Tuesday, May 17, 2022
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No Smoking Day 2021 के अवसर पर करे संकल्प सिगरेट भूलने का।

 

यह बात तो हम सभी जानते ही हैं कि आज की युवा पीढ़ी बहुत तेजी से तंबाकू निर्मित पदार्थो का सेवन करने के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। स्मोकिंग, कच्चा तंबाकू, हुक्का, पान मसाला आदि पदार्थ कहीं ना कहीं तंबाकू से ही तैयार किए जाते हैं और युवाओ के द्वारा बड़े पैमाने पर इसका सेवन भी किया जा रहा है जो उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि पूरी दुनिया में हर साल तंबाकू का सेवन करने के कारण लाखों लोगों की जान चली जाती है। इसके बावजूद भी किसी बड़े स्तर पर तंबाकू से बने विभिन्न उत्पादों के खिलाफ कभी भी कठोरतम कदम नहीं उठाया गया।

आजकल के युवा पीढ़ी अपने पढ़ाई लिखाई पर ध्यान देने के अलावा ऐसे कई चीजें हैं जिस पर ज्यादा ध्यान देते हैं। जिस कारण वे अपनी जिंदगी तो बर्बाद करते ही हैं, कुछ हद तक वे अपने उमर को भी आधी कर लेते हैं और अपने परिवार को मार देते हैं। नशीली वस्तुएं केवल मनुष्य के जीवन को ही नहीं बल्कि उसके साथ-साथ उस व्यक्ति के परिवार उसके संपर्क में आने वाले को भी बर्बाद करता है, ऐसे में हमें कोई हक नहीं बनता अपने और किसी के भी जीवन के साथ खिलवाड़ करने का। आज के इस पोस्ट में हम इसी बारे में बात करने वाले हैं अगर इस पोस्ट को पढ़ेंगे तो आप जान जाएंगे कि स्मोकिंग केवल स्मोकिंग करने वाले व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके संपर्क में आने वाले हर एक व्यक्ति के लिए कितना खतरनाक है। साथ ही हम स्मोकिंग छोड़ने के कुछ उपायो को भी बताएंगे, जिन्हें अपनाकर आप स्मोकिंग के आदत को छोड़ सकते हैं।

No Smoking Day कब मनाया जाता है 

पूरे देश में हर साल (No Smoking Day) मनाया जाता है जो की मार्च महीने के दूसरे बुधवार को होता है। इसे मनाने की शुरुआत साल 1984 में हुई। इस दिन दुनिया भर में लोगों को मिलेम बजाने की दिशा में ज्यादा से ज्यादा जागरूकुक करने का प्रयास किया जाता है, जिससे लोग शमदाने छोड़ देते हैं। इस साल 2021 में No Smoking Day 10 मार्च को है नो स्मोकिंग डे का मकसद दुनियाभर के लोगों के बीच जागरूकता को फैलाना है। ताकि वे धूम्रपान की लत को छोड़ने के लिए प्रेरित हो सकें। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों की माने तो हर साल धूम्रपान और तंबाकू के कारण पूरी दुनिया में 70 लाख लोगों की मौत हो जाती है। साल 2019 के आंकड़ों के अनुसार भारत में लगभग 35 प्रतिशत वयस्क लोग स्मोकिंग करते हैं। 

No Smoking Day 2021 के अवसर पर करे संकल्प सिगरेट भूलने का।

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो इन बातों को बेकार समझते हैं, लेकिन अगर उसे गौर से इन बातों पर फोकस करें तो उन्हें यह बात ठीक से पता चल जाएगा कि स्मोकिंग करने से सेहत में कौन-कौन से खतरनाक चीज़े होने लगती है। तो आइए जानते हैं स्मोकिंग करने से शरीर में होने वाले कुछ नकारात्मक प्रभावो के बारे में।

नर्वस सिस्टम को कमजोर बनाता है

सिगरेट में पाया जाने वाला निकोटीन आपके नर्वस सिस्टम पर बेहद दबाव डालता है। जिसके वजह से आपको ज्यादा थकान महसूस होने लगती है और इससे सिगरेट पीने की और ज्यादा तलब उठने लगती है।

लंन्ग को अनहेल्थी बनाती है

स्मोकिंग करने से कई खतरनाक पदार्थ हमारे लंन्ग  में चले जाते हैं जिस वजह से लंन्ग कैंसर, क्रोनिक, ब्रोंकाइटिस, इम्फेसिया जैसी कई प्रकार की बीमारियों से हमें जूझना पड़ सकता है।

हार्ट पर बुरा प्रभाव डालता है

स्मोकिंग करने से आपके हार्ट सिस्टम पर यानी कि आपके कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम खराब हो जाते हैं। जिस कारण आपके नसे बहुत सख्त होने लगती है उसमें ब्लड फ्लो होने पर दिक्कत होती है। इससे आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, कई बार ब्लड क्वार्ट्ज बन जाते हैं जिस कारण स्ट्रोक भी आ जाता है।

ब्लड शुगर को बढ़ाता है 

स्मोकिंग करने से आपका इनसुलीन प्रभावित होता है, जिसके कारण आपको डायबिटीज का भी शिकार होना पड़ सकता है।

पाचन तंत्र पर बुरा प्रभाव 

स्मोकिंग करने से आपके गले, मुंह व ग्रासनली में कैंसर होने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती है। इसके साथ-साथ आपके पाचन तंत्र पर भी बुरा असर पड़ता है, जिस कारण पेनक्रिएटिक कैंसर होने का भी संभावना बढ़ जाता है।

गले का कैंसर 

सिगरेट के धुएँ में फॉर्मेल्डिहाइड और एक्रोलीन नामक केमिकल मौजूद रहते हैं जिस कारण गले के इन्फेक्शन और कैंसर के कारण बन सकते हैं। इतना ही नहीं यह सब तो बड़े-बड़े बीमारी है, क्या आप जानते हैं कि सिगरेट केवल बड़े-बड़े बीमारी ही नहीं बल्कि यह छोटे-छोटे बीमारी भी साथ लाते हैं। जैसे कि सिगरेट पीने से दांत पर भी बुरा असर पड़ता है स्मोकिंग से मुंह के अंदर मौजूद सॉफ्ट स्किन डैमेज हो जाती है जिस वजह से दांतो के बीच में कैविटी होने लगते हैं दांत पीला होने लगता है। आपकी स्किन पर भी सिगरेट का सेवन बेहद बुरा असर डालती है आपकी स्किन बेहद ड्राई होने लगती है।

आज हम आपको भले ही कितने सारे उपाय क्यों न बताएं लेकिन जब तक आप अपने मन को मजबूत करके खुद से वादा नहीं कर लेते कि आपको स्मोकिंग छोड़ना है तब तक आप स्मोकिंग को नहीं छोड़ सकते।

एक संकल्प करें 

स्मोकिंग छोड़ने के लिए सबसे पहले आप खुद को तैयार करें, खुद से वादा ले, ऐसा करने के लिए सबसे पहले आपको कुछ काम करने होंगे जैसे कि, आप एक तारीख चुने और उस तारीख पर अपना बना ले उस दिन आप अपने घर से सिगरेट के पैकेट, लाइटर जो भी सामान तंबाकू से रिलेटेड है उन सभी चीजों को फेंक दें। ताकि इन चीजों को देखकर आपका मन विचलित ना हो और जितना हो सके ऐसे चीजों से दूर रहे जो आपको स्मोकिंग करने की याद दिलाती है। वैसे तो लोग शराब के साथ साथ स्मोकिंग करते हैं कुछ लोग चाय के साथ स्मोकिंग करते हैं कुछ लोग खाना खाने के बाद स्मोकिंग करते है।

अपने आपको व्यस्त रखें 

सभी ट्रिगर्स को पहचाने की आपको कब कब स्मोकिंग करने का मन करता है और ऐसे समय में आप लोगो के बीच जाए ऐसी चीजें करें जो करने में आपको अच्छा लगता है। अपने आपको पूर्ण रूप से व्यस्त कर ले खुद को विचलित ना होने दें। अगर आपको सिगरेट पीने या तंबाकू खाने का मन करता है तो आप अपना ध्यान कहीं और लगाए जैसे कि आप टीवी देख सकते हैं, गाने सुन सकते हैं, व्यायाम कर सकते हैं, अपने किसी पसंदीदा गाने पर नाच सकते हैं यानी कि आपको पूर्ण रूप से उस चीज को भूलने में सहयोग करना है अपने ध्यान को बटाना है।

No Smoking Day 2021 के अवसर पर करे संकल्प सिगरेट भूलने का।

अगर कोई आपके सामने इस बारे में बात करें या स्मोकिंग करते हुए दिखे, तो आप वहां से दूर चले जाएं। आप कुछ भी ऐसा करें जिससे कि स्मोकिंग के ख्याल से आप दूर चले जाए और इसके साथ साथ आप सेहतमंद खाना खाए, अपनी डाइट में फल और हरि सब्जी इत्यादि को पूर्ण रूप से शामिल करें। इसके अलावा जब आपको सिगरेट पीने की तलब हो तो आप चुइंगम चबा सकते हैं। मुंह में नींद की गोलियां रख सकते हैं कुछ ऐसा मुंह के अंदर रखें जिससे कि सिगरेट की तलब आपके दिमाग से निकल जाए। इसके अलावा जो सबसे महत्वपूर्ण है वह है तनाव सबसे पहले आप यह जान ले कि आपको हमेशा तनाव से दूर रहना है।

तनाव ना ले

क्योंकि जब आप तनावग्रस्त होते हैं तो आपको स्मोकिंग की बेहद तलब लगने लगती है कहीं ना कहीं स्मोकिंग का कारण तनाव ही होता है। इसीलिए हमेशा कोशिश करें कि आप तनाव से दूरी बनाए रखें। अगर ऐसा मुमकिन ना हो पा रहा तो आप किसी डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं और जरुरत दवाई का व्यवहार करके तनाव से दूर रह सकते हैं। इन सब चीजों को अगर आप पूर्ण रुप से अपना कर चले तो आप बहुत जल्दी स्मोकिंग को छोड़ सकते हैं और अपने जीवन के साथ-साथ अपने परिवार के जीवन को भी बेहद अच्छा और सुरक्षित बना सकते हैं।

अब आप इसी से सोच सकते हैं कि देश की कितनी बड़ी आबादी धूम्रपान की इस लत का शिकार है। जिस कारण मुंह का कैंसर, लिंग कैंसर, गले का कैंसर और ब्रॉन्काइटिस जैसी कई जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। कोरोना वायरस महामारी के इस दौर को छोड़ भी दिया जाए तो हमारे आस-पास कुछ लोग ऐसे हैं जो अपनी अछि खासी जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हैं। हम उन लोगों की बात कर रहे हैं जो तंबाकू का सेवन करते हैं। डॉक्‍टर्स का कहना है कि सिगरेट का धुँवा केवल पीने वाले को ही नुकसान नहीं पहुंचाता है बल्कि उसे भी नुकसान करता है जो इसके धुंए के सम्पर्क में रहते हैं। सिगरेट पीने से कैंसर और हार्टअटैक जैसी कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं। ऐसे में नो स्मोकिंग डे पर आप भी सिगरेट से दूर होने की कोशिश करें, वैसे तो स्मोकिंग की लत को छोड़ना बहुत मुश्किल होता है लेकिन कुछ घरेलू नुस्खों को आजमाकर इसे छोड़ा जा सकता है। 

यहां तक की पढ़े लिखे लोग भी तंबाकू उत्पाद पर लिखी गई चेतावनी को नजरअंदाज कर देते हैं और इसका सेवन करते हैं। जीस कारण वह खुद तो बीमार होते ही हैं, साथ ही  अनुवांशिक रूप से भी उनमें कुछ बीमारिया धारण कर लेती है, और उनकी आने वाली पीढ़ी को इसका भुगतना करना पड़ता है। तंबाकू और इससे बने पदार्थों का सेवन करने से फेफड़ों का कैंसर, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, लिवर कैंसर, मुंह का कैंसर, डायबिटीज का खतरा, हृदय रोग कोलन कैंसर और महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर जैसी कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इन बीमारियों के बारे में सोचते हुए जो लोग तंबाकू या फिर उससे बनने वाले पदार्थ, सिगरेट का सेवन कर रहे हैं, उन्हें तंबाकू का सेवन करना छोड़ देना चाहिए। यह ना केवल उनके स्वास्थ्य के लिए बल्कि उनके आस-पास रहने वाले लोगों के लिए एक वरदान साबित होगा। ऐसे में आइए आपको बताते हैं स्मोकिंग छोड़ने के कुछ घरेलू उपायों के बारे में  

धूम्रपान छोड़ने के घरेलू उपाय

  • रोजाना एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से फायदा होता है।   
  • एक गिलास पानी में दो बड़े चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं और हर बार खाने के बाद पीले।  
  • जिनसेंग एक हर्ब है, जो शरीर में कोर्टिसोल के स्तर को कम करता है और ऊर्जा के स्तर को बढ़ा देता है।   
  • ओट्स शरीर से घातक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में और स्‍मोकिंग की चाहत को कम करने में मदद करता है।
  • जब भी आपको स्मोकिंग करने की इच्छा हो तो एक गिलास पानी में चुटकी भर लाल मिर्च डालकर पी जाएं इससे आपको तुरंत राहत मिल जाएगी।
  • अगर आपको स्मोकिंग करने की इच्छा करता है तो आप मुलेठी की दातून ले कर उसे चबा सकते हैं, इससे आपके स्मोकिंग की इच्छा कम होगी।     
  • पानी शरीर से विषाक्त पदार्थो को निकालने में बहुत मदतगार है भोजन करने से 15 मिनट पहले एक गिलास पानी पिए इससे मैटाबॉलिक रेट कंट्रोल रहता है। 
  • घिसी हुई मूली खाने से उन लोगों को लाभ मिलता है, जो स्मोकिंग या किसी प्रकार बुरी लत से पीड़ित हैं, इसे शहद के साथ मिलाकर भी खाया जा सकता हैं।

धूम्रपान की लत बहुत बुरी होती है ऐसे लोग जो रोजाना सिगरेट का सेवन करते हैं उनके लिए इसे छोरना आसान नहीं होगा लेकिन, जब आप एक बार धूम्रपान को छोड़ देते हैं। आपके शरीर में कुछ ही पलों में वो सकारात्मक असर दिखाई देने लगेगा, जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है यह आपके शरीर में हजारो रसायनो को छोड़ता है। इसका असर न केवल आपके फेफड़ों पर होता है, बल्कि दिल और शरीर के अन्य अंगों पर भी इसका असर पड़ता है। आपको जानकर हैरानी होगी की आपके धूम्रपान छोड़ने के 20 मिनट बाद से ही आपको स्वास्थ्य लाभ मिलना शुरू हो जाएंगा। 

जब सिगरेट का धुवाँ किसी दूसरे व्यक्ति (सिगरेट न पीने वाले) के शरीर में प्रवेश करता है तब उसे अप्रत्यक्ष धूम्रपान अथवा पैसिव स्मोकिंग कहा जाता हैं। यह द्वितीयक (सेकंड हैंड) तथा तृतीयक (थर्ड हैंड) दोनों किस्मों का होता है। जब कोई व्यक्ति वायुमंडल से सिगरेट का धुआँ अपने शरीर में लेता है, उसे द्वितीयक धूम्रपान कहा जाता हैं। और जब सिगरेट, बीड़ी अथवा तम्बाकू उत्पादों के धरातल, दीवार, बिस्तर या अन्यत्र अभिव्याप्त अवशेष मानवता को अपना निशाना बनाते हैं तब उसे तृतीयक धूम्रपान कहा जाता है। धूम्रपान की तीनों किस्में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक मनुष्य जाति को दुर्बल, अपंग, विकृत, बीमारग्रस्त तथा मरणासन्न बनाती हैं।

आज से करीब साठ साल पहले तक मनुष्य को पान, सुपारी, तम्बाकू व धूम्रपान जैसे किसी प्रकार दुष्प्रभावों की जानकारी नहीं थी। साल 1954 में अचानक वैज्ञानिकों की नींद खुली और अमेरिकी कैंसर सोसायटी ने पहली बार कहा कि धूम्रपान करने वालों को सिगरेट न पीने वालों की बनिस्बत कैंसर से मरने का खतरा 75 प्रतिशत अधिक है। साल 1957 में अमेरिकी हृदय संघ ने सिगरेट पीने और फेफड़े के कैंसर के बीच संबंध स्थापित किया। साल 1986 में पहली मर्तबा अमेरिकी सर्जन जनरल सी. एवरेट कूप ने कहा कि सिगरेट न पीने वालो को धूम्रपानियों के धुएँ से खतरा है। और फिर सार्वजनिक स्थलों, बसों, रेलो, बगीचो, चौराहों पर सिगरेट को शंका की नजर से देखा जाने लगा। सिगरेट के डिब्बों पर चेतावनियाँ लिखी जाने लगीं और दुनिया का मानस तम्बाकू की दहशत से दहलने लगा।

No Smoking Day 2021 के अवसर पर करे संकल्प सिगरेट भूलने का।

विकसित देशो की बात करें तो विकसित देशों में स्वास्थ्य जागरूकता के कारण धुएँ उड़ाने वाले 30 प्रतिशत लोग बचे हैं, जबकि विकासशील देशों में 60 प्रतिशत लोग सिगरेट को माचिस दिखा रहे हैं। आज दुनिया के 3 करोड़ लोग हर वर्ष तम्बाकूजनित रोगों के चपेट में आते हैं और उनमें से 50 लाख अलविदा कहते हैं। जापान में संचालित एक अध्ययन के मुताबिक धूम्रपानियों के पत्नियो को न पीने वालों के पत्नियों के तुलना में कैंसरग्रस्त होने का दुगना खतरा है, पैसिव स्मोकिंग के खतरे अब लगातार बढ़ रही है। ग्रीस में हर एक पुरुष सिगरेट पीता है लेकिन कोई महिला नहीं पीती, फिर भी वे अपने पत्निओ द्वारा उड़ाए गए धुएँ से रोगग्रस्त हो जाती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि हर दस लोगो में से एक को फेफड़े का कैंसर दूसरों के धुएँ से ही होता है और यही कारण है कि महिलाओं में फेफड़े के कैंसर के आँकड़े स्तन कैंसर को पार कर दीए हैं। 

तम्बाकू और सिगरेट के वातावरण में रहने वाली महिलाएँ दीर्घायु नहीं हो पाती। चेन स्मोकर्स की महिलाए धुएँ से इतना प्रदूषित हो जाती हैं कि उनमें से कई महिलाए गर्भधारण करने में भी असमर्थ हो जाती हैं ऐसी महिलाएँ अपूर्णकालिक यानि मृत शिशु को जन्म देती हैं। धूम्रपान करने वाले किसी भी व्यक्ति के परिवार की किस्मत में निर्बल, मंदबुद्धि, विकलांग, अस्वस्थ होना लिखा होता है। परोक्ष धूम्रपान से बचाव तो आत्मसुरक्षा और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का हिस्सा है। समाज और सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि धूम्रपान करके लोगो की जिंदगी धुआँ न करें। इस दिवस का मुख्य मकसद तंबाकू के कारन स्वास्थ्य पर पड़ने वाले बुरे प्रभावो को उजागर करना है। सिगरेट, बीड़ी या गुटके के तौर पर कई तरीकों से तंबाकू खाया जाता है जीसका स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव परना तो जाहिर सी बात है लेकिन फिर भी रोजाना हजारो युवा स्मोकिंग शुरू करते हैं।


नो स्मोकिंग डे के अवसर पर हम सबको एक संकल्प करना चाहिए कि हमारे दोस्त, रिश्तेदार जो भी रिलेटिव स्मोकिंग की आदत पाल रहे हैं, उनके स्मोकिंग की आदत को छोड़ने और जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। क्योंकि अच्छी खासी जिंदगी को बर्बाद करना बेहद आसान होता है लेकिन एक जिंदगी को आबाद करना बेहद कठिन। इसीलिए आइए इस स्मोकिंग डे के अवसर पर हम सब एक साथ मिलकर यह प्रयास करें कि हम मिल जुलकर इस क्षेत्र में कदम उठाएंगे और अपने साथ-साथ अपने परिवार वालों को भी सुरक्षित करेंगे।

इस दिवस को मनाने का उद्देश्य यही है कि लोगो को इससे प्रेरणा मिल सके और वो नशे की लत से बाहर निकल सके। क्योंकि दुनिया में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो स्मोकिंग को छोड़ना चाहते हैं, लेकिन वे चाह कर भी कुछ कर नहीं पाते उन्हें आदत और लत के आगे झुकना ही पड़ता है। ऐसे में इस पोस्ट में हमने आपको कुछ उपाय बताए हैं, जिन्हें अपनाकर व्यक्ति चाहे तो स्मोकिंग के आदत को छोड़ सकता है। इस पोस्ट में हमने आपको कुछ आदतो के बारे में भी बताया है कि कीन आदतों को अपनाकर आप चाहे तो नशे की लत छोड़ सकते हैं। उम्मीद है आपको यह जानकारी पसंद आई होगी अगर आपको या जानकारी अच्छी लगे तो कृपया आप इस पोस्ट को लाइक करें और शेयर जरूर करें।  

Jhuma Ray
Jhuma Ray
नमस्कार! मेरा नाम Jhuma Ray है। Writting मेरी Hobby या शौक नही, बल्कि मेरा जुनून है । नए नए विषयों पर Research करना और बेहतर से बेहतर जानकारियां निकालकर, उन्हों शब्दों से सजाना मुझे पसंद है। कृपया, आप लोग मेरे Articles को पढ़े और कोई भी सवाल या सुझाव हो तो निसंकोच मुझसे संपर्क करें। मैं अपने Readers के साथ एक खास रिश्ता बनाना चाहती हूँ। आशा है, आप लोग इसमें मेरा पूरा साथ देंगे।
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