Monday, May 16, 2022
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जन्माष्टमी के उत्सव पर लज्जतदार पकवान और छप्पन भोग की कथा

जन्माष्टमी के उत्सव पर लज्जतदार पकवान और छप्पन भोग की कथा

जन्माष्टमी के उत्सव को पूरे देश में हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। जन्माष्टमी की तैयारी मंदिरो और सभी के घरो में सात  दस दिन पहले से आरम्भ हो जाती है। मंदिरो और घरो के पूजा स्थलों को साफ़ किया जाता है और लड्डू गोपाल का भली भाँती श्रृंगार किया जाता है। मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया जाता है और श्रीकृष्ण भगवान के समक्ष छप्पन भोग लगाए जाते है। पिछले साल ईस्ट ऑफ़ कैलाश के इस्कॉन मंदिर में छप्पन भोग लगाया गया और एक हज़ार आठ  प्रसाद का भोग भी लगाया गया था। इस भोग में भारत के विभिन्न राज्यों की संस्कृति की झलक दिखाई दी गयी थी।  लेकिन बहुत से लोगो को पता नहीं कि छप्पन भोग क्यों लगाए जाते है ?

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छप्पन भोग की प्रथा पुराने ज़माने से चली आ रही है। छप्पन भोग से श्रीकृष्ण जी बेहद प्रसन्न  होते है और भक्तो की मन की इच्छा पूर्ण होती है। श्रीकृष्ण जब अपने माता पिता के साथ गोकुल में रहते थे तब यशोदा मैया उन्हें आठ  पहर , प्रत्येक दिन भोजन कराती थी। जब कान्हा जे ने गोवर्दान पर्वत को अपनी एक ऊँगली में उठा लिया था , तब इंद्रदेव ने भारी बारिश की थी। भगवान् ऐसे ही सातो दिनों तक बिना कुछ खाये , गोकुल वासियों की रक्षा की थी। सभी गोकुलवासी और यशोदा मैया ने इसी वजह से प्रत्येक  दिन के ऑटो पहरो के मुताबिक छप्पन  प्रकार के भोग बनाये।  यह स्वादिष्ट , लज़्ज़तदार छप्पन भोग श्रीकृष्ण जी के पसंद के थे।  इस्कॉन मंदिरो में इस तरह के भोग जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण के समक्ष पड़ोसे जाते है। जन्माष्टमी सबसे पुराने हिंदू त्योहारों में से एक है, और यह भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक है।  इस वर्ष, जन्माष्टमी 11 अगस्त 2020 को पड़ रही है। इस शुभ अवसर पर, भक्त अपने भगवान श्रीकृष्ण के  लिए विभिन्न प्रकार के प्रसाद तैयार करते है।

जन्माष्टमी के उत्सव पर लज्जतदार पकवान और छप्पन भोग की कथा
जन्माष्टमी के उत्सव पर लज्जतदार पकवान और छप्पन भोग की कथा

श्रीकृष्ण जी को भोग में फल , अनाज , लड्डू , विभिन्न प्रकार की मिठाई , नमकीन अचार , भोग खिचड़ी प्रसाद इत्यादि पड़ोसे जाते है। श्रीकृष्ण भक्त, बीस से ज़्यादा प्रकार की मिटाई और अनगिनत नमकीन, ड्राई फ्रूट्स  भोग में चढ़ाते है। छप्पन भोग में माखन मिश्री , जलेबी , रसगुल्ले , लड्डू ,बादाम , पिस्ता , राबड़ी , मठरी ,चटनी , हलवा , पेड़े, आलू बैगन की सब्ज़ी ,पूरी सब्ज़ी, दही , साग , दाल , पापड़ इत्यादि चढ़ाएं जाते है। इसके अलावा आप नमकीन में  कुरकुरे कोफ्ता , समोसा , पूरी , इमली की चटनी , केसर चावल इत्यादि बना सकते है।

जन्माष्टमी के पर्व पर महिलाएँ कई प्रकार के स्वादिष्ट भोजन बनाते है। श्रीकृष्ण जी को मीठे पकवान बड़े पसंद थे। आप आज आपको बताएँगे कि श्रीकृष्ण जी के भोग के रूप में कौन से पकवान आप बना सकते है  और आज हम उनको बनाने की विधि भी  बताएँगे :

जन्माष्टमी के उत्सव पर लज्जतदार पकवान और छप्पन भोग की कथा
जन्माष्टमी के उत्सव पर लज्जतदार पकवान और छप्पन भोग की कथा

माखन मिश्री 

कान्हा जी को  प्यार से माखन चोर कहा जाता है।  उन्हें माखन चुरा कर खाना बहुत अच्छा लगता है। कान्हा जी को माखन मिश्री बेहद पसंद है। आज हम आपको माखन मिश्री की पद्धति बताएँगे। एक कंटेनर में दही डाले फिर उसे ब्लेंडर में डाले। बेंड होने के पश्चात दही से माखन निकल आएगा , फिर आप उसे एक पात्र में रखे और फिर ऊपर से पिस्ता , बादाम , काजू और थोड़े ड्राई फ्रूट्स डाले और प्रसाद के रूप में भगवान् के आगे चढ़ाये।

आटे की पंजरी 

यह स्वादिष्ट पकवान है , जो अक्सर जन्माष्टमी पर बनाया जाता है। एक कढ़ाई में थोड़ा घी लीजिये , जैसे ही घी गर्म हो जाए , ख़रबूज़े की बीज भून ले।  दूसरे कढ़ाई में घी डाले और मेवा डालकर अच्छे से तले। उसको कढ़ाई से निकालकर , फिर से कढ़ाई में घी डाले और और आटे को सुनहरा होने तक फ्राई करे।  उसके पश्चात मेवा और खरबूजे के बीज उस कढ़ाई में  डाल ले। जब यह पूरी तरह से ठंडा हो जाए तब इसमें चीनी और इलायची मिला दें।

श्रीखंड 

दही को एक घंटे के लिए साफ़ पतले कपडे से बांधकर एक जगह रखिये। दही का पानी जब निकल जाएगा , तब आप दो कप दही में एक कप चीनी मिला दिजिएगा। ध्यान रखे पीसी हुयी चीनी मिलाईएगा।  उसके बाद उसमे आधा चमच इलाइची पाउडर मिला दीजिये और फ्रीजर में रखिये। पड़ोसते वक़्त उसमे पिस्ता और बादाम मिला दिजिएगा।

केसर पिस्ता खीर 

चावल को आधे घंटे तक भिगोकर रखे और दूध को उसमे डाल कर अच्छे से  माध्यम आंच पर उबाले और उसमे पिस्ता और चीनी डाल दे। धीमी आंच करके करछी लगातार चलाते रहे।  उसके बाद मिल्कमेड डालकर गाढ़ा कर ले। गैस बंद करके उसके ऊपर केसर और ड्राई फ्रूट्स  अच्छी तरह से मिला दे और केसर पिस्ता खीर तैयार हो जाएगा। आप चाहे तो ठंडा चाहे गर्म पड़ोस सकते है।

बादाम का हलवा 

पहले एक मिक्सर जार में बादाम , इलाची , केसर , चीनी और दूध मालकर उसका पेस्ट बना लीजिये।  एक पैन में तीन चमच घी  डालिये और पेस्ट को डाल दीजिये और पकाये। करछी चलाते रहिये।  फिर जब थोड़ा हलवा गाढ़ा  हो जाए तब गैस बंद कर दीजिये और उसके ऊपर चमच घी डालकर पड़ोसे। आप ड्राई फ्रूट्स डालकर भी हलवे को पड़ोस सकते है।

श्रीकृष्ण भगवान् के भोग में चढ़ाई जाने वाली विशेष मिठाईयाँ

मथुरा के स्वादिष्ट पेड़े भी श्रीकृष्ण के भोग में चढ़ाये जाते है।  यह पेड़े शुद्ध गाय के दूध और मेवे से बनता है। यह बड़े  ही स्वादिष्ट पेड़े होते है। चमचम कोलकाता की विशेष मिठाई होती है , जो भोग में चढ़ाई जाती है। दूध से बनी रश्मालाई सबकी पसंदीदा मिठाई और श्रीकृष्ण जी को प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। यह सारी मिठाईयाँ जन्माष्टमी के पर्व पर बनाई जाती है। मलाई पेड़ा , बर्फी और मेवे की खीर जैसे मीठी और दूध से बनी हुयी मिठाई श्रीकृष्ण जी को बेहद पसंद है , इसलिए जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर इस प्रकार की मिठाईयां बनाई जाती है।

मेवे की खीर 

मेवे को अच्छे से ग्रेट कर लीजिये।  एक बर्तन में  दूध डालिये। गैस माध्यम आंच में रखिये और दूध गाढ़ा होने के पश्चात उसमे मेवा डालिये। कुछ मिंटो बाद गैस बंद करिये और इलायची पाउडर , अलमॉन्ड , पिस्ता डालिये और पड़ोसिये |

नारियल के लड्डू 

नारियल को कदुकस कर लीजिये , फिर चीनी और मिल्क पाउडर एक साथ मिला लीजिये।  इस पूरे मिश्रण को गैस पर धीमी आंच पर पकाइये। जब पक जाए , उसे ठंडा होने दीजिये और हाथ में घी लगाकर उसके छोटे छोटे लड्डू बनाइये।

गोपालकला 

यह एक समान्य भोग है , इसे आसानी से बना सकते है। यह चावल ,खीरा , नारियल , दही , चीनी और रोस्टेड जीरा जैसे सामग्रियों से बनाया जाता है। इस मिश्रण को लड्डू का आकार दिया जाता है और भगवान् श्रीकृष्ण के समक्ष पड़ोसा जाता है।

मखाना पाग 

इस भोग को विभिन्न तरीको से बनाया जाता है।  लेकिन आम तौर पर इसे घी , नारियल और चीनी को मिलाकर बनाया जाता है।

जन्माष्टमी के उत्सव पर लज्जतदार पकवान और छप्पन भोग की कथा
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रवा लड्डू 

यह स्वास्थ्य वर्धक लड्डू है जिसे रोस्टेड सूजी , नारियल , डॉयफ्रुइट्स ,चीनी और बहुत सारे घी में बनाया जाता है। घी और मक्खन में बनी हुयी चीज़ो को श्रीकृष्ण भगवान् बेहद पसंद करते है।

साबूदाना खिचड़ी 

यह एक हल्का और स्वास्थ्य वर्धक  भोजन  होता है , जिसे व्रत के बाद तुरंत खा सकते है। यह भोजन  भिगोये हुए साबूदाने ,हरी मिर्च, पीनट्स , सेंधा नमक , टमाटर और घी से बनता है। 

गुलाब जामुन 

यह खोया , मैदा , इलायची , काजू , गुलाब जल , चासनी , केसर जैसे सामग्रियों से बनता है। भगवान श्रीकृष्ण जी के समक्ष गुलाब जामुन और रबड़ी के साथ पड़ोसा जाता है।

जन्माष्टमी पूजा के दिन शहद और दूध का मिश्रण  चढ़ाया जाता है।  इसको पवत्रिता का प्रतीक समझा जाता है।

पंचामृत 

जन्माष्टमी के पर्व में भक्तो के लिए एक अहम प्रसाद होता है। एक पात्र में दही, दूध , तुलसी के पत्ते ,शहद , गंगाजल , मखाना , किसमिस।  मेवा , घी इत्यादि का मिश्रण तैयार करके श्रीकृष्ण भगवान् की मूर्ति को नहलाया जाता है। इसी प्रसाद को  श्रीकृष्ण जी के भक्त पीते है।

खीर 

यह मीठा दूध , डॉयफ्रुइट्स , चावल  अथवा साबूदाने से बनता है , जन्माष्टमी के पावन  उत्सव में इसे बनाया जाता है। इसमें इलायची और केसर डालकर पड़ोसा जाता है और छप्पन भोग में अवश्य लगाया जाता है।

निष्कर्ष 

भगवान् श्रीकृष्ण जी को मीठा खाना बेहद पसंद था।  घी और मक्खन से बनी हुयी चीज़ो को खाना बेहद पसंद करते थे। हमे उम्मीद है जन्माष्टमी में किस प्रकार का भोग लगाया जाए , के विषय में जानकारी प्राप्त कर ली है। इस उत्सव में लड्डू गोपाल को खुश करने के लिए महिलाएँ अनगिनत पकवान बनाती है , श्रद्धा भक्ति के साथ भगवान के समक्ष पड़ोसती है और भगवान् जी की पूजा करती है।

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Rima Bose
Rima Bose
मैं रीमा बोस एक अध्यापिका रह चुकी हूँ। बचपन से ही मुझे हिंदी लेखन के प्रति रूचि रही है। मैं प्रेणादायक लेख और कहानियाँ लिखती हूँ ताकि लोगो को जिन्दगी के विभिन्न अध्यायों से परिचित करा सकूँ। मेरा अनुभव मेरे कार्य करने की शैली की प्रभावशाली बनाता है। मेरी कोशिश यही है कि मैं अपने लेख के माध्यम से लोगो को प्रेरित करूँ।
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