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नवरात्रि के नौ दिनो तक माता को लगाए ये भोग और पहनाएं इस रंग के वस्त्र

हिंदू धर्म में नवरात्रि के नौ दिनो तक सभी घरो में भक्ति में माहौल गूंजता है। इस समय सभी भक्त कलश स्थापना कर माता रानी के स्वागत में जुट जाते हैं। दिन-रात पूजा-पाठ उपवास कर माता रानी को प्रसन्न करने में लगे रहते हैं। जिस प्रकार नवरात्रि में नौ दुर्गा मां अलग-अलग रूप में भक्तो से पूजा लेती है ठीक उसी प्रकार माता दुर्गा के नौ दिन तक मां दुर्गा को अलग-अलग भोग लगता है और अलग-अलग रंगो के वस्त्र धारण कराए जाते हैं। 

अगर आप नवरात्रि के नौ दिनों तक घर में माता रानी की पूजा करते हैं, तो कोशिश करनी चाहिए कि नवरात्रि के सभी दिनो में माता रानी को अलग-अलग भोग लगाने के साथ ही अलग-अलग रंग के वस्त्र धारण कराकर भगवती माता की अर्चना करें। पंडितो के अनुसार अगर हर दिन देवी मां को खास पसंदीदा भोग और अलग अलग रंग के वस्त्र धारण कराए जाते हैं, तो माता रानी की भक्ति में चार चांद लग जाती है और माता रानी अपने भक्तो को मनचाहा फल देकर जाती है।

तो चलिए जानते हैं माता रानी को नौ दिनो तक कौन से अलग-अलग भोग लगाने चाहिए और कौन से रंग के वस्त्र धारण कराना चाहिए।

* प्रथम दिन 

नवरात्रि के प्रथम दिन माता शैलपुत्री की पूजा होती है इस दिन पीला वस्त्र धारण करना और माता को पीला वस्त्र धारण करवाना शुभ फलदाई माना जाता है। नवरात्रि के प्रथम दिन आप मां शैलपुत्री को पीले वस्त्र पहनाएं और खुद भी पीले वस्त्र धारण करके माता रानी की आराधना करें। 

प्रथम दिन का भोग

नवरात्रि के प्रथम दिन माता शैलपुत्री को गाय के शुद्ध घी या उस शुद्ध घी से बनी किसी भी पदार्थ का भोग लगाएं और माता रानी को प्रसन्न करें।

* दूसरे दिन

नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की आराधना होती है, इस दिन माता की पूजा में हरे रंग के कपड़े काफी शुभ होता है। इस दिन खुद भी माता रानी को हरे रंग के वस्त्र धारण कराएं और खुद भी हरे रंग के वस्त्र धारण करें ऐसा करने से माता रानी प्रसन्न होती है।

दूसरे दिन का भोग

दूसरे दिन माता रानी का भोग लगाने के लिए आपको ज्यादा मेहनत नहीं करनी है। माता ब्रह्मचारिणी को शक्कर से बनी चीजें प्रिय होती है, इस दिन आप माता ब्रह्मचारिणी को शक्कर से बना हुआ कोई भी भोग लगाएं।

नवरात्रि के नौ दिनो तक माता को लगाए ये भोग और पहनाएं इस रंग के वस्त्र

* तीसरे दिन

नवरात्रि के तीसरे दिन माता चंद्रघंटा की आराधना होती है इस दिन माता रानी को ग्रे रंग के वस्त्र धारण कराना चाहिए। ग्रे रंग के कपड़े माता चंद्रघंटा को अच्छा लगता है इस दिन खुद भी ग्रे रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए। अगर ग्रे रंग के वस्त्र न मिले तो इस रंग से मिलता जुलता कोई भी वस्त्र धारण कर लें।

तीसरे दिन का भोग

तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए दूध या दूध से बनी किसी भी चीज का भोग लगाएं। चंद्रघंटा मां को आप दूध से बनी खीर, मिठाई, साबूदाना जैसी कोई भी चीज का भोग लगा सकते हैं।

* चौथे दिन

चौथे दिन नवरात्रि के चौथे दिन माता कुष्मांडा की पूजा होती है माता रानी को नारंगी बेहद पसंद होता है नवरात्रि के चौथे दिन माता कुष्मांडा को नारंगी रंग के कपड़े पहने और खुद भी नारंगी रंग के वस्त्र धारण कर माता को पूजा का पसंद करें।

चौथे दिन का भोग

चौथे दिन माता कुष्मांडा की पूजा होती है नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा को प्रसन्न करने के लिए आप माता रानी को मालपुआ का भोग लगाए।

* पांचवे दिन

नवरात्रि के पांचवे दिन माता रानी को प्रसन्न करने के लिए सफेद रंग बेहद अच्छा होता है। नवरात्रि के पांचवे दिन माता स्कंदमाता की पूजा होती है इस दिन माता को सफेद वस्त्र धारण कराए और खुद भी सफेद वस्त्र धारण करके माता रानी की पूजा करें।

पांचवे दिन का भोग

पांचवे दिन माता स्कंदमाता की पूजा में केले का भोग लगाएं, आप एक कटोरी में कच्चे दूध के साथ केले का भोग लगाएं और माता रानी को प्रसन्न करें।

* छठे दिन

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी के रूप में पूजा लेती है कात्यायनी मां को सभी रंगो में लाल रंग बेहद पसंद होता है। नवरात्रि के छठे दिन आप माता रानी को लाल रंग के वस्त्र धारण कराए और खुद भी लाल रंग के वस्त्र धारण कर माता रानी की पूजा करें।

छठे दिन का भोग

छठे दिन माता कात्यायनी को प्रसन्न करने के लिए शहद और मीठे पान का भोग अवश्य लगाएं, माता कात्यायनी को शहद और मीठे पान बेहद प्रिय है।

* सातवें दिन

नवरात्रि के नौ दिनो तक माता को लगाए ये भोग और पहनाएं इस रंग के वस्त्र

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है इस दिन माता काली को प्रसन्न करने के लिए इनकी विशेष पूजा-अर्चना करना जरूरी होता है। नवरात्रि के सातवें दिन विशेष पूजा में माता रानी को नीले रंग के वस्त्र धारण कराए और खुद भी नीले ले वस्त्र धारण करें। इस दिन नीले रंग के कपड़े पहनने से देवी मां का रूप मां कालरात्रि प्रसन्न होती है।

सातवें दिन का भोग

सातवें दिन माता रानी के कालरात्रि रूप की पूजा होता है, इस दिन माता रानी को गुड़ से बने किसी भी मीठे व्यंजन का भोग लगाना चाहिए।

* आठवें दिन

नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा होती है। इस दिन माता रानी को गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करन चाहिए और खुद भी गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए।

आठवें दिन का भोग

आठवें दिन माता रानी के आठवें रूप मां महागौरी को प्रसन्न करने के लिए हलवे और नारियल का भोग लगाना चाहिए।

* नौवे दिन

नवरात्रि के नौवे दिन माता रानी को बैंगनी रंग के कपड़े पहनना चाहिए। नवरात्रि के नौवे दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा होती है इस दिन मां को बैंगनी या जामुनी रंग के वस्त्र अर्पण करें और खुद भी जामुनी रंग के वस्त्र धारण करें। नवरात्रि के नौवे दिन मां सिद्धिदात्री हमारी सभी सिद्धियो को पूरा करती है, इसलिए नौवे दिन तो माता रानी को प्रसन्न करना और भी जरूरी होता है।

नौवें दिन का भोग

नौवे दिन मां सिद्धिदात्री के रूप में पूजा लेती हैं, इस दिन माता को प्रसन्न करना बहुत जरूरी होता है। माता सिद्धिदात्री को इस दिन खीर, पूरी, हलवा आदि जैसे सभी पकवानो का भोग लगाना चाहिए।

Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।

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