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जानिए amazon के बारे में और फ़ोर्ब्स की सूचि में नंबर वन की रैंक हांसिल करने वाले amazon के Founder “Jeff Bezos” की कहानी।

amazon क्या है

amazon एक अमेरिकन इंटरनेशनल कंपनी है। इस कंपनी ने भारत में अपना बिजनेस amazon.in के नाम से शुरू किया। तभी से भारत में ऑनलाइन शॉपिंग का दौर शुरू हो गया। आज के समय में तो ज्यादातर लोग ही ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करते हैं और ऑनलाइन शॉपिंग में सबसे मशहूर अमेज़न ही है। अमेज़न के आने से ऑनलाइन शॉपिंग करना बहुत ही आसान हो गया है। क्योंकि ऑनलाइन शॉपिंग करने के लिए दुकान पर जाकर परेशान नहीं होना पड़ता आप घर बैठे अपनी मनचाहे समान को ऑर्डर कर पाते हैं। अमेज़न दुनिया की सबसे बड़ी विश्वासनिय ई-कॉमर्स कंपनी है। इस वेबसाइट पर लोग आंखें बंद करके विश्वास करते हैं।

ऐमेज़ॉन में लगभग 2 लाख 30 हज़ार से भी ज्यादा लोग काम करते हैं। अमेज़न एक ऐसी वेबसाइट है जहां रिचार्ज, इलेक्ट्रॉनिक बिल, DTH रिचार्ज, Broadband रिचार्ज, Water बिल, गैस कनेक्शन घर बैठे ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। अमेजॉन एक ऐसी कंपनी है जो खुद कोई चीज नहीं बनाती यह अलग-अलग कंपनी से उचित मूल्य में सामान खरीद कर अपने ग्राहकों को बेचती है।

अमेज़न पर सभी प्रकार की चीजें उपलब्ध होते हैं जैसे किताबे, इलेक्ट्रॉनिक सामान, (male, female, chilldrens) सबके कपड़े उपलब्ध होते हैं। इसके अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर यहां तक कि किराने के सामान भी आपको यहां आसानी से मिल जाते हैं। यही नहीं अमेज़न पेमेंट लेने में भी बहुत सारी सुविधाएं उपलब्ध कराती है जैसे कैश ऑन डिलीवरी, क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन पेमेंट, नेट बैंकिंग इन किसी भी सुविधा को अपनाकर आप पेमेंट कर सकते हैं।

amazon के service

अमेज़न ने इंडिया में अब Amazon Prime सर्विस लॉन्च किया है। अमेज़न ने एक नया फीचर लॉन्च किया है जिसका नाम है अमेज़न प्राइम इसकी लोकप्रियता पहले से ही US में फैली हुई है। हालांकि इसके बारे में भारत के लोग अभी कम बहुत ही जानते हैं। अमेजॉन प्राइम अमेज़न की प्रीमियम सर्विस होती है जिसके लिए यूजर्स को पहले ही अमेज़न प्राइम का सब्सक्रिप्शन(Subscription) लेना पड़ता है। सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आप जो भी प्रोडक्ट अमेज़न प्राइम के अंदर खरीदते हैं इसके लिए आपको कोई भी शॉपिंग चार्ज या डिलीवरी चार्ज देना नहीं पड़ता। इसके सब्सक्रिप्शन लेने के बाद आपको बहुत से सर्विस भी मिल जाते हैं।

भारत में इन जगहो ऐमेज़ॉन के सेंटर खोले गए हैं।

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amazon के CEO Jeff Bezos

दुनिया की सबसे बड़ी इ-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन के CEO जैफ बेज़ोस अपने दृढ़ निर्णय व दूर की सोच के कारण जिस तरह आगे बढ़े हैं वह वाकई में बहुत अलग सक्सेसफुल स्टोरी है। आज जैफ बेज़ोस के पास 8. 29 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है। और उनकी अमेज़न कंपनी की कीमत 66.32 लाख करोड़ रुपए है।

फोर्ब्स ने दुनिया के सबसे अमीर लोगों की नई सूची जारी की जिसमें जैफ बेज़ोस को पहला पायदान मिला है। बेज़ोस 112 बिलियन यानी कि 7.27 लाख करोड़ रुपए के मालिक रह चुके हैं। साल 2018 में अमेज़ॉन दुनिया की तीसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनी। फ़ोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार बेज़ोस के पास 23 लाख अमेरिकों के बराबर संपत्ति है। साथ ही वे दुनिया के इकलौते शख्स हैं जिनकी संपत्ति 100 बिलियन के पार है।

जैफ बेजॉस आज पूरी दुनिया के सबसे अमीर शख्स कहलाते हैं। लेकिन उनका पारिवारिक जीवन कुछ अच्छा नहीं था क्योंकि जब वह 4 साल के थे तभी उनके माता-पिता का डिवोर्स हो गया तलाक के बाद उनकी मां ने मिगुअल बेज़ोस से दूसरी शादी कर ली। बेज़ोस का जन्म 12 जनवरी साल 1964 में हुआ था।

अमेज़न के मुख्य संपादक बेज़ोस ने जिंदगी के कुछ ऐतिहासिक बातों से पर्दा उठाते हुए कहा कि उनके पिता अमेरिका के वाशिंदे नहीं थे। वे 16 वर्ष की आयु में ही क्यूबा से फ्लोरिडा आ गए जैफ ने कहा जब उनके पिता साल 1962 में अमेरिका आए थे, तब वे ठीक से अंग्रेजी भी नहीं बोल पाते थे। लेकिन इन्होंने लाख संघर्ष के बाद भी हार नहीं मानी और जीवन की शुरुआत की। यह मेरे लिए बहुत गर्व का पल है उनके इस दृढ़ निश्चय की बदौलत ही आज हम जिंदगी के यह सुनहरे पल देख रहे हैं। जैफ बेज़ोस ने कहा कि मेरे पिता अमेरिका एक सपना लेकर आए थे जो आज मैंने इतनी बड़ी कंपनी को खड़ा किया है और सबसे ज्यादा अमीर होने का खिताब पाया।

Bezos ने कहा, मिगुअल मेरे असली पिता नहीं है

जैफ बेज़ोस ने कहा कि भले ही मेरे असली पिता नहीं है लेकिन उन्होंने मुझे अपना नाम दिया जिसने कहा कि जब उनकी उम्र 4 साल की थी तब उनकी मां जैकलिन गीते ने इनसे शादी की जिन्होंने मुझे अपना नाम दिया। बेज़ोस ने ट्वीट करके लिखा की उनके पिता का दृढ़ निश्चय, आशावादी नजरिया मेरे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा रही है। जैफ बेज़ोस ने अपने पिता की जिंदगी के शानदार सफर को सेलिब्रेट करने के लिए ट्वीट किया और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया।

amazon के CEO जैफ बेज़ोस की कहानी

अमेजॉन के CEO जैफ बेज़ोस अपनी नौकरी छोड़कर अमेजॉन का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच रहे थे। तब उन्होंने “न्यूनतम पश्चाताप” की नीति के आधार पर निर्णय लिया। उन्होंने सोचा कि 80 साल की उम्र में उन्हें नौकरी छोड़ने का अफसोस नहीं होगा। लेकिन इस बात का अफसोस जरूर होगा कि उन्होंने ऑनलाइन गोल्ड से फायदा नहीं उठाया। उन्होंने अपने दिए गए इंटरव्यू में कई बार इस बात को कहा है।

जानिए amazon के बारे में और फ़ोर्ब्स की सूचि में नंबर वन की रैंक हांसिल करने वाले amazon के Founder “Jeff Bezos” की कहानी।

जैफ बेज़ोस ने साल 1994 में कंपनी शुरू की शुरुआत की थी

बेज़ोस ने साल 1994, जुलाई के महीने में अपनी कंपनी की स्थापना की और 1995 में इसकी शुरुआत की। पहले अमेज़ोन का नाम केडेब्रा डॉट कॉम रखना चाहते थे लेकिन 3 महीने बाद उन्होंने इसका नाम बदल कर amazon.com कर दिया।

कंपनी का नाम amazon क्यों रखा गया

क्या आप जानते हैं कि आखिर क्यों इसका नाम अमेज़न रखा गया दरअसल आपको तो पता ही होगा कि हमारे इस दुनिया की सबसे बड़ी नदी का नाम है अमेज़न और इसीलिए बेज़ोस ने भी अपनी कंपनी का नाम इस नदी के नाम पर रखा। क्योंकि वह दुनिया की सबसे बड़ी ऑनलाइन बुक सेलर कंपनी बनना चाहते थे। पहले तो उनकी वेबसाइट ऑनलाइन बुक स्टोर के रूप में शुरू हुई लेकिन धीरे धीरे सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीवीडी, कपड़े भी बेचने लगे।

अमेज़न कंपनी पहले एक गैराज में शुरू हुई थी। सिर्फ तीन कंप्यूटर से ऑनलाइन बिक्री का सॉफ्टवेयर बेज़ोस ने खुद बनाया था। $3 लाख डॉलर की शुरुआती पूंजी उनके माता-पिता ने लगाई कंपनी की स्थापना के वक्त उनके पिता ने उनसे पहला सवाल पूछा था कि इंटरनेट क्या होता है उनकी मां ने जवाब देते हुए कहा था कि हमने इंटरनेट पर नहीं बल्कि जैफ पर दांव लगाया है लगाया है।

साल 1995 के 16 जुलाई को बेजॉस ने अपनी वेबसाइट पर पहली बार बुक्स बेचना शुरू किया था। खुशी की बात तो यह थी कि पहले महीने में ही अमेज़न ने अमेरिका के 50 राज्यों और 45 अन्य दूसरे देशों में बुक्स बेच डाली। लेकिन यह काम आसान नहीं बहुत मुश्किल था, जमीन पर घुटनों के बल बैठकर किताबों को पैक करना पड़ता था और पार्सल देने के लिए जाना पड़ता था। फिर मेहनत आखिर में रंग लाई और सितंबर साल 1995 तक हर हफ्ते $20,000 की बिक्री होने लगी।

साल 2007 में एक बड़ा मोड़ आया

साल 2007 के नवंबर महीने में कंपनी ने एक महत्वपूर्ण मोड़ ले लिया। जब अमेज़न ने बाजार में अमेज़न किंडल किंडल नाम का ई-बुक रीडर निकला जिसके जरिए किताबों को जल्दी ही डाउनलोड करके पढ़ा जा सकता था। इससे कंपनी को बहुत लाभ हुआ, इससे किंडल की तो बिक्री बढ़ी ही साथ ही दूसरे किंडल फॉर्मेट में भी ज्यादा से ज्यादा किताबे पढ़ी जाने लगी और ग्राहकों के लिए यह बहुत सुविधाजनक था। क्योंकि अब उन्हें बुक्स के आने का इंतजार नहीं करना पड़ता था और मनचाही बुक मिनटों में उनके पास आ जाती थी। जब नेट बैंकिंग का दौर शुरू हुआ तब जैफ बेज़ोस ने सबसे ज्यादा फायदा उठाया। जब नेट बैंकिंग युग शुरू हुआ तब कंपनी का रेवेन्यू 1997 के 1 करोड़ डॉलर से बढ़कर $12 हज़ार हो गया।

जैफ बेज़ोस को बिज़नेस का आइडिया कहां से मिला 

दरअसल अप्रैल 1994 में बेज़ोस को नेट पर यह जानकारी मिलि की इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले की संख्या 2300 प्रतिशत वार्षिक दर से बढ़ रही है। फिर उन्होंने सोचा कि अगर इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या इतनी तेजी से बढ़ रही है तो फिर इस पर आधारित बिज़नेस ही क्यों ना किया जाए। उसके बाद बेज़ोस ने दिन रात मेहनत की और एक ऐसा सॉफ्टवेयर बना डाला जिससे किताबे इंटरनेट से आर्डर किया जा सके। उस समय बेज़ोस के इरादे इतने बुलंद थे की उन्होंने अपने फाइनेंसिंग कंपनी से कहा “मैं पुस्तक उद्योग के बारे में कुछ नहीं जानता। मैं तो बस इतना जानता हूं कि मैं इंटरनेट पर पुस्तक भेजकर पुस्तक उद्योग का नक्शा बदलने वाला हूं।

जैफ बेज़ोस इंटरनेट पर बुक्स बेचने का सपना देखा और उसे साकार करके अरबपतियों की सूची में शामिल हो गए। उन्होंने amazon.com शुरू करने का ऐसा जोखिम उठाया कि उन्होंने इतिहास रच कर रख दिया। लेकिन उन्हें यह सफलता बैठकर नहीं मिली ना ही आसानी से मिली है यह सफलता उन्हें बहुत जोखिम उठाने के बाद प्राप्त हुई है। क्योंकि उस समय इंटरनेट पर सामान बेचना या ऑनलाइन मार्केटिंग बहुत का ज़माना ही नहीं था और था भी तो बहुत कम तब ऐसे नए विचार भी नहीं थे। उस समय इंटरनेट पर सामान बेचना या ऑनलाइन मर्केटिंग बहुत नया विचार था। अगर उस समय कस्टमर क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदने के लिए तैयार नहीं होते तो सारी मेहनत पर पानी फिर जाता। इसके अलावा भी इस काम में बहुत सारे प्रॉब्लम थी जैसे कि कौन सा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया जाएगा। पूरी दुनिया से अगर लोग सामान ख़रीदेंगे तो वह कैसे पहुंचाया जाएगा।

जानिए amazon के बारे में और फ़ोर्ब्स की सूचि में नंबर वन की रैंक हांसिल करने वाले amazon के Founder “Jeff Bezos” की कहानी।

साल 1993 में बेज़ोस की शादी हुई थी और कुछ समय बाद ही नौकरी छोड़ने का जोखिम उठा लेना बहुत बड़ा डिसीजन था। क्योंकि इस बिजनेस को शुरू करने के लिए जैफ बेज़ोस को अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़नी पड़ी थी। अब उन्हें हर साल 10 लाख डॉलर मिलते थे। लेकिन बेज़ोस बिज़नेस में होने वाले जोखिमों से जरा भी नहीं घबराए, रिस्क लेने की इच्छा ही शायद सक्सेस और अनसक्सेस लोगों में फर्क तय करती है। उन्होंने नए बिजनेस करने के लिए अपना सब कुछ दाव पर लगा दिया। उन्होंने अपनी बिज़नेस के खातिर ही अपनी बचत, नौकरी, शादी और अपनी जिंदगी भी दांव पर लगा दी। उस समय बात करने वाले लोग कहते थे कि बेज़ोस की सफलता की संभावना बहुत कम है। लेकिन उन्होंने ऐसी नकारात्मक बातों को कभी महत्व नहीं दिया। उन्होंने हमेशा लोगों के बातों को सुनने के अलावा अपने काम पर ध्यान दीया और अपने सपने के खातिर इतना बड़ा जोखिम उठाया।

Amazon.com साल 1995 में जून के महीने में शुरू हुई और उसने सचमुच पुस्तक उद्योग का नक्शा बदल ही दिया। और इसका नाम संसार की सबसे बड़ी नदी के नाम पर रखा गया क्योंकि बेज़ोस संसार के सबसे बड़े पुस्तक विक्रेता बनना चाहते थे। जल्द ही जैफ बेजॉस का सपना साकार हो गया अमेज़ॉन शुरू करने के 4 साल बाद ही साल 1999 में amazon.com का बाजार कीमत 6 अरब डॉलर हो गया। आज उनकी वेबसाइट से बुक्स के अलावा भी सैकड़ों प्रोडक्ट खरीदे जाते हैं। जोखिम लेने की बदौलत ही आज जैफ बेज़ोस दुनिया के सबसे अमीरों की गिनती में शामिल है। लेकिन किसी भी काम को करने के लिए जोखिम के साथ ही एक्शन प्लान तैयार करके धीरज के साथ मेहनत करना बहुत जरूरी होता है। इसे ही केलकुलेटर भी कहा जाता है।

उनके मेहनत धीरज और इच्छाशक्ति ने यह साबित कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं होता। हर इंसान दृढ़ इच्छाशक्ति रखकर कोई भी काम कर सकता है। जबकि कंपनी के नाम आज कई रिकॉर्ड दर्ज दर्ज हुए हैं। और आप बेज़ोस का यह सपना है कि वे अंतरिक्ष में शहर और होटल बनाए। इसके अलावा बेज़ोस की इच्छा वही परम अम्यूज़मेंट पार्क बनाने की भी है।

Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।

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