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पूणे का एक अनोखा School: जहाँ पर सिर्फ 5-6 साल के बच्चें नई नई चीजें अविष्कार कर लेते हैं।

हेलो दोस्तों! कैसे हो आप सभी। उम्मीद करतें ठीक ही होंगे। स्वागत है आपका एक बार फिर से हमारे वेबसाइट पर। आज हम आपको एक स्कूल और वहां के स्टूडेंट के बारे में बताएंगे, जिसके बारे में जानने के बाद आप सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि अगर ऐसे ही स्कूल भारत के हर जगह हो तो इंडिया आने वाले Future में कितना आगे जाएगा। आज हम आपको “Wablewadi Zilla Parishad School” के बारे में बताएंगे जो पुणे महाराष्ट्र में है।।

अनोखा एक स्कूल

महाराष्ट्र के उस School के बच्चे अपने-अपने खूबी के अनुसार सोच कर हर चीज की मदद लेकर कुछ ना कुछ छोटी-मोटी चीजें बना लेते हैं। उनके द्वारा बनाई गई चीजें बहुत काम की होती है। गौरतलब यह है कि उन बच्चों की उम्र महज 5-6 साल ही है। अब जरा सोचिए! पांच, छः साल के जो बच्चे अभी से ऐसी ऐसी चीजें बना लेती हैं, उनको भविष्य में अच्छी शिक्षा मिले तो वे बच्चे इस देश के लिए किस level के वैज्ञानिक साबित होंगे।

जिला परिषद स्कूल के हेड मास्टर Dattatray Ware ने बताया कि हम जिस तरह बच्चों के सोचने के तरीके डेवलप कर रहे हैं, उस डेवलप के कारण वह बच्चे आगे चलकर सिर्फ अपने या अपने घर-परिवार के लिए ही नहीं बल्कि ये बच्चे पूरे देश के लिए तैयार हो रहे हैं। जो आगे चलकर इस देश के हित के लिए अपने सोच के बल पर कुछ करके दिखाएंगे। यह बच्चे जहां भी जाएंगे अलग अलग काम करेंगे।

पूणे का एक अनोखा School: जहाँ पर सिर्फ 5-6 साल के बच्चें नई नई चीजें अविष्कार कर लेते हैं।

अब जरा सोचिए! 5-6 साल के बच्चे अगर अपने दिमाग से सोंचकर इतना कुछ कर सकते हैं नई नई चीजों का आविष्कार कर सकते हैं, तो वह लोग बड़े होकर क्या करेंगे। यह स्कूल वाकई में हमारे इंडिया के लिए गर्व है और ज्यादा से ज्यादा ऐसे स्कूल हमारे इंडिया में होने ही चाहिए ताकि भारत में ज्यादा से ज्यादा होनहार स्टूडेंट तैयार हो सके और देश का भविष्य उज्जवल बना सके। सिर्फ इतना ही नहीं, हर स्कूल को अपने अपने स्तर पर प्रयास करना चाहिए ताकि वह अपने स्कूल में ज्यादा से ज्यादा फैसिलिटी ला सके और  अपनी शिक्षादान पद्धति में सुधार ला सके ताकि बच्चों के दिमाग का संपूर्ण विकास संभव हो सके। अब तो केंद्र सरकार भी बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर काफी जोर दे रही है जिसका परिणाम है नई शिक्षा नीति 2020, जिसको हाल ही में केंद्र सरकार ने लॉन्च किया है। अगर सरकार और स्कूल प्रशासन साथ मिलकर प्रयास करें तो देश के बच्चे अवश्य कुछ नया कर दिखाएंगे और देश का नाम रोशन करेंगे। 

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Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।

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