क्या आपको पता है IPO का मतलब: जानिए IPO के बारे में सबकुछ।

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क्या आपको पता है IPO का मतलब: जानिए IPO के बारे में सबकुछ।
क्या आपको पता है IPO का मतलब: जानिए IPO के बारे में सबकुछ।

अक्सर हम बड़ी-बड़ी कंपनियों और बिजनेस से जुड़े शब्दों का अर्थ नहीं समझ पाते, जिसके चलते कभी-कभी ज्ञानी समाज के सामने हम मूर्ख बन जाते हैं। खासकर जब भी हम किसी बड़े शहर में बड़े लोगों के सामने जाते हैं तो ऐसे शब्द हमे सुनने को मिलते हैं और अगर वर्ड्स का मतलब हमें नहीं पता हो तो अपने आप में गिल्ट फील होता है, Embarrassment होता है। इसीलिए जितना हो सके हमे जानकारी रखना चाहिए। आज के इस पोस्ट में हम आपको IPO के बारे में बताने जा रहे हैं। इस आर्टिकल को प्लीज ध्यान से पढ़िये।

IPO क्या होता है

कोई कंपनी अपने सामान्य स्टॉक या शेयर पहली बार जनता के लिए जारी करती है तो उसे IPO कहां जाता है। IPO का फुल फॉर्म होता है (Initial Public Offering), जिसका मतलब “सार्वजनिक प्रस्ताव” होता है। यह अधिकतम छोटी और नई कंपनियों के द्वारा जारी किया जाता है। यह अधिकतम नए और छोटे कंपनियों द्वारा जारी किए जाते हैं, जो अपने व्यापार को बढ़ाने के लिए पूंजी चाहते हैं। लेकिन यह बड़े और निजी स्वामित्व वाले कंपनियों (privately-owned companies) के द्वारा भी जारी किए जा सकते हैं, जो सार्वजनिक बाजार में कारोबार करना चाहते हैं।

IPO यानि इनिशियल पब्लिक आफरिंग एक माध्यम होता है जिसके जरिए कंपनी सार्वजनिक हो जाती है और अपने शेयर को निवेशको और रिटेल ट्रेडर्स के लिए पेशकश करती है। जब एक कंपनी सामान्य जनता के लिए अपने शेयर को खरीद बिक्री करने का मौका उपलब्ध कराती है, सामान्य लोगों को कंपनी के हिस्से में भागीदारी पाने का अवसर प्राप्त होता है। 

IPO जारी करने वाली कंपनी चाहे तो किसी हामिदार (underwriting) कंपनी से मदद ले सकती है। जो उसे यह निर्धारित करने में मदद करेगी कि किस प्रकार जमानत (security)(सामान्य या अधिमान्य) जारी करनी चाहिए।

व्यक्तिगत निवेशकों के लिए IPO एक जोखिम भरा निवेश हो सकता है। यह थोड़ा मुश्किल होता है कि शेयर अपने प्रारंभिक दिन के व्यापार और निकट भविष्य में कैसा प्रदर्शन करेगा। क्योंकि उनके पास कंपनी का विश्लेषण करने के लिए संपूर्ण आंकड़े नहीं होते हैं। इसके अलावा IPO अधिकतम उन कंपनियों के होते हैं जो एक अस्थाई विकास के दौर से गुजर रहे हैं। इसीलिए उनके फ्यूचर में मूल्य के संदर्भ में अनिश्चितता बनी रहे थे।

जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर को पब्लिक एक्सचेंज (public exchange) करती है तो इसे IPO कहते हैं। इस प्रक्रिया में कंपनियां अपने शेयर आम लोगों को ऑफर करती है और यह प्राइमरी मार्केट के अंतर्गत होता है। अगर सिंपल भाषा में कहें तो IPO के जरिए कंपनी फंड इकट्ठा करती है और उस फंड को कंपनी की तरक्की में खर्च करती है। बदले में IPO खरीदने वाले लोगों को कंपनी में हिस्सेदारी मिलती है। यानी कि जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो आप उस कंपनी के खरीदे गए हिस्से के मालिक होते हैं यह कंपनी एक से ज्यादा बार भी IPO ला सकती है।

IPO के बारे में आशा करते हैं अभी तक आप लोग अच्छी तरह से समझ गए होंगे। अगर अभी भी आपको कोई डाउट है सवाल है तो जरूर कमेंट करें और इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें, लाइक करें और लगातार विजिट करते रहे। आपको इसी तरह की अच्छी-अच्छी और खास जानकारियां इस वेबसाइट के माध्यम से मिलती रहेगी।

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