पा रहे हैं और जिस वजह से घर पर ही टाइम पास करने पर मजबूर है। और टाइम पास करने के लिए उनके पास कंप्यूटर और मोबाइल गेम्स के अलावा दूसरा कोई चारा नहीं है।  और क्योंकि उनके पास पढ़ाई लिखाई भी लॉकडाउन में ज्यादा नहीं है करने को तो इस वजह से ज्यादा बोरियत का अनुभव कर रहे हैं बच्चे। इसके वजह से उनको खेलकूद की कमी भी काफी महसूस हो रही है । तो इसर तरह से लॉकडाउन ने बच्चों की खेलकूद को भी काफी बुरी तरह से प्रभावित किया है।


स्वास्थ्य पर असर

लॉक डाउन का सबसे गहरा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर ही पड़ा है। हम सबको पता है कि बड़ों को नहीं लेकिन बच्चों को आए दिन छोटी-मोटी शारीरिक परेशानियां होती रहती है, जिस वजह से आए दिन हमारा डॉक्टर के पास आना जाना हमारा लगा रहता है। लेकिन लॉकडाउन के वजह से हॉस्पिटल और प्राइवेट डॉक्टर के पास जाने के लिए भी काफी सोचना पड़ रहा है। क्योंकि बात बच्चे का है तो उनके लिए बाहर निकलने पर काफी मनाई है। इस वजह से उनकी हेल्थ भी काफी प्रभावित हो रही है। काफी  parents तो घरेलू नुस्खों से इलाज करने पर मजबूर हो गए हैं।


मानसिक अवस्था का बुरा हाल


 जैसा कि हम सभी को पता है कि लोकडाउन के वजह से बाहर जाकर काम करने वाले लोग वही फस जाने पर मजबूर हो गए हैं। जिस वजह से वह घर नहीं आ पाए और और पूरे फैमिली में तनाव का माहौल सा छा गया और इसका असर बच्चों के मानसिक अवस्था पर भी पड़ा। मानसिक रूप से इस बात से बच्चे काफी ज्यादा प्रभावित हुए कि उनके पेरेंट्स बीमारी की वजह से घर नहीं आ पा रहे हैं । और यह डर जितना बड़ो में है कि कहीं बाहर रहकर उनका कोई फैमिली मेंबर कोरोना से संक्रमित ना हो जाए, उतना ही बच्चों को भी यह बात प्रभावित कर रही हैं। जिसके वजह से वह अपने पढ़ाई लिखाई और खेलकूद भी सही तरीके से नहीं कर पा रहे हैं।


 बच्चों के खान-पान पर असर


लगता नहीं है, लेकिन इस लॉकडाउन ने बच्चों के खान-पान को भी काफी प्रभावित किया है। हम सभी को पता है कि लॉकडाउन के वजह से मार्केट बंद हो चुकी है, सारी दुकानें बंद है और इस वजह से उनकी मनपसंद खाने पीने की चीजें भी उपलब्ध होनी बंद हो चुकी है। इस वजह से बच्चे चिड़चिड़े भी हो गए हैं।


आज हमने क्या जाना


 आज के इस लेख में हमने जाना कि लॉकडाउन बच्चों की जिंदगी को किस तरह से प्रभावित किया है। कुछ लोगों को शायद इन बातों के बारे में नहीं पता। लेकिन हमें इन बातों को गहराई से समझना चाहिए क्योंकि हम सभी को पता है कि बच्चे हमारे देश का भविष्य है। और उनके ऊपर इस तरह से लॉकडाउन का असर पड़ना काफी निंदनीय है। तो सरकार के साथ हम सभी को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए कि लॉक डाउन का असर बच्चों पर कम से कम पढ़े और अपने बचपन को इस महामारी के संकट पूर्ण समय में भी पूरी तरह से enjoy कर सके।
तो आकर आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो इसको लाइक करें और अपने दोस्तों के साथ शेयर करें। और lockdown या किसी और टॉपिक को लेकर अगर आपके मन में कोई सवाल है तो कमेंट करके हमसे जरूर पूछें।

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टैक्स कैसे बचाएं – कैसे करें टैक्स सेविंग -tax kaise bachaye

आज प्रस्तुत है एक बहुत महत्वपूर्ण विषय tax ko kaise bachaye. (how to save taxes) लेकिन पहले मुझे पहले टैक्स की व्याख्या करने दें।

Tax क्या है

टैक्स एक अनिवार्य शुल्क या वित्तीय शुल्क है जो सरकार द्वारा किसी व्यक्ति या संस्था पर राजस्व जुटाने के लिए लगाया जाता है। जमा हुए टैक्स की कुल राशि को विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग किया जाता है। कानून के मुताबिक, खुद से या गलती से टैक्स भुगतान ना करने पर जुर्माना या सज़ा मिलने सकती है।

Tax is one of the most common financial terms. Taxes are one of the primary sources of income for the government through which it fulfills various projects and initiatives.

No matter where you live in the world, the one thing that you can always count on is that you will be paying taxes to the local government. Taxes come in various forms such as state taxes, central government taxes, direct taxes, indirect taxes and so on.

tax ko kaise bachaye
tax savings is very important tool

Tax के प्रकार

व्यक्ति/ संगठन को विभिन्न तरीकों से टैक्स का भुगतान करना पड़ता है। टैक्स अधिकारियों द्वारा टैक्स भुगतान के तरीके के आधार पर, टैक्स को डायरेक्ट टैक्स और इन-डायरेक्ट टैक्स में बाटा जाता है।

An entity has to pay taxes in various forms. Depending on the manner in which they are paid to the taxation authorities, these taxes are classified into direct and indirect taxes.

चाहे आप दुनिया में कहीं भी रहते हों, पर आपको स्थानीय सरकार को टैक्स का भुगतान करना होता है । टैक्स कई प्रकार के होते हैं जैसे स्टेट टैक्स (राज्य कर), सेण्टर गवर्नमेंट टैक्स (केंद्र सरकार कर), डायरेक्ट टैक्स (प्रत्यक्ष कर), इन-डायरेक्ट टैक्स (अप्रत्यक्ष कर) इत्यादि।

Tax भरने के लाभ

मूलत: टैक्स वह राशि है जिस पर सरकार चलती है और अपने नागरिक को सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करती है। टैक्स का भुगतान करने के लाभ निम्नलिखित हैं।

  • आपका टैक्स भुगतान सुनिश्चित करता है कि सभी नागरिकों के लिए सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएं बिना किसी बाधा के चलती रहेंगी।
  • आप लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करने के लिए अपने इनकम टैक्स रिटर्न दस्तावेजों का उपयोग कर सकते हैं।
  • इस टैक्स की राशि से सरकार अपने नागरिक के लिए बेहतर सुविधाओं और उपयोगिताओं को निधि दे सकती है जो बदले में लोगों के जीवन स्तर में सुधार करने में मदद करती है।
  • सरकार को बहुत सारे कार्य करने होते हैं और जिसके लिए धन की आवश्यकता होती है। आपके धन का उपयोग सेनाओं, बुनियादी ढांचे के विकास, नागरिकों की सुरक्षा, प्रशासनिक सेवाओं आदि के लिए भी किया जाता है।

इनकम Tax

यह सबसे साधारण टैक्स है जो एक नागरिक सरकार को व्यक्तिगत रूप से चुकाता है। यह बहुत ही सरल है – आपकी इनकम का एक हिस्सा हर साल सरकार को टैक्स के रूप में देना होता है और इस धन का उपयोग सरकार द्वारा देश भर में विकास कार्यों के लिए किया जाता है।

इनकम Tax असेसी

कोई भी व्यक्ति जो इनकम होने के कारण से टैक्स जमा करने के लिए उत्तरदायी है, एक इनकम टैक्स असेसी है। हालांकि, कुछ व्यक्ति जो इनकम होने के बावजूद भी टैक्स देने के लिए बाध्य नहीं होते हैं जैसे किसान आदि। इसके अतिरिक्त, एक असेसी कुछ स्थितियों में किसी अन्य व्यक्ति की ओर से टैक्स रिटर्न जमा करने के लिए बाध्य हो सकता है।

What makes taxsaving exercise an important financial planning tool. It is important to plan one’s finances properly. By proper tax planning, one not only reduces the tax liability but also end up saving towards the various goals one has set at different life stages.

now lets get on to tax ko kaise bachaye.

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How to Save Income Tax in India

  • Use up your Rs 1.5 lakh limit under Section 80C.
  • 2) Contribute to the National Pension System.
  • 3) Pay Health Insurance Premiums.
  • 4) Get a deduction on your rent.
  • 5) Get a deduction on the interest on your home loan.
  • 6) Keep some money in your savings account.
  • 7) Contribute to charity.

यदि आप वित्त वर्ष की शुरुआत से ही प्लानिंग करते हैं तो यह बेहतर रणनीति होगी। दरअसल, टैक्स सेविंग की सही रणनीति केवल कर का भार घटाने से जुड़ी हुई नहीं होती है। बल्कि इसकी प्लानिंग में अधिकतम रिटर्न हासिल करने के साथ-साथ जोखिम को एक सीमा के भीतर रखने पर भी ध्यान देना होता है। यही वजह है कि कोई भी व्यक्ति अपने वित्तीय लक्ष्य को ही ध्यान में रखकर टैक्स सेविंग की अपनी योजना बनाता है। यह टैक्स पेयर की उम्र, उसकी जरूरत और जोखिम लेने की उनकी क्षमता पर निर्भर होता है। 

करदाताओं के लिए टैक्स बचाने के कई विकल्‍प उपलब्ध हैं। अपनी टैक्स बचत को बढ़ावा देने के लिए सभी विकल्पों को देखना और तुलना करना आपके लिए फायदेमंद है। 

tax ko kaise bachaye
80 c an important tool in tax saving

पहला और सबसे महत्वपूर्ण विकल्प आयकर अधिनियम के अध्याय 6-ए का अनुच्छेद 80सी है। आप पीपीएफ, एनएससी, पांच साल के सावधि जमा, जीवन बीमा के प्रीमियम के भुगतान, टैक्स बचाने वाले म्युचुअल फंडों में निवेश कर सकते हैं और एक साल में 1.5 लाख रुपये तक की कटौती का लाभ पा सकते हैं। इन निवेशों के साथ, आप अनुच्छेद 80सी के तहत बच्चों के शिक्षण शुल्क, होम लोन के पुनर्भुगतान जैसे विभिन्न खर्चों का भी दावा कर सकते हैं। 

इसी तरह, आप स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के भुगतान के लिए एक वित्त वर्ष में 25,000 रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। अनुच्छेद 80सी के 1.5 लाख रुपये के अलावा, आप राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में निवेश कर सकते हैं और अनुच्छेद 80सीसीडी के तहत 50,000 रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। निर्दिष्ट फंड या धर्मार्थ ट्रस्टों को किए गए किसी भी दान का दावा पूरी तरह से या आंशिक रूप से अनुच्छेद 80जी के तहत किया जा सकता है। कई अन्य रास्ते हैं जैसे कि अनुच्छेद 80ईई के तहत शिक्षा ऋण पर दिए गए ब्याज की कटौती, अनुच्छेद 80टीटीए के तहत बचत खाते पर अर्जित ब्याज में कटौती आदि।  

आप एक स्व-अधिकृत संपत्ति के लिए हो लोन पर एक वित्‍त वर्ष के दौरान अधिकतम 2 लाख रुपये तक के ब्याज का दावा भी कर सकते हैं। वर्ष की शुरुआत में सभी उपर्युक्त तरीकों को जानने और समझने से आप अपने टैक्स में बड़े भुगतान की बचत कर सकते हैं। 


कैसे एक कर बचत योजना बनाने के लिए कदम बढ़ाएँ।

चरण 1: आयकर अधिनियम, 1961 की विभिन्न धाराओं के तहत उपलब्ध सभी तरीकों को पहचानें और तुलना करें। 

चरण 2: टैक्स बचाने के अपने लक्ष्यों को अपने विशिष्ट दीर्घकालिक लक्ष्यों जैसे शादी, बच्चों की शिक्षा के साथ अलाइन करें। 

चरण 3: अपनी जोखिम की क्षमता के आधार पर तरीके चुनें और निवेश करें। उदाहरण के लिए, अपने करियर के प्रारंभिक चरण में या उच्च आय संरचना वाला एक व्यक्ति ज्यादा जोखिम लेने के लिए तैयार होता है। वह अपने निवेश का 80% से अधिक टैक्स बचाने वाले म्युचुअल फंड, यूलिप या एनपीएस जैसे बाज़ार से जुड़े विकल्पों में लगा सकता है।

 चरण 4: एकमुश्त निवेश से बचें और व्यवस्थित निवेश योजना की ओर बढ़ें। यह आपको वर्ष के मध्य में नकदी संकट से बचाएगा।

for more information you can visit the income tax portal of government of india.

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नियमित और व्यवस्थित निवेश टैक्स की असमान कटौती को कम करेगा

अपने टैक्स की योजना बनाने का मुख्य उद्देश्य वित्त वर्ष के अंत में टैक्स की एकमुश्त राशि देने से बचना है। इससे बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उस वर्ष के लिए अपनी कर देयता की गणना करें और फिर अपनी मेहनत से कमाए गए धन को मासिक रूप से निवेश करें। इससे मासिक आधार पर स्रोत पर आपकी कर कटौती कम होगी और आपकी कुल आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। यदि आप अंतिम मिनट की प्रतीक्षा करते हैं और वर्ष के अंत में एकमुश्त निवेश करते हैं, तो अंत में स्रोत पर कर की एक बड़ी राशि काट ली जाएगी। इससे आप वित्तीय संकट में भी पड़ सकते हैं। एक नियमित और व्यवस्थित निवेश आपको अंत में भारी टैक्स का भुगतान करने से बचाएगा।  

some important tax saving intruments, discussed in detail.

Kisan Vikas Patra

India Post introduced the Kisan Vikas Patra as a small saving certificate scheme in 1988. Its primary objective is to encourage long-term financial discipline in people. As per the latest update, the tenure for the scheme is now 124 months (10 years & 4 months). The minimum investment is Rs. 1000 and there is no upper limit. And if you invest a lumpsum today, you can get double the amount at the end of the 124th month. Initially, it was meant for farmers to enable them to save for long-term, and hence the name. Now it is available for all. To prevent the possibilities of money laundering, the 2014 government made PAN Card proof compulsory for investments above Rs. 50,000. To deposit Rs. 10 lakhs and above, you must submit income proofs (salary slips, bank statement, ITR document etc.). It is a low-risk savings platform, where you can safely park your money for a certain period. Further, it is also mandatory to submit AADHAAR number as proof of identity of account holder.

invest in PPF Account

Public provident fund is a popular investment scheme among investors courtesy its multiple investor-friendly features and associated benefits. It is a long-term investment scheme popular among individuals who want to earn high but stable returns. Proper safekeeping of the principal amount is the prime target of individuals opening a PPF account.

A minimum of Rs. 500 and a maximum of Rs. 1.5 Lakh can be invested in a provident fund scheme annually. This investment can be undertaken in a lumpsum or installment basis. However, an individual is eligible for only 12 yearly instalment payments into a PPF account. Investment in a PPF account has to be made every year to ensure that the account remains active.

Public provident funds provide the benefit of availing loans against the investment amount. However, the loan will only be granted if it is taken at any time from the beginning of 3rd year till the end of the 6th year from the date of activation of account.

The maximum tenure of such loans against PPF is 36 months. Only 25% or less of the total amount available in the account can be claimed for this purpose.

More information will be updated to this article soon.

till then happy reading – milte hai.

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यह लेख तथ्यों और आंकड़ों पर आधारित है, अगर आपको यह लेख पसंद आया तो कृपया कमेंट और शेयर जरूर करें।

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क्या आप शादी के लिए लड़का या लड़की ढूंढ रहे हैं तो आप सही जगह पर आ गए हैं। कनेक्टिविटी के कारण, पूरी दुनिया बहुत छोटी हो गई है और ऑनलाइन एक परिपूर्ण मैच मिल सकता है। लड़के या लड़की की शादी के लिए ऑनलाइन खोज करें। Shadi ke Liye Ladka Ladki Khoje Online.

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अब शादी के लिए लड़का या लड़की ढूंढ़ना बहुत ही आसान हे। इस पोस्ट में आप जानेगे शादी के लिए लड़का या लड़की कैसे तलाश करे। हर उम्र हर जाती की लड़की और लड़को से संपर्क करने का तरीका में आपको बताऊंगा। इस पोस्ट को पूरा पड़े इस में आपको शादी के लिए लड़की या लड़का ढूंढ़ना आसान हो जायगा।

शादी करने के लिए नीचे कुछ तरीके हैं जिन्हें अपनाया जा सकता है। in Shadi ke Liye Ladka Ladki Khoje Online. लड़के या लड़की की शादी के लिए ऑनलाइन खोज करें।

  • आपकी अपनी ही कास्‍ट में कई बिचौलिए या शादी करवाने वाली एजेंसीस
  • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रिश्‍ते जोड़ने में आजकल फेसबुक भी अहम भूमिका निभा रहा है। आप अपनी सोशल लाइफ पर ज़रा ज्‍यादा ध्‍यान दें। हो सकता है कि आपको आपका जीवनसाथी फेसबुक या अन्‍य किसी सोशल साइट पर मिल ही जाए।
  • अखबारों या मैगज़ीन में मैट्रिमोनियल विज्ञापन आपने अखबारों या मैगज़ीन में मैट्रिमोनियल विज्ञापन तो देखे ही होंगें। अगर आप अपने जीवनसाथी की तलाश कर के थक चुके हैं तो बस ऐसी जगहों पर विज्ञापन दे दें। इसके बाद खुद आपके पास ऑफर्स आने लगेंगें।
  • ब्‍लाइंड डेट्स अगर आपको शादी के लिए कोई परफैक्‍ट पार्टनर नहीं मिल रहा है तो आप ब्‍लाइंड डेट भी ट्राई कर सकते हैं। इसका एक फायदा आपको ये भी होगा कि अगर आपको अपनी ब्‍लाइंड डेट का पार्टनर पसंद नहीं आया तो उनसे पीछा छुड़ाना आपके लिए ज्‍यादा मुश्किल काम नहीं होगा।

  • या मैट्रिमोनियल साइट्स
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ऑनलाइन लड़का या लड़की या दुल्हन और दूल्हे को खोजने के लिए कुछ वेबसाइटें हैं, जिनमें से कुछ बहुत लोकप्रिय हैं। वैवाहिक वेब साइटों में से कुछ नीचे सूचीबद्ध हैं।

एक पुस्तक के अनुसार, जो दक्षिण एशिया में विवाहों पर केंद्रित है, भारत में 1500 से अधिक वैवाहिक वेब साइटें हैं। एक अलग सर्वेक्षण में बताया गया है कि भारत में 2600 से अधिक वैवाहिक वेब साइटें हैं जिनमें से 700 से अधिक समुदाय निकायों के विस्तार हैं जिन्होंने विशिष्ट समुदायों के बीच व्यवस्थित विवाह में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। अगर आप अरेंज मैरिज करना चाह रहे हैं। जब भारत में हजारों ऑनलाइन वैवाहिक साइटों से चुनने की बात आती है, तो आपको बहुत समस्या होती है।

शीर्ष रेटेड भारतीय वैवाहिक वेब साइटों में से कुछ हैं:

  1. Shaadi
  2. Bharat Matrimony
  3. Jeevansaathi
  4. Findiit

ये भारत में अब तक के सबसे अच्छे मैचमेकिंग साइट हैं जिनमें सबसे अधिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं।

तलाक और दूसरी शादी के लिए वैवाहिक वेब साइट।

  1. Divorce Matrimony (Part of Bharat Matrimony)
  2. Second Shaadi (Not affiliated to Shaadi.com)

ये भारत में दूसरी शादी के बाजार को लक्षित करने वाली वैवाहिक साइटें हैं।


NRI के लिए वैवाहिक साइटें

6. NRI Shaadi (Affiliated to Shaadi.com)
7. NRI Matrimony (Affiliated to Bharat Matrimony)
8. NRI Marriage Bureau (NRIMB.com)

यदि आप विदेश में शादी करने का सपना देखते हैं या इसके विपरीत अगर कोई एनआरआई भारत में शादी करना चाहता है तो ऑनलाइन देखना सबसे उपयुक्त तरीका है लेकिन कृपया सावधानी से आगे बढ़ें।

क्षेत्रीय अन्य जातियों के लिए वैवाहिक वेब साइटें विशेष मामले और अधिक वैवाहिक वेब साइटें

9. Chavara Matrimony
10. M4Marry
11. Kalyan Matrimony 12. Eenadupellipandiri
13. Kaakateeya.com 14. Sai Sankara Matrimonials
15. Kammavar Kalyanamalai
16. KM Matrimony 17. Mangalashtak
18. Pavitravivah 19. Muslim Matrimony (Affiliated to Bharat Matrimony)
20. Shaadi.com’s Muslim Matrimony site
21. Nikah.com 22. Christian Matrimony (Affiliated to Bharat Matrimony)
23. Jeevansathi’s Christian Matrimony
24. Shaadi.com’s Christian Matrimony
25. Holy Matrimony
26. Angel Matrimony 27. Medico Life Partner
28. Medical Matrimony 29. Love Vivaah
30. FreeSathi
31. Positive Saathi
32. Idontwantdowry
33. iBlueBottle
34. Life Partner
35. Matrimonials India
36. Bandhan
37. Vivaah
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अब मुख्य भाग आता है कि कैसे इस सभी वैवाहिक वेब साइटों का उपयोग किया जाए। in Shadi ke Liye Ladka Ladki Khoje Online. लड़के या लड़की की शादी के लिए ऑनलाइन खोज करें।

इसके लिए सबसे पहले इसके विभिन्न वेबसाइटों में से एक पर पंजीकरण करना आवश्यक है। प्रारंभिक पंजीकरण अधिकतम वेबसाइटों पर मुफ़्त है। पंजीकरण के बाद वर या वधू का प्रोफाइल बनाना होगा। इसमें सही विवरण और उचित तस्वीरें प्रदान करना सुनिश्चित करें क्योंकि बाद में इसे सत्यापित किया जाएगा।

उपरोक्त चरणों का पालन करने के बाद। एक वेबसाइट पर मौजूद विभिन्न प्रोफाइलों को ब्राउज़ कर सकता है लेकिन अब अगर आप किसी से संपर्क करना चाहते हैं या प्रीमियम प्रोफाइल देखना चाहते हैं तो आपको एक पेड प्लान लेना होगा। बुनियादी पंजीकरण विभिन्न वेब साइटों पर नि: शुल्क है लेकिन आवश्यक सेवाओं की संख्या बढ़ने पर विभिन्न कीमतें कार्रवाई में आ जाती हैं। यह संपर्क की जा रही प्रोफ़ाइल की संख्या पर निर्भर करता है। अन्य सदस्यों को भेजे जा रहे संदेशों की संख्या। और इसी तरह यह बदलता रहता है।

ये है जीवनसाथी ढूँढने के तरीके – तो इन ऑप्‍शंस को ट्राई कर आपको अपनी पंसद का जीवनसाथी जरूर मिल जाएगा। य‍कीन मानिएगा ये ऑप्‍शंस आपकी मुश्किल को जरूर खत्‍म करेंगें।

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Why Online Presence is Important for Your Business

So What that great about being online.

here are the 9 reasons for why having an online Presence is Important for Your Business.

In the Digital Age, it is Absolutely Essential for your Business to have an Online Presence. Whether it’s a Website, an E-Commerce Platform, an App, social media page or a Combination of All Four. Getting your Company online will reap major benefits. Even if your Company does not sell its products or services, or do business online. Customers and potential customers are expecting to see you online. If they don’t see you there, you could be losing out on the opportunity to increase your customer base and get the word out about your business.

there are a lot of advantages of having a digital presence, some major one of them we will cover here.

online links are always open

a website or app is open 24 hours without any human support so no need of manual labor to run the store front. orders form night or previous day can easily be catered next day itself. Your physical store may be open 8-12 hours per day. This leaves another 12-16 hours where you could be selling products or providing information to potential customers. A digital presence means that they see your business and your products 24 hours a day, 7 days a week, 365 days per year. This can double your profits and grow your business even while you are sleeping. This will also give a boost to your marketing efforts, which for many SME’s just starting out, are lackluster at best.

Accessibility, its easier to find through online presence

It is essential for both small and large businesses to maximize on the benefits of having a strong web presence. Aspects such as dynamic search algorithms and social networks are influential in the process of making it easier for customers to locate different businesses online. A business that does not have an online PRESENCE is regarded as non-existent in the modern and competitive business environment.

According to Google, 97% CONSUMERS use the web to search for local businesses 

Effective Marketing of products & services

Online presence makes it easier for you to market your business and sell your products. A properly designed and informative website with well written content enables customers to make informed purchasing choices. The web provides a marketing platform that gives you a cost effective way to reach a wider audience than conventional marketing techniques.

scope of reaching a large audience

if the product or service is delivarable, you can reach a huge amount of audiences or get leads and can get sucessful in converting any of them.

Why Online Presence is Important for Your Business
the mantra for success ” online presence “

very easy to create queries and respond in detail and person in digital world

with all the online this that, a progress well made, results in a stronger brand ultimelty.

Friends in the mean while i would like to discuss something very important with you all then we will continue with the advantages of online presence.

About venture9.in

the publishers of this very article, run more than 19 websites & blogs. Under the Brand Name of Venture9.in. We are involved mostly with, in house development with limited client work. we are a global brand dealing mainly in web development, graphics designing, content development, social media promotions and much more.

But this all dosen’t mean that we are too busy at all, we are always open for quility projects and believe us we dont have any intentions to make a buck out of it rather we are here for the learning part of it.

if you have any project, or leads, or questions, we are always here to guide you on the correct path, all needed is to just ask.

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Why Online Presence is Important for Your Business
One of the funny truth of today’s online world, everybody is a part of it.

Well lets continue on the remaining part of discussing advantages of having a online presence.

why there is a need for a website

All businesses, no matter how small, should have a website. It can be extremely basic, but it should contain the fundamental information customers – both existing and potential – need.

importance of social media

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advantage of Review & Ratings in the online world

Offline its always not available but in the online world, people look for it. it’s a must & believe me how much or however you try to fake it. the truth will always come out there.

Having best-in-class consumer-generated ratings and reviews is more important than ever. It’s become an expected and influential part of the purchase journey. Ratings and reviews rank high among the top factors impacting purchasing decisions, coming in at second, just behind price. The reason: Consumers trust them.

Online Shopping is Here and it’s Going to Stay

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सख्त जनसंख्या नियंत्रण कानून है समय की मांग

आज जब मैं यह आर्टिकल लिख रहा हूँ तब तक हमारे देश की जनसंख्या लगभग 1,378,085,550 हो चुकी होगी, जो कि प्रति सेकंड तेजी से बढ़ रही है और अनुमान है कि इस वर्ष के मध्य तक यह 1,380,004,385 होगी।

पूरे विश्व की कुल जनसंख्या का 17.7% जनसंख्या हमारे देश की हो चुकी है जो कि एक गम्भीर चिंता का विषय है। यदि हमारे देश की जनसंख्या इसी तीव्र गति से बढ़ती रही तो एक दिन हमारा देश चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश बन जायेगा। जिसके परिणामस्वरूप सिर्फ गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी ही हमारी पहचान होगी।

भयावह जनसंख्या विस्फोट को देखते हुए अब देश में एक कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग जोरों से उठने लगी है। सांसद सदस्य प्रो राकेश सिन्हा द्वारा 2019 में संसद के सत्र में भी इसी तरह की चिंताओं को उठाया गया था जब उन्होंने राज्य सभा में एक निजी सदस्य विधेयक, जनसंख्या नियमन विधेयक, 2019 पेश किया था। जिसके बाद देश के एक बड़े वर्ग द्वारा इस तरह के जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने की मांग जोर पकड़ने लगी।

जनसंख्या वृद्धि और संसाधनों की उपलब्धता पर जारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत वर्ष 2027 तक दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन से आगे निकलने की ओर अग्रसर है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि, “भारत में 2019 और 2050 के बीच लगभग 273 मिलियन लोगों के और जुड़ने की उम्मीद है और यह वर्तमान सदी के अंत तक दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश रहेगा, लगभग 1.5 बिलियन निवासियों के साथ चीन में 1.1 बिलियन लोग हैं।”

रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि भारत की जनसंख्या वृद्धि दर के साथ आबादी का प्रक्षेपण दुनिया में आकार के अनुसार अपनी रैंकिंग को फिर से आदेश देगा जो कि खतरनाक है और सरकार और नागरिक समाज को शामिल करने वाले किसी भी विचार-विमर्श के केंद्र में होना चाहिए। भारत की जनसंख्या के आकार, संरचना और वितरण में इन महत्वपूर्ण परिवर्तनों का भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण की स्थिरता पर गंभीर परिणाम होंगे।

जनसंख्या स्थायी विकास से संबंधित किसी भी कार्य के मूल में है, इस प्रकार जनसंख्या-विकास और शहरीकरण के जनसांख्यिकीय मेगाट्रेड्स स्थिरता के लिए गंभीर चुनौतियां हैं। इसलिए, अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि का परिणामी प्रभाव, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने के लिए नीचे की ओर गति करेगा, जो पर्यावरण की रक्षा करते हुए आर्थिक समृद्धि और सामाजिक कल्याण में सुधार के लिए सार्वभौमिक रूप से सहमत उद्देश्य हैं। इस प्रकार, भारत सरकार की ओर से समय पर हस्तक्षेप न केवल भविष्य की जरूरतों की आशा करने में बल्कि एक कुशल तरीके से जनता की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए नीतियों के विकास और योजना के लिए एक लंबा रास्ता तय करेगा।

जनसांख्यिकीय लाभांश के आख्यानों के आसपास के मिथक का पर्दाफाश किया गया है क्योंकि बेरोजगारी और असमानता के स्तर में वृद्धि हो रही है, जिसे ज्यादातर factors डिजिटल-व्यवधान ’और मशीनीकरण के साथ भूमंडलीकरण के कारकों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। यह आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय क्षेत्रों के लिए एक राष्ट्रीय कार्रवाई नीति ढांचे की आवश्यकता को जनता के जीवन और आजीविका की सुरक्षा के लिए आवश्यक करता है।

रहने योग्य स्थान के लिए लगातार बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ, महत्वपूर्ण संसाधन जैसे पानी, भूमि, आदि, और आर्थिक विकास और आजीविका की संभावनाएं 21 वीं सदी में सबसे बड़ी चुनौती बन गई हैं। इन परिणामी जनसांख्यिकीय परिवर्तनों ने आज भारत के लगभग सभी राज्यों में विभिन्न हितधारकों के संसाधनों और अवसरों के वितरण में असमानताओं को और बढ़ा दिया है।

तथ्य यह है कि अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि और संबद्ध खपत पैटर्न ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन से लड़ने के हमारे प्रयासों को गंभीर रूप से खतरे में डाल रहे हैं। जैसा कि भारत के कई क्षेत्रों में natures संसाधनों के ऐसे अनियंत्रित और निरंतर उपयोग के परिणामों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही के मामले में तमिलनाडु में चेन्नई के लोगों द्वारा पानी की गंभीर कमी का सामना किया जा रहा है।

भारत में दुनिया की आबादी का लगभग 18 प्रतिशत है और इसके निपटान में दुनिया के केवल 4 प्रतिशत जल संसाधन हैं, जो स्थिति को बहुत चिंताजनक बनाता है। सबसे बुरी बात यह है कि इस पानी का 70 फीसदी हिस्सा दूषित है और इसका इस्तेमाल अनियमित है।

NITI Aayog द्वारा प्रकाशित कम्पोजिट वाटर मैनेजमेंट इंडेक्स रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 खत्म होने तक, भारत के 21 प्रमुख शहरों का भूजल तालिका 100 मिलियन से अधिक प्रभावित होने जा रहा है, जो अपने आप में प्रकृति की वहन क्षमता को लेकर चिंता का विषय है। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि सीमित और दुर्लभ वातावरण में खिलाने के लिए बहुत सारे मुंह हैं तो सेवा वितरण कितना कम और कम हो जाएगा।

कृषि मंत्रालय द्वारा किए गए एक अध्ययन से प्राप्त आंकड़ों से पता चलता है कि जनसंख्या वृद्धि की वर्तमान दरों के साथ, भारत में 2050 तक फ़ीड करने के लिए अतिरिक्त 430 मिलियन मुंह होंगे, और जनसंख्या के साथ तालमेल रखने के लिए, अनाज उत्पाद आयन को प्रति वर्ष कम से कम 4.2% की दर से बढ़ना चाहिए, वर्तमान दर से दोगुना से अधिक जो एक मानवीय कार्य होने जा रहा है, इस तथ्य को देखते हुए कि भारत में विश्व भूमि का केवल 2.4 प्रतिशत हिस्सा है। इसलिए, हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि भारत 2018 के वैश्विक भूख सूचकांक में 119 देशों के बीच 103 वें स्थान पर क्यों है।

अनियंत्रित होने पर जनसंख्या वृद्धि से गरीबी बढ़ती है। संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ऑक्सफोर्ड गरीबी और मानव विकास पहल की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2006-2016 की अवधि के दौरान भारत 271 मिलियन लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर निकालने में सक्षम रहा है। लेकिन गंभीर चिंता की बात यह है कि भारत में अभी भी 373 मिलियन लोग हैं जो तीव्र अभाव का अनुभव करते हैं।

भारत में वर्तमान में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों की सबसे बड़ी संख्या है। अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य पर भारी प्रभाव पड़ता है। भारत की अर्थव्यवस्था वर्तमान में दुनिया में 6 वें स्थान पर है (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, 2017-18) और निकट भविष्य में $ 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था होने की ओर अग्रसर है। लेकिन इस वृद्धि ग्राफ से जो चिंता होती है वह है प्रति व्यक्ति आय का स्तर जो दुनिया में सबसे कम है। भारत सिर्फ 1,983 PCI (अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष, 2017-17) के साथ प्रति व्यक्ति आय (पीसीआई) जीडीपी में 187 देशों में 139 वें स्थान पर है।

इस प्रकार, ‘जनसंख्या नियमन विधेयक’ जैसे सक्रिय उपाय समय की आवश्यकता हैं। प्रस्तावित विधेयक दंड देने के बजाय प्रोत्साहन के सिद्धांत पर काम करता है। यह सुझाव देता है कि दो से अधिक संतानों वाले लोगों को सभी स्तरों पर चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा। इसके अलावा, यह सभी सरकारी नौकरियों में एकल बच्चे को वरीयता के लिए प्रोत्साहन (वेतन, ऋण, मुफ्त स्वास्थ्य और शिक्षा) की एक सूची देता है) जिसे सरकार अपने कर्मचारियों को दो बाल नीति का पालन करने के लिए दे सकती है।

जैसा कि आप सब देख रहे हैं कि अनियंत्रित जनसंख्या के कारण ही आज कोरोना महामारी के इस दौर में हमारा देश अनगिनत समस्याओं से जूझ रहा है तथा सरकार द्वारा दी गयी सभी सुविधाएं अपर्याप्त साबित हो रही हैं। अतः एक कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून भारत देश में समय की मांग है।

जनसंख्या पर प्रस्तावित कानून निकट भविष्य में एक वास्तविकता हो सकता है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने जनसंख्या विस्फोट को वास्तविक चुनौती और भारत की समृद्धि और विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है।

-संजय राजपूत

जानिए चेहरे को सुन्दर और आकर्षक बनाने के कुछ घरेलू और आसान नुस्खे 

कहीं ना कहीं यह बात हर कोई जानता है कि किसी भी व्यक्ति का चेहरा जब देखने में सुंदर होता है तो वह उसकी पर्सनालिटी को आकर्षक बनाने और हर एक काम में उस व्यक्ति को आगे बढ़ाने में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका रखता है। इसीलिए महिला और पुरुष चाहे कोई भी होगा अपने चेहरे को गोरा, सुंदर और आकर्षक बनाने के लिए कई प्रकार से प्रयास करते रहते हैं। क्योंकि आजकल के समय में तो लोगो के पास सुंदर और गोरा चेहरा होते हुए भी धूल मिट्टी प्रदूषण, धूप जैसे कई प्राकृतिक समस्याओ के कारण चेहरा बेजान दिखने लगते हैं। 

साथ ही उनके रोज के दिनचर्या और रहन-सहन के तरीको में भी कुछ गलतिया होती है जिनसे उनके चेहरे सुंदर होते हुए आकर्षक नही लगता। और इसमें कोई दोराय नहीं है कि जब हमारा चेहरा सुंदर और आकर्षक नहीं लगता तो लोगो के सामने हम अपने आपको दूसरो से कम समझते हैं हर एक काम में आगे रहते हुए भी हम अपनी पर्सनालटी के कारण कहीं न कहीं पीछे रह जाते हैं। लेकिन कुछ तरीको को अपनाकर चेहरे का ख्याल रखा जाए, तो चेहरे पर निखार आ सकता है। आज हम आपको चेहरे पर सुन्दरता लाने के कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे बताने वाले हैं जिन्हें अपनाकरआप अपने चेहरे को सुंदर बना सकते हैं।

* रोजाना 3 से 4 लीटर पानी पिएं
* समय पर भोजन करें
* हरी सब्जियो का सेवन जरूर करें
* फलो का सेवन करें
* अपने वजन का ध्यान रखें 
* फेस वॉश का प्रयोग कम करें
* मेकअप कम करें
* सनस्क्रीन का प्रयोग जरूर करें
* चेहरे को रोजाना दो बार जरूर धोए
* ब्यूटी प्रोडक्ट का उपयोग कम करें

जानिए चेहरे को सुन्दर और आकर्षक बनाने के कुछ घरेलू और आसान नुस्खे 

चेहरे को सुंदर बनाने के घरेलू उपाए

* एलोवेरा और शहद का प्रयोग करें
एलोवेरा में मौजूद कई प्रकार के गुण हमारे बालो से लेकर त्वचा के कई प्रकार समस्याओ को ठीक करने में मदद करती है और जब बात आती है चेहरे को सुंदर बनाने और निखारने की तो एलोवेरा का प्रयोग काफी अच्छा होता है। इसके आलावा एलोवेरा चेहरे की त्वचा को गोरा बनाने में भी मदद करती है। इसके लिए आप दो चम्मच एलोवेरा जेल और एक चम्मच शहद लेकर अच्छे से मिक्स करके अपने चेहरे पर कुछ देर के लिए मसाज करें और आधे घंटे बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें। आप इस विधि को रात में सोने से पहले भी कर सकते हैं और सुबह उठकर गुनगुने पानी से अपने चेहरे को धो लें। अगर आप कुछ दिनो तक लगातार एलोवेरा का प्रयोग करते रहते हैं तो धीरे-धीरे चेहरे का सांवलापन कम हो जाता है, चेहरे पर ग्लो आने के साथ चेहरे पर पिंपल आने जैसी कोई भी समस्या नहीं होती है।

* दही का प्रयोग करें
दही में ऐसे कई गुण होते हैं जो हमारे चेहरे को चमक देने में मदत करते हैं। दही हमारे त्वचा को मुलायम बनाने और त्वचा पर निखार लाने में मदत करती है और त्वचा को साफ करने में भी काफ़ी ज्यादा फायदेमंदती है। दही का प्रयोग केवल चेहरा ही नहीं बल्कि बालो पर भी किया जाता है दही में मौजूद तत्व हमारे चेहरे को जवां बना देती है। इसके लिए आपको आधा कप गाढ़ा दही लेना है और उसमें चुटकी भर हल्दी पाउडर मिलाकर अपने चेहरे पर कुछ देर के लिए लगा कर रखना है। जब चेहरा हल्का-हल्का सूखने लगे तो आप अपने चेहरे को उंगलियो की मदद से मसाज करते हुए गुनगुने पानी से धो लें।

जानिए चेहरे को सुन्दर और आकर्षक बनाने के कुछ घरेलू और आसान नुस्खे 

* हल्दी और दूध की मलाई
दूध की मलाई चेहरे को कोमल और मुलायम बनाने में मदद करती है। दूध में पाए जाने वाले कैल्शियम और कई मलाई में मौजूद कई प्रकार के तत्व हमारे चेहरे के लिए जरूरी होते हैं। हल्दी को तो पुराने जमाने से ही चेहरे पर प्राकृतिक सुंदरता लाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसीलिए हल्दी को ज्यादातर ब्यूटी प्रोडक्ट्स में उपयोग किया जाता है। चेहरे पर हल्दी का प्रयोग करने से पिंपल, दाग धब्बे, कील, मुंहासे जैसी कोई भी समस्या नहीं होती है और चेहरा ग्लोइंग बनता है। इसके लिए आप तीन से चार चम्मच गाढ़ा दूध की मलाई निकाल लें और उसमें दो चुटकी शुद्ध हल्दी मिलाकर रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर लगाएं और सुबह उठकर चेहरे को गुनगुने पानी से धो लेंं।

* कच्चा दूध और नींबू के रस का प्रयोग
चेहरे की त्वचा रूखी होने का कारण होता है शरीर में कैल्शियम और विटामिन की कमी। दूध कैल्शियम की आपूर्ति करता है और नींबू विटामिन C का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है और इन दोनो को मिक्स करके चेहरे पर लगाने से चेहरे की त्वचा काफी जल्दी निखरने लगती है। इस प्रयोग को करने के लिए आप तीन से चार चम्मच कच्चे दूध में एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर अपने चेहरे पर लगाएं और 10 मिनट बाद अपने चेहरे को पानी से धो लें। इस प्रयोग से आपके चेहरे पर कील मुंहासे, दाग धब्बे जैसी समस्या नहीं होगी और आपके चेहरे पर जमी सभी प्रकार गंदगी साफ़ हो जाएगी।

* पपीते से बने फेस पैक का प्रयोग करें
पपीता केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए ही नहीं बल्कि हमारे चेहरे की त्वचा के लिए भी फायदेमंद होती है। पके हुए पपीते में मौजूद तत्व हमारे चेहरे की डेड स्किन को हटाने और चेहरे के रोम छिद्रो को बंद करने में मदद करती है। पपीते का प्रयोग पूरी तरह से प्राकृतिक होता है जो हमारे चेहरे को पूरी तरह से ग्लोइंग बनाने में मदत करता है। इसके लिए आपको पके हुए पपीते को मैश करके उसमें एक चम्मच कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट की तरह तैयार कर लेना है और इस पेस्ट को फेस पैक की तरह अपने चेहरे पर आधे घंटे के लिए लगाने के बाद जब चेहरा सूखने लगे तो अपने चेहरे को पानी से धो लेना है इस प्रयोग को करने के बाद आपका चेहरा काफी ज्यादा चमक जाएगा।

जानिए चेहरे को सुन्दर और आकर्षक बनाने के कुछ घरेलू और आसान नुस्खे 

* नारियल तेल और शहद का प्रयोग
त्वचा को सुंदर और बेदाग बनाए रखने के लिए त्वचा में मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम, सेलेनियम जैसे तत्वो की खास आवश्यकता होती है और ये सभी तत्व हमारे चेहरे को शहद से प्राप्त होता है। इसीलिए शहद का चेहरे के कई प्रकार समस्या को ख़त्म करने के लिए शहद का प्रयोग किया जाता है। और नारियल तेल में मौजूद तत्व हमारे चेहरे पर नमी बनाए रखने में मदद करती है। इस प्रयोग को करने के लिए आपको एक चम्मच नारियल तेल में एक चम्मच शहद मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करना है और इस पेस्ट को रात को सोने से पहले अपने चेहरे पर लगाए और सुबह उठकर अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें।

* टमाटर रस का प्रयोग
चेहरे की कई प्रकार समस्याओ को कम करने के लिए टमाटर का रस कारगर होता है। चेहरे पर जमी धूल मिट्टी को हटाने के साथ ही स्किन को चमकाने के लिए टमाटर का उपयोग काफी ज्यादा अच्छा माना जाता है। टमाटर क प्रयोग से चेहरे पर जमी हुई धूल मिट्टी, गंदगी साफ हो जाती है। साथ ही टमाटर के प्रयोग से हमारे चेहरे पर किसी प्रकार इंफेक्शन का भी खतरा नहीं होता है। इसके लिए आप एक चम्मच टमाटर का रस निकाल लें आप चाहे तो इस रस में नींबू या अनानास का रस भी मिला कर अपने चेहरे पर लगा सकते हैं। इस रस को आप अपने चेहरे पर पैक की तरह लगाकर हल्के हाथो से दो-तीन मिनट के लिए मसाज करें और फिर पानी सेे चेहरे को धो लें।

* तेल से मालिश करें
चेहरे की चमक और चेहरे को मुलायम बनाए रखने के लिए चेहरे को मसाज करना जरूरी है। हफ्ते में कम से कम 2 बार शुद्ध बादाम, सरसो या नारियल के तेल से 5 मिनट तक अपने चेहरे की मसाज करें। मसाज करने से आपके चेहरे का रक्त संचार बढ़ता है और चेहरा ग्लोइंग होता है। मसाज करने के लिए आप नारियल तेल या शुद्ध सरसो के तेल का भी उपयोग कर सकते हैं। बदाम के तेल में विटामिन, प्रोटीन आयरन और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होता है इस तेल से मसाज करने से चेहरे पर रूखापन नहीं होता।

गर्मियो के मौसम में अपने चेहरे की चमक को बनाए रखने के लिए अपनाएं इन घरेलू नुस्खो को।

चेहरा हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण पार्ट होता है जिस पर हर कोई सबसे ज्यादा ध्यान देता है। चेहरे को सुंदर और शाइनी बनाने के लिए लोग क्या नहीं करते कई प्रकार के महंगे क्रीम और प्रोडक्ट का उपयोग से चेहरे को सुंदर और चमकदार बनाने की कोशिश करते रहते हैं। चेहरा गोरा हो या काला जब तक चेहरे पर एक शाइन और चमक नहीं आती तब तक हमारा चेहरा चमकदार और आकर्षित नहीं लगता। चेहरे के स्किन में भी अगर एक चमक रहती है तो ऐसे चेहरे की बात ही कुछ और होती है। लेकिन गर्मियो के मौसम में हमारे चेहरे की चमक खो सी जाती है।

ऐसे में आज के इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको चेहरा चमकदार बनाने के कुछ घरेलू नुस्खे बताने वाले हैं, जिन्हें करने से आपको किसी प्रकार के साइड इफेक्ट नहीं होंगे और इन घरेलू नुस्खो को अपनाकर आप चमकदार चेहरा पा सकते हैं।

* शहद और नींबू का प्रयोग करें

शहद हमारे त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होता है। यह हमारे त्वचा पर जमी गंदगी को साफ करके उन्हें चमकदार बनाने में मदद करती है। ऐसे में चेहरे को चमकदार बनाने के लिए आप शहद का प्रयोग करें। शहद की मदद से आपकी त्वचा में जामी एक्स्ट्रा ऑयल निकल जाएगी और चेहरे के पोर्स भी बंद हो जाएंगे। इसके लिए आपको थोड़ा सा शहर लेकर अपने चेहरे पर हल्के हाथो सेे अच्छे से मसाज करना है और फिर पानी से अपने चेहरे को धो लेना है। इस प्रयोग से आपके चेहरे की डेड स्किन भी हट जाएगी और त्वचा में कॉलेजन की मात्रा बढ़ेगी जिससे चेहरे की त्वचा चमकदार बनती है।

* दही का प्रयोग करें

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए दही का प्रयोग किया जा सकता है। क्योंकि दही में ऐसे कई गुण पाए जाते हैं जो चेहरे को साफ और चमकदार बनाने में काफी फायदेमंद होते हैं। इससे त्वचा में नमी पहुंचती है, चेहरे की गंदगी साफ होती है इस प्रयोग को करने के बाद हमारे चेहरे की स्किन भी काफी नरम हो जाती है। दही का प्रयोग करने के लिए आप दो चम्मच गाढ़ा दही लें और इसे पेस्ट की तरह अपने चेहरे पर अच्छे से लगाए और मसाज करते हुए अपने चेहरे को आधे घंटे बाद गुनगुने पानी से धो लें।

* मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करें

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग सबसे आसान और अच्छा उपाय होता है। इससे चेहरे पर जमी सभी गंदगी साफ हो जाती है और चेहरे की डैड स्कीन भी हट जाती हैं। मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करने के लिए आपको थोड़ा सा मुल्तानी मिट्टी और थोड़ा सा गुलाब जल लेकर इन दोनो को अच्छे से मिलाकर अपने चेहरे पर आधे घंटे के लिए लगाकर छोड़ देना है और करीब आधे घंटे बाद अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। यह प्रयोग आपके चेहरे को चमकदार बनाने में काफ़ी ज्यादा फायदेमंद होता है।

* चंदन का प्रयोग करें

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए चंदन का फेस पैक बेहद अच्छा होता है। हम सभी जानते हैं कि चंदन को कई प्रकार के क्रीम बनाने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। क्योंकि चंदन में मौजूद कई प्रकार के गुण हमारे चेहरे को प्राकृतिक सुंदरता और चमक देने में मदद करती है। आप अपने चेहरे को चमकदार बनाने के लिए चंदन के फेस पैक का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप चंदन पाउडर में थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर क्रीम की तरह अपने चेहरे पर कुछ देर के लिए लगा लें और फिर अपने चेहरे को पानी से धो लें।

* बेसन और लैवंडर ऑयल का प्रयोग करें

चेहरे को चमकाने के लिए आप लैवंडर और और बेसन का प्रयोग कर सकते हैं। इसके लिए आपको दो से तीन चम्मच शुद्ध बेसन और तीन से चार चम्मच लैवंडर ऑयल लेकर दोनो को अच्छे से मिला लेना है। इस मिश्रन को फेस पैक की तरह अपने चेहरे पर लगाना है और करीब आधे घंटे बाद अपने चेहरे को सर्कुलर मोशन में मसाज करते हुए अपने चेहरे को पानी से धो लें।

* हल्दी और पुदीना का प्रयोग करें

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए हल्दी और पुदीने का प्रयोग किया जा सकता है। पुदीने के प्रयोग से चेहरे की त्वचा तेल रहित हो जाती है और इससे मुहांसो की समस्या भी नहीं होती। हल्दी को प्राकृतिक तौर से चेहरे की अच्छी त्वचा और चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसके लिए आपको शुद्ध हल्दी पाउडर में पुदीने का रस मिलाना है और अपने चेहरे पर कुछ देर के लिए लगाने के बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लेना है।

* टमाटर जूस 

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए टमाटर जूस का प्रयोग काफी अच्छा होता है यह आपके चेहरे की चमक बढ़ाने में मदद करती है। चेहरे की धूल मिट्टी को हटाने और स्किन को चमकदार बनाने के लिए आप थोड़ा सा टमाटर का रस निकाल ले और उस रस को अपने चेहरे पर लगाकर कुछ देर सर्कुलर मोशन में अपने चेहरे को हल्के हाथो से मसाज करें और कुछ देर बाद अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें। इस प्रयोग से आपके चेहरे पर एक अलग सी चमक आ जाएगी।

* पपीते का प्रयोग करें

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि पपीता हमारे सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है और यह हमारे चेहरे के लिए काफी उपयोगी भी होती है। पके हुए पपीते का प्रयोग करने के लिए आपको थोड़ा सा पका हुआ पपीता लेना है और उसे मैश करके एक चम्मच कच्चे दूध के साथ अपने चेहरे पर लगाकर कुछ देर के लिए सूखने देना है, जब यह पूरी तरह सूख जाए तो अपने चेहरे को पानी से धो लेना है।

* गेंदे के फूल का प्रयोग करें

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए गेंदे का फूल एक बेहद अच्छा उपाय होता है। गेंदे के फूल के प्रयोग से आपके चेहरे पर एक अलग निखार आएगी और आपका चेहरा चमकदार बनेगा। इस प्रयोग को करने के लिए सबसे पहले आपको कुछ गेंदे के फूलो की आवश्यकता होगी। इसके लिए आप सबसे पहले गेंदे के फूल की पंखुड़ियो को अच्छे से पीस लें और उसमें थोड़ा सा शहद मिलाकर फेसबुक की तरह बना कर अपने चेहरे पर लगाएं और जब यह सूख जाए तो अपने चेहरे को गुनगुने पानी की मदत से अपने चेहरे को धो लेंं।

* बेकिंग सोडा का प्रयोग करें

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए बेकिंग सोडा का प्रयोग काफ़ी फायदेमंद होता है। त्वचा के पोर्स को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा का उपयोग काफी कारगर होता है। ये हमारे चेहरे को काफ़ी गहराई से साफ़ करके उन्हें चमकदार बनाने में मदद करता है। इसके लिए आपको थोड़े से गर्म पानी में थोड़ा सा सोडा मिलाकर अपने चेहरे पर 30 सेकंड के लिए लगाकर छोड़ देना है। 30 सेकंड बाद आप अपने चेहरे को सर्कुलर मोशन में मालिश करते हुए पानी से धो लें।

गर्मियो के मौसम में अपने चेहरे की चमक को बनाए रखने के लिए अपनाएं इन घरेलू नुस्खो को।

इन घरेलू नुस्खो को करने के अलावा आप नीचे बताए गए सभी चीजो का सेवन करते हैं। हमारे द्वारा बताए गए इन घरेलू नुस्खो को करने के आलावा अगर आप हमारे द्वारा बताए गए सभी चीजो का सेवन करते हैं, तो जल्द ही आपके चेहरे पर ग्लो और चमक आ जाएगी और यह चमक आपके चेहरे पर हमेशा के लिए बरकरार रहेगी।

* नींबू पानी 

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए नींबू पानी का सेवन करना चाहिए। नींबू में मौजूद विटामिन C आपकी त्वचा को साफ बनाने में मदद करती है। साथ ही अगर आप नींबू पानी का सेवन करते हैं तो आपके चेहरे की त्वचा रूखी नहीं होती और चेहरे पर डार्क स्किन जैसी कोई समस्या भी नहीं होती है।

* खट्टे फलो के जूस का सेवन करें

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए जूस का सेवन एक बेहद अच्छा उपाय होता है। जूस का सेवन करने से चेहरे पर चमक आती है आपका चेहरा ग्लोइंग होता है। साथ ही अगर आप ज्यादातर खट्टे फलो के जूस जैसे संतरा, किवी, अनारस आदि के जूस का सेवन करते हैं तो यह और भी अच्छा होता है।

* तुलसी पत्ते का पानी

चेहरे को चमकदार बनाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर तुलसी के पत्ते काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं।तुलसी के पत्ते चेहरे पर ग्लो लाने में मदद करता है इसके लिए आप एक मुट्ठी तुलसी के पत्ते को एक गिलास पानी में उबालकर आधा कर दें और उस उबले हुए पानी को सुबह खाली पेट चाय की तरह सेवन करें।

* खाली पेट पानी जरूर पिएं

चेहरे पर चमक को बरकरार रखने के लिए चेहरे की त्वचा में नमी बनाए रखना जरूरी है। किसी भी व्यक्ति को सुबह खाली पेट पानी पीने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होता है। केवल चमकदार त्वचा ही नहीं हमारे शरीर के लिए भी ये बेहद जरूरी होता है। इसके अलावा दिन भर में ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। हमारे चेहरे से लेकर हमारे शरीर के अंदर के सभी अंगों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए सुबह खाली पेट पानी पीने के साथ दिन भर में 4 से 5 लीटर पानी पीना जरूरी होता है।

* चॉकलेट का सेवन करें  

चेहरे पर चमक लाने के लिए डूइंग के अलावा चॉकलेट का सेवन अच्छा माना जाता है क्योंकि चॉकलेट में ऐसे कई पोषक तत्व होते हैं जो चेहरे को पोषण देने के लिए जरूरी होता है। चेहरे की स्किन के लिए चॉकलेट बेहद फायदेमंद होता हैं चॉकलेट के सेवन से स्किन मुलायम और चिकनी होती है।

* चेहरे की मसाज करें

चेहरे पर चमक लाने और उस चमक को हमेशा बरकरार रखने के लिए आपको अपने चेहरे की मसाज करनी चाहिए। मसाज करने के लिए आप शुद्ध नारियल तेल का प्रयोग करें सबसे पहले आप नारियल तेल को हल्का गर्म करें और फिर अपने चेहरे को हल्के 15 मिनट तक हल्के हाथो से करें।

इस लाफटर डे चलिए जानते हैं हंसने के फायदो के बारे में और इस दिवस से जुड़ी सभी जानकारी

“वर्ल्ड लाफ्टर डे” की शुरुआत

“वर्ल्ड लाफ्टर डे” की शुरुआत भारत से हुई थी जिसका श्रेय लाफ्टर योग आंदोलन के संस्थापक डॉ मदन कटारिया को जाता है। उन्होंने ही 10 मई साल 1998 में मुंबई में पहली बार “वर्ल्ड लाफ्टर डे” मनाया था। मई महीने के पहले रविवार को दुनिया भर के 70 से भी ज्यादा राष्ट्र विश्व हास्य दिवस को मनाते हैं, जिसका उद्घाटन 10 मई साल 1998 में हुआ था। 

“वर्ल्ड लाफ्टर डे” मनाने का उद्देश्य

इस दिवस को मनाने के पीछे का सबसे बड़ा उद्देश्य था समाज में बढ़ते तनाव को कम करना। आजकल लोगो के जिंदगी में बढ़ रही परेशानिया और गलत दिनचर्या के कारण लोगो के जीवन में हंसने के मौके काफी कम होते जा रहे हैं। ऐसे में साल 1998 में सोचा गया था कि क्यों ना कुछ ऐसा किया जाए जिस बहाने से लोग एक दूसरे से बात करें और थोड़ी देर के लिए सही अपने तनाव और चिंता को भूल कर हंस लें।

इस लाफटर डे चलिए जानते हैं हंसने के फायदो के बारे में और इस दिवस से जुड़ी सभी जानकारी

इस दिवस को मनाने का एक मकसद यह भी होता है कि लोगो को हंसने के फायदों के बारे में जानकारी मिले। लोगो में खुशिया फैले इस दिन को खास बनाने के लिए लोग अपने दोस्तों को हंसी और प्यार भरे खाश संदेश, चुटकुले भेजते हैं जिससे लोगो में हंसी और खुशी का संचार होता है। विश्व हास्य दिवस का उत्सव विश्व शांति के लिए भी महत्व्तपूर्ण है।  

कब मनाई जाती है “वर्ल्ड लाफ्टर डे”

लोगो के जिंदगी में मनाने की तिथि की बात करें तो यह दिन हर साल मई महीने में मनाया जाता है। हालांकि इसकी तारीख अलग-अलग होती है क्योंकि मई महीने में पढ़ने वाले पहले रविवार के दिन इस दिवस को मनाया जाता है। यह दिवस अपने आप में ही बेहद खास दिवस है आज की दुनिया में छोटा-बड़ा, बूढ़ा- जवान हर कोई अपने परेशानियो से परेशान हैै।

“वर्ल्ड लाफ्टर डे” के बहाने ही सही चेहरे पर हंसी लाना हंसी आ जाए वह भी बहुत बड़ी बात है। हंसी सुनने में ही कितनी अच्छी लगती है लोगो को हंसते हुए देखना, खुद हंसना साथ ही दूसरो को हंसने और हंसाने का मौका देना बेहद बड़ी बात होती है। क्योंकि यह दो पल की वह खुशी है जो किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है और मन को हल्का करती है।

हंसने के फायदे

अगर कोई अनिद्रा की समस्या से जूझ रहा है तो दिन में ज्यादा से ज्यादा हंसने के मौके खोजने चाहिए। ऐसा करने से अनिद्रा की परेशानी खत्म हो जाती है हंसने से शरीर में मेलाटोनिन का उत्पादन होता है जो कि हमारे दिमाग से रिलीज होने वाला एक ऐसा हरमन है जो सुकून भरी नींद दिलाने में हमें मदद करती है। हंसने से रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी वृद्धि होती है जो कि आज के समय को देखते हुए बच्चा, बूढ़ा, जवान हर किसी के लिए जरूरी है।

हमारे देश भारत में हंसने को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह केवल ना केवल एक गतिविधि नहीं है बल्कि यह एक ऐसी शारीरिक गतिविधि है। जो हमारे दिल, दिमाग, मस्तिष्क और हमारे शरीर को कई प्रकार के खतरनाक समस्याओ से बचाता है। हमारे देश भारत में ही ऐसे कई सारे कॉमेडियन पैदा हुए हैं जिन्होंने हमें पेट पकड़ पकड़ कर हंसने पर मजबूर कर दिया जैसे महमूद जावेद जाफरी, जॉनी लीवर, राजेंद्रनाथ असरानी, राजपाल यादव बड़े पर्दे के ऐसे नाम है, जो लोगो के बीच हीरो से भी ज्यादा पसंद किए जाते हैं।

जब इन्होंने अभिनय किया है तो इन्हें देखने वाले सभी लोग अपने गम भूल कर जोर जोर से हंसने के लिए मजबूर हो गए। अपने अपने जीवन में इन सभी लोगो ने कभी कभी बुरा समय भी देखा होगा लेकिन हमेशा हंसते और हंसाते रहने के इनके शौक ने उनको एक अलग पहचान दी जो वाकई बहुत कठिन काम है।

इस लाफटर डे चलिए जानते हैं हंसने के फायदो के बारे में और इस दिवस से जुड़ी सभी जानकारी

इस दिवस मनाए जाने के कारणो में एक कारण विश्व शांति भी है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य होता है हास्य के माध्यम से दोस्ती और भाईचारे का निर्माण करना। आज हम कई ऐसी नकारात्मक चीजो से जुड़े हुए हैं जैसे कि प्राकृतिक आपदाए, आतंकवाद, खराब अर्थव्यवस्था और ग्लोबल वार्मिंग इन सभी चीजो में खुश रहने का केवल एक ही साधन होता है और वह होता है आपकी हंसी। जब लोग खुश और स्वस्थ होते हैं तो वे विश्व शांति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

हंसने की सबसे महत्वपूर्ण बात यह होती है कि जब आप हंसते रहते हैं तो आपके आसपास की दुनिया ही बदल जाती है। बिना शर्त हंसने से हमें अंदर से अच्छा महसूस होता है सोचने समझने की शक्ति मिलती है और जब आप अंदर से अच्छा महसूस करते हैं तो दुनिया की पूरी धारणा को ही बदल जाती है।  शारीरिक, मानसिक सामाजिक और आध्यात्मिक कल्याण के लिए सबसे आसान उपाय होता है हंसी जो सबसे ज्यादा जरूरी और महत्वपूर्ण होता है।

इससे कोई फरक नहीं पड़ता कि हंसने की वजह क्या है लेकिन हंसी आपको अच्छा महसूस कराती है। आपके रिश्तो को मजबूत बनाने और विभिन्न प्रकार परिस्थितियो में जब आप परेशान होते हैं तो इससे आपकी चिंता कम हो जाती है। हंसी सबसे अच्छी दवा होती है जो हर परिस्थिति में काम आती है।

हंसी पूरे शरीर को आराम देने का काम करती है और हमारे तनाव को दूर करने में भी मदत करती है। जब हम हंसते हैं तो हमारे शरीर की मांसपेशियो को 45 मिनट तक आराम मिलता है। जो हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता के सुधार में भी सहायक होती है। हंसी हमारे दिल की सुरक्षा करती है और रक्त के प्रवाह को बढ़ाती है जो हमें दिल के दौरे और हृदय संबंधी कई प्रकार समस्या से बचाने में मदत कर सकती है। हंसने से हमारे शरीर की कैलरी भी बर्न होती है दिन में अगर हम 10 से 15 मिनट तक हंसते हैं तो लगभग हमारे शरीर में 40 कैलोरी बर्न हो सकती हैं।

इस लाफटर डे चलिए जानते हैं हंसने के फायदो के बारे में और इस दिवस से जुड़ी सभी जानकारी

अगर हम हंसते हैं तो हमारा क्रोध कम होता है हँसी हमारे क्रोध को कम करने में भी सहायक होती है। जो हमें नाराजगी और कड़वाहट से बचने में मदद करती है। लोगो में धीरे-धीरे याददाश्त कम होने की समस्या बढ़ती जा रही है और इसका एकमात्र कारण है ज्यादा तनाव लेना और हंसना भूल जाना, जिस कारण हमारी याददाश्त समय के साथ धीरे-धीरे खराब हो जाती हैं।

हंसने से हमारे शरीर को मिलने वाले स्वास्थ्य लाभो में में एक लाभ यह भी होता है कि अगर हमारे शरीर के किसी अंग में दर्द होता है तो हंसने से हमें उस दर्द का एहसास नहीं होता। हमारी मांसपेशियो को आराम मिलता है, हिर्दय रोग की समस्या कम होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता हैै। साथ ही हंसने से मानसिक स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं जो हमारे जीवन में आनंद और उत्साह को बनाए रखता है। हंसते रहने से तनाव दूर होता है, मूड में सुधार होता है और हमारे चेहरे की मांसपेशियो को आराम मिलता है।

मनोवैज्ञानिको के अनुसार हंसने का महत्त्व

मनोवैज्ञानिक प्रयोग से यह स्पष्ट हुआ है कि जो बच्चे अधिक हंसते हैं वह बुद्धिमान होते हैं। हंसना सभी के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए जरूरी होता है। इसीलिए जापान के लोग अपने बच्चो को शुरुआत से ही हंसते रहने की शिक्षा देते हैं। हंसी हमारे दर्द और संघर्ष को कम करने का शक्तिशाली स्रोत है। हंसी हमारे आशा को प्रेरित करता है, दूसरो से जोड़ता है और केंद्रीय सतर्क रहने में मदद करता है।

इसके अलावा हंसी हमे किसी को जल्दी माफ करने की शक्ति देता है। हास्य एक सामाजिक तंत्र भी है जिसके द्वारा हम नए दोस्त बनाते हैं और अनेक लोगो से जुड़ते हैं। हंसी एक सामाजिक घटना का महत्वपूर्ण पहलू है और यह स्वास्थ्य पोषण की तुलना से ही नहीं बल्कि विज्ञान के दृष्टि से भी अच्छा होता है।

इस लाफटर डे चलिए जानते हैं हंसने के फायदो के बारे में और इस दिवस से जुड़ी सभी जानकारी

हंसी हमें अच्छा महसूस करने के साथ सकारात्मक भावना बनाने में मदद करती है। हंसी हमें कठिन परिस्थितिया, निराशा और हानि में भी सकारात्मक दृष्टिकोण रखने की शक्ति देती है। दुख दर्द से राहत का रूप होता है हंसी क्योंकि हंसी हमें नई आशा, नया अर्थ और नए स्रोतो को खोजने में हिम्मत और ताकत देती है। एक कप कॉफी से लोगो में जितना उर्जा भर जाता है ठीक उसी प्रकार एक हंसी से लोग उतना ही सक्रिय हो जाते हैं।

“इस लाफ्टर डे” जरुर अपनाएं इन आदतो को 

* आपको जब भी हंसने का मौका मिले आप हंसिए और दूसरो को भी हंसाईए।
* हंसता हुआ चेहरा आप की शान बढ़ाती है।
* व्यक्ति के मुस्कान उसके चेहरे पर भगवान का हस्ताक्षर होता है।
* एक हल्की सी मुस्कुराहट होठो से शुरू होकर हमारे मन को हल्का कर देती है।
* इस दुनिया में हंसी और खुशी से बड़ी कोई दूसरी शक्ति नहीं है।
* व्यक्ति के पास उसका एक मजबूत हथियार होता है और वह है उसकी हंसी।

जानिए TV के ऐसे शो जो धमाकेदार एंट्री और भरपूर पैसा खर्च करने के बाद पुरी तरह फ्लॉप रही

टीवी इंडस्ट्री में कई ऐसे शो बने हैं जिनकी कास्ट पर मेकर्स ने खूब पैसे खर्च कीए हैं। लेकिन बेहतरीन कास्ट होने के बावजूद भी ये टीवी शोस हिट शो की लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना पाए। ये सभी फ्लॉप शोस अच्छे से एक बात साबित कर देते हैं कि केवल स्टारकास्ट अच्छे होने और पैसा लगाने से ही सीरियल हिट नहीं होती हैै बल्कि शो हिट कराने के लिए कहानी में दम होना चाहिए।

छोटे पर्दे में हर हफ्ते टीआरपी लिस्ट का खेल होता है ऐसे में अगर आपका शो टीआरपी में अच्छा परफॉर्म करता है तो इसका मतलब है कि आपका शो हिट है लेकिन अगर आपका शो टीआरपी लिस्ट से बाहर रहता है तो इसका मतलब यह है कि आपका शो डूब गया। यही कारण है कि हर हफ्ते शोस के बीच जंग देखने को मिलती है जो बेहतरीन होता है टीआरपी में राज करता है। हालांकि कई बार ऐसा हुआ है भारी भरकम स्टारकास्ट होने के बाद भी शो फ्लॉप हो गए।

इन शोस को फैंस ने एक सिरे से खारिज कर दिया हालांकि शो के मेकर्स ने कास्ट के ऊपर पानी की तरह पैसा खर्चा किया लेकिन इसके बाद भी ये शो फैंस को पसंद नहीं आए। आज के इस पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसे शोस के बारे में बताएंगे जो धांसू स्टारकास्ट होने के बावजूद और ज्यादा पैसे लगाने के बाद भी फ्लॉप ही रहे।

* मन की आवाज प्रतिज्ञा 2

सीरियल मन की आवाज प्रतिज्ञा शो के हिट होने के बाद सीरियल मेकर्स ने दोबारा इस सीरियल को “मन की आवाज प्रतिज्ञा 2” के जरिए टीवी पर पेश की। लेकिन पुरानी स्टार कास्ट ने टीवी पर धमाकेदार एंट्री मारी थी पहली बार की तरह इस बार पूजा गौर और  अरहान बहल की जोड़ी इस बार फैंस का दिल नहीं जीत सकी और न ही संग्राम सिंह की अकड़ किसी को अच्छी लगी। ऐसे में कुछ महीनो तक टीवी पर चलने के बाद इस शो को बंद कर दिया गया, क्योंकि ये शो इनके पहले शो की तरह उनके फैंस को पसंद नहीं आई।

जानिए TV के ऐसे शो जो धमाकेदार एंट्री और भरपूर पैसा खर्च करने के बाद पुरी तरह फ्लॉप रही

* बालिका वधू 2

बालिका वधू 2 की टीआरपी बढ़ाने के लिए मेकर्स ने कहानी में शिवांगी जोशी, रणदीप राय और समृद्ध बावा की एंट्री करवाई थी। शिवांगी जोशी पहले “ये रिश्ता क्या कहलाता है” जैसे हिट शो का हिस्सा रह चुकी है। लेकिन बड़ा नाम होने से क्या होता है जब  तक शो में कोई इंटरेस्टिंग मोड़ ना लाया जाए तब तक कहानी देखना कोई पसंद नहीं करता। ऐसे में “बालिका वधू 2” नाम के इस शो में शिवांगी जोशी के आने से भी ये फ्लॉप ही गई।

* कुछ रंग प्यार के ऐसे भी 3

एरिका फर्नांडिस और शाहिर शेख की जोड़ी ने “कुछ रंग प्यार के ऐसे भी 3” के जरिए एक बार फिर टीवी में वापसी कि थी। हालांकि इस बार कुछ रंग प्यार के ऐसे भी फैंस का दिल नहीं जीत पाई और इसका नतीजा यह निकला कि कुछ समय बाद ही शो पर ताला लग गया।

* ससुराल सिमर का 2

“ससुराल सिमर का” नाम का यह शो कलर्स टीवी का फेमस शो था जीसे फैंस काफी ज्यादा पसंद करते थे। लेकिन “ससुराल सिमर का 2” की शुरुआत दीपिका कक्कड़ ने की थी। दीपिका कक्कर के अलावा इस शो में कई बड़े सितारे थे लेकिन स्टार कास्ट होने के बावजूद भी यह शो टीआरपी की लिस्ट में कुछ कमाल नहीं दिखा पाई और बुरी तरह फ्लॉप रही।

* नागिन 4

जानिए TV के ऐसे शो जो धमाकेदार एंट्री और भरपूर पैसा खर्च करने के बाद पुरी तरह फ्लॉप रही

बात करें नागिन शो की तो नागिन के हिट होने से बार बार TV पर नागिन शो की वापसी होती रहती है।एकता कपूर का शो “नागिन 4” को हिट करने के लिए एकता कपूर ने पानी की तरह इस शो पर पैसे बहाए लेकिन “नागिन 4” को हिट नहीं कर पाई। इस शो में निया शर्मा, अनीता हसनंदानी, रश्मि देसाई, जैस्मीन भसीन और विजेंद्र कुमेरिया जैसे सितारे नजर आए। हालांकि ये सभी सितारे मिल कर भी नागिन 4 को फ्लॉप होने से नहीं बचा पाई और अचानक इस शो को बंद कर दिया गया।

* सिर्फ तुम

टीवी एक्ट्रेस विवियन डीसेना ने “सिर्फ तुम” नाम के टीवी शो से टीवी इंडस्ट्री में वापसी की उनके फैंस को विवियन डीसेना के इस शो से काफी उम्मीदे थी।हालांकि सिर्फ तुम नाम के शो की स्टोरी ने फैंस का दिल तोड़ दिया। कई तरह के ट्विस्ट और मोड़ आने के बाद भी “सिर्फ तुम” नाम का शो कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। दराअसल फैंस का कहना है कि फिल्म कबीर सिंह की कहानी को ध्यान में रखते हुए “सिर्फ तुम” नाम के इस शो को बना दिया है और टीवी पर पेश किया।

जानिए TV के ऐसे शो जो धमाकेदार एंट्री और भरपूर पैसा खर्च करने के बाद पुरी तरह फ्लॉप रही

* नागिन 5 

नागिन 5 के बाद शरद मल्होत्रा ने स्टार प्लस पर आने वाले “विरोधी” नाम के टीवी शो से टीवी में एंट्री ली। और यह शो भी पूरी तरह फ्लॉप हो गई हालांकि इस शो ने पहले थोड़ा धमाका किया। लेकिन फैंस को विरोधी जैसे शो जरा भी पसंद नहीं आए और कुछ महीनो के बाद ही शरद मल्होत्रा के इस शो को बंद करने का फैसला किया गया।

PM मोदी ने असम दौरे के दौरान शिलान्यास कार्य के साथ कही ये सब बाते

असम कैंसर केयर फाउंडेशन असम सरकार और टाटा ट्रस्ट इसका एक संयुक्त उद्यम असम राज्य में फैले 17 कैंसर देखभाल अस्पतालों के साथ दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा किफायती कैंसर देखभाल नेटवर्क बनने के लिए परियोजना को विकसित कीया जा चुकी है जिसका शिलान्यास कार्य पूरा करने आज गुरुवार के दिन प्रधानमंत्री असम पहुंचे हैं।

असम सरकार ने बीते मंगलवार के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को मद्देनजर रखते हुए डिब्रूगढ़ और कार्बी आंगलोंग के ज्यादातर क्षेत्रों में 28 अप्रैल यानी आज के दिन स्थानीय अवकाश घोषणा की थी। जिस कारण आज इन जिलो में सभी राज्य सरकार के कार्यालय, शिक्षण संस्थान आदि बंद थे और ऐसा इसलिए क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिब्रूगढ़ में सात कैंसर अस्पतालो का शिलान्यास कार्य पूरा कीए।

शांंति, एकता और विकास रैली 

आज 28 अप्रैल गुरुवार के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के डीफू और डिब्रूगढ़ में प्रमुख कार्यक्रमो के लिए असम का दौरा किए। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनके इस दौरे का उद्देश्य इस अद्भुत और खास असम राज्य के विकास पथ को बढ़ाना है। प्रधानमंत्री ने आज सुबह 11:00 बजे के करीब कार्बी आंगलोंग जिले के डीफू में शांंति, एकता और विकास रैली को संबोधित किया।

विभिन्न परियोजना का शिलान्यास

प्रधानमंत्री कार्यालय(PMO) के मुताबिक इस कार्यक्रम के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओ का भी शिलान्यास हुआ। प्रधानमंत्री पशु चिकित्सा महाविद्यालय(डीफू), डिग्री कॉलेज, (पश्चिम कार्बी आंगलोंग) और कृषि महाविद्यालय की आधारशिला रखे। 500 करोड़ रुपए से भी ज्यादा के इस परियोजना क्षेत्र से कौशल और रोजगार के नए अवसर सामने आएंगे।

PM मोदी ने असम दौरे के दौरान शिलान्यास कार्य के साथ कही ये सब बाते

इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री जी ने 2950 से भी ज्यादा अमृत सरोवर परियोजनायो की आधारशिला रखी। असम में इन अमृत सरोवरो का लगभग 1150 करोड़ रूपए के संचई लागत से विकसित किया जाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने एक बयान में कहा है कि क्षेत्र के शांति और विकास के लिए प्रधानमंत्री की अटूट प्रतिबद्धता भारत सरकार और असम सरकार द्वारा उग्रवादी संगठनो के साथ समझौता ज्ञापन पर हाल ही में हस्ताक्षर किए हैं। 

शांति के एक नए युग की शुरुआत 

इस समझौते ज्ञापन ने पूर्वोत्तर में शांति के एक नए युग की शुरुआत की है। शांति एकता और विकास रैली में प्रधानमंत्री का सम्बोधन पूरे क्षेत्र में शांति पहल को बढ़ावा देगा। दोपहर करीब 1:45 पर प्रधानमंत्री असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ पहुंचे जहां उन्होंने अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया। लगभग 3:00 बजे मैदान में एक सार्वजनिक समारोह में भी भाग लिए जहां उन्होंने छह और कैंसर अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किए और सात नए अस्पतालो की आधारशिला रखी।

असम के सीएम हेमंत विश्व शर्मा ने कहा

एक ट्वीट के माध्यम से असम के सीएम ने बैठक की एक तस्वीर साझा की और कहा हम 28 अप्रैल को अपने PM नरेंद्र मोदी जी का असम में स्वागत करने के लिए तैयार हैं। उद्घाटन की योजनाओ पर चर्चा करने के लिए डिब्रूगढ़ के मनोहरी टी रिट्रीट में एक बैठक भी हुई। असम के सीएम हेमंत विश्व शर्मा ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लेते हुए अन्य व्यवस्थाओ के साथ ही बारिश की संभावना को देखते हुए भाजपा नेताओ और अधिकारियो को जल निकासी पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को जाएंगे जहां वह सबसे पहले पार्टी की एक बैठक में हिस्सा लेंगे। 

PM मोदी ने असम दौरे के दौरान शिलान्यास कार्य के साथ कही ये सब बाते

असम के सीएम हेमंत विश्व शर्मा ने कहा कि गुवाहाटी नगर निगम चुनाव में अब तक किसी भी पार्टी को इतनी बड़ी जीत नहीं मिली है। BJP और AJP को 60 में से 58 सीटें मिली है पीएम नरेंद्र मोदी पूर्वोत्तर राज्यों के लिए जो कर रहे हैं इससे असम के लोग बहुत खुश हैं। गुवाहाटी नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बारे में बात करते हुए हेमंत विश्व शर्मा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के द्वारा पूर्वोत्तर राज्यो के लिए किए जाने वालेे सभी सकारात्मक प्रयासो से असम के लोग बहुत खुश हैं।

दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा किफायती कैंसर नेटवर्क

डिब्रूगढ़ में दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा किफायती कैंसर देखभाल नेटवर्क बनाने के लिए असम कैंसर केयर फाऊंडेशन ट्रस्ट का एक संयुक्त उद्यम राज्य भर में फैले सवालो के साथ एक परियोजना को विकास कर रहा है। परियोजना के पहले चरण के तहत अस्पतालो में से सात अस्पतालो का निर्माण पूरा हो चुका है। जबकि 3 अस्पताल निर्माण के स्तर पर है परियोजना के दूसरे चरण में कैंसर अस्पताल का निर्माण होगा।

प्रधानमंत्री परियोजना के पहले चरण में कैंसर अस्पतालो के पूरे सात कैंसर अस्पताल जो पूरे हो चुके हैं वह राष्ट्र को समर्पित करेंगे। ये कैंसर अस्पताल डिब्रूगढ़, कोकराझार, बरपेटा, दरंग, तेजपुर, लखीमपुर और जोरहाट में बने हैं। वहीं रियोजना के दूसरे चरण के तहत धुबरी, नलबाड़ी, गोवालपारा, नगांव, शिवसागर, तिनसुकिया और गोलाघाट में बनने वाले सात नए कैंसर अस्पतालो की आधारशिला भी रखी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के असम दौरे के कारण असम सरकार ने खासतौर से 28 अप्रैल यानि आज दोनों जिलों में राजकीय अवकाश भी घोषित की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्र के बाहर एक पट्टिका का अनावरण भी किया। इस दौरान असम के राज्यपाल जगदीश मुखी, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा उपस्थित थे। मोदी जी ने असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थित केंद्र में सुविधाओ और उपकरणो का निरीक्षण किया। 

उद्योगपति रतन टाटा ने कहा

उद्योगपति रतन टाटा ने असम के डिब्रूगढ़ में एक कार्यक्रम में कहा कि मैं अपने आखिरी सालो को स्वास्थ्य के लिए समर्पित कर रहा हूं। असम को एक ऐसा राज्य बनाए जहां सभी को पहचान मिले और सभी इसे पहचाने। यहां पीएम नरेंद्र मोदी अत्याधुनिक कैंसर सेंटर का उद्घाटन करेंगे और साथ में कैंसर सेंटर का शिलान्यास करेंगे।

PM नरेंद्र मोदी ने कहा 

कैंसर सेंटर के उद्घाटन के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि अस्पताल आपकी सेवा के लिए लेकिन मुझे खुशी होगी अगर ये अस्पताल खाली रहेंगे। मैं आपके स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करता हूं हमारी सरकार ने योग, स्वच्छता और स्वास्थ्य देखभाल पर भी ध्यान केंद्रित किया है और इस प्रयास को मजबूत करने के लिए देश में नए टेस्टिंग सेंटर खोल जा रहे हैं।

असम में “जल जीवन मिशन” का लाभ 

पीएम नरेंद्र मोदी ने असम के हर घर तक पाइप से पानी पहुंचने की बात कही। कहा कि “जल जीवन मिशन” के शुरू होने से पहले तक यहां 2% से भी कम गांव के घरो में पाइप से पानी पहुंचता था। वही आज 40% परिवारो तक पाइप से पानी पहुंच चुका है और मेरा यह विश्वास है कि जल्द से जल्द असम के हर घर तक पाइप से पानी पहुंचने लगेगा।

शांति और विकास का नया भविष्य  

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आजादी के अमृत काल में कार्बी आंगलोंग भी शांति और विकास के नए भविष्य की तरफ़ बड़ रहा है रहा है। अब यहां से हमें पीछे मुड़कर नहीं देखना है, आने वाले कुछ सालो में हमें उस विकास की भरपाई करनी है जो बीते दशको में हम नहीं कर पाए थे।

PM मोदी ने असम दौरे के दौरान शिलान्यास कार्य के साथ कही ये सब बाते

“राष्ट्र के लिए राज्य, राज्य के लिए नागर, नगर के लिए गांव का विकास होना जरूरी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि और गांवो में विकास तभी संभव है जब स्थानीय जरूरतो के स्थानीय परिस्थितियो के अनुसार विकास योजनाए बने और उन पर सही तौर पर अमल किए जाए। उन्होने कहा कि उत्तर पूर्व में सरकार और समाज के सामूहिक प्रयासों से जैसे जैसे शांति लौट रही है वैसे ही पुराने नियमो में भी बदलाव किए जा रहे हैं। लेकिन बीते 8 सालों के दौरान स्थाई शांति और बेहतर कानून व्यवस्था लागू होने के कारण हमने AFSPA को नॉर्थ ईस्ट के कई क्षेत्रों से हटा दिया है।

विकास और विश्वास की नीति पर अमल कर रही सरकार

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आप सभी बीते दशको में एक लम्बे मुश्किलो समय से गुजारे हैं लेकिन साल 2014 के बाद उत्तर पूर्व में मुश्किले लगातार तेजी से कम हो रही है। लोगो का विकास हो रहा है कार्बी आंगलोंग या दूसरे जनजातीय क्षेत्रो में हम विकास और विश्वास की नीति पर ही काम कर रहे हैं। आप जानते हैं कि मैंने आपकी समस्याओ को साथ ही इस क्षेत्र की दिक्कतो को आपके परिवार के एक सदस्य के रूप में आपके भाई और बेटे की तरह समझने का प्रयास किया है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि असम की स्थाई शांति और तेज विकास के लिए जो समझौता हुआ है उस पर अमल करने की गति आज तेज हुई है। हथियार छोड़कर जो भी साथी राष्ट्र निर्माण के लिए लौटे हैं उसके पुनर्वास के लिए भी बेहतर काम किए जाएंगे।

यह शिलान्यास नौजवानो के उज्जवल भविष्य का है

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज जो शिलान्यास के कार्यक्रम हुए हैं ये केवल किसी इमारत का शिलान्यास नहीं है। यह शिलान्यास यहां के नौजवानो के उज्जवल भविष्य का है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अब यहीं पर उचित व्यवस्था होने से गरीब से गरीब व्यक्ति भी अपने बच्चो को बेहतर शिक्षा देने में सक्षम हो पाएगा।

PM मोदी ने असम दौरे के दौरान शिलान्यास कार्य के साथ कही ये सब बाते

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह बेहद सुखद संयोग है कि आज हम जब देश के आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं, इसी के साथ हम इस धरती के महान सपूत लचित बोरफुकान के 400 वी जन्म जयंती भी मना रहे हैं। उनका जीवन राष्ट्र भक्ति और राष्ट्र शक्ति की प्रेरणा है कार्बी आंगलोंग से देश के इस महान नायक को मैं नमन करता हूंं।

मोदी ने कहा असम से मिलता है भरपुर प्यार

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे जब जब यहां पर आप सभी के बीच आने का मौका मिला है आप सभी का भरपूर प्यार और अपनापन देखकर ऐसा लगता है जैसे ईश्वर का आशीर्वाद मिल रहा है। इतनी बड़ी संख्या में आप लोग यहां आए हैं और वह भी अपनी परंपरागत वेशभूषा में इसके लिए मैं आपका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार जहां भी हो वहां “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सब का प्रयास” की भावना से काम करते हैं। आज यह संकल्प कार्बी आंगलोंग के धरती पर फिर से सशक्त हुआ है।

पॉपुलर शो TMKOC का ऑफर ठुकराया इस अभिनेत्री ने जानिए क्यों 

सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा टेलीविजन इंडस्ट्री का सबसे ज्यादा मोस्ट पॉपुलर और लोकप्रिय कॉमेडी सीरियल है जिसे बहुत ज्यादा देखा और पसंद किया जाता है। टीवी पर तारक मेहता का उल्टा चश्मा नाम के इस कॉमेडी शो का प्रसारण साल 2008 से ही हो रहा है। यह एक ऐसा कॉमेडी शो है जो लंबे समय से टीवी जगत में लोकप्रिय बना हुआ है और इतने सालो से यह सीरियल लगातार अपने दर्शको का मनोरंजन करते आ रहा है। 

वहीं बीते कई सालो से तारक मेहता का उल्टा चश्मा नाम के इस टीवी सीरियल में कई उतार-चढ़ाव देखे जाते हैं। तारक मेहता का यह शो जहां कई नए कैरेक्टर जुड़े हैं तो वहीं इस सीरियल को कई लोकप्रिय कलाकारो ने कुछ समय के बाद सीरियल को अलविदा कह दिया जिन कलाकारों में दिशा वकानी जोकि सीरियल तारक मेहता के उल्टा चश्मा में दया बेन के किरदार में नजर आती थी। वह अभी सीरियल में नहीं दया बेन का किरदार दर्शकों के बीच काफी ज्यादा पॉपुलर हो चुका है। 

लेकिन इस किरदार को निभाने वाली अभिनेत्री दिशा वकानी ने इस सीरियल को अलविदा कह दिया है। सबसे खास बात यह है कि आज भी दर्शक दयाबेन के रूप में दिशा वकानी को ही देखना पसंद करते हैं और यही कारण है कि आज तक तारक मेहता नाम के शो में दिशा वकानी को किसी भी कलाकार ने रिप्लेस नहीं किया है। वहीं मेकर्स से लेकर सभी फैन्स दिशा वकानी के शो में वापसी का बेसब्री से वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

दिशा वकानी ने साल 2017 में मेटरनिटी लाइव लेक लीव लेकर तारक मेहता के शो को अलविदा कह दिया था और अब दिशा की एक बेटी सीरियल में उनके वापस आने की खबरें सामने आई है जो दिन वायरल होती रहती है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तारक मेहता नाम के शो के बेकर्स दिशा वकानी कोशिश कर लिए हैं लेकिन सभी कोशिश नाकामयाब हुई इस बीच दयाबेन के किरदार को लेकर ऐसी खबरें सामने आई है।

सीरियल के मेकर्स टेलीविजन की जानी-मानी अभिनेत्री दिव्यंका त्रिपाठी को दयावेन के लिए अप्रोच की थी। लेकिन दिव्यंका त्रिपाठी नहीं चाहती कि वह पहले से किसी कलाकार के द्वारा स्थापित किए गए किरदार को निभाए। दिव्यंका त्रिपाठी ने कहा कि वह हमेशा से ऐसे किरदार को निभाना चाहती है जो बिल्कुल फ्रेश हो इसी कारण दिव्यंका त्रिपाठी ने इस किरदार को निभाने से इंकार कर दिया। दिव्यंका त्रिपाठी टीवी इंडस्ट्री की बेहद पॉपुलर सफल अभिनेत्रियो में से एक है। 

पॉपुलर शो TMKOC का ऑफर ठुकराया इस अभिनेत्री ने जानिए क्यों 

दिव्यंका त्रिपाठी शो के ऑफर को ठुकरा नेविगेट ठुकराने के बाद बताया जा रहा है कि दिव्यंका त्रिपाठी में से कई टीवी शो के ऊपर को ठुकराया है। जिनमें पहले से स्थापित किए गए कलाकार के लिए दिव्यंका त्रिपाठी को ऑफर किया गया था जो कि दिव्यंका के द्वारा व्यक्त किए हुए हैं और लंबे समय तक दर्शको का मनोरंजन किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार तारक मेहता शो में वापसी हो सकती है और अगर ऐसा नहीं हुआ तो भेजें गए किरदार के साथ सीरियल को आगे बढ़ाया जाएगा।

दया बेन की आवाज़ है बेहद खूबसूरत

दया का किरदार निभाने वाली दिशा वकानी असल जिंदगी में दयाबेन की तरह बात नहीं करती। इस सीरियल में दया बेन का किरदार निभाने वाली दिशा वकानी के सीरियल में ऐसी आवाज में बात करना वाकई बेहद कठिन काम है। 

दिशा वकानी ने बताया कि जब ऑडिशन के दौरान उनके प्रोड्यूसर अजीत मोदी ने पूछा था कि कैसे वह एक ही टोन में हर शूटिंग के दौरान अच्छे से बोल लेती है। तो दयाबेन ने उन्हें बताया कि, इसे मेरी खूबी समझिए आगे किसी भी समय में आपको निराश नहीं करूंगी। आपने मुझ पर जो भरोसा किया है मैं हमेशा उस भरोसे को बनाए रखूंगी। और ठीक वैसे ही सीरियल में दयाबेन के किरदार की आवाज को लोग कभी जीते जी नहीं भूल सकते।

दिशा वकानी (दया बेन) के शो

दया बेन ने बताया कि तारक मेहता शो करने से पहले बस CID, आहट, क्राइम पेट्रोल और खिचड़ी जैसे कई सीरियल्स में काम कर चुकी है। दिलीप जोशी यानि शो में जेठालाल के रेफरेंस से मैं अजीत सर से मिली थी। उन्हें मुझमे दयाबेन के किरदार के लिए कई संभावनाएं नजर आई और मेरा सिलेक्शन हो गया। मुझे खुशी है कि पिछले 6 सालों से मैंने कभी उन्हें निराश नहीं किया है।

पॉपुलर शो TMKOC का ऑफर ठुकराया इस अभिनेत्री ने जानिए क्यों 

दयाबेन ने बताया कि इस शो में अब तक का मेरा अनुभव बेहद शानदार रहा है। इसका हर एक दिन हमारे लिए हमेशा नया ही रहता है हालांकि इसके कई सारे एपिसोड पूरे हो चुके हैं लेकिन इसका हर दिन हमारे लिए पहले दिन जैसा होता है। मुझे यकीन नहीं होता कि हम इतने लंबे समय से इस शो को कर चुके हैं। 

गुजरात की हैं दिशा वकानी ( दया बेन)

दरअसल दिशा वकानी का जन्म गुजरात के अहमदाबाद में हुआ था वह करीब 15, 16 साल तक मुंबई में रही है। निजी जिंदगी में वह दयाबेन के किरदार की तरह ही पॉजिटिव सोच रखती हैं। लेकिन वह उनकी तरह बात नहीं करती बल्कि उनकी आवाज तो बेहद ही खूबसूरत है दयाबेन वैसे ही बात करती हैं जैसे कि एक आम लड़की करती हैै।

दिशा वकानी (दयाबेन) ने बताया अपने बारे में

पॉपुलर शो TMKOC का ऑफर ठुकराया इस अभिनेत्री ने जानिए क्यों 

दयाबेन ने कहा था कि मुझे यह सोचकर काफी खुशी और संतोष महसूस होती है कि मैं इस शो को एक पॉजिटिव सोच वाली महिला दयाबेन का किरदार निभा रही हूं, जिसे लोगो द्वारा बेहद ज्यादा पसंद किया जाता है। वास्तव जिंदगी में मैं भी दयाबेन जैसी हूं भगवान मुझ पर हमेशा मेहरबान रहते हैं और मैं यही चाहती हूं कि वह तारक मेहता के उल्टा चश्मा की पूरी टीम पर अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें।

दयाबेन का किरदार निभाने वाली दिशा वकाणी ने अपने बारे में बताते हुए कहा कि मुझे सोना बेहद अच्छा लगता है। सच कहूं तो मुझे जब भी समय मिलता है मैं सो जाती हूं ऐसा करने से मुझे थकान कम महसूस होती है। इसके अलावा मुझे किताबे पढ़ना, सितार, बांसुरी, हरमोनियम जैसे इंस्ट्रूमेंट से सॉफ्ट म्यूजिक सुनना भी अच्छा लगता है। मुझे गाना गाना, खाना बनाना आदि जैसे कई चीजें करना अच्छा लगता है।

खिलाड़ी युवराज सिंह के साथ रहा था इन बॉलीवुड अभिनेत्रीयो का अफेयर

भारतीय क्रिकेट टीम के इतिहास के सबसे बड़े मैच विनर कहलाने वाले खिलाड़ी युवराज सिंह के बारे में आज हम जानेंगेे। इस खिलाड़ी ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम इंडिया को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई है। क्रिकेट के करियर के अलावा युवराज सिंह अपनी पर्सनल लाइफ में भी हमेशा चर्चाओ में बने रहते हैं। हालांकि आज युवराज सिंह शादी के बंधन में बंध चुके हैं और उनकी एक संतान भी है। लेकिन क्या आप लोग जानना चाहेंगे युवराज सिंह का नाम बॉलीवुड की किन अभिनेत्रियो के साथ जुड़ा था? आज के इस पोस्ट में हम आपको युवराज सिंह केे एक्स गर्लफ्रेंड के बारे में बताएंगे जो बॉलीवुड की अभिनेत्रिया हैं और यह अभिनेत्रिया युवराज सिंह की पुरानी गर्लफ्रेंड भी रह चुकी है।

* अभिनेत्री किम शर्मा

युवराज सिंह के क्रिकेट करियर के शुरुआती वर्षों में युवराज और अभिनेत्री किम शर्मा एक सीरियस रिलेशनशिप में थे। इन दोनो का रिश्ता करीब 4 साल से भी ज्यादा समय तक चला। रिपोर्टस के अनुसार दोनो के ब्रेकअप का कारण उनकी फैमिली थी क्योंकि उनके परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था और फिर ये दोनो अलग-अलग ही अपनी जिंदगी में आगे बढ़ गए।

* दीपिका पादुकोण

खिलाड़ी युवराज सिंह के साथ रहा था इन बॉलीवुड अभिनेत्रीयो का अफेयर

क्रिकेटर युवराज सिंह और दीपिका पादुकोण की रिलेशनशिप भी किसी से छुपी नहीं थी। युवराज और दीपिका को हमेशा ही एक साथ पार्टी में देखा जाता था। यहां तक कि युवराज ने खुद इस बात को स्विकार किया था कि वह दीपिका पादुकोण को पसंद करते हैंलेकिन इनका रिलेशनशिप भी ज्यादा दिनो तक नहीं चला। इन दोनो का रिलेशन शादी के बात तक पहुंचने से पहले ही खतम हो गया और ये दोनो एक दूसरे से अलग हो गए।

* अभिनेत्री नेहा धूपिया 

एक समय क्रिकेटर युवराज सिंह और अभिनेत्री नेहा धूपिया के रिलेशनशिप की खबरे चर्चे में थी। साल 2014 में दोनो को सोफी चौधरी की जन्मदिन की पार्टी के लिए एक साथ देखे गए थे जिसके बाद दोनों के रिश्ते की अफवाह उड़ने लगी। लेकिन इन दोनो का रिश्ता ज्यादा दिनो तक चल नहीं पाया जिसके बाद ये दोनो दोस्त बने रहे और दोस्त के नाते नेहा धूपिया क्रिकेटर युवराज की शादी में शरीक भी हुई थी।

खिलाड़ी युवराज सिंह के साथ रहा था इन बॉलीवुड अभिनेत्रीयो का अफेयर

* हेजल कीच

इन अभिनेत्रियो को डेट करने के बाद युवराज सिंह ने आखिरकार एक बॉलीवुड अभिनेत्री हेजल कीच से 30 नवंबर साल 2016 को शादी की आज यह दोनो एक साथ है और इन दोनों की एक बेटी भी है।

जानिए किन कारणो से आ जाती है समय से पहले ही बुढ़ापा और क्या है इससे बचने का उपाए

आजकल की व्यस्त जीवनशैली में हर कोई अपने खराब दिनचर्या से परेशान हैं और इस खराब दिनचर्या के कारण व्यक्ति को समय से पहले कई प्रकार की शारीरिक परेशानियो का सामना करना परता है।दरअसल हम बात कर रहे हैं समय से पहले ही बुढ़ापे के बारे में। आजकल दुनिया में ज्यादातर लोग अपनी खराब जीवनशैली रहने के कारण समय से पहले ज्यादा उम्र के दिखने लगते हैं और इसके पीछे कई प्रकार का कारण है। आज हम आपको कुछ ऐसे कारण बताएंगे जो समय से पहले बुढ़ापा आने की समस्या का कारण होता है साथ ही कुछ ऐसे खास उपाय भी बताएंगे जो आपको लंबे समय तक खूबसूरत और जवां बनाए रखने में मदद करेगी।

* नशीली पदार्थो का सेवन

नशीले पदार्थो का सेवन करने के कारण हमारे शरीर की पॉजिटिव एनर्जी धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और हमें जवां दिखाने वाली हमारे शरीर की बैक्टीरिया भी कम होने लगती है। नशीली पदार्थो के सेवन से भूख ना लगने के साथ कई प्रकार की समस्याए होती है जिनमें हमारा वजन कम होने, बाल झड़ने, स्किन से जुड़ी कई समस्याए होती है। ऐसे में शराब, सिगरेट ज्यादा तंबाकू आदि का सेवन हमारे शरीर पर काफी ज्यादा बुरा प्रभाव डालता है। इसीलिए अगर आपको कम उम्र में ही बुढ़ापा नहीं चाहिए तो आपको नशीली पदार्थो का सेवन कम कर देना चाहिए।

* जंक फ़ूड का सेवन

ज्यादातर जंक फूड का सेवन करने से हमारे शरीर पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। शुद्ध शाकाहारी सात्विक भोजन के विपरीत अगर हम ज्यादातर जंक फ़ूड और बाहर का खाना खाते हैं, तो यह शरीर के लिए बहुत बुरा होता है। और आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में हर कोई बाहर का खाना और जंक फूड से ही काम चला लेता है जो हमारे शरीर के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता। ऐसे खाने के सेवन से ना केवल हमारे शरीर को कई प्रकार की बीमारियो का सामना करता परता है, बल्कि समय से पहले बाल पकना, चेहरे पर झुरिया और वजन न बढ़ने के कारण हम बुरे लोगो की श्रेणी में आने लगते हैं।

जानिए किन कारणो से आ जाती है समय से पहले ही बुढ़ापा और क्या है इससे बचने का उपाए

* पौष्टिक भोजन की कमी

आजकल की जीवन शैली में लोग इतने व्यस्त रहते हैं कि उन्हें जो मिले वे वही खाकर काम चला लेते हैं। लेकिन हमारे शरीर के लिए पौष्टिक खानपान बेहद जरूरी होता है। पौष्टिक खानपान की कमी होने से हमारे शरीर में कई प्रकार की समस्याएं देखने को मिलती है। जैसे समय से पहले बाल झड़ना, शरीर का ग्रोथ ना होना, शरीर में कई प्रकार की बीमारियां आदि कई समस्याएं होने के साथ ही हमारे शरीर को पौष्टिक खानपान न मिलने के कारण हम समय से पहले ही बूढ़े दिखने लगते हैं।

* कैफीन का सेवन 

ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन करने से चेहरे पर झुरिया होने की समस्या होती है। जो लोग ज्यादा मात्रा में चाय और कॉफी का सेवन करते हैं उनको आए दिन त्वचा से जुड़ी समस्याएं होती रहती है साथ ही समय से पहले बुढ़ापा होने की भी समस्या होती है। इसलिए किसी को भी ज्यादा मात्रा में चाय और कॉफी का सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि चाय और कॉफी के सेवन से हमारे शरीर पर काफ़ी ज्यादा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लेकिन आजकल तो लोग ज्यादातर चाय कॉफी के सेवन का सहारा लेकर ही काम करते हैं इसीलिए इसके बुरे प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को ज्यादा मात्रा में पानी चाहिए और फलो का भी सेवन करते रहना चाहिए।

* भरपूर नींद न लेना

ज्यादातर लोग पूरी नींद नहीं लेते और अगर हम ऐसा करते हैं तो तनाव से हमारा गहरा कनेक्शन हो जाता है। पूरी नींद हमें फिर से उमंग और तनावमुक्त होकर काम करने की आजादी देती है और अगर हमारा नींद पूरी तरह से पूरा नहीं होता तो हमारे शरीर की एजिंग प्रोसेस धीमा हो जाती हैं। और युवाओं में यह परेशानी ज्यादा तेजी से बढ़ रही है जिसके साइड इफेक्ट हमेें भविष्य में चलकर देखने को मिलते हैं। इसीलिए अपने इन आदतों को बदले और रोजाना 8 घंटे की नींद जरूर पूरा करें।

जानिए किन कारणो से आ जाती है समय से पहले ही बुढ़ापा और क्या है इससे बचने का उपाए

* ज्यादा मीठा भोजन करना

ज्यादा मीठा भोजन करना जिन लोगो को ज्यादातर मीठा खाने की आदत होती है। उन्हें ब्लड शुगर बढ़ने के कारण कम उम्र में ही डायबिटीज की समस्या हो जाती है। वहीं ज्यादातर मीठा या चीनी खाने से शरीर की चर्बी बढ़ने लगती है और हमारी स्किन ढीली पर जाती है। ये सभी समस्याएं व्यक्ति को समय से पहले ही बूढ़ा बनाने के लिए काफी होती है।

* पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना

आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी होता है, लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी दुनिया में लोग ऐसा नहीं करते। कम मात्रा में पानी पीने से हमारी स्किन ड्राई होने लगती है और हमारे शरीर के कई अंगो की कार्य क्षमता भी घटने लगती है। कम पानी पीने से शरीर से टॉक्सिंस नहीं निकल पाते और शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचता है। हमारे शरीर में अंदर ही अंदर कई प्रकार की बीमारिया पैदा होने लगती है और व्यक्ति कम उम्र में ही बूढ़ा हो जाता है, जिसका प्रभाव हमारे ऊपर पूरी तरह से दिखाई देता है।

“Prega News” प्रेगनेंसी से जुड़े लक्षण होने पर कैसे करें घर पर रहकर अपना प्रेगनेंसी टेस्ट

आज के सोशल मीडिया के दौर में प्रेगा न्यूज़ का नाम तो सभी ने सुना ही होगा आज के समय में सभी को यह बात पता है कि प्रेगा न्यूज़ क्या है?  भला ऐसी जानकारी किसे नहीं पता होगी। प्रेगा न्यूज़ प्रेगनेंसी टेस्ट किट की मदत से हमारे भारत में सबसे ज्यादा प्रेगनेंसी चेक किया जाता है। यही नहीं प्रेगा न्यूज़ को “बेस्ट प्रेगनेंसी टेस्ट किट” के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि ये टेस्ट किट ज्यादातर यूज होता है। 

प्रेगा न्यूज़ क्या है

किसी भी महिला के लिए मां बनना बेहद ही खुशी की बात होती है और इसीको खुशी में बदलता है प्रेगा न्यूज़ और महिला के मां बनने की शुरुआत माहवारी के न आने से ही होती हैं। तय समय के अंदर जब किसी महिला को माहवारी ना आए तो उनके मन में गर्भवती होने की बात चलने लगती है और तब महिलाएं घर बैठे प्रेगनेंसी को कंफर्म करने के लिए प्रेगनेंसी टेस्ट किट का उपयोग करती है।

प्रेगा न्यूज़ प्रेगनेंसी टेस्ट एक ऐसा टेस्ट है जिस कीट की मदद से महिलाए पीरियड्स के दीनो में गर्भवती होने की आशंका होने पर घर बैठे यह जान सकती है कि वह प्रेग्नेंट हैं कि नहीं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रेगनेंसी टेस्ट किट का उपयोग करना बेहद आसान है। प्रेगनेंसी टेस्ट किट बाजार में आपको आसानी से हर एक मेडिकल शॉप में मिल जाते हैं जो आपके गर्भावस्था की जांच करने में मदद करती है। 

आज प्रेगनेंसी टेस्ट करने वाले किट के मार्केट में आने से महिलाओ की एक बड़ी समस्या का समाधान हो गया है। इस जांच के लिए पहले महिलाओ को काफी ज्यादा परेशान होना पड़ता था। गर्भवती होने की आशंका होने पर ही महिलाए पहले प्रेगनेंसी टेस्ट के लिए डॉक्टर के पास जाती थी और फिर चारो ओर इस बात का हंगामा हो जाता था। लेकिन आज मार्केट में प्रेगनेंसी टेस्ट किट के आने से महिलाओ को ऐसी कोई परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

प्रेगा न्यूज़ एक तरह का प्रेगनेंसी टेस्ट किट है, जिसे मैनकाइंड फार्मा के द्वारा बनाया जाता है। जीसके मदत से आप खुद ही अपनी गर्भावस्ता का परीक्षण कर पाते हैं। प्रेगनेंसी के लक्षण होने के बाद आप गर्भवती हैं या नहीं है इसे प्रेगा न्यूज़ की मदद से जाना जा सकता है। इसके उपयोग की बात करें तो प्रेगा न्यूज़ प्रेगनेंसी टेस्ट किट का उपयोग करना बेहद आसान है, जिसकी मदद से महिलाए कुछ मिनटो के अंदर ही अपनी प्रेगनेंसी का पता लगा सकती है। 

यह टेस्ट किट आपको आपके आसपास के किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल जाता है। यह जरूरी नहीं है कि आप प्रेगा न्यूज टेस्ट किट की मदद से ही अपनी प्रेगनेंसी की जांच करें, क्योंकी आज मार्केट में “प्रेगा न्यूज़” नाम के प्रेगनेंसी टेस्ट किट के अलावा भी कई सारे टेस्ट मौजूद है। आप किसी भी एक टेस्ट किट की मदत से अपनी प्रेगनेंसी की जांच कर सकती है, तो चलिए जानते हैं कि प्रेगा न्यूज़ का उपयोग हम कैसे कर सकते हैं। 

प्रेगनेंसी टेस्ट किट का उपयोग कब होता है

जब किसी को भी शक रहता है कि वह प्रेग्नेंट है और वह डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहते तो ऐसे में प्रेगा न्यूज़ सबसे अच्छा माना जाता है। आजकल मार्केट में ऐसे कई प्रकार के प्रेगनेंसी टेस्ट किट मिलते हैं जिसकी मदद से आप आसानी से घर बैठे यह जान सकते हैं कि आप प्रेगनेंट है या नहीं।

“Prega News” प्रेगनेंसी से जुड़े लक्षण होने पर कैसे करें घर पर रहकर अपना प्रेगनेंसी टेस्ट

लेकिन एक तरफ जहां प्रेगा न्यूज़ प्रेगनेंसी टेस्ट किट के बारे में सभी लोग जानते हैं कि इसकी मदद से आसानी से प्रेगनेंसी टेस्ट की जा सकती है। तो वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें शायद यह भी नहीं पता कि प्रेगनेंसी टेस्ट किट को किस प्रकार उपयोग किया जाता है। ऐसे में आज के इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि आप प्रेगा न्यूज़ की मदद से कैसे अपनी प्रेगनेंसी को टेस्ट कर सकते हैं। 

क्योंकि भले ही कुछ लोगो को प्रेगा न्यूज़ के बारे में पता है लेकिन आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जिन्हें यह सही से पता ही नहीं है कि प्रेगा न्यूज़ किट का यूज कैसे होता है। लेकिन आज के इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप अच्छे से जान जाएंगे कि प्रेगा न्यूज़ को किस प्रकार सही से यूज करके हम अपनी प्रेगनेंसी के बारे में जान सकते हैं कि हम प्रेग्नेंट हैं या नहीं।

प्रेगा न्यूज़ का प्रयोग कैसे करें

प्रेगा न्यूज़ का उपयोग करने के लिए सबसे पहले आप अपने यूरिन को किसी साफ कंटेनर में रखें, आप दिन भर में कभी भी यूरिन से सैंपल कलेक्ट कर सकती हैं। लेकिन अच्छा होगा है कि आप सुबह के समय का यूरिन इकट्ठा करें और उसी से अपनी प्रेगनेंसी की जांच करें। 

“Prega News” प्रेगनेंसी से जुड़े लक्षण होने पर कैसे करें घर पर रहकर अपना प्रेगनेंसी टेस्ट

जब आप एक प्रेगा न्यूज टेस्ट किट खरीदते हैं, तो आपको उस किट के अंदर एक ड्रॉपर मिलता है आपको उस ड्रॉपर को लेना है और उसे अपने यूरिन के सैंपल में डुबोकर ड्रॉपर को प्रेस करना है प्रेस करते ही आपका यूरिन ड्रॉपर में कलेक्ट हो जाएगा। 

अब आप उस ड्रॉपर से यूरीन की दो से तीन बूंदे टेस्ट किट सर्कुलर बॉक्स के अंदर डाले इसके बाद आपको सिर्फ 5 मिनट के लिए इंतजार करना है। अब आपको रैक्टेंगुलर बॉक्स में एक गुलाबी रंग की लाइन दिखाई देती है जो यह बताती है कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं।

आप गर्भवति है या नहीं

जब रैक्टेंगुलर विंडो में दो पिंक लाइन यानी गुलाबी रेखा दिखाई देती है तो इसका मतलब यह है कि आप प्रेग्नेंट है और आपका प्रेगा न्यूज़ प्रेगनेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया है।
 प्रेगनेंसी टेस्ट करने वाली प्रेगा न्यूज़ के रैक्टेंगुलर विंडो(Rectangular Window) यानी टेस्ट विंडो(Test Window) में प्रेग्नेंट होने पर दो रेखाएं दिखाई देती है साथ ही एक कंट्रोल लाइन होती है। 

जो दूसरी टेस्ट लाइन होती है यानी की टीम कंट्रोल लाइन C यह सुनिश्चित करती है कि प्रेग्नेंसी टेस्ट किट सही से काम कर रही है। और टेस्ट लाइन T हमें पॉजिटिव आने यानि सकारात्मक परिणाम दिखाती है।

प्रेगनेंसी टेस्ट किट के मदत से जब आप प्रेगनेंसी टेस्ट करते हैं तो 5 मिनट के अंदर ही आप परिणाम देख पाते हैं। अगर आपको परिणाम समझ न आए तो आप किट पर दिए गए निर्देश को पढ़ सकते हैं क्योंकि हर एक किट में अलग-अलग निर्देश होते हैं। कुछ कीट का परिणाम (प्लस +) और (माइनस-) के रूप में आता है तो वहीं कुछ किट में रंग का परिवर्तन होता है। 

“Prega News” प्रेगनेंसी से जुड़े लक्षण होने पर कैसे करें घर पर रहकर अपना प्रेगनेंसी टेस्ट

सुबह का यूरिन होता है टेस्ट के लिए अच्छा

यूरिन के माध्यम से होने वाले प्रेगनेंसी टेस्ट किट की मदद से यूनिन में मौजूद कोरियोनिक गोनाड्रोटोपिन यानि HCG का पता लगाया जाता है। अगर आपके यूरिन में HCG हार्मोन पाया जाता है तो इसका मतलब की आप प्रेग्नेंट हैं। घर पर किए जाने वाले प्रेगनेंसी टेस्ट में आपको प्रेगनेंसी टेस्ट हमेशा सुबह उठने के बाद करना चाहिए। क्योंकि इसके परिणाम के गलत आने की संभावना कम होती है। सुबह के यूरिन में अन्य तरल पदार्थ मौजूद नहीं होते और सुबह के यूरिन में HCG हार्मोन का स्तर भी ज्यादा रहता है।

कब करना चाहिए दूसरी बार प्रेगनेंसी टेस्ट

जब आप टेस्ट किट की मदद से अपने प्रेगनेंसी की जांच करती हैं तो प्रेगनेंसी टेस्ट किट के रैक्टेंगुलर विंडो में अगर एक भी गुलाबी देखा नहीं आती तो इसका मतलब यह होता है कि प्रेगनेंसी टेस्ट कीट इनवेलिड यानी कि खराब है और आपको यह जांच दुसरे कीट से दोबारा करनी होगी।

टेस्ट का रिजल्ट ना आने का कारण यह भी हो सकता है कि आपके यूरिन यूरिन में “beta HCG” की मात्रा  कम है हालांकि ऐसा होने पर दूसरी लाइन हल्की गुलाबी नज़र आती है। इसका मतलब तो यह निकलता है कि आप प्रेग्नेंट नहीं है लेकिन फिर भी आपको एक-दो दिन के बाद फिर से प्रेगनेंसी टेस्ट करना चाहिए इससे आपको कंफर्म रिजल्ट का पता चल जाता है।

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