“Hinduism” दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म हिन्दू धर्म से जुड़ी कुछ रोचक तथ्य जो किसी और धर्म में नहीं मिलता

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"Hinduism" दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म हिन्दू धर्म से जुड़ी कुछ रोचक तथ्य जो किसी और धर्म में नहीं मिलता

दुनिया में कई धर्मो के लोग रहते हैं सब अपने अपने धर्म के अनुसार नियमो को पालन करके चलता है। ये बात तो हम सभी जानते हैं कि कोई भी धर्म छोटा या बड़ा नहीं होता धर्म धर्म होता है। लोग अपने-अपने मान्यता के अनुसार अपने-अपने धर्म को मानते हैं। लेकिन कुछ लोगो के मन में जरूर सवाल आता है कि आखिर यह धर्म बनाया किसने है। किसने लोगो को धर्म के अनुसार भागो में बांटा है और दूसरी तरफ कुछ लोग यह सोचते हैं कि सभी धर्म एक समान है। 

लोग अलग-अलग धर्म को मानते हैं लेकिन हर धर्म तो एक समान ही होता है। हालांकि किस धर्म की क्या परिभाषा है, इन धर्मो को पालन करने वाले लोगो के रीति रिवाज कहां से आते हैं यह बता पाना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन अगर बात करें हिंदू धर्म की तो आज हम जानेंगे हिंदू धर्म से जुड़ी कुछ रोचक तथ्यो के बारे में जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं।

शोध के अनुसार सिंधु और सरस्वती नदी के बीच जो सभ्यता बसी थी वह दुनिया की सबसे प्राचीन और समृद्ध सभ्यता थी। यह सभ्यता वर्तमान में अफगानिस्तान से हिंदुस्तान तक फैली थी। प्राचीन काल में सिंधु जितनी विशाल नदी थी उससे भी ज्यादा विशाल थी सरस्वती। इसी सभ्यता के लोगो ने पूरी दुनिया में धर्म, समाज व्यापार, नगर, विज्ञान आदि की स्थापना की थी।

हिंदू धर्म से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

हिंदुत्व केवल एक धर्म नहीं है इसे सफल जीवन जीने के तरीके के तौर पर भी देखा जाता है। हिंदू धर्म के अनेक विशेषताएं भी हमने देखी है जिसे सनातन धर्म की उपाधि दी गई है। सनातन का मतलब न तो अग्नि, न तो वायु, न तो पानी और ना ही अस्त्र से नष्ट होने वाला धर्म जिसका मतलब होता है जीवन जीने की कला।

हिंदू धर्म को संसार का सबसे पुराना धर्म माना जाता है यही कारण है कि इसे सनातन धर्म कहा जाता है। सनातन यानी जो सदा से चलता आया है सदा से रहने का मतलब यह है कि जब संपूर्ण सृष्टि की रचना हुई उस समय से ही लोग इस धर्म को मानते चले आए हैं। इस देवताओं द्वारा स्थापित धर्म भी कहा जाता है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है तब तब मैं धर्म की पुनर्स्थापना के लिए अवतार लेता हूं। यानी कि देवताओं द्वारा स्थापित और संचालित किया गया धर्म ही हिंदू धर्म है। इसे हिंदू धर्म की पहली विशेषता भी कह सकते हैं क्योंकि इस धर्म को किसी व्यक्ति द्वारा नहीं बल्कि देवताओं द्वारा स्थापित और संचालित कहा जाता हैै।

हिंदू धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म

इसके अलावा हिंदू धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म है इसका सबूत वेद भी देता है। वेद दुनिया का प्रथम पुस्तक है मानव सभ्यता का लगभग सबसे पुराने लिखित दस्तावेज है वेद। भगवान ने सर्वप्रथमचार शिष्यो को इसका ज्ञान दिया था। अग्नि, वायु, अंगिरा और आदित्य यह ऋषि ना तो ब्राह्मण थे और ना ही दलित ना ही क्षत्रिय थे और ना ही वैश्य। वेदो के आधार पर दुनिया के अन्य धर्म ग्रंथो की रचना हुई जिन्होंने वेद पढ़े हैं वे यह बात अच्छे से जानते हैं कि जिन्होंने वेद नहीं पढ़ा उनके लिए नफरत ही उनका धर्म है।

कहा जाता है कि हिंदू धर्म का कोई संस्थापक नहीं है कुछ संतो ने मिलकर जीने के तरीका जीने का एक तरीका प्रचार करना शुरू किया जिसे सनातन धर्म कहा जाता था जो कि आज हिंदू धर्म और सनातन धर्म है। हिंदू धर्म की प्राचीनता और इसके महानता का सबसे बड़ा उदाहरण है ऋग्वेद इसे हिंदू धर्म का सबसे प्राचीन ग्रंथ माना जाता है। कहा जाता है कि ऋग्वेद की उत्पत्ति भगवान विष्णु के मुख से हुई है। यानी कि भगवान विष्णु ने पहली बार ऋग्वेद का पाठ किया था इसके बाद ऋषि-मुनियो के द्वारा यह पीढ़ी दर पीढ़ी प्रचारित और प्रसारित होती रही। 

कहा जाता है कि करीब 38 सौ साल पहले ऋग्वेद लिखित रूप से आया इससे पहले यह केवल एक दूसरे से सुनकर ही प्रसारित हो रहा था। हिंदू धर्म कुछ 1500, 2000 साल पूर्व पहले ही शुरू हुआ था और उस समय भी हिंदू धर्म का कोई एक नहीं बल्कि कई प्रचारक थे। कुछ लोग इस धर्म को 5500 पूर्व का मानते हैं उस समय सिंधु नदी के पास रहने वालो का एक धर्म बन गया जो प्रकृति के किसी भी चीज को भगवान मानते थे। ठीक उसी प्रकार आज हिंदू धर्म में प्रकृति से जुड़े चीजो यानि प्रकृति की पूजा होती है। जिस प्रकार हिंदू धर्म में सूर्य, चंद्रमा, नदी, जल, अग्नि, धरती इत्यादि जैसी हर एक प्राकृति से जुड़ी वस्तुओ की पूजा होती है यह केवल हिंदू धर्म में देखा जाता है।

हिंदू धर्म के अनुसार प्रकृति में भगवान का वास है

हिंदू धर्म एक ऐसा धर्म है जिसमें फूल, पत्ते, पेड़, पौधे, पत्थर, नदी, जल, मछली किसी भी चीज को भगवान मान लिया जाता है। हवा को भी पवन देवता ज्ञान किया जाता है, आग को अग्निदेव माना जाता है। हिंदू धर्म के महान पर्व छठ पर्व में सूर्य देव की तो पूजा होती ही है साथ ही इस पूजा में प्रयोग होने वालेप्रकृति के हर एक फल, फूल, सब्जी, जल, नदी की पूजा होती है इस पर्व में प्रकृति से मिली हर एक सामग्री भगवान तुल्य होती है, जो कि हिंदू का एक सबसे महान पर्व होता है। इसमें प्रकृति के हर एक वस्तु का उपयोग करके प्रकृति को महत्व देते हुए प्रकृति देव की पूजा होती है और ऐसा इसीलिए है क्योंकि हिंदू धर्म अपनी सुविधा के हिसाब से भगवान का रूप चुनने की इजाजत देता है।

हिंदू धर्म के अनुसार भगवान हर जगह मौजूद है

हिंदू धर्म के अनुसार भक्त भगवान के आर पर यानी कि मंदिर में किसी भी समय जा सकते हैं। भगवान का ध्यान और पूजा करने के लिए समय का कोई बंधन नहीं होना चाहिए। भक्त जब चाहे तब अपने आराध्य की उपासना कर सकता है क्योंकि हिंदू धर्म की मान्यता यह है कि ईश्वर कण कण में हर क्षण में और हर स्थान पर मौजूद रहते हैं।

हिंदू धर्म बताता है महिला और पुरुष समान है

हिंदू धर्म की उत्पत्ति से ही स्त्री और पुरुष में समानता की बात कही गई है स्त्री पुरुष में समानता की भावना को हिंदू धर्म में पूरी तरह से प्रकट किया गया है जो अन्य किसी धर्म में नहीं मिला। इसका प्रमाण हम भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप से पा सकते हैं। जिसमें भगवान शिव के आधे अंग में देवी आदिशक्ति माता दुर्गा पार्वती का वास माना गया है। इसी स्वरूप को आधार मानकर हिंदू धर्म में जीवन संगिनी को अर्धांगिनी कहा जाता है। 

हिंदू धर्म के अनुसार भगवान हर प्राणी में मौजूद है 

हिंदू धर्म में पहले से ही इस बात की पुष्टि हुई है कि भगवान हर एक वस्तु में विराजमान होते हैं। हर समय भगवान ने धरती पर प्राणी का रूप धारण किया है जैसे कि हिंदू धर्म के अनुसार भगवान विष्णु ने कछुए का रूप लिया था। इसके अलावा यह बात हर कोई भली-भति जानता है कि गौ माता में 36 कोटि देवताओ का वास होता है। इसीलिए गौ माता के गोबर को इतना शुद्ध माना जाता है क्योंकि इसमें भगवान जी का वास होता है। हिंदू धर्म में सांपो की भी पूजा होती है क्योंकि हिन्दू धर्म में नाग भी देवता होते हैं।

"Hinduism" दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म हिन्दू धर्म से जुड़ी कुछ रोचक तथ्य जो किसी और धर्म में नहीं मिलता
“Hinduism” दुनिया का सबसे प्राचीन धर्म हिन्दू धर्म से जुड़ी कुछ रोचक तथ्य जो किसी और धर्म में नहीं मिलता

हिन्दू धर्म के अनुसार मृत्यु को भी पूजनीय माना जाता है।

हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी देवताओ का जिक्र किया गया है जो कि किसी भी अन्य धर्म में नहीं पाया गया। यहां तक कि हिंदू धर्म में मृत्यु को भी देवता माना जाता है। यमराज को जीवो के प्राणी को हरने वाले और महादेव भी कहा जाता है हिंदू धर्म एकमात्र ऐसा धर्म है जिसमें भारत को भी पूजनीय माना जाता है। इनके प्रति आदर का भाव प्रकट किया जाता है इसी कारण हिंदू धर्म में मृत्यु को मुक्ति का मार्ग कहा गया है।

हिंदू धर्म में अवतारवाद का महत्व 

हिंदू धर्म के अनुसार हर युग के अंत में भगवान जी का अवतार होता है और नए युग का आरंभ होता है। जिस प्रकार इस समय कलयुग चल रहा है और कहा जाता है कि कलयुग के अंतिम चरण में मनुष्य व्यभिचारी हो जाएंगे। संबंधों की मर्यादा भूल जाएंगे स्त्रियों में लज्जा समाप्त हो जाएगी। मनुष्य पशु के समाान व्यवहार करने लगेगा तब भगवान कल्कि अवतार लेकर धर्म को पुनः स्थापित करेंगे। कल्कि अवतार कि परिकल्पना कहीं और किसी और धर्म में नहीं मिला।

हिंदू धर्म में जड़ और जीव दोनो ही देवता के समान है 

हिंदू धर्म के अनुसार हिंदू धर्म में जड़ और जीव दोनो तरफ देवताओं का जिक्र किया गया किया गया है। जड़ देवता मूर्ति केे रूप में विराजमान होते हैं जिन्हें हम मंदिरों और घरों के पूजनीय स्थल पर देखते हैं।जबकि देवता धरती पर रहने वाले हर एक जीव, जंतु में विराजमान है यानी कि हिंदू धर्म में हर जीव को भगवान माना गया है। गीता में भगवान ने स्वयं इस बात का उल्लेख किया है कि वह हर जीव में आत्मा के रूप में विराजमान रहते हैं। इसीलिए सभी जीवो में मुझे देखना चाहिए और जो यह रहस्य जान लेता है वह पाप से मुक्त हो जाता है।

हिंदू धर्म के अनुसार ईश्वर अकेले होते हुए भी सर्वव्यापक है हिंदुओं में हर कोई यह मानता है कि कंकर कंकर में शंकर का वास होता है इसीलिए हिंदू धर्म में जीव हत्या को ब्रह्महत्या माना गया है। जो व्यक्ति किसी प्रकार किसी भी जीव की हत्या करता है उसके साथ भी किसी जन्म में वही होता है। यह एक चक्र होता है जिस प्रकार हिंसा से हिंसा का जन्म होता हैै, उसी प्रकार जब व्यक्ति किसी जीव की हत्या करता है तो उसके साथ भी अगले जन्म में वही होता है।

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