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चाइना के बाद अब भारत में भी ग्लास ब्रिज बनकर तैयार, जानिए बिहार के राजगीर में बनने रहे भारत के दूसरे ग्लास ब्रिज के बारे में।

भारत का दूसरा और पूर्वोतर भारत का पहला ग्लास ब्रिज बिहार में बनकर तैयार हो चुका है। इसे पर्यटकों के लिए कभी भी खोला जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर के नेचर सफारी में ग्लास ब्रिज को बनाया गया है। राजगीर का नेचर सफारी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक ड्रीम प्रोजक्ट है। भारत एक सुंदर जगह होने के बावजूद भी यहां के ज्यादातर लोग विदेशों में घूमने जाना पसंद करते हैं। और ऐसा शायद इसीलिए क्योंकि विदेशों में ज्यादातर कांच के ब्रिज और अलग-अलग तरह के चीजें देखने को मिलती है।

लेकिन प्राकृतिक सुंदरता की बात करें तो भारत भी किसी जगह से कम नहीं है। और इसी सुंदरता को देखते हुए अब भारत में भी कांच के ब्रिज बन गए हैं। भारत के सुंदर जगह में आने बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में भी अब बिहार का सबसे पहला कांच का ब्रिज बनकर तैयार होने हो गया है। और अब पूरे देश में लोग अगर घूमने जाने का प्लान करेंगे तो सबसे पहले शायद वे राजगीर का ही नाम लेंगे। और केवल देश ही क्यों अब तो विदेशों से भी लोग हमारे भारत के राजगीर में घूमने आएंगे।

आज पूरे देश में बिहार राज्य का ही चर्चा हो रहा है क्योंकि बिहार के नालंदा जिले में पहला ग्लास ब्रिज बनकर तैयार हुआ है। भारत में यह दूसरा कांच का ब्रिज है जो शीशे का बना हुआ है। यह इतना शानदार है कि आज पूरे देश में इसी ब्रिज के बारे में चर्चे हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस ब्रिज के फोटोस, वीडियोस अपलोड हो रहे हैं और लोग इसे खूब देख रहे हैं और सराह भी रहे हैं। इस ब्रिज को बिहार के राजगीर में बनाया गया है इसे बनाने का प्रमुख लक्ष्य रखा गया है पर्यटक। यानि इस ब्रिज के बनने का उद्देश्य यही है कि ज्यादा से ज्यादा देसी ही नहीं बल्कि विदेशी पर्यटक भी भारत के बिहार जिले में बिहार के नालंदा जिले में अपना छुट्टी इंजॉय करने आए। क्योंकि पर्यटको को यह जगह काफी आकर्षित करती है और इसीलिए इस जगह पर खासकर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस ग्लास वर्क स्काई वॉक ब्रिज को बनाया गया है। अब केवल चाइना में ही ग्लास ब्रिज नहीं है, अब भारत ने भी क्लास ब्रिज बना कर दिखा दिया।

वन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि इस ब्रिज को जंगल सफारी के अंदर बनाया गया है। इसे 5 एकड़ क्षेत्र में फैले सफारी का मुख्य द्वार बहुत आकर्षक तरह से बनाया गया है। राजगीर में बने इस स्काई वॉक पुल की कुल लंबाई 50 फीट, चौड़ाई लगभग 6 फीट है। तो वही घाटी से देखा जाए तो इस ब्रिज ऊंचाई करीब ढाई सौ फीट है। इस ब्रिज पर एक साथ 40 लोग जा सकेंगे। हालांकि d-sector यानी की अंतिम छोर पर एक साथ 10 से 12 लोग ही जा सकेंगे। यह ब्रिज राजगीर के बहुत ही प्राचीन वैभार गिरी पर्वत के तलहटी में बनाया गया है। इस पुल में 15 एमएम के 3 लेयर के शीशे का इस्तेमाल किया गया हैं। शीशे की कुल मोटाई 45 एमएम है, जो की पूरी तरह से पारदर्शी है। जिस कारण इस पर चलना बहुत इंट्रेस्टिंग होगा। बताया गया है कि इस पर लोग खुद को हवा में तैरता हुआ महसूस करेंगे।  

राजगीर बिहार के प्राकृतिक सौंदर्य से भरा हुवा एक ऐसा जिला है जो बहुत खूबसूरत लगता है। यहां पर हजारों की संख्या में लोग घूमने जाते हैं और अब कांच का ब्रिज बन जाने से ज्यादा परिमाण में लोग घूमने जाएंगे। दरअसल बिहार के प्राकृतिक सौंदर्य राजगीर के जू सफारी पार्क में अब नेचर सफारी पार्क, आयुर्वेदिक पार्क, तितली पार्क विभिन्न प्रजातियों के मशहूर देशी-विदेशी पेड़ पौधे भी देखने को मिलेंगे। अब आने वाले साल में बिहार के साथ सम्पूर्ण देश वासियों को अपने देश में ही विदेश घूमने का मौका मिलने वाला है।

अधिकारियों ने बताया है कि यह पुल चीन के हवाई प्रांत के एस्ट तैहांग में बने स्काई वॉक ब्रिज के तर्ज पर बनाया जा रहा है। राजगीर का यह स्काई वॉक ब्रिज बिहार का पहला और इस देश का दूसरा ऐसा पुल होगा। अधिकारियों ने कहा कि इसके साथ ही यहां आने वाले पर्यटक जीप लाइन, एडवेंचर्स स्टॉप के तहत आर्चरी, साइकिलिंग, ट्रैकिंग पाथ, मड और ट्री कॉटेज, औषधियां पार्क, बूडेन हट का भी मज़ा ले सकेंगे। नालंदा जिले के राजगीर से गया जिले के जेठियन मार्ग पर जाने वाले मार्ग में घने जंगल के बीच में इस पुल का निर्माण कराया गया है। और जरासंध अखारा से इसकी दूरी लगभग 8 किलोमीटर है। नेचर सफारी में मिट्टी और भूसे से मड कोटेज का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें लोग प्रकृति के बीच प्रकृति घर में रहने का मजा ले पाएंगे।

चाइना के बाद अब भारत में भी ग्लास ब्रिज बनकर तैयार, जानिए बिहार के राजगीर में बनने रहे भारत के दूसरे ग्लास ब्रिज के बारे में।

अधिकारियों ने बताया कि आज यहां पर ट्री कॉटेज का निर्माण इसीलिए किया गया है। ताकि प्राचीन काल में वृक्षों पर लोगों के द्वारा बनाए गए घरों में रहने का अनुभव आज के युग के लोगों को कराया जाए। इस कॉटेज में बेड से लेकर बाथरूम तक सब उपलब्ध होगा। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस पुल के पूर्ण रूप से बन जाने के बाद न केवल यहां पर्यटकों की संख्या में ही वृद्धि होगी बल्कि यहां पर पर्यटक आकर रहने भी लगेंगे।

भारत के किसी भी व्यक्ति ने शायद यह नहीं सोचा होगा कि बिहार जिले में विदेशों का नजारा देखने को मिलेगा। आप किसी भी भारत के किसी भी जगह रहे और विदेश का मजा लेना हो तो आपको विदेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चाहे हनीमून मनाने जाना हो, या दोस्तों के साथ मस्ती करने जाना हो, या अपने परिवार के साथ घूमने जाना हो। अब आप चाहे देश के किसी भी हिस्से में रहे आपके लिए बिहार एक बेहतरीन टूरिस्ट स्पॉट साबित होगा। क्योंकि नालंदा के राजगीर में अब नेचर सफारी के साथ विदेशों जैसा ग्लास ब्रिज देखने को मिलेगा। जिस पर चढ़कर आपके खाई का सुन्दर नजारा देख पाएंगे। 

आज तक शायद किसी ने सोचा नहीं होगा कि वह देश में रहकर विदेश का मजा ले सकेगा। लेकिन अब यह हकीकत बन चुका है। बिहार के पर्यटन विभाग योजना के तहत अब यह संभव हो गया है। अभी भी बिहार के पर्यटन विभाग अलग-अलग तरह के नई तैयारियां कर रहा है और इस योजना के आखिरी पड़ाव को ठीक करने में लगा हुआ है। इसके तहत जू सफारी पार्क के अंदर नेचर सफारी पार्क भी बनाया जा रहा है जिससे पूर्वोत्तर भारत के पहले कांच के ब्रिज को बनाया गया है। जू सफारी पार्क में आकर्षित करने वाले दूसरे दर्शनीय पार्क का भी निर्माण हो रहा है।

आने वाले साल 2021 में बिहार के साथ देश देश और विदेश हर जगह के टूरिज्म को बहुत मजा आने वाला है। नालंदा बिहार समेत पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए यह एक बहुत बड़ी खुशखबरी है कि राजगीर के जू सफारी पार्क को सेंट्रल जू अथॉरिटी से भी मान्यता मिल गई है। अब इसे साल 2021 में आम लोगों के लिए खोला जा सकता है। दरअसल चीन के हांगझोऊ प्रांत की तर्ज पर राजगीर नेचर सफारी में यह ग्लास ब्रिज बन कर तैयार हुवा है। लेकिन नेचर सफारी को पूरा होने में अभी वक्त लगेगा। प्रोजेक्ट का जायजा लेने पहुंचे सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मार्च 2021 तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। उसके बाद यहां पर पर्यटक नेचर सफारी का आनंद उठाने के लिए आ सकेंगे। यह ग्लास ब्रिज देश का दूसरा ग्लास ब्रिज है जबकि पहला ग्लास ब्रिज उत्तराखंड के ऋषिकेश में बना लक्ष्मण झुला है। राजगीर की नेचर सफारी 500 एकड़ में फैले बुद्धमार्ग के बीचों बीच बनी है। इस नेचर सफारी में आप पर रोप-वे साइकलिंग भी कर पाएंगे। 

  • राजगीर ग्लास ब्रिज की कुछ खास बात —
  • राजगीर बन रहा यह ब्रिज देश का दूसरा और पूर्वोतर भारत का पहला ग्लास ब्रिज है।  
  • इस ब्रिज को चीन के हांगझोऊ प्रोविंस की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।   
  • राजगीर में बनने रहा यह ग्लास ब्रिज 200 फीट ऊंचा, 85 फीट लंबा और 6 फीट चौड़ा है।  
  • बिहार राज्य का राजगीर जिला एक अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है।   
  • यह ब्रिज गौतम बुद्ध की विरासत वाली जगह राजगीर नगरी में स्थित होगा।
  • ग्लास ब्रिज के साथ आप नेचर सफारी, रोप-वे साइकलिंग भी कर सकते हैं।
  • इस ब्रिज पर एक बार में 40 पर्यटक जा सकते हैं।
  • साल 2021 के मार्च महीनें तक यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। 
  • राजगीर का नेचर सफारी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक ड्रीम प्रोजक्ट है। 
  • यह ब्रिज पूरी तरह से पारदर्शी है, इस ब्रिज पर चढ़ने से लोग खुद को हवा में तैरता हुआ महसूस करेंगे।    
Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।

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