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देश में ऑक्सीजन संकट को देखते हुए हर राज्य के अस्पतालों में लगाए जा रहे हैं ऑक्सीजन प्लांट।

ITBP शिविर में ऑक्सीजन प्लांट की शुरुआत

कोरोना वायरस की जंग में भारत को मदद करने के लिए हाल ही में इटली ने भारत में ऑक्सीजन प्लांट लगाया है। यह प्लांट इटली से हवाई मार्ग द्वारा लाया गया और दिल्ली से सड़क मार्ग के जरिए लाया गया। इस प्लांट के साथ इटली के कंपनी के मैकेनिक भी पहुंचे जिन्होंने केवल 48 घंटे के अंदर ही प्लांट को लगाकर काम चालू कर दिया। दरअसल पिछले साल मार्च महीने में इटली के पर्यटक राजस्थान आने के बाद कोरोना से संक्रमित हो गए थे और उनका इलाज दिल्ली के आईटीबीपी के मेडिकल सेटअप पर ही किया गया था। जो उन्हें हमेशा याद रहेगा उन्होंने कहा कि भारत से मिली यह दोस्ती और एकजुटता हमेशा ही जारी रहेगी। 

इस अवसर पर ITBP के एडीजी मनोज सिंह रावत ने राजदूत से कहा कि इस संयंत्र की स्थापना के लिए बल उनका हमेशा ही आभारी रहेगी। वहीं रेफरल अस्पताल के आईजी मेडिकल डीसी डिमरी ने कहा कि इस प्लांट की स्थापना से अस्पताल के मैन्युअल ऑक्सीजन से निर्भरता कम होगी और मरीजो को सीधे उनके बेड पर जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन उपलब्ध हो सकेगा। इस अवसर पर अस्पताल और इटली के दूतावास और संबंधित कंपनी के अधिकारी भी मौजूद थे।  

ग्रेटर नोएडा में लखनावली गांव के पास स्थित इंडियन तिब्बत बार्डर पुलिस (ITBP) शिविर में इटली के सहयोग से संचालित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) रेफरल अस्पताल के लिए ऑक्सीजन प्लांट की शुरुआत की गई। ITBP के प्रवक्ता वीके पांडे ने बताया कि साल 2018 में यहां 200 बेड के अस्पताल का संचालन शुरू हुआ था। इस अस्पताल में पैरा मिलिट्री, केंद्रीय सशस्त्र बल के जवान, CBI, सेवानिवृत्त जवानो और उनके परिजनो का उपचार किया जाता है।

सामान्य गति से 200 मरीजों को मिल सकेगा ऑक्सीजन

जानकारी के अनुसार यह प्लांट हाई स्पीड से 100 मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करा सकती है। लेकिन नॉर्मल स्पीड से यह 200 मरीजों को भी ऑक्सीजन उपलब्ध करा सकती है। वर्तमान इस प्लांट की आवश्यकता रेफरल अस्पताल को ही है। लेकिन रेफरल अस्पताल की जरूरत पूरी होने पर अन्य दूसरे अस्पतालो को भी ऑक्सीजन उपलब्ध कराने पर विचार किया जाएगा।

नई दिल्ली के सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांटनई दिल्ली के सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगा। इसमें हर दिन 330 लीटर ऑक्सीजन आपूर्ति की क्षमता रखी गई है। इस प्लांस से रोजाना 50 से 60 सिलिंडर भरे जाएंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अस्पताल का दौरा करके ऑक्सीजन प्लांट का जायजा लिया। अरविंद केजरीवाल ने ट्विटर पर कहां की मैंने सत्यवादी राजा हरीशचंद्र अस्पताल में स्थापित किए गए नए ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। इस सहयोग के लिए मैं  फ़्रांस के सरकार का अभार वक्त करता हूँ, हम ज्यादा से ज्यादा कोरोना मरीजो की जान बचाने के लिए जरुरी ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए दिल्ली में 48 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर रहे हैं।   

 दिल्ली में  48 ऑक्सीजन प्लांट स्थापित  

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए दिल्ली में कई अलग अलग जगहो पर 48 प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। अगर दिल्ली को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है तो हर एक अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार फ्रांस से भी ऑक्सीजन की 21 प्लांट आयात कर रही है और बाकी के प्लांट भारत के ही है।  

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। साथ ही उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। क्योंकि इनके प्रयासो से ही पहली बार हम लोगो को 700 मीट्रिक टन से भी ज्यादा ऑक्सीजन मिली है। इससे पहले कभी 300  मीट्रिक टन ऑक्सीजन मिलती थी तो कभी 320  मीट्रिक टन  ऑक्सीजन मिल पाती थी। दिल्ली को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन मिलने के बाद पिछले 24 घंटो में इस प्रकार की कोई मैसेज नहीं आ रहा कि यहां 2 घंटे की ऑक्सीजन बची है तो कहीं 1 घंटे की ऑक्सीजन बची है। 

उत्तर प्रदेश में लगाए जाएंगे 10 नए ऑक्सीजन प्लांट

उत्तर प्रदेश की बात करें तो वहां के सरकारी कोविड अस्पतालो और निजी अस्पतालो में ऑक्सीजन की कमी का संकट गहरा है। राम मनोहर लोहिया मेडिकल इंस्टिट्यूट में आक्सीजन सिलेंडर की कमी के कारण तीन कोविड मरीजो ने अपनी जान गवा दी। मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने बताया कि 15 दिन के अंदर ही 10 नए प्लांट बनाएंगे इन प्लांट्स में हवा से ऑक्सीजन तैयार की जाएगी। 

उत्तर प्रदेश के 40 ऑक्सीजन प्लांट रोजाना 36,600 आक्सीजन सिलेंडर का उत्पादन कर रहे हैं जबकि डिमांड 60 हजार आक्सीजन सिलेंडर की है। इसीलिए इसकी आपूर्ति नहीं हो पा रही जिस कारण UP के CM योगी आदित्यनाथ ने 10 नए ऑक्सीजन प्लांट खोलने के साथ ही सभी अस्पतालो को अपने यहां 36 घंटे का बैकअप रखने का निर्देश दिया है। सभी 10 नए ऑक्सीजन प्लांट 15 दिन में ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर देंगे। इस बीज सरकार ने दूसरे राज्यो से भी आक्सीजन सिलेंडर मंगाने का फैसला किया ताकि ज्यादा से ज्यादा कोरोना  मरीजो की जान बी बी बचाई जा सके। 

कोविड अस्पतालो में मरीजो पर 4 घंटे में एक जंबो सिलेंडर की खपत हो रही है। एक सिलेंडर में लगभग 13 लीटर ऑक्सीजन होते हैं। फरवरी तक निजी अस्पतालो में रोजाना 16 हजार जंबो सिलिंडर की खपत थी। जबकि सरकारी, अर्ध सरकारी तथा और निजी मेडिकल कॉलेजो में 20 हजार सिलिंडर लगते थे। लेकिन अब कोविड अस्पताल में ही 25 हजार  सिलेंडर की  खपत है।  बलरामपुर अस्पताल में मार्च महीने में रोजाना 80 से 90 सिलेंडर की खपत थी वहीं अब यह बढ़कर प्रतिदिन 500 सिलेंडर हो गई है। इस तरह लोकबंधु में लगभग 500 सिलिंडर और लोहिया में 150 से 200 सिलिंडर रोजाना ही खत्म हो रहे हैं। 

दिल्ली के कॉमनवेल्थ कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया 

दिल्ली के कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज कॉम्प्लेक्स कोविड केयर सेंटर में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया। क्लीनिकल मैनेजमेंट डिवीजन के इंचार्ज डॉ अनुराग मिश्रा ने बताया की इस एक प्लांट  के जरिए  हम एक साथ 18 से 20 मरीजो को ऑक्सीजन मुहैरा करा सकेंगे। बीते दिनो दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी के कार्ड आधार अस्पताल में कोई मरीज को रोना मरीजों अपनी अपनी जान गवा दी। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार मौजूदा 490 मीट्रिक टन कोटे के बजाए केंद्र से 976 मीट्रिक टन आक्सीजन की मांग कर रही है। 

Jhuma Ray
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