Wednesday, May 18, 2022
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“भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard)” भारतीय तटरक्षक दिवस के अवसर पर जानते हैं इसकी पूरी जानकारी।

भारतीय तटरक्षक बल दिवस(Indian Coast Guard Day) हर साल 1 फरवरी के दिन मनाया जाता है। क्योंकि इस दिन भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना हुई थी और इसके स्थापना दिवस के तौर पर हर साल 1 फरवरी के दिन यह दिवस पुरे देश में मनाया जाता है। भारतीय तटरक्षक बल दिवस यानी इंडियन कोस्ट गार्ड(Indian Coast Guard) दिवस कब और क्यों मनाया जाता है। आज के इस पोस्ट में हम इसीके बारे में बात करेंगे।

इसके अलावा इस पोस्ट में हम आपको भारतीय तटरक्षक बल दिवस की शुरुआत कब हुई थी और यह दिवस किस तरह मनाया जाता है, इसका इतिहास क्या है, इस सब से जुड़ी जानकारी देने वाले हैं। अगर आप इंडियन कोस्ट गार्ड यानि भारतीय तटरक्षक बल के बारे में जानकारी चाहते हैं तो हमारे इस पोस्ट को पूरा पढ़ें।  

भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) क्या है?

दरअसल भारतीय तटरक्षक बल एक सशस्त्र बल है जो हमेशा समुद्री तटों की रक्षा करते हैं। जिस तरह BSF(बी.एस.एफ) (Border Security Force) व अन्य फ़ोर्सेस बॉर्डर पर रहकर देश की बॉर्डर की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार तटरक्षक बल समुद्री तटों की रक्षा करते हैं। समुद्र से जुड़े कानून भारतीय तटरक्षक बल के अंतर्गत आते हैं। भारतीय नौसेना के महानिदेशक और वाइस एडमिरल रैंक के अधिकारी भारतीय तटरक्षक बल का नेतृत्व करते हैं।

भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) की स्थापना 

भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना साल 1978 में 18 अगस्त के दिन तटरक्षक अधिनियम, साल 1978 के द्वारा की गई थी।

भारतीय तटरक्षक बल(Indian Coast Guard) का काम —

  • देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा से लेकर समंदर में राहत और बचाव कार्य तक का जिम्मा देश के तटरक्षक बल ही संभालते हैं।
  • भारतीय तटरक्षक बल नौसेना, मत्स्य विभाग, राजस्व विभाग, केंद्रीय और राज्य पुलिस बलों के साथ निकट सहयोग में काम करता है। भारतीय सीमा पर भारत की रक्षा के लिए भारतीय तटरक्षक हमेशा तत्पर रहते हैं।
  • भारत की 7516.60 किमी की तटरेखा विभिन्न राज्यों और कुछ सबसे व्यस्त व्यापार मार्गों के किमी तट के आसपास है।
  • भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना के संचयन या समुद्री सेवा प्रदान करने के लिए सबसे पहले भारतीय तटरक्षक के द्वारा की गई थी।
  • तीनों सेना के सेवाओं में अपने समकक्ष के विपरीत, भारतीय तटरक्षक बल 60 वर्ष की आयु तक सेवा कर सकता है।
  • वे सुनिश्चित करते हैं कि हमारे समुद्र सुरक्षित है, वे यह मानते हैं कि वे हमारे समुद्र में कोई भी अवैध गतिविधि नहीं होने देंगे।
  • भारतीय तटरक्षक समुद्री पर्यावरण की रक्षा करते है। वे समुद्री प्रदूषण के रोकथाम के साथ नियंत्रण को सुनिश्चित करते हुए समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा पर ध्यान देते हैं।
  • भारतीय तटरक्षक समुद्र में जीवन और संपत्ति सुरक्षा उपायों के मामलों को देखते हैं साथ ही वे वैज्ञानिक डाटा भी एकत्र करते हैं।
  • भारतीय तटरक्षक के करीब हर सदस्य को अपने सेवा के दौरान कुछ विदेशी देशों का दौरा भी करना पड़ सकता है।
  • भारतीय तटरक्षक के जहाज, भारतीय नौसेना के जहाजों से अलग होते हैं।
  • भारतीय तटरक्षक मछुआरों की भी रक्षा करते हैं। पानी में मछली पकड़ने वाले विदेशी मछुआरों की जांच करना भी इनका ही कर्तव्य बनता है।

साल 1978 में केवल 7 जहाजों के साथ ही भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना की गई है। और वर्तमान की बात करें तो इस बल में वर्तमान 143 जहाज, 64 एयरक्राफ्ट और 42 स्टेशन शामिल है।

समुद्री क्षेत्र में देश के हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है भारतीय तटरक्षक

भारतीय तटरक्षक की स्थापना समुद्र की सुरक्षा करने के उद्देश्य से किया गया। एक स्वतंत्र संस्था स्थल के रूप में सांसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम साल 1978 के अंतर्गत किया गया था। भारतीय तटरक्षक की कमान महानिदेशक वाइस एडमिरल के हाथों में होती है। हर क्षेत्र का नेतृत्व “इंस्पेक्टर जनरल” रैंक के अधिकारी करते हैं।

भारतीय तटरक्षक बल की स्थापना 1 फरवरी साल 1977 को रक्षा मंत्रालय के द्वारा सशस्त्र स्वतंत्र सशस्त्र बल के रूप में किया गया था। इस बल की जिम्मेदारी होती है समुद्री क्षेत्रों में देश के हितों की रक्षा करना।

“भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard)” भारतीय तटरक्षक दिवस के अवसर पर जानते हैं इसकी पूरी जानकारी।

1 फरवरी के दिन संपूर्ण देश में भारतीय तटरक्षक के गौरवमयी साल का जश्न मनाया जाता है। भारतीय तटरक्षक यानी इंडियन कोस्ट गार्ड के 45 वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई केंद्रीय मंत्री या कई राज्यों के मुख्यमंत्री और सैन्य संगठनों ने इंडियन कोस्ट गार्ड को बधाई और शुभकामनाएं दी।

ध्येय वाक्य और इनका दायित्व

तटरक्षक बल का ध्येव वाक्य में अपने आप में उनकी पूरी जिम्मेदारी का भाव समेटे रहते हैं। इसका ध्येय वाक्य “वयम रक्षाम” यानी की रक्षा करते हैं। इनकी विशेषता है इनकी तत्परता, जवाबदेही, हमेशा तैयार होते हैं। इंडियन कोस्ट गार्ड भारत की सबसे छोटी ससस्त्र सेना है, इनके सम्मान में देश में 1 फरवरी को यह दिवस मनाया जाता है।

भारतीय तटरक्षक के हर एक रक्षाकर्मी का अलग अलग कर्तव्य बनता है। आइए जानते हैं भारतीय तटरक्षक के कर्तव्यों के बारे में कि उनके क्या-क्या कर्तव्य होते हैं जिन्हें निभाने के लिए वे अपनी जान पर भी खेल जाते हैं।

भारतीय तटरक्षक के कर्तव्य —

  • कृत्रिम द्वीपों एवं अपतटीय स्टेशनों की सुरक्षा और संरक्षा।
  • मछुआरों की सुरक्षा 
  • समुद्र में आपातकाल में मछुआरों की सहायता 
  • समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण
  • समुद्री प्रदूषण नियंत्रण और रोकथाम
  • तस्कर विरोधी सक्रियाओ में सीमा शुल्क विभाग एवं अन्य पाधिकारियों की सहायता
  • समुद्री कानूनों को लागू करना
  • समुद्र में जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा करना
  • वैज्ञानिक आंकड़ों का संग्रह करना
  • समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण
  • समुद्र में आपातकाल में मछुआरों की सहायता करना
  • समुद्री प्रदूषण को नियंत्रण करना एवं रोकथाम करना 

आइए जानते हैं भारतीय तटरक्षक के इतिहास के बारे में —

साल 1977 में संघीय मंत्रिमंडल ने भारतीय नौसेना से स्थानांतरित दो पोतों एवं पांच गश्ती नौकाओं के साथ तटरक्षक बल की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की थी। इस तरह 1 फरवरी साल 1978 को भारत के जलीय एवं अनन्य आर्थिक क्षेत्र की निगरानी के लिए केवल 7 पोतों के बेड़े के साथ भारतीय तटरक्षक का आविर्भाव हुआ। साल 1978 में 19 अगस्त को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने औपचारिक रूप से भारतीय तटरक्षक यानी इंडियन कोस्ट गार्ड का उद्घाटन किया।

हालांकि इसकी स्थापना कवायद सालों पहले शुरू हो चुकी थी। भारतीय नौसेना साल 1960 से ही भारतीय जलीय क्षेत्र में समुद्री कानून को लागू करने और उपक्रमों की सुरक्षा एवं संरक्षा का दायित्व निर्वहन करने के लिए एक सहायक संगठन की स्थापना का अनुरोध करती आ रही थी। मुंबई हाई में तेल की खोज के परिणाम स्वरूप अपतटीय क्षेत्र में बहुमूल्य संयंत्र स्थापित किए गए थे। इसके बाद समुद्री क्षेत्र में भारत की महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों एवं आर्थिक हितों की सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन के उपायों की जरुरत महसूस की जा रही थी।

साल 1976 में समुद्री क्षेत्र अधिनियम

साल 1970 में नाग कमेटी की स्थापना की गई। इस समिति ने अपनी सिफारिश में तश्करी के गतिविधियों से छुटकारा पाने के लिए एक अलग से समुद्री बल की आवश्यकता पर ध्यान दिया। केंद्र सरकार ने भारतीय समुद्री क्षेत्र अधिनियम साल 1976 का निर्माण किया। भारत ने एक बार में 20 लाख वर्ग किमी समुद्री क्षेत्र पर सभी जैविक व गैर जैविक संसाधनों का व्यापक संदोहन करने के लिए अधिकार प्राप्त किया।

इसके बाद साल 1974 के सितंबर महीने में आईपीएल के ऐफ रूस्तम जी जो पहले सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक थे। उनकी अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था इस समिति ने साल 1975 में अपनी रिपोर्ट में शांति काल के दौरान समुद्री क्षेत्र की देखभाल और सुरक्षा के लिए तटरक्षक जैसे संगठन की स्थापना करने के लिए सिफारिश की थी। जिस पर केंद्र सरकार ने ध्यान देते हुए इसे गंभीरता से लिया।

साल 1978 में पहला तटरक्षक पोत मिला

साल 1978 में भारतीय नौसेना ने पहली भारतीय तटरक्षक पोत भारतीय तटरक्षक कुठार (पेनेंट संख्या 31) को स्थानांतरित किया। कमांडर एमएस अचरेजा पोत के पहले कमान अधिकारी थे। जो बाद में महानिरीक्षक पीटीएम, टीएम, उप महानिदेशक के रूप में साल 1977 के अगस्त महीने में सेना निवृत्त हुए। तटरक्षक के बलस्टर को मजबूत बनाने के लिए नौसेना के दो सिवार्ड डिफेंस बोट्स की कमिशनिंग साल 1980 के दिसंबर और साल 1981 के नवंबर महीने में की गई थी।

साल 1982 में चेतक हेलीकॉप्टर का पहला स्कवाद्रन

साल 1982 में चेतक हेलीकॉप्टर को भारतीय तटरक्षक में शामिल किया गया था। सुरक्षित वायुयान होने के कारण इसे खोज करने और बचाव मिशन में लगाया गया। 800 स्कवाड्रन(तटरक्षक), भारतीय तटरक्षक का पहला स्कवाड्रन है। इसकी कमीशनिंग साल 1982 के 22 मई को डावोलिम एयर फील्ड, गोवा में केपी सिंह देव तत्कालीन उप रक्षामंत्री थे। स्वावार्डन की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर पीवी चौधरी के अधीन थी। स्कवार्डन में उस समय 2 अफसर और 12 कर्मी मौजूद थे।

तटरक्षक संगठन

भारतीय तटरक्षक का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। तटरक्षक बल का नेतृत्व भारतीय तटरक्षक के महानिदेशक (डीजीआईसीजी) की अध्यक्षता में की जाती है। अपर महानिदेशक, भारतीय तटरक्षक मुख्यालय, नई दिल्ली में बल के दूसरे शीर्ष अधिकारी होते हैं। तटरक्षक बल में दो भारतीय तटरक्षक कमांडर होते हैं जो कि क्रमश पश्चिमी समुद्र बोर्ड और पूर्वी समुद्र बोर्ड की कमान संभालते हैं। इनके अलावा प्रशासनिक क्रम की बात करें तो प्रशासन में कमांडर तटरक्षक क्षेत्रीय मुख्यालय, उत्तर पश्चिम का गांधीनगर, पश्चिम का मुंबई, पूर्व का चेन्नई, उत्तर पूर्व का कोलकाता और अंडमान निकोबार का क्षेत्रीय मुख्यालय पोर्ट ब्लेयर में स्थित है। इसके अलावा 16 तटरक्षक जिला मुख्यालय हैं जिनमें तटरक्षक जिला कमांडर स्तर के अधिकारी होते हैं।

समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में करियर

यह एक चुनौतीपूर्ण, रोमांचक और जिम्मेदार करियर वाला क्षेत्र है। इसके लिए अगर आप ऐसी जिम्मेदारी निभा पा सकते हैं तो आप इसके लिए नौसेना या तटरक्षक बल में शामिल हो सकते हैं। जहां आपके देश प्रेम की भावना और चुनौतियों से टकराने से साहस की परीक्षा होती है।

भारतीय जोड़े तटरक्षक सेल की उच्च

एक तटरक्षक अधिकारी का जीवन कई चीजों का सुखद मिश्रण होता है। इसमें कड़ी मेहनत, व्यवसायिक्ता, एकता, जोखिम, रोमांच और भारत के चारों ओर घूमने के साथ विदेशों में विभिन्न स्थानों पर जाने के अवसर भी प्राप्त होते हैं।

इसके साथ ही राष्ट्र की रक्षा में शामिल होने की संतुष्टि भी होती है। तटरक्षक बल में करियर को सिर्फ वित्तीय दृष्टि से ही नहीं देखा जाता यह अच्छी सैलरी और प्रचुर भत्तो के साथ एक बहुमुखी करियर है। तटरक्षक बल में सेवा केवल एक रोजगारी ही नहीं होती अगर आप बुद्धिमान और साहसी है तो आप इसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अपना शानदार करियर बना सकते हैं।

अफसर स्तर में यांत्रिक नाविक(डीबी), नाविक(जीडी) स्तर की भर्तियों की इंडियन कोस्ट गार्ड द्वारा भर्ती अभियान के संदर्भ में समय समय पर राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार समाचार पत्र के जरिए भर्ती विज्ञापन जारी किए जाते हैं।

भारतीय तटरक्षक में करियर बनाने के लिए कई अवसर होते हैं। इसके लिए 19 साल से 30 साल तक की उम्र सीमा में विभिन्न पदों पर आम नियुक्ति पा सकते हैं। इनमें जनरल ड्यूटी ऑफिसर, पायलट नेविगेटर, टेक्निकल विंग, कॉमर्शियल पायलट और लॉ विंग आदि से भी जुड़ सकते हैं। इनके लिए 12वीं में गणित और फिजिक्स के साथ ही स्नातक डिग्री होना जरूरी होता है। अधिकारी वर्ग में आप असिस्टेंट कमांडर, कमांडेंट(जेजी), जीआईजी, आईजी, डीजी, डिप्टी कमांडेंट तक के पद पर कार्यरत हो सकते हैं। इनमें बेसिक वेतन महीने में ₹56,100 प्रति महीने से लेकर ₹2 लाख 54 हज़ार मिलते हैं।

Jhuma Ray
Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।
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