Tuesday, May 17, 2022
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26 जनवरी साल 2022 भारत मनाएगा अपना 73 वा गणतंत्र दिवस रखा जाएगा करोना गाइडलाइनो का ध्यान

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हर साल हमारे देश में मनाया जाने वाला गणतंत्र दिवस देश के लिए बेहद ही खास होता है। इस दिन को हर साल 26 जनवरी के दिन देश भर में काफी धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन आए दिन देश में कोरोना के खतरे को देखते हुए इस साल 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के समारोह को कोरोना को ध्यान में रखकर गाइडलाइन के साथ मनाया जाएगा। इस साल गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सभी के लिए  आवश्यकतानुसार दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिला कलेक्टर ने कहा है कि कार्यक्रम को बेहद ही सादगी और कोरोना से जुड़ी सभी प्रकार गाइडलाइन को ध्यान में रखकर आयोजित किया जाएगा।

जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित हुए बैठक में ADM प्रशासन भवानी सिंह पंवार ने बताया कि राज्य सरकार की कोरोना गाइडलाइन के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में 26 जनवरी साल 2022 को आयोजित किया जाएगा। सभी विभाग के अधिकारी अपने-अपने कार्यालयो में रहकर सुबह 8:00 बजे देश का राष्ट्रीय ध्वजारोहण करने के बाद 8:30 पर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर राजकीय महाविद्यालय में पहुंचेंगे। सुबह 9:05 पर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण करेंगे और इसके बाद मार्च पास्ट और परेड की सलामी ली जाएगी। इसके बाद महामहिम राज्यपाल के संदेश का गठन किया जाएगा और बैंड वादन भी किया जाएगा इस समारोह का पहला और अंतिम पूर्वाभ्यास 24 जनवरी को होगा।

जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन ने कहा कि कोरोना के इस प्रकोप को देखते हुए कार्य का 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमो में कोरोना जागरूकता कोरोना के इस दौर के जागरूकता पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमो की प्रस्तुति दी जाएगी इसके साथ-साथ जिला स्तरीय विभाग झांकियो के कार्यक्रम भी दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्य समारोह तीन रंगो के गुब्बारो से सुसज्जित हुआ होगा कोरोना के कारण से पारितोषिक कार्यक्रम नहीं होंगे विभागीय अधिकारी सम्मानित होने वाले कर्मचारियो के नाम 18 जनवरी तक भिजवा सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार कोरोना गाइडलाइन जारी करती है तो उसके अनुसार कार्यक्रम में बदलाव भी हो सकते हैं।

गणतंत्र दिवस पर कैसे दी जाती है शहीदो को पुष्पांजलि

भारत की संस्कृति और परंपरा को दिखाने के लिए भारत के तीनो सेना परेड में हिस्सा लेते हैं इस अवसर पर देश के मुख्य अतिथि को भी आमंत्रित करते हैं। जहां भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारतीय सशस्त्र बलो के प्रमुख कमांडर अमर जवान ज्योति इंडिया गेट पर बलिदान हुए भारतीय सैनिको को पुष्पांजलि देते हैं। गणतंत्र दिवस के समारोह में नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति के सामने परेड निकलती है पूरा देश गणतंत्र दिवस के इस महान अवसर को स्कूल, कॉलेज और सभी प्रकार कार्यालयो में मनाते हैं। 

भारतीय सेना का शक्ति प्रदर्शन 

गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य पथ में तिरंगा फहराया जाता है और राष्ट्रगान गाकर 21 तोपो की सलामी होती है। साल 1957 में सरकार ने बच्चो के लिए जीस राष्ट्रीय बहादुरी पुरस्कार की शुरुआत की थी वह भी इसी दिन दिया जाता है। दरअसल यह बहादुरी पुरस्कार 16 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चो को अलग-अलग क्षेत्र में उनके बहादुरी के लिए दिया जाता है। गणतंत्र दिवस के इस मौके पर अशोक चक्र और कीर्ति चक्र जैसे महत्वपूर्ण सम्मान भी दिए जाते हैं और इसके बाद हमारी सेना अपनी शक्ति प्रदर्शन करते हुए परेड मार्च निकालती है।

क्या है भारत का इतिहास

हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानियो और भारतीय नेताओ के नाम जैसे महात्मा गांधी, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभभाई पटेल, लाल बहादुर शास्त्री आदि है। इन्होंने भारत को आजादी दिलाने के लिए ब्रिटिश शासन के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी देश के लिए उनके बलिदान को कभी कोई भूल नहीं सकता। हमारे देश की आने वाली पीढ़ी को भी हमारे देश के महान स्वतंत्रता सेनानियो व भारतीय नेताओ के बारे में पुख्ता जानकारी होना बेहद आवश्यक है क्योंकि देश के लिए उनके बलिदानो को ना कोई कभी भूल सका है ना ही भूलना चाहिए। 

इस अवसर पर हम हमेशा उन्हें याद करते हैं और हमेशा याद करके उन्हें सलाम करते रहेंगे आज हम उनके ही कारण आज आजाद हैं। हमें उनके कारण ही आजादी मिली है उनके संघर्ष, महान बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र रूप से रहते हैं। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने एक बार कहा था कि यह बहुत दुख की बात है कि हमें आजादी तो मिल गई लेकिन हम अभी भी जाति, भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा से लड़ रहे हैं और इस सब से आजाद नहीं हो पाए हैं हमें एक भारत श्रेष्ठ भारत की तरफ कदम बढ़ाना चाहिए।

भारत मनाएगा 73 वा गणतंत्र दिवस

दरअसल 26 जनवरी साल 1950 को हमारा देश गणतांत्रिक देश बना था इस दिन भारत एक स्वतंत्र गणराज्य देश बन गया और भारत का संविधान लागू हुआ। इसीलिए हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है और इस साल हमारा देश अपना 73 वा गणतंत्र दिवस मनाएगा। जब 26 जनवरी साल 1950 को हमारा देश भारत एक गणतांत्रिक देश बना उस समय से लेकर साल 2022 के 26 जनवरी को इसके 73 साल पूरे होने जा रहे हैं। 

दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान

हमारे देश का संविधान एक लिखित संविधान है जीसे बनने में 2 साल 11 महीने 18 दिन का समय लगा था। हमारे संविधान में 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचिया है इसी के साथ भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान बनकर तैयार हुआ, इस साल 26 जनवरी को जिसके 73 साल पूरे होने वाले हैं। इस समय डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने गवर्नमेंट हाउस के दरबार हॉल में भारत के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ लिया था। आपको बता दें कि भारत के इस पहले गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रुप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्ण मौजूद थे।

गणतंत्र का अर्थ क्या है 

दरअसल गणतंत्र का अर्थ क्या होता है देश में रहने वाले लोगो की सर्वोच्च शक्ति का अधिकार और देश के नेतृत्व के लिए राजनीतिक नेता के रूप में अपने प्रतिनिधि को चुनने का अधिकार केवल जनता के पास निहित है। इसीलिए भारत एक गणतांत्रिक देश है जहां आम जनता अपने नेता, प्रधानमंत्री को स्वतंत्र रूप से चुन सकते हैं। भारत में पूर्ण स्वराज के लिए हमारे महान भारतीय स्वतंत्रता सेनानियो ने बेहद संघर्ष किया था उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी जिससे कि हमारी आने वाली पीढ़ी को कोई संघर्ष ना करना पड़े और हमारा देश आगे बढ़ सकेे। 

26 जनवरी साल 2022 भारत मनाएगा अपना 73 वा गणतंत्र दिवस रखा जाएगा करोना गाइडलाइनो का ध्यान

हमारे देश के महान नेता और स्वतंत्रता सेनानियो ने हमारे देश भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए अंग्रेजो के खिलाफ लगातार लड़ाईया लड़ी, त्याग किया इस समर्पण को हम कभी नहीं भूल सकतेे। ऐसे में हमें इन महान स्वतंत्रता सेनानियो को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सलामी देनी चाहिए। क्योंकि आज हम इन महान नेताओ के कारण ही अपने राष्ट्र में मुक्त होकर जी सकते हैं अपने दिमाग से सोच सकते हैं आगे बढ़ सकते हैं।

देश को आगे बढ़ाने में दें योगदान

डॉक्टर अब्दुल कलाम ने कहा कि अगर एक देश भ्रष्टाचार मुक्त होता है तो एक सुंदर मस्तिष्क का राष्ट्र बनता है। उनका यह मानना था कि अंतर पैदा करने वाले तीन प्रधान सदस्य हैं और वह है माता, पिता और एक गुरु इसके बारे में हमें भारत के एक नागरिक के रूप में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता हैै। 

अपने देश को उच्च स्तर तक ले जाने के लिए देश को आगे बढ़ाने के लिए सभी मुमकिन प्रयास किए जाने चाहिए। हमें जिम्मेदारी लेनी चाहिए तथा सामाजिक मुद्दे जैसे कि बेरोजगारी, गरीबी, अशिक्षा, ग्लोबल वॉर्मिंग, जाती समानता आदि से अवगत रहना चाहिए। हर किसी को अपने स्तर पर दिए जा सकने वाले सभी योगदान देने चाहिए, अपनी तरफ से किए जाने वाले सभी प्रयास करनी चाहिए ताकि इन सब में सुधार हो सके।

Jhuma Ray
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नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।
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