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गोरखपुर में मोबाइल और बिजली वाले भी बेचने लगे मेडिकल आइटम

सीएम सिटी गोरखपुर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कोविड-19 से बचाव हेतु जारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन किये जाने के आरोप में कुछ निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी पर की गई कार्यवाही से एक ओर जहां निजी डॉक्टर्स और हॉस्पिटल संचालकों में रोष व्याप्त है, वहीं दूसरी ओर शहर के तमाम अन्य व्यवसाय में लगे व्यवसायियों द्वारा खुलेआम बिना किसी मेडिकल लाइसेंस के N95 मास्क, पीपीई किट, थर्मल स्कैनर तथा सोडियम हाइपोक्लोराइड जैसे केमिकल तक बाकायदा स्थानीय अखबारों में विज्ञापन देकर बेचा जा रहा है।

गोरखपुर के मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े रजिस्टर्ड मेडिकल लाइसेंस धारक व्यवसायियों में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बिना लाइसेंस वाले व्यवसायियों द्वारा खुलेआम मेडिकल इक्विपमेंट और केमिकल बेचे जाने पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही किये जाने से अत्यधिक रोष व्याप्त है।

गौरतलब है कि शहर के कुछ अन्य व्यवसायों में लगे व्यापारियों जैसे कपड़ा, पॉवरलूम, मोबाइल, इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोल पंप, ब्रेड आदि के बिज़नेस में लगे लोगों द्वारा मौके का फायदा उठाते हुए बिना जरूरी लाइसेंस लिए ही खुलेआम मास्क, पीपीई किट, केमिकल आदि को फ़ेसबुक, व्हाट्सएप्प जैसे सोशल मीडिया पर बेचा जा रहा है। अनेकों मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक्स के कारोबार में लगे व्यवसायी भी आजकल शहर में खुलेआम मेडिकल इक्विपमेंट्स बेच रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग तथा जिला प्रशासन उन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा। जबकि निजी अस्पतालों और चिकित्सकों पर लगातार कार्यवाही की जा रही है।

बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को शहर के भालोटिया मार्केट में कार्यवाही करके वहां मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव लोगों के आने जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

मेडिकल व्यवसाय से जुड़े भालोटिया मार्किट के कई व्यवसायियों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि प्रशासन शुरू से ही सिर्फ हम ही लोगों को प्रताड़ित कर रहा है, कभी मास्क सेनिटाइजर के नाम पर तो कभी सोशल डिस्टेंसिंग के नाम पर। जबकि बिना लाइसेंस वाले लोग खुलेआम अखबारों में विज्ञापन देकर अब हमारे द्वारा बेचे जाने वाले सामान बिना किसी लाइसेंस के ही बेच रहे हैं और प्रशासन की नींद ही नहीं खुल रही।

कई मेडिकल लाइसेंस प्राप्त कारोबारियों ने कहा कि जब हर कोई मेडिकल आइटम बेचेगा तो किसी भी मेडिकल या ड्रग लाइसेंस का क्या औचित्य रह जायेगा। इस तरह तो कोई भी दवा बेचे, मेडिकल इक्विपमेंट बेचे और लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करे। जिसके पास न तो कोई अनुभव है न ही लाइसेंस और सर्टिफिकेट उनको प्रशासन ने सब्जी भाजी की तरह स्वास्थ्य संबंधी सामानों को बेचने की खुली छूट दे रखी है यह हमारे व्यवसाय तथा लोगों के स्वास्थ्य के लिहाज से कत्तई सही नहीं है। बहुत से लोग नकली पीपीई किट, थर्मल स्कैनर आदि गैरकानूनी रूप से मंगाकर सप्लाई कर रहे हैं और टैक्स की भी चोरी कर रहे हैं।

GR Newsdesk
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