“World Tobacco Day 2021″आइए जानते हैं विश्व तंबाकू निषेध दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है।

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"World Tobacco Day 2021"आइए जानते हैं विश्व तंबाकू निषेध दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है।

पूरी दुनिया में हर साल 31 मई के दिन अंतर्राष्ट्रीय तंबाकू निषेध दिवस के तौर पर मनाया जाता है।  विश्वभर में इस दिवस को बेहद प्रभावशाली बनाने के लिए और लोगो को इस दिवस से जुड़े उद्देश्य को एक संदेश के तौर पर दुनिया भर के कोने कोने में फैलाने के लिए हर साल WHO एक खास विषय का चुनाव करता है जिसे लेकर हर साल यह दिवस मनाया जाता है। 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस की शुरुआत 

तंबाकू से होने वाले विभिन्न प्रकार के नुकसान को देखते हुए साल 1987 में विश्व स्वास्थ्य संगठन, (WHO) के सदस्य देशो ने एक प्रस्ताव पारित किया। जिसके द्वारा साल 1988  के 7 अप्रैल से विश्व धूम्रपान निषेध दिवस को मनाने का फैसला हुआ, यह अधिनियम लोगो को कम से कम 24 घंटे तक तंबाकू के उपयोग को रोकने के लिए प्रेरित करने के तौर पर पारित किया गया था। बाद में साल 1988 में संगठन ने एक और प्रस्ताव पारित किया कि 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा जीसके बाद से हर साल 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है।  

विश्व तंबाकू निषेध दिवस का थीम 

 WHO के मुताबिक तंबाकू का सेवन करने से दुनिया भर में 8 मिलियन से भी ज्यादा लोगो की मौत होती है किसी भी प्रकार के तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ो की क्षमता कम हो जाती है और सांस की बीमारियां गंभीर रूप ले लेती है। इन्हीं बातो को उजागर करने के लिए हर साल वर्ल्ड टोबैको डे को अलग-अलग थीम के साथ मनाया जाता है। इस साल 2021 में विश्व तंबाकू निषेध दिवस का थीम रखा गया था “कमिट टू क्वीट’ (Commit to Quit) यानि तंबाकू छोड़ने के लिए प्रतिबद्ध” 

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर क्या होता है 

इस दिन लोगो को तम्बाकू के बुरे प्रभावो के बारे में शिक्षित करने के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम, अभियान और गतिविधियो का आयोजन किया जाता है तंबाकू का उपयोग करने से विभिन्न प्रकार के जोखिमो को अपने पास बुलाना होता है। वार्षिक तौर पर 31 मई को मनाया जाने वाला तंबाकू निषेध दिवस लोगो के स्वास्थ्य की रक्षा करने में मदद करने के लिए जागरूकता बढ़ाने का अवसर होता है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस दिवस के अवसर पर उत्सव को आयोजित करने वाले सदस्यो को इस विषय पर दूसरे विभिन्न प्रकार के प्रचार के वस्तुएं जैसे कि पोस्टर, प्रेस विज्ञप्ति, वेबसाइट पर विभिन्न प्रकार के तंबाकू निषेध से जुड़े फोटोस और जानकारी, फ्लायर्स, ब्रोचर ईत्यादि उपलब्ध कराए जाते हैं।

WHO के अनुसार दुनिया के करीब 125 देशो में तंबाकू का उत्पादन किया जाता है पूरी दुनिया में हर साल करीब 5.5 खरब सिगरेट का उत्पादन होता है और एक करोड़ से ज्यादा लोग इस सिगरेट का सेवन करते हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में 80% पुरुष तंबाकू का सेवन करते हैं तो वहीं कुछ देशो में महिलाओ में भी धूम्रपान करने की आदत काफी बढ़ गई है। पूरी दुनिया में धूम्रपान करने वालो का करीब 10% भारत में मौजूद है भारत में करीब 25000 लोग बीड़ी, गुटखा, सिगरेट, हुक्का आदि के द्वारा तंबाकू का सेवन करते हैं।

भारत में 10 अरब सिगरेट और 72 करोड़ 50 लाख किलो तंबाकू का उत्पादन होता है। तंबाकू निर्यात के मामले में भारत का चीन, अमेरिका, मलावी और इटली के बाद छठे नंबर पर नाम आता है। विकासशील देशो की बात करें तो हर साल 8 हजार बच्चो की मौत भी उनके अभिभावको के द्वारा किए गए धूम्रपान के कारण हो जाती है। दुनिया के किसी भी दूसरे देश के मुकाबले भारत में तंबाकू से होने वाली बीमारियो से मरने वाले लोगो की संख्या बेहद तेजी से बढ़ती जा रही है।
तंबाकू के बुरे प्रभाव 

“World Tobacco Day 2021″आइए जानते हैं विश्व तंबाकू निषेध दिवस कब, क्यों और कैसे मनाया जाता है।

नियमित तौर पर तंबाकू का सेवन करने से फेफड़ो के कैंसर होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है। क्योंकि तंबाकू में रहने वाला बंजोपाइरींस, क्रोमियम, निकोटीन, नाइट्रोसामाइंस, आर्सेनिक जैसे तत्व काफी मात्रा में पाए जाते हैं। किसी भी प्रकार के धूम्रपान में 90% से ज्यादा फेफड़ो के कैंसर, ब्रेन हेमरेज और पक्षाघात का प्रमुख कारण दिखाई देता है। वहीं सिगरेट व तंबाकू का सेवन करने पर मुंह, कंठ, मेरुदंड और मूत्राशय के कैंसर के रूप में प्रभावी होते हैं।

सिगरेट और तंबाकू में मौजूद कैंसर जनित पदार्थ शरीर के कोशिकाओ के विकास को रोक देता है साथ ही उनके नष्ट होने और कैंसर के बनने में मदद करता है। लंबे समय तक धूम्रपान करने से गर्भाशय, मुंह, गुर्दे और पाचक ग्रंथि में कैंसर होने की ज्यादा संभावना रहती है। धूम्रपान के धुए में मौजूद कार्बन मोनोऑक्साइड, निकोटिन जैसे पदार्थ धमनियो से संबंधित रोगो का कारण बनता है। तंबाकू खाने से व्यक्ति का शरीर धीरे-धीरे खराब होता जाता है साथ ही तंबाकू दिमाग पर भी बेहद बुरा प्रभाव डालता है। 

तंबाकू का सेवन करने से होने वाली परेशानियो की बात करें तो तंबाकू खाने वाले व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी, थकान होना, भूख ना लगना, तनाव रहना, अच्छी तरह से नींद ना आना, लंबे समय तक हंसी होना, गले से जुड़ी समस्या होना, खाते समय कभी कभी खून आना, कैंसर होने का खतरा होता है।तंबाकू का सेवन करने से फेफड़े का कैंसर, लिवर कैंसर, मुंह का कैंसर, कोलन कैंसर, गर्भाशय का कैंसर, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और हृदय रोग जैसी बीमारियां शामिल हैं। 

अगर व्यक्ति धूम्रपान छोड़ता है तो वह अपने आप में तत्कालीन, मध्यकालीन स्वास्थ्य लाभो को देख सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन तंबाकू के बुरे प्रभावो को उजागर करने और धूम्रपान व तंबाकू के उपयोग को कम करने में मदद करने वाली नीतियो का पालन करवाता है। इसके लिए सरकारो को प्रोत्साहित करने के लिए हर साल इस दिवस को बढ़ावा दिया जाता है।

साल 2008 में WHO ने तंबाकू के बारे में किसी भी प्रकार के विज्ञापन या प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया था और ऐसा इसीलिए क्योंकि विज्ञापन युवाओ को धूम्रपान करने के लिए आकर्षित करते हैं। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी भी दी है जिसके मुताबिक धूम्रपान करने और अपने फेफड़ों के नुकसान पहुंचाने वाले लोगो को कोरोना संक्रमण का खतरा आम लोगो की तुलना में 50% ज्यादा है इसीलिए कोरोनो के इस दौर में तंबाकू उत्पादो का सेवन ना करने में ही भलाई है।

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