Tuesday, May 17, 2022
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बिहार विधानसभा चुनाव 2020: बिहार राजनीति के कुछ खास पहलू, जानिए क्या कहते हैं हालात। किसकी होगी हार और कौन मारेगा बाजी इसबार।

बिहार के विधानसभा चुनाव 2020 का तीसरा चरन खत्म हो गया है। सारे राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों और जनता जनार्दन सभी को अब मतगणना की तारीख जो कि 10 नवंबर को रखा गया है उसीका इंतजार है। जब विधानसभा चुनाव का नतीजा सामने आएगा सबके मन में यही सवाल होगा कि इस बार किसका होगा बिहार में राजतिलक ? कौन बनेगा बिहार का मुख्यमंत्री ? कौन बनने जा रहा है इस बार बिहार का सरकार ? एनडीए या महागठबंधन।

बिहार विधानसभा चुनाव का तीसरा चरण का मतदान शनिवार 7 अक्टूबर के दिन हुआ। इस दौरान सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक 78 सीटों पर वोटिंग हुई। आखिरी चरण की लड़ाई में कुछ उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई लेकिन अब सबकी निगाहें 10 नवंबर पर टिकी हुई है। जब 246 सीटों की मतगणना होगी और अब अलग-अलग चैनल्स के एग्जिट पोल भी आने शुरू हो गए हैं l ऐसे में बिहार में एनडीए और महागठबंधन में कांटे की टक्कर नजर आ रही है।

बिहार विधानसभा चुनाव 2020: बिहार राजनीति के कुछ खास पहलू, जानिए क्या कहते हैं हालात। किसकी होगी हार और कौन मारेगा बाजी इसबार।

फतुहा विधानसभा में 405 और बख्तियारपुर विधानसभा में 410 मतदान केंद्र हैं। इसीलिए इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में परिणाम जल्दी ही आने की संभावना देखी जा रही है। पटना के 14 विधानसभा क्षेत्रों में से सबसे पहले फतुहा विधानसभा और बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र के परिणाम घोषित किए जाएंगे। क्यूंकि इन दो विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रों की संख्या अन्य विधानसभा क्षेत्रों की तुलना से काफी कम है। तो वही कुम्हरार और बांकीपुर विधानसभा के परिणाम देर से आएंगे, दीघा की गिनती देर तक चलती रहेगी, पटना जिले के सभी 14 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एएन कॉलेज में मतगणना स्थल बनाया गया है। पटना साहिब विधानसभा की मतगणना चार जगहों पर करने की व्यवस्था की गई है।

विधानसभा की मतगणना सुबह 8:00 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी सबसे पहले बैलेट पेपर से डाले गए वोटों की गिनती होगी। सुबह 8:15 से ईवीएम से गणना शुरुआत हो जाएगी अधिकारियों का कहना है कि ईवीएम से एक राउंड की गणना करने में करीब 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। इसीलिए पहला रुझान सुबह 8:30 बजे तक आने की संभावना है। मतगणना में लगभग 600 कर्मचारी लगाए गए हैं और साथ ही कोविड-19 के खतरे को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया है। मतगणना में शामिल कर्मचारियों से अपील की गई है कि वे 10 नवंबर की सुबह 6:00 बजे ही मतगणना स्थल पर पहुंच जाएं ताकि समय से ईवीएम और मतपत्रों की गणना हो सके।

सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद अगले राउंड की गणना शुरू होगी

भारत निर्वाचन आयोग ने सभी मतगणना स्थलों पर पहले राउंड की गणना समाप्त होने के बाद उन्हें एन कोर सॉफ्टवेयर में लोड करने को कहा गया है, इसीलिए इस बार काउंटिंग में देरी हो सकती है। उसके बाद ही दूसरे राउंड की गणना करने का निर्देश दिया गया है इसीलिए इस बार काउंटिंग में देरी की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि पहले राउंड के फाइनल काउंटिंग होने के बाद उसे सॉफ्टवेयर मैं लोड किया जाएगा और तब दूसरे राउंड की गिनती शुरू होगी।

क्रिकेट से करियर की शुरुआत करने वाले तेजस्वी यादव ने घर में ही राजनीति का ककहरा सीखा और फिर क्रिकेट से नाता जोड़कर अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाला। हालांकि राजनीति के मैदान में लालू के दोनों बेटे उतरे हुए हैं लेकिन विरासत की अगुवाई का ज़िम्मा तेजस्वी के हवाले हैं।

एग्जिट पोल के नतीजे सच होने पर तेजस्वी रचेंगे इतिहास

तेजस्वी अगर बिहार के मुख्यमंत्री बनते हैं तो फिर वे अब तक किसी भी राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री बनकर देश में इतिहास बनाएंगे l 9 नवंबर साल 1989 को जन्मे तेजस्वी यादव आज 31 साल के हो जाएंगे। एक्ज़िट पोल के मुताबिक तेजस्वी अगर सीएम बनते हैं तो वे पूरे देश में किसी भी राज्य के सबसे कम उम्र यानी कि कम उम्र के मुख्यमंत्री कहलाएंगे। साल 2020 में 9 नवंबर के दिन तेजस्वी यादव 31 साल के हो गए हैं ऐसे में अगर वो चुनाव जीतते हैं तो उन्हें जन्मदिन का ऐतिहासिक तोहफा मिलेगा। और सबसे कम उम्र में सीएम बनने का गौरव प्राप्त होगा।

हालांकि इससे पहले एम ओ एच फारूक 29 साल की उम्र में पांडिचेरी के मुख्यमंत्री बने थे। लेकिन पांडिचेरी केंद्र शासित प्रदेश है इससे पहले 1968 में बिहार में मुख्यमंत्री बने सतीश प्रसाद सिंह 32 साल की उम्र में सीएम बने थे। ऐसे में अगर तेजस्वी यादव 31 साल के उम्र में सीएम बनेंगे तो यह उनका एक रिकॉर्ड बन जाएगा और वे पूरे भारत में सबसे कम उम्र में मुख्यमंत्री बनने वाले पहले मुख्यमंत्री कहलाएंगे।

विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं

कार्यकर्ताओं को दो टूक कहा गया है कि 10 नवंबर को चुनाव के परिणाम चाहे जो भी आए लोगों को संयम बरतना परेगा। पार्टी के अधिकारी टि्वटर हैंडल से कार्यकर्ताओं को यह निर्देश दिया गया है कि चुनावी नतीजों को लेकर कोई भी जोश में होश ना खोए जो भी नतीजा सामने आए उसे पूरे संयम, सादगी व शिष्टाचार से स्वीकार करें।

तेजस्वी यादव ने किए हैं जितने पर 10 लाख रोजगार देने का वादा

फिलहाल तो तेजस्वी यादव जनता से कुछ ज्यादा वादे करते नजर नहीं आ रहे हैं l लेकिन उन्होंने दावा किया है कि अगर वे चुनाव में जीते हैं तो वह जरूर 10 लाख रोजगार लोगों को देंगे। क्योंकि फिलहाल में ही अगर बिहार के हर क्षेत्र में देखा जाए तो हर जगह डॉक्टर, नर्स, पुलिसकर्मी, सिपाही, शिक्षा विभाग में टीचर, प्रोफ़ेसर सब की कमी है, हर क्षेत्र में ही लगभग 60 प्रतिशत पद खली है। उन्होंने बोला कि अभी भी साढ़े 4 लाख पद खली हैं जिनमें लोगों की पूर्ति हम करवाएंगे।  

और साढ़े 5 लाख पद की जो बात है वह पूरे राष्ट्रों के औसतन मानकों को मिलाते हुए करना है। बजट के मामले में उन्होंने कहा कि बजट प्लान की अगर आप देखिएगा तो बिहार का बजट करीब दो लाख करोड़ प्लस है। ऐसे में उस बजट का करीब 60 फ़ीसदी ही खर्च हो पाता हैं 40 फ़ीसदी यानि की 80 हजार करोड रुपए बिहार का बजट उपयोग ही नहीं हो पाता जो ऑलरेडी बिहार के बजट में आता है।

Jhuma Ray
Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।
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