Tuesday, May 17, 2022
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“English language Day” के अवसर पर आइए जानते हैं इंग्लिश भाषा के बारे में

हर साल 23 अप्रैल के दिन इंग्लिश लैंग्वेज डे यानी कि अंग्रेजी भाषा के दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इंग्लिश भाषा उन 6 भाषा के दिवसो में आता है जीसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा मान्यता दी गई है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंग्रेजी दिवस को मनाए जाने के फैसले के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण मौजूद है। अंग्रेजी वाह भाषा है जो अलग-अलग देशो में अलग अलग संस्कृति से आने वाले लोगो में बातचीत करने का और एक दूसरे से जुड़ने का माध्यम है।

इंग्लिश भाषा एक दूसरे से लिंक करने के भाषा के रूप में काम करती है और इस दिवस को 23 अप्रैल के दिन मनाए जाने के पीछे भी एक खास कारण जुड़ा हुआ है और वह कारण यह है कि 23 अप्रैल के दिन ही मशहूर विलियम शेक्सपियर का जन्म हुआ था और इस 23 अप्रैल के दिन ही उनकी मृत्यु भी हुई थी। इसीलिए संयुक्त राष्ट्र ने इसी दिन को अंग्रेजी दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की थी। यह भाषा दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली दूसरी भाषा है जो बिजनेस के क्षेत्र में, एजुकेशन के क्षेत्र में और एक दूसरे से यानि अलग अलग संस्कृति के लोगो को लिंक करने के लिए सबसे ज्यादा प्रचलित भाषा है।

इंग्लिश वह भाषा है जो किसी भी देश से आए किसी भी भाषा के व्यक्ति को किसी भी संस्कृति और किसी भी भाषा के लोगो के बीच बातचीत का माध्यम बनती है। विकिपीडिया के आंकड़ो के अनुसार पूरी दुनिया में 360 मिलियन से भी ज्यादा लोग इंग्लिश भाषा में बात करते हैं। इसके अलावा बिजनेस और एजुकेशन के क्षेत्र में तो इंग्लिश भाषा का सबसे ज्यादा प्रयोग होता है।

आजकल तो किसी भी कंपनी में नौकरी पाने के लिए इंग्लिश में अच्छी पकड़ रहनी पड़ती है। स्टूडेंट को भी अच्छे यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने के लिए इंग्लिश भाषा का टेस्ट पास करना परता है। आजकल आप स्कूल, कॉलेज, ऑफिस, अस्पताल किसी भी क्षेत्र में जाए आपको अंग्रेजी ही सबसे ज्यादा बोलनी परती है। इसीलिए आज कल के समय को देखते हुवे हर किसी को अंग्रेजी भाषा जरूर से जरूर जाननी पड़ती है।

आज हर जगह अंग्रेजी भाषा की मांग इसीलिए इतनी ज्यादा बढ़ गई है क्योंकी यह भाषा ही वह माध्यम है जो भारत, चीन, जापान, नॉर्वे, फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, दक्षिण अमेरिका जैसे सभी देशो के लोगो के बीच बातचीत का माध्यम बनती है और इन देशो को जोड़ती है। 

अंग्रेजी भाषा दिवस मनाने की शुरुआत कैसे हुई

साल 2010 में सूचना विभाग ने संयुक्त राष्ट्र के सार्वजनिक सूचना विभाग द्वारा “बहुभाषावाद और सांस्कृतिक विविधता का जश्न मनाने के अलावा संगठन के 6 आधिकारिक कामकाजी भाषाओ को समान रूप से उपयोग करने में बढ़ावा देने की पहल की गई थी। और सभी छह आधिकारिक भाषाओ को एक एक दिवस के तौर पर स्थापना की गई और इन भाषाओ को दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत हुई। 

संयुक्त राष्ट्र भाषा दिवस मनाने का उद्देश्य

दरअसल संयुक्त राष्ट्र के भाषा दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य बहुभाषावाद और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देना था। संयुक्त राष्ट्र भाषा दिवस के अंतर्गत आधिकारिक तौर पर 6 भाषाओ के लिए अलग-अलग दिन को चुना गया जिसमें 23 अप्रैल का दिन इंग्लिश भाषा के लिए चुना गया जबकि बाकी सब के लिए इस प्रकार है।

अरबी भाषा दिवस 18 दिसम्बर

चीनी दिवस 20 अप्रैल

फ़्रांसिसी दिवस 20 अप्रैल

रूसी दिवस 6 जून

स्पेनिश दिवस 23 अप्रैल

अंग्रेजी बोलने के क्या-क्या फायदे हैं

“English language Day” के अवसर पर आइए जानते हैं इंग्लिश भाषा के बारे में

इंग्लिश लैंग्वेज डे के अवसर पर आइए जानते हैं कि अंग्रेजी भाषा बोलने के क्या-क्या फायदे होते हैं। आज की दुनिया में अंग्रेजी भाषा के इंपॉर्टेंस बहुत ज्यादा बढ़ गई है अगर आप छोटी सी कंपनी में भी नौकरी करने जाते हैं, तो आपसे इंग्लिश में ही सवाल किया जाता है। और कुछ कंपनियो में तो पहले ही शर्त रख दी जाती है कि अगर आप अच्छी अंग्रेजी बोल लेते हैं तभी आप इस कंपनी में अच्छी सैलरी पर नौकरी पा सकते हैं। आजकल छोटे से छोटे जगहो में भी हर छोटी मोटी जानकारी पाने के लिए अंग्रेजी का ज्ञान होना बहुत जरूरी है। वैसे तो हर एक भाषा की अलग-अलग अपनी अपनी मान्यता और पहचान होती है लेकिन बाहरी दुनिया में सबसे ज्यादा की मांग अंग्रेजी भाषा की ही होती है। यह भाषा हर एक भाषा से अलग होती है और अलग पहचान देती है।

  • जब आप किसी से इंग्लिश में बात करते हैं तो उसके सामने आपका एक अच्छा इंप्रेशन परता है।
  • अगर आप किसी कंपनी में काम करते हैं और आप ज्यादा से ज्यादा इंग्लिश बोलते हैं तो आपके प्रमोशन के चांसेस बढ़ सकते हैं।
  • अगर आप एक दूसरे से कोई जरूरी बात या कोई प्राइवेट बात करना चाहते हैं तो आप इंग्लिश में बात कर सकते हैं। ताकि कोई तीसरा आप लोगो के बातो को समझ ना सके क्योंकि ज्यादातर लोगो को इंग्लिश भाषा नहीं बोलना आती है।
  • अगर आप अपने पहले साक्षात्कार के दौरान इंग्लिश में बात करते हैं, तो आपके नौकरी मिलने के चांसेस काफ़ी ज्यादा बढ़ जाते हैं।
  • अगर आप किसी से पहली बार मिलते हैं और समझ नहीं पाते कि आप अपना इम्प्रेशन उन पर कैसे जमाए तो आप उनसे इंग्लिश में बात कर सकते हैं, ऐसा करने से सामने वाला व्यक्ति खुश होगा और उनपर आपका इंप्रेशन अच्छा पड़ेगा। 
  • अगर आप किसी से इंग्लिश बोलते हैं तो सामने वाले को लगता है कि आप एक अच्छे घर से ताल्लुक रखने वाले व्यक्ति हैं।

तो चलिए अब हम विलियम शेक्सपियर के बारे में जानते हैं जिनके जन्मदिन पर यह दिवस मनाया जाता है।

विलियम शेक्सपीयर कौन था (William Shakespeare)

विलियम शेक्सपीयर William Shakespeare का जन्म 23 अप्रैल साल 1564 को हुआ था। हालांकि कुछ लोग उनका जन्मदिन 26 अप्रैल को मानते हैं क्योंकि इस दिन उनका नामकरण हुआ था। विलियम शेक्सपीयर अंग्रेजी भाषा के महान कवि, काव्यात्मकता के विद्वान, नाटककार तथा अभिनेता थे। उनके द्वारा रचना किए गए नाटको को करीब हर एक भाषा मेंं अनुवाद किया गया है।

विलियम शेक्सपियर में  उच्च कोटि कि प्रतिभा विराजमान थी साथ ही उन्हें कला और नियमो का सहज ज्ञान भी था। उन्हें प्रकृति से एक वरदान मिला था उनकी रचनाएं ना केवल इंग्लिश जाति के लिए गौरव का प्रतीक है बल्कि विश्व में हर एक जाति को उनकी रचना पर गर्भ है।

इसलिए उनके रचनाओ को लगभग हर क्षेत्र में अलग-अलग भाषा में बनाया गया है। शेक्सपियर केवल अपने कल्पना के बल पर ही नहीं बल्कि उनके जीवन के अनुभव के साथ रचना करते थे। जहां उनके नाटक और कविता से आनंद की उपलब्धि होती थी वहीं दूसरी तरफ उनके नाटक व हर एक रचना से जीवन दर्शन और जीवन के कठोर सच भी प्राप्त होते हैं। साहित्य के इतिहास में शेक्सपियर जाने-माने विरले कवि माने जाते हैं।

प्रारंभिक समय में शेक्सपीयर के ज्यादातर लेख नाटक और रचना कॉमेडी से भरपूर होते थे। लेकिन बाद में साल 1608 तक उन्होंने दुखांत नाटक लिखे थे और अपने अंतिम समय में उन्होंने दुःख सुखान्तक नाटको की रचना की थी। उनके कॉमेडियन नाटको में हैमलेट, ऑथेलो, किंग लेअर और मैकबेथ भी शामिल है। उन्होंने साल 1589 से 1613 के समय में बहुत से कामो को किया था।

जीनमें कुछ रोमांचक नाटक भी शामिल है उनके बहोत से नाटको को प्रकाशित भी किया गया है। साल 1623 में शेक्सपीयर के दो दोस्त और अनुयायी अभिनेता जॉन हेमिंगस और हेनरी कंडेल ने मिलकर उनके मरणोपरांत फर्स्ट फोलियो को प्रकाशित किया। 20 से 21 वी शताब्दी में मॉडर्न कवियो ने उनके कार्यो को दोबारा से खोज निकाला और उन्हे बदल कर उसे अलग अलग प्रकाशित करने लगे।

Jhuma Ray
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नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।
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