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क्यों हो जाता है अकेलापन (Loneliness), जानिए अकेलापन होने के कारन, लक्षण और उपाए।

आज के इस पोस्ट में हम आपको इस विषय में बताने वाले हैं कि किस प्रकार आप अपने आपको अकेलेपन से दूर रख सकते हैं। अगर आपके चारो तरफ लोग रहते हुए भी आप अपने आपको अकेला समझते हैं इसका मतलब है कि जरूर आपके मन में कोई न कोई बात है जो आपको अंदर ही अंदर परेशान कर रहा है और लोगों से मिलने में आपको परेशानी हो रही है। 

अकेलापन (Loneliness) क्या है  

अकेलापन (Loneliness) एक ऐसा भाव है जिसमें लोग बहुत जल्द अपने.आप को खालीपन और एकांत होने का अनुभव कराति हैं। अक्सर अकेलेपन की तुलना  खालीपन, अवांछित और महत्वहीन महसूस करने से की जाती है। अकेले व्यक्ति को पारस्परिक मजबूत सम्बन्ध बनाने में कठिनाई होती है। चारो तरफ बहुत से लोग होने के बावजूद भी आप अपने आपको तब अकेला महसूस करने लगते हैं जब आपको दूसरे लोगो से सपोर्ट नहीं मिलता, जरूरत के टाइम पर सहारा नहीं मिलता। ऐसा होने पर लोगो के मन में अन्दर ही अन्दर एक लड़ाई सी चल रही होती है। ऐसे लोग अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं अपने मन के अंदर के चल रहे उस आग को जब कोई सुनने वाला नहीं मिलता, दिल की बात को समझने वाला नहीं मिलता, तब लोग अकेलापन महसूस करते हैं।

जानकारो के अध्ययन के अनुसार जो लोग दूसरो से ज़्यादा मिलते-जुलते नहीं हैं, उनकी मौत समय से पहले ही हो जाती है। यह यह अध्ययन 148 लोगो पर  किया गया है उन्होंने यह भी पाया कि एक इंसान की सेहत पर मोटापे से होनेवाली बीमारियो से अकेलापन दुगना हानिकारक होता है। और अकेलेपन से होनेवाला नुकसान एक दिन में 15 सिगरेट पीने से होनेवाले नुकसान के बराबर है। और एक शोध अनुसार यह भी पाया गया है कि जो लोग अकेले रहते हैं वह बहुत जल्द तनाव, चिंता, अवसाद और मानसिक समस्याओ से ग्रस्त हो जाते हैं। और जो लोग अपने परिवार, दोस्त, यार, रिश्तेदारो के साथ समय बिताते हैं, वे अपने विचारों को शेयर करते हैं जिससे वह ज्यादा खुश रहते हैं।

 अकेलापन (Loneliness)  के प्रकार  

हम आपको एक बात स्पष्ट कर देते हैं कि अकेलापन और अकेला होना दो अलग अलग बाते होती हैं। अकेलेपन में आप लोगो के बीच रहते हुए भी खुद को अकेला महसूस करते हैं। अकेलापन वह दौर होता है जब आपको अकेला रहना पसंद नहीं होता और आप नाखुश होते हैं। जबकि जब आप अपनी इच्छा से अकेले होते हैं तो इसका मतलब है कि आप एकांत रहना चाहते हैं ऐसे में आप अकेले होकर भी खुश रहते हैं। इस स्थिति में आप अपने आपको सकारात्मक, ऊर्जावान और भावनात्मक रूप से तरोताजा महसूस करते हैं। ऐसा एकांत आपको अच्छा लगता है, आपको खुशी देता है।

क्यों हो जाता है अकेलापन (Loneliness), जानिए अकेलापन होने के कारन, लक्षण और उपाए।

क्या आप जानते हैं कि ज्यादातर समय अकेले रहना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। किसी एक बात को लेकर मन ही मन में परेशान होना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। क्योंकि जब आप अकेले रहते हैं तब आपके मन में ज्यादा बुरे ख्याल आने लगते हैं धीरे धीरे आप लोगो से दूर जाने लगते हैं और यह आपकी एक आदत बन जाती है यह आदत आपको बेहद नुकसान पहुंचा सकती है। अब आप सोच रहे होंगे कि हम अकेले रहेंगे तो भला हमें क्या नुकसान होगा दरअसल जब आप अकेले रहते हैं तब आपके माइंड में हर किसी का बुरा बर्ताव बुरी बाते हावी होने लगती है, नकारात्मक सोच आने लगती है। 

भावनात्मक अकेलापन   

कोई व्यक्ति भावनात्मक अकेलापन तब महसूस करता है जब आप यह सोचने लगे कि आपके जीवन में ऐसा कोई नहीं है जो पालन करता विश्वास पात्र के रूप में कार्य करता हो तो आपके अस्तित्व की पुष्टि करता हो या किसी ऐसे व्यक्ति को खाने से भी पैदा हो सकता है जिसे आप बेहद ज्यादा प्यार करते हैं, जिसके साथ आप भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हो कभी कभी बच्चे के जन्म के बाद(प्रसव बाद अवसाद द्वारा), शादी के बाद भी अकेलापन का कारन होता है। 

सामाजिक अकेलापन  

सामाजिक अकेलापन व्यक्ति को उसके संबंधों की गुणवत्ता के बारे में बताता है आप अपने करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यो से कितनी बार मुलाकात करते हैं और उनके साथ आपका कैसा रिश्ता है यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आप अकेलापन महसूस करते हैं या नहीं। सामाजिक अकेलापन संबंध पर होता है यानी दूसरो के संबंध में कुछ परिस्थितिया देखी जाती है। जैसे कि किसी दूसरे शहर में रहने के लिए जाना जहां आप किसी को नहीं जानते और जहां आपका कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं है यह छोटी अवधि के लिए अकेलापन महसूस होता है। ऐसे अवस्था परिवर्तन के कारण होने वाले अकेलापन के मामले में उदासी जैसे लक्षण देखे जाते हैं। यह स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं डालते हालांकि अगर यह स्थिति आप दीर्घकालीन तक देखते हैं तो ऐसे अकेलेपन के परिणामस्वरूप स्वास्थ समस्या देखने को मिल सकती है।

अकेलापन के लक्षण

  • शरीर में दर्द होना।
  • भूख ना लगना।
  • चिंता व बेचैनी की भावना होना।
  • ज्यादा शॉपिंग करना, फिल्में देखना।
  • ऐसा सोचना कि आपके किसी के साथ कोई संबंध नहीं है।
  • अपने आप पर संदेह होना और खुद को आयोग्य महसूस करना। अपने परिवार, दोस्त, रिश्तेदार कई लोगों के बीच होने के बावजूद भी अपने आपको अकेला महसूस करना
  • लोगो के साथ गहराई में उतरकर संबंध बनाने में अपने आपको असक्षम महसूस करना या दूसरे के साथ संपर्क स्थापित करने में थकान महसूस करना।
क्यों हो जाता है अकेलापन (Loneliness), जानिए अकेलापन होने के कारन, लक्षण और उपाए।

अकेलापन के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव

अगर कोई अकेला होता है लोगों से ज्यादा मिलता जुलता नहीं उसके साथ वक्त बिताने वाले लोग नहीं होते तो यह एक बड़ी परेशानी होती है। यही कारण है कि अकेलेपन को सजा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है अकेलेपन का एहसास कराने के लिए लोगो को जेल में अकेले कैद करके रखा जाता है। दिमागी तौर पर बीमार लोगो को जंजीरों से जकर कर रखा जाता है, अकेलापन इस कदर खतरनाक होता है कि आज तमाम देशों में अकेलेपन को एक बीमारी का दर्जा दिया जा रहा है। और इस अकेलेपन से निपटने के लिए लोगो को मनोवैज्ञानिक का मदद मुहैया कराया जा रहा है।

अकेलेपन को एक अलग नजरिए से भी देखा जाता हैं, कहा जाता है की अकेले रहने के बहुत फायदे हो सकते हैं। अकेले रहने पर आप अपने आप पर फोकस कर सकते हैं अपनी क्रिएटिविटी को बढ़ा सकते हैं। लोगों से मिलकर फिजूल की बातें करने से अच्छा है कि आप अपने अपने आप पर ध्यान दें। दोस्तों के साथ झूठे हंसी मजाक करने से बेहतर अकेले वक्त बिताना। तो वहीं ब्रिटिश रॉयल कॉलेज ऑफ जनरल का कहना है कि अकेलापन डायबिटीज बीमारी के समान होता है। इससे उतने ही लोगों की मौत होती है जितने की डायबिटीज के कारन होती है। अकेलापन हमारे सोचने समझने की शक्ति को कमजोर बनाता है हमारी दिमाग पर बुरा प्रभाव डालता है व बीमारियो से लड़ने की क्षमता कम करता है।

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो लोगो के बीच ज्यादा घुलने मिलने से बचते हैं, कुछ लोग शर्मीले स्वभाव के होते हैं वह दूसरों से ज्यादा मिलते जुलते नहीं हैं तो कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें महफ़िल पार्टी आदि जगहो पर जाना पसंद नहीं होता। ऐसे लोग मिलनसार होने के बजाय अकेले वक्त बिताना पसंद करते हैं। यह भी कहा जाता है कि जो लोग अकेले रहना पसंद करते हैं, उनकी क्रिएटिविटी दिन प्रतिदिन बेहतर होती जाती है। वह अपने काम पर ज्यादा फोकस कर सकते हैं और ज्यादा बेहतर करने पर फोकस कर सकते हैं।

अकेलापन से बचने के उपाए

दोस्तो अकेलापन एक ऐसी बीमारी है जो दूर करना हमारे लिए मुश्किल हो जाता है। हमारे स्वभाव में पूर्ण रूप से नकारात्मक भाव भर जाता है जीवन में ऐसी परिस्थिति कई बार देखने को मिल सकती है। जब हम अपने आपसे निराश होने लगते हैं हमें अकेलेपन का अहसास होने लगता है और ऐसे समय में खुद का आकलन करना जरूरी होता है। जैसे की आपके अंदर अपने आपको लेकर जो सकारात्मक विचार हैं उसे लेकर एक लिस्ट तैयार करें, और उसमें आप अपने हर छोटे-बड़े सफलताओं से लेकर अपने द्वारा किए गए हर काम को लिखे जो आपके नजर में सही है। इस लिस्ट को आप हर दिन पढ़े यह आपके विश्वास को बनाए रखने में मदद करेगी।

* अपने मन के नकारात्मक भाव को बाहर निकाले

ऐसे समय में आप अपने अंदर छुपे नकारात्मकता को बाहर लाने का प्रयास करें, अकेले होने पर आपको खुद पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करनी चाहिए। अपने अंदर रहने वाले गुनों को पहचाने, कुछ नया सीखने का प्रयास करें, व्यायाम करें, किसी जगह घूमने जाए, किताबों पढ़े, शॉपिंग करें, अपने मन में दबे ख्वाहिश को पूरा करने का प्रयास करें। जब आप खुद के लिए काम करने में व्यस्त हो जाएंगे तो आपको अकेलापन कभी नहीं होगा।

क्यों हो जाता है अकेलापन (Loneliness), जानिए अकेलापन होने के कारन, लक्षण और उपाए।

* प्रकृति से जुड़े

अकेलेपन को दूर करने में प्रकृति हमारी बहुत मदद करती है। सुबह और शाम के समय प्रकृति के संबंध में आने से शरीर और मन दोनो ही स्वास्थ्य रहते हैं। सुबह की सैर के समय सूर्य की प्रकाश से शरीर को विटामिन डी प्राप्त होता है, जो अकेले पन से लड़ने में हमारी मदद करता है। विटामिन डी के कमी से ही अकेलेपन की समस्या होती है। जब आपको अकेलापन लगने लगे तो आप कुछ टाइम प्राकृतिक वातावरण में बिताएं जिससे आपके मन को सुकून व शांति मिलेगी। इसलिए मूड खराब होने से अकेलापन महसूस करने पर आप चुटकुले देखे, हंसी मजाक वाले पलो को याद करें। अपने खुशनुमा मिजाज वाले दोस्तो से मिले या कोई कॉमेडी शो देखें आप जीतना खुश रहेंगे आपको अकेलापन से बाहर निकलने में मदद मिलेगी।

* गाने सुने

मूड खराब होने से आप गाने सुने, क्योंकि गाना मनुष्य को अकेलेपन से निकलने में मदद करता है। आपको जो भी संगीत सुनने में अच्छा लगता है आप उस प्रकार के संगीत सुनें। अच्छे गाने सुने इससे शरीर में डोपामाइन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, इसके साथ ही अपने पसंद के गाने पर आप नाच सकते हैं, ऐसा करने से आपके दिमाग से अकेलेपन का भाव निकल जाएगा। पहले तो आपको हमारे बताए इन कामो में से कोई भी काम करने को मन नहीं करेगा, लेकिन जब आप इन सब कामो को करने लगते हैं, तो आपको धीरे-धीरे अच्छा लगने लगता है।

कभी कभार तो ऐसा भी होता है कि कुछ इच्छाए और भावनाए हमारे मन में उत्पन्न हो जाती है जिस कारण हम लोगो से दूर चले जाते हैं। जीसके बाद हम दुखी रहने लगते हैं, इसीलिए हमें हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए की हमारे ऊपर किसी भी प्रकार की भावना हावी ना हो।

* खुद से प्यार करें

अकेलेपन को दूर करने का सबसे अच्छा उपाय है खुद से प्यार करना। क्योंकि जब तक आप अपने आपको जानेंगे नहीं अपने आपको समझेंगे नहीं आप अपने आप से प्यार नहीं कर सकेंगे। इसलिए आप अपने अंदर के अच्छे या बुरे चीजो को खुद समझे और जरूरत पड़ने पर उसमें बदलाव भी करें। आप अपने लिए अपने आपको परफेक्ट बनाएं और दूसरों के बातो पर ज्यादा फोकस करने से अच्छा है आप अपने आपको अपने काम में पूर्ण रूप से परफेक्ट कर दे और खुद से प्यार करना सीखें।

* भावनाओं पर काबू पाए 

अकेलेपन का सबसे बड़ा कारण है भावनाओं पर काबू पाना। कभि कभि आप मन ही मन में ऐसी भावनाएं बना लेते हैं जिनमें आप अकेलेपन और मुश्किलों का अनुभव करने लगते हैं। इसीलिए आप अपने मन की भावनाओं पर काबू रखें जो होता है होने दें, दूसरों की बातों को लेकर ज्यादा ना सोचे। अपने आपको समय दें अपने आप से प्यार करें और अच्छी-अच्छी बातों पर अपना ध्यान केंद्रित है।

* हमेशा हँसते रहें  

क्यों हो जाता है अकेलापन (Loneliness), जानिए अकेलापन होने के कारन, लक्षण और उपाए।

हँसने पर शरीर से एंड्रॉयड नाम का एक तत्व निकलता है और इस तत्व से आपका क्रोध कम होता है। इसीलिए जब आप अकेला महसूस करें, तो आप अच्छी अच्छी मजेदार फिल्में, हंसी वाले चुटकुले देखे, खूब हंसे क्योंकि हँसने से आपका मूड अपने आप ठीक हो जाएगा।

* अपने मनपसंद कामो करें 

जब आप अकेले होते हैं, तब आप हर एक बंधन से मुक्त होते हैं। कभि कभि हम कई चीजों को इसलिए नहीं कर पाते थे क्योंकि हमारे आसपास लोग रहते थे। लेकिन अब आप सारी चीजें कर सकते हैं जो आपकी ख्वाहिश थी या है इसीलिए आप अकेलेपन को इंजॉय करें। आप खुश होते हुए अपने उन कामों पर अपना ध्यान लगाएं जो आप कभी करना चाहते थे।

वैसे तो इस दुनिया में हर कोई अकेला ही आता है और उसे एक न एक दिन अकेला ही जाना पड़ता है। लेकिन जब तक जिंदगी रहती है व्यक्ति लोगो से मिलजुल कर हंसी मजाक करके खुशी से जी लेता है इसी का नाम तो जिंदगी है। लेकिन कुछ ऐसे लोग ऐसे भी होते हैं जो ज़िन्दगी से इस कदर परेशान हो जाते हैं कि वे जीते जी अकेले हो जाते हैं। ऐसे में इस पोस्ट में बताएं गए इन उपायो को अपनाकर आप अपनी जीवन के अकेलेपन को दूर कर सकते हैं। किसी के भी बातो को ज्यादा सीरियसली ना लेकर अपने आप पर फोकस करें। उम्मीद है  आपको यह जानकारी अच्छी लगी होगी अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी तो आप इस पोस्ट को लाइक करें और शेयर करें।

Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।

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