Thursday, May 19, 2022
Homeहिन्दीजानकारी15 मिनट के अंदर चीन को खदेड़ने का राहुल गांधी का Formula:...

15 मिनट के अंदर चीन को खदेड़ने का राहुल गांधी का Formula: सच्चाई सबके सामने आनी ही चाहिए।

भले ही आज भाजपा की सरकार है लेकिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी जी अक्सर अपने बयानों और कारनामों के चलते सुर्खियों में रहते हैं। अक्सर उनके चर्चे हर जुबान पर होते रहते हैं। हालही में 6 अक्टूबर 2020 को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जो किसानों की एक रैली हुई थी उसमें राहुल गांधी ने एक दावा किया था। उस दिन से राहुल गांधी का दावा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। राहुल गांधी ने कहा था कि भारत पूरी दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जहां किसी दूसरे देश की सेना ने घुसकर यहां की जमीन पर कब्जा करके रखा है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर वे सत्ता में होते तो सिर्फ 15 मिनट के अंदर अंदर चीन की सेना को भगा देते सिर्फ भगा ही नहीं देते बल्कि उसे उठाकर एक 100 किलोमीटर पीछे फेंक देते।

पड़ गए ना आप भी सोच में। आप ही की तरह देश के बाकी जनता भी राहुल गांधी के इस दावे को सुनकर सोच में पड़ गए कि आखिर राहुल गांधी 15 मिनट के अंदर चीनियों को कैसे भगा देते। उनके इस दावे का आधार क्या है और वह कौन सा ऐसा फार्मूला है जिसके आधार पर राहुल गांधी ऐसा करने की क्षमता रखते हैं। तो आपको जानकर यह हैरानी होगी कि राहुल गांधी कि यूपीए सरकार 2009 में इस तरह का कारनामा कर चुकी है। जी हां दोस्तों, एक समय में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में तत्कालीन यूपीए सरकार ने भारतीय सीमा में चीनी घुसपैठ और 2 जवानों के घायल होने के मामले को सिर्फ और सिर्फ 15 मिनट में निपटा डाला था।

आपको बता दें, राहुल गांधी के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने चीनियों को भगाने के लिए जिस फॉर्मूले को अपनाया था उस फार्मूले को दूरदर्शन न्यूज़ के पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने ट्वीट कर जनता को बखूबी समझाया है। दरअसल उन्होंने 2009 में छपी “दा हिंदू” की एक खबर की कटिंग शेयर की है जिससे राहुल गांधी के 15 मिनट वाला फार्मूला साफ हो जाता है। अशोक श्रीवास्तव ने अपने ट्वीट में लिखा है कि राहुल गांधी के चीन को 15 मिनट में भगाने का फार्मूला यही है कि 1 मिनट में घुसपैठ की खबर का खंडन कर दिया जाता है और बाकी के 14 मिनट के अंदर रिपोर्ट करने वाले पत्रकारों पर FIR हो जाती है। उन्होंने कहा कि इसी तरह चीन को राहुल गांधी ने 15 मिनट में भगा दिया।

दरअसल में अशोक श्रीवास्तव ने अपने ट्वीट में दा हिंदू द्वारा 20 सितंबर 2009 को “Media Asked not to Overplay China Border Incidents” शीर्षक से प्रकाशित खबर को आधार बनाया है। इस मामले में द हिंदू ने सरकार के पक्ष को प्रकाशित किया था। द हिंदू ने लिखा था कि दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने सीमा पर फायरिंग और जवानों के घायल होने वाली बात को खंडन किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि उन्होंने इस खबर को गंभीरता से लिया है और इसे अपराधिक कृत्य मानते हुए वे FIR दर्ज कराने जा रहे हैं। आज ऐसी हजारों रिपोर्ट्स प्रकाशित होती है और देश के विरोध में लिखा जाता है।

आपको बता दें 15 सितंबर 2009 को द हिंदू में “Two ITBP Jawans Injuired in China Border Firing” शीर्षक से एक खबर प्रकाशित हुई थी जिसमें यह लिखा गया था कि चीन द्वारा सीमा पर की गई फायरिंग से ITBP के 2 जवान घायल हुए हैं। इस खबर पर तत्कालीन मनमोहन सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए झूठा करार दिया था, पत्रकारों को अदालत में पेश होने को कहा गया था और खबर का सूत्र बताने को भी कहा गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने तो इस मुद्दे को ही मीडिया हाइप करार दिया था। उनका कहना था कि ऐसी खबरों से कोई अपना नियंत्रण तक हो सकता है और सचमुच में कोई बड़ी घटना घट सकती है।

जानकारी के लिए बता दें सितंबर 2009 में यूपीए की दोबारा सरकार बनने के कुछ ही महीने बाद भारत-चीन तनाव फिर से शुरू हो गया था और तब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित उनकी सरकार ने सारा का सारा दोष मीडिया के मत्थे ही मड़ दिया था। उनका यह कहना था कि मीडिया ने जवानों के घायल होने की खबरों को लेकर भ्रम फैलाया है और इन खबरों में जरा सी भी सच्चाई नहीं है।

इस बात से देश का हर एक नागरिक वाकिफ है कि आज की तारीख में राहुल गांधी सहित लगभग सभी कांग्रेस नेता लोग रोज सरकार और सेना के खिलाफ बोलते हैं। सरकार और सेना के बयान को बिना तथ्य के गलत करार देते हैं चीनी सेना की घुसपैठ की तरह तरह की कहानियां बनाते हैं और तो और अपने दावे की पुष्टि के लिए फर्जी सबूत तो तक का सहारा लेने से बाज नहीं आते। सिर्फ इतना ही नहीं कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से झूठा बयान तक दिलाते हैं। मीडिया में भी रोज सैकड़ों लेख छपते हैं, जिनमें चीन का एजेंडा फैलाया जाता है। लेकिन मोदी सरकार में तो किसी पर भी कार्यवाही नहीं हुई, वहीं यूपीए काल में एक खबर पर FIR हो जाया करती थी। यह बात काफी सोचने वाली है मीडिया से खबरों के स्रोत पूछे जाते थे और अपने शासन में चीन से गुप्त समझौते करने और दान लेने वाले राहुल गांधी आज जनता के सामने सिर्फ और सिर्फ अपने मुंह मिया मिट्ठू बनने में लगे हैं और उन्हें यह लग रहा है कि देश की जनता उनकी झूठी-मुट्ठी बातों से बहकावे में आ जाएगी। एक तरह से देखा जाए तो राहुल गांधी और उनकी पार्टी अभी पूरी तरह से इस कोशिश में लगी है कि किसी भी तरह से मोदी सरकार नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के इमेज को डाउन किया जाए ताकि आने वाले समय में जनता का पूरा पूरा सपोर्ट उन्हें प्राप्त हो सके।

ये भी पढ़े – मदरसों की तुलना कुम्भ मेला से: कांग्रेस ने उठाये बीजेपी के फैसले पर सवाल।

Jhuma Ray
Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।
RELATED ARTICLES

Leave a Reply

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: