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” गोवर्धन पूजा 2021″ वृंदावन और मथुरा का प्रमुख त्यौहार गोवर्धन पूजा से जुड़ी जानकारी

तीन दिन तक चलने वाले दीपावली त्यौहार पर विशेष रूप से हर घर को सजाया और संवारा जाता है और इस दीपावली की शाम ही शुभ मुहूर्त देखकर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और माता सरस्वती की पूजा होती है। दीपावली से एक दिन पहले धनतेरस और नरक चतुर्दशी का त्यौहार होता है और दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज का पर्व मनाया जाता है। 

दिवाली के दूसरे ही दिन मनाए जाने वाले गोवर्धन पूजा सभी के लिए खास पर्व होता है। हालांकि इस दिन कुछ लोग यह पूजा करते हैं, लेकिन मान्यता के अनुसार इस दिन हर किसी को अपने घर के पालतू जानवरो जैसे गाय बछड़े की पूजा करने के साथ भगवान कृष्ण की आराधना करनी चाहिए। दरअसल  इस दिन प्रकृति की पूजा होती है जिसकी शुरुआत भगवान श्री कृष्ण ने की थी। तो चलिए जानते हैं कि गोवर्धन पूजा क्या है, किस तरह से किया जाता है और क्यों किया जाता है।

दरअसल इस दिन प्रकृति के आधार पर गोवर्धन भगवान की पूजा होती है और समाज के आधार के रूप में गाय और बछड़े की पूजा होती है। इस पूजा की शुरुआत ब्रज से हुई थी और धीरे-धीरे संपूर्ण भारत में यह प्रचलित होता गया और लोग धीरे धीरे इस पूजा के प्रति आकर्षित होकर इसे करते गए। इस दिन कई प्रकार के उपाय भी किए जाते हैं जिससे कि भगवान को प्रसन्न करके अपनी मनोकामना पूर्ण की जा सकती है। तो चलिए इस पोस्ट के माध्यम से हम यह भी जानते हैं कि ऐसे क्या उपाय है जिन्हें करके जीवन में धन संपत्ति पाने के साथ अपनी मनोकामना पूर्ण करा सकते हैं। 

दीपावली त्योहार से ठीक 1 दिन बाद कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा पर गोवर्धन पूजा यानि अन्नकूट का यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण के स्वरूप गोवर्धन पर्वत गिरिराज जी और गाय की पूजा का विशेष महत्व है गोवर्धन वृंदावन और मथुरा के साथ संपूर्ण ब्रिज में इस दिन को जोड़ शोर से मनाया जाता है। अन्नकूट महोत्सव के रूप और पर मनाया जाता है मंदिरों में भी अन्नकूट महोत्सव कार्तिक प्रतिपदा से लेकर कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है। वैसे तो इस दिन को लेकर कई प्रकार की पुरानी कहानियां प्रचलित है यह भी कहा जाता है कि इस दिन माता पार्वती ने भगवान शंकर को जुए में हराया था इसीलिए इस दिन को जुआ प्रतिपदा भी कहा जाता है। इसके अलावा इस दिन को बलिप्रतिपदा के नाम से भी जाना जाता है।

गोवर्धन पूजा शुभ मुहूर्त 

गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 35 से 8 बजकर 43 तक है इस 2 घंटे 11 मिनट के इस अवधि में गोवर्धन पूजा करनी है। तो वहीं शाम को 3 बजकर 21 से 5 बजकर 30 के बीच गोवर्धन पूजा शाम का समय गोवर्धन पूजा की जा सकती है। गोवर्धन पूजा करने के लिए सुबह सवेरे जल्दी उठकर स्नानादि करके शुभ मुहूर्त में गाय के गोबर से गिरिराज गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं और गाय के बछड़े आदि की आकृति भी बना ले और धूप, दीप, फूल, फल इत्यादि से विधिवत पूजन करें। भगवान कृष्ण को दूध से स्नान कराएं और उसके बाद भोजन भी करें इसके बारे भगवान कृष्ण और गोवर्धन जी को अन्नकूट का भोग लगाए।

गोवर्धन पूजा का महत्व 

भगवान श्री कृष्ण के द्वारा इंद्रदेव के अहंकार को दूर करने के स्मरण में हर साल गोवर्धन का यह पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण के द्वारा ही सर्वप्रथम गोवर्धन पूजा का आरंभ करवाया गया था। दरअसल भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर इंद्रदेव के क्रोध से ब्रिज के समस्त नर नारी और पशु पक्षियो की रक्षा की थी और यही कारण है कि इस दिन गोवर्धन पूजा में गिरिराज के साथ भगवान श्री कृष्ण के पूजन करने का विधान है। 

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इस दिन अन्नकूट का विशेष महत्व होता है यह एक प्रकार का पकवान है जिसे अन्न और सब्जियो को मिलाकर बनाया जाता है और भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाया जाता है। इस दिन गोवर्धन की पूजा करके लोग प्रकृति के प्रति अपनी कृतज्ञता को व्यक्त करते हैं यानी कि इस प्रकृति की पूजा करते हैं। और इसीलिए इस पर्व को अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विशेष रूप से घर के गाय, बछड़े बैल और घर के सभी पालतू पशुओ की पूजा होती है। यह भगवान गिरिराज गोवर्धन पर्वत और भगवान श्री कृष्ण को समर्पित दिन है।

गोवर्धन पूजा के दिन जरूर करें इन उपायो को

गोवर्धन पूजा के दिन आर्थिक संपन्नता और समृद्धि पाने के लिए गाय बछड़े इत्यादि को स्नान करवा कर उनका तिलक जरूर करें और उन्हें फल, सब्जी, चारा इत्यादि बेहद प्यार और श्रद्धा भाव से खिलाए। ऐसा करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होंगे और आपके घर में हमेशा आर्थिक समृद्धि बनी रहेगी। 

जिन लोगो को संतान नहीं होता वे इस दिन दूध, दही, शक्कर, शहद और घी से पंचामृत बनाकर गंगाजल और तुलसी मिलाकर शंख में भरकर भगवान कृष्ण को अर्पित करें और उनसे अपनी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें, ऐसा करने से भगवान कृष्ण प्रसन्न होंगे। 

इस दिन बच्चों की मनोकामना पूर्ति के लिए चावल के आंटे से तीन चिड़िया बनाए और उन्हें पानी में उबाल लें। एक चिड़िया गाय को खिलाएं दूसरी चिड़िया छत पर डाल दें और तीसरी चिड़िया लक्ष्मी माता और भगवान श्रीगणेश को समर्पित कर दें।

स्वास्थ्य शरीर पाने के लिए गोवर्धन पूजा के दिन एक उपाय किया जा सकता है इस दिन यह उपाय करने से अच्छी सेहत मिल सकती है। इस दिन पीपल, गूलर, निम और बरगद की छाल को पानी में उबालें और उसी पानी से स्नान करें, ऐसा करने से आप साल भर निरोगी रहेंगे। 

अपनी मनोकामना पूर्ति करने के लिए गोवर्धन पूजा के दिन आप लोग एक और उपाए कर सकते हैं इसके लिए आपको बरगद पेड़ की छाल की आवश्यकता होगी। इस उपाय को करने के लिए आपको बरगद पेड़ के छाल को कूट लेना है और इसे कूटकर पीपल के 5 पत्तो पर रखे और उसे हाथ में लेकर अपनी इच्छा व्यक्त करनी है ऐसा करने के बाद एक कटोरी में रखकर उसे जला दें ऐसा करने से आपकी हर मुराद पूरी होती है। 

Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।

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