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गोरखपुर के इन 5 जगहों के बारे में हम सभी को जानना चाहिए।

घूमने जाना किस को पसंद नहीं होता हम सभी चाहते हैं कि हम आए दिन नई नई जगहों पर घूमने जाए और नई-नई चीजें देखें लेकिन नई नई चीज है देखने के लिए जानकारी होना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर हमें कहां क्या है उसकी जानकारी ही नहीं देने की तो है कभी भी कैसे जाएंगे आज के पोस्ट में हम ऐसी 5 जगहों के बारे में बताने सिपाही सो के बारे में बताने जा रहे हैं जो गोरखपुर में है और वाकई में देखने लायक है अगर आपका घर गोरखपुर के आसपास किसी जिले या राज्य में है तो आपको गोरखपुर जाकर इन 5 चीजों को जरूर देखना चाहिए तो चलिए जानते हैं पांच चीजें कौन कौन सी है।

गोरखनाथ मंदिर 

धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से इस मंदिर का काफी महत्व है। बिहार, उत्तराखंड सहित उत्तर प्रदेश के आसपास के बहुत से जगहों से लोग इस मंदिर के दर्शन के लिए गोरखपुर आते हैं। इस मंदिर में नेपाल के गुरु गोरखनाथ की पूजन की जाती है। मान्यता के अनुसार गुरु गोरखनाथ ने ज्वाला देवी के स्थान से परिभ्रमण करते हुए भगवती राप्ती के तटवर्ती क्षेत्र में आकर तपस्या की थी और वहीं पर दिव्य समाधि लगा ली थी। उसी स्थान पर गोरखनाथ जी का भव्य मंदिर बन गया था। बात करें इस मंदिर के प्रमुख आकर्षण केंद्र की तो भीम सरोवर और लाइट एंड साउंड शो इस मंदिर का प्रमुख आकर्षण केंद्र है। मकर सक्रांति पर तकरीबन 5 लाख से अधिक श्रद्धालु इस मंदिर में पूजन करते हैं।

रामगढ़ ताल

गोरखपुर के इन 5 जगहों के बारे में हम सभी को जानना चाहिए।

शहर के दक्षिणी पूर्वी छोर पर यह रामगढ़ ताल 1700 एकड़ में फैला है। कहा जाता है कि यह रामगढ़ ताल प्रकृति की अनुपम भेंट है गोरखपुर वासियों के लिए। ईशा पूर्व छठी शताब्दी में गोरखपुर का नाम रामग्राम था और वहां कोलिय गणराज्य स्थापित थी। उस समय राप्ती नदी आज के रामगढ़ताल से होकर गुजरती थी। बाद पर राप्ती नदी की दिशा बदली तो उसके  अवशेष से रामगढ़ ताल अस्तित्व में आया। अब तो रामगढ़ ताल पूर्वांचल का मरीन ड्राइव बन चुका है और दूर-दूर से लोग इसको देखने के लिये आते हैं। लाइट एंड साउंड शो के साथ शाम होते ही ताल का जो नजारा होता है वह काफी ज्यादा आकर्षणीय और अद्भुत होता है, ऊपर से नौकायन और वाटर स्पोर्ट्स की तो बात ही मत करिए। नौकायान और वाटर स्पोर्ट्स ने तो रामगढ़ ताल की खूबसूरती में चार चांद लगा दिया हैं। 

गीता प्रेस

दुनिया भर के हिंदू धार्मिक ग्रंथों और पुस्तकों को प्रकाशित करने का एकमात्र केंद्र है गीता प्रेस जो गोरखपुर में है। सन 1930 में जया दयाल गोयनंका और घनश्याम दास जलान ने इस गीता प्रेस की नींव रखी थी जो आज काफी फेमस हो गया है। हिंदू धर्म के सबसे पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भागवत गीता, महाकाव्य रामायण महाभारत, पुराण, उपनिषद के साथ विभिन्न गुरु और संतों के महान व्याख्यानों और रचनाओं को गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित कियाजा चुका है। सिर्फ इतना ही नहीं इन ग्रंथों को क्षेत्रीय भाषा में भी प्रकाशित किया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं कल्याण और कल्पतरु  जैसी मासिक पत्रिकाएं भी यहां से प्रकाशित की जा रही है। वहां जाकर पर्यटक ना सिर्फ हिंदू धर्म से जुड़ी उन महान ग्रंथों को देख सकते हैं साथ ही अपनी पसंद अनुसार वहां से धर्म ग्रंथ खरीद भी सकते हैं। जो भी पर्यटक गोरखपुर में दर्शन के लिए जाते हैं गीता प्रेस का दर्शन एक बार जरूर करते हैं और वहां से हिंदू धर्म ग्रंथ और पुस्तको की भी भारी संख्या में खरीदारी करते हैं।

कुसम्ही बन 

कुसम्ही वन भी गोरखपुर में ही स्थित है। यह एक घना जंगल है। यह वन गोरखपुर रेलवे स्टेशन से 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह जंगल काफी आकर्षित है, जहां पर दूर-दराज से लोग इस जंगल को देखने के लिए आते हैं। इस जंगल के बीचों बीच एक बुढ़िया माई मंदिर भी है। इस मंदिर की प्रसिद्धि दूर-दूर तक प्रचलित है। यहां तक की योगी आदित्यनाथ भी कभी-कभार इस मंदिर में आकर पूजा-पाठ किया करते है। इसके अलावा का जंगल के भीतर ही आकर्षण विनोद वन पार्क और एक चिड़िया घर भी है। कुल मिलाकर यह स्थल प्राकृतिक और धार्मिक दोनों दृष्टिकोण से काफी आकर्षित और देखने लायक है। वहां का वन विभाग पर्यटकों की सुख सुविधाओं का ध्यान रखता है। हर साल भारी संख्या में लोग इस कुसम्ही जंगल के दर्शन के लिए आते हैं और यादें संजोकर ले जाते हैं। 

बौद्ध संग्रहालय

रामगढ़ ताल क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बौद्ध संग्रहालय दर्शकों के लिए आकर्षण का एक मुख्य बिंदु है। क्या आप लोग भी पुरातात्विक वस्तुओं को देखना चाहते हैं। अगर हां तो आपको वहां जरूर जाना चाहिए। क्योंकि इस बौद्ध संग्रहालय में पाषाण काल से लेकर मध्यकाल तक की सभी पुरातात्विक वस्तुएं रखी हुई है। खास करके इतिहास के छात्र-छात्राएं यहां पर अवश्य आते हैं।। इस राज्य के बौद्ध संग्रहालय की स्थापना सन 1987 में की गई थी। राजकीय बौद्ध संग्रहालय जाने पर आपको पत्थर की वस्तु, कांस्य की मूर्तियां, धातु की मूर्तियां, टेराकोटा, मिट्टी के बर्तन, पांडुलिपि, हाथी दांत इत्यादि के साथ पुरातात्विक काल के और भी बहुत सारी वस्तुएं देखने को मिलेगी।

निष्कर्ष

अगर आप भी घूमने फिरने के काफी शौकीन लोगों में से है और आपको भी नई नई चीजों को देखना पसंद है तो हम आपसे कहेंगे कि आप कम से कम एक बार गोरखपुर जरूर जाए और  गोरखपुर के इन 5 चीजों का दर्शन करना ना भूले। निश्चित तौर पर आप काफी इंजॉय करेंगे और आपको बिल्कुल भी बोरियत नहीं होगी। हालांकि अभी तो करोना कॉल चल रहा है और कहीं जाना संभव नहीं है। लेकिन जैसे ही कोरोना खत्म हो जाये और आपका कहीं बाहर घूमने फिरने जाने का मूड बने तो आप लोग गोरखपुर के 5 जगहों पर जरूर जाए। और अगर आपका घर गोरखपुर या यूपी के आसपास है फिर तो आपको गोरखपुर जाकर इन 5 जगहों के दर्शन करने ही करने चाहिए। आपको यह पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं और अगर आपको वाकई में आपने इस पोस्ट के माध्यम से इंजॉय किया तो इसको एक लाइक करें और ज्यादा से ज्यादा इस आर्टिकल को शेयर करें। हमें अपना कीमती समय देने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।

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Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।

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