Thursday, May 19, 2022
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Ram Navami 2021 आइए जानते हैं राम नवमी के पूजा मुहूर्त, व्रत विधि और इसके महत्व के बारे में।



राम नवमी का पर्व सनातन परंपरा का एक महान पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान श्री राम के भक्त उनकी उपासना के लिए खास तैयारी करते हैं। इस दिन हवन कीर्तन और कन्या पूजन करने का विधान माना जाता है। तो आइए जानते हैं राम नवमी व्रत के बारे में, इस साल राम नवमी व्रत का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा, राम नवमी की पूजा कैसे की जाती है और इस व्रत का महत्व क्या है इस सब के बारे में।


हर साल चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को राम नवमी का पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के अवतार मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्म हुआ था। त्रेता युग में भगवान विष्णु अयोध्या के राजा दशरथ और कौशल्या माता की घर राम अवतार मैं जन्म लिए थे। भगवान श्रीराम का जन्म शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न में हुआ था। राम नवमी के दिन प्रभु श्रीराम की भारी पूजा की जाती है। कहते हैं इस दिन भगवान श्रीराम की सही विधि विधान से पूजा करने से जीवन में आनी वाली कोई भी परेशानी दूर हो जाती हैं और भगवान श्रीराम के भक्त पर उनकी कृपा बरसती है। 

राम नवमी शुभ मुहूर्त  

Ram Navami 2021 आइए जानते हैं राम नवमी के पूजा मुहूर्त, व्रत विधि और इसके महत्व के बारे में।

पंचांग के अनुसार इस वर्ष 2021 रामनवमी 21 अप्रैल बुधवार के दिन है। और पूजा का मुहूर्त 21 अप्रैल सुबह 11 बजकर 02 मिनट से दोपहर 01 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। पूजा मुहूर्त की अवधि 02 घंटे 36 मिनट की है, सभी राम भक्त को इस  अवधि  के दौरान पूजा कर लेना है। 

राम नवमी की पूजा विधि

राम नवमी का पर्व एक विशेष पर्व होता है, इसलिए इस दिन पूजा में नियमों का खास  ख्याल रखना परता है। इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करने के बाद पूजा का कार्यक्रम आरम्भ करना चाहिए। मंदिर में भगवान श्री राम जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाकर सभी देवी देवताओ को नमन करके आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। भगवान श्री राम को पुष्प अर्पित करके मिष्ठान और मीठे फल का भोग लगाना चाहिए पूजा में तुलसी के पत्ते और कमल के फूल जरूर चढ़ाए। धूप, दीप, नैवेद्य के साथ पूजा में लगने वाले हर वस्तु भगवान को अर्पित करके उनकी आरती करके पूजा समाप्त करनी चाहिए।

आप अपनी इच्छा अनुसार सात्विक पकवान से प्रभु श्रीराम को भोग लगा सकते हैं। इस पावन दिन पर आप रामचरितमानस, श्री राम स्तुति, रामायण और राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करें। और नियत प्रभु श्री राम के नाम का जाप करते रहें क्योंकि इस दिन राम नाम का जप करने का बहुत महत्व होता है। अगर आप व्रत करना चाहे तो कर सकते हैं, लेकिन अगर आप व्रत नहीं करना चाहते, तो आप पूजा पाठ करके सात्विक भोजन कर सकते हैं और पूरा दिन राम नाम का जप कर सकते हैं। और जो उपवास रहना चाहते हैं वह पूजा पाठ करके उपवास के दौरान फलाहार कर सकते हैं। और दशमी के दिन सुबह स्नान करके भगवान राम की पूजा पाठ करके अपने अनजाने में हुए किसी भी भूल की क्षमा मांग कर व्रत का पालन करना है।

रामनवमी पर मंदिरो में होते हैं भारी आयोजन   

रामनवमी के अवसर पर मंदिरो में भी भारी आयोजन किए जाते हैं। भगवान श्री राम की मूर्तियो को गंगाजल से नहलाकर दूध से अभिषेक कराया जाता है और पालने में झुलाया जाता है। इस दिन सभी भक्त मंदिर में जाकर रामायण का पाठ करते हैं। राम मंदिर में भगवान राम के भजन कीर्तन होते हैं जिसमें उनके भक्त टूट पड़ते हैं इस दिन जगह-जगह झांकियां निकाली जाती हैं। राम भक्त इस दिन उनकी आराधना करने के लिए पूजा करने के बाद पूरा दिन व्रत उपवास रखते हैं।

Jhuma Ray
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नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।
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