अमेरिका की बड़ी खबर: समोसा कॉकस के लिए चारो भारतीय अमेरिकी सांसद दोबारा चुने गए।

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अमेरिका की बड़ी खबर: समोसा कॉकस के लिए चारो भारतीय अमेरिकी सांसद दोबारा चुने गए।
अमेरिका की बड़ी खबर: समोसा कॉकस के लिए चारो भारतीय अमेरिकी सांसद दोबारा चुने गए।

डेमोक्रेटिक पार्टी के समोसा कॉकस के चारों सांसदों के प्रतिनिधि सभा के लिए दोबारा चुन लिया गया हैं। खुशी की बात यह है कि यह चारो सांसद भारतीय मूल के ही है। आपको बता दे, जिन भारतवंशियों पर अमेरिकी जनता ने एक बार फिर से विश्वास जताया है उनमें एमी बेरा, प्रेमिला जयपाल, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति के नाम शामिल है। गौर करने वाली बात है, कि चुनाव से पहले राजा कृष्णमूर्ति ने पार्टी की तरफ से उम्मीदवार बनने वाले मौजूदा सांसदों को समोसा कॉकस की उपाधि दी थी। जबकि इस बार डेमोक्रेटिक पार्टी ने उनको ही राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी बना दिया है।

डेमोक्रेटिक पार्टी से सम्पर्क रखते हैं जीतने वाले सभी भारतवंशी नेता

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लुभाने में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी कोई कसर नहीं छोड़ रही है। अमेरिका में लगभग 40 लाख भारतीय-अमेरिकी समुदाय बसते हैं, जिनमें से 25 लाख के करीब मतदाता है। फ्लोरिडा, जॉर्जिया, मिशीगन, नॉर्थ कैरोलिना, पेंसिलवेनिया और टेक्सोस जैसे कांटे के मुकाबले वाले प्रान्तों में भारतीय-अमेरिकी मतदाता प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। 

डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से चुनाव जीतने वालो कि सूची में डॉ हिरल तिपिरनेनी का नाम भी शामिल हो सकता है। यह उम्मीदवार, एरिजोना में एक अन्य रिपब्लिकन उम्मीदवार डेबिट श्वेकीर्त से आगे चल रही है। 55 वर्षीय की प्रेमिला जयपाल भारतीय मूल की पहली अमेरिकी महिला थी, जिनको वर्ष 2016 में प्रतिनिधि सभा के लिए चुन लिया गया था। 47 वर्षीय राजा कृष्णमूर्ति ने लिबेरट्रीयन पार्टी के प्रेस्टन नेलशन को आसानी से हरा दिया। उनको लगभग 71 फ़ीसदी वोट मिले थे। 44 वर्षीय रो खन्ना ने भारतीय मूल के रितेश टण्डन को हराया। इसीके साथ रो टण्डन लगातार तीसरी बार जीते हैं।

समोसा कॉकस के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ एमी बेरा ने लगातार पांचवीं बार जीत हासिल की है। इसके अलावा भारतीय मूल के प्रेस्टन कुलकर्णी रिपब्लिक प्रत्याशी ट्रॉय नेल्स को कड़ी टक्कर दे रहें हैं। कुछ भारतीय मूल के प्रत्याशियों को रिपब्लिकन पार्टी ने भी टिकट दिया था लेकिन उनमें से कोई भी जीत हासिल नहीं कर सका। रिपब्लिकन मंगा अनंतमुला, डेमोक्रेटिक प्रत्याशी गेरी कोनोली से हार गए हैं। पहली बार मैदान में उतरी निशा शर्मा को भी हार का सामना करना पड़ा है।

न्यूयॉर्क प्रांत की विधायिका के लिए जेनिफर राजकुमार चुनी गई

जेनिफर राजकुमार जो डेमोक्रेटिक पार्टी की सदस्य है, ऐसी पहली दक्षिण एशियाई महिला बन चुकी जिनको न्यूयार्क प्रांत की विधायिका के लिए चुना गया। भारतीय अमेरिकी समुदाय से संपर्क रखने वाली जेनिफर राजकुमार ने रिपब्लिकन प्रतिद्वंदी गिओबनी परना हरा दिया। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कानूनी डिग्री हासिल करने वाली जेनिफर राजकुमार प्रांतीय विधायिका के रूप में न्यूयॉर्क सिटी का प्रतिनिधित्व करने वाली है। उधर, ओहिओ की प्रांतीय विधायिका के लिए भारतीय अमेरिकी धीरज अंतनी को चुना गया है। 

सेना से अवकाशप्राप्त किए नेहल्स को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समर्थन किया

टेक्सास के 22 वें कांग्रेस निर्वाचन क्षेत्र से डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर लड़ रहे श्री प्रेस्टन कुलकर्णी (42) को रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रॉय नेहल्स  (52) से हार मिली है।  लोकप्रिय शेरीफ (काउंटी में पुलिस अधिकारी) और सेना से अवकाश प्राप्त नेहल्स को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समर्थन किया था। वर्जीनिया के 11 वे कांग्रेस निर्वाचन क्षेत्र से रिपब्लिकन पार्टी उम्मीदवार मंगा अनंतमुला को मौजूदा डेमोक्रेटिक सांसद और उम्मीदवार गेरी कॉनोली से हार मिली है। वही रिपब्लिकन पार्टी प्रत्याशी निशा शर्मा को भी डेमोक्रेटिक पार्टी प्रत्याशी मार्ग डीसाउलनियर से 50% से अधिक मतों से हार मिली है। उल्लेखनीय बात तो यह है कि अमेरिकी कांग्रेस में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव निचला सदन है जबकि सीनेट उच्च सदन है।

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